समभाव में रहना ही सच्ची सामायिक है: महिदपुर रोड में साध्वी डॉ. अमृतरसा श्रीजी का संदेश, रविवार को होगी वाद-विवाद प्रतियोगिता
राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में चातुर्मास के दौरान धर्मसभा को किया संबोधित, क्षमा, करुणा, संयम और समता अपनाने की दी प्रेरणा
महिदपुर रोड। स्थानीय राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में चातुर्मास के लिए विराजित परम पूज्य साध्वी डॉ. अमृतरसा श्रीजी महाराज साहब आदि ठाणा ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि समभाव में रहकर आत्मा की साधना करना ही सच्ची सामायिक है।
सामायिक का वास्तविक उद्देश्य
साध्वीश्रीजी ने कहा कि सामायिक जैन धर्म की महत्वपूर्ण आराधना है। इसका वास्तविक उद्देश्य आत्मा में स्थिर होना, मन को शांत रखना और राग-द्वेष से दूर रहकर समता भाव धारण करना है। जीवन में कभी सुख मिलता है तो कभी दुःख, कभी मान-सम्मान मिलता है तो कभी अपमान का सामना करना पड़ता है। इन सभी परिस्थितियों में जो व्यक्ति अपने मन का संतुलन बनाए रखता है, वही समभाव की साधना करता है।
केवल क्रिया नहीं, जीवन को संयमित बनाने की प्रेरणा
उन्होंने कहा कि सामायिक केवल निश्चित समय तक की जाने वाली धार्मिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह जीवन को संयमित और आत्मकेंद्रित बनाने की प्रेरणा देती है। सच्ची सामायिक तभी सार्थक होती है, जब व्यक्ति अपने विचारों, वाणी और व्यवहार में भी समता बनाए रखने का प्रयास करे। क्रोध, अहंकार, लोभ और द्वेष से दूर रहकर आत्मचिंतन करना ही आत्मकल्याण का मार्ग है।

श्रावक-श्राविकाओं को क्षमा, करुणा और संयम अपनाने की सीख
साध्वीश्रीजी ने कहा कि धर्म आराधना के साथ दैनिक जीवन में भी क्षमा, करुणा, संयम और समता को अपनाना चाहिए। जब मनुष्य बाहरी परिस्थितियों से प्रभावित हुए बिना आत्मा के वास्तविक स्वरूप को समझने का प्रयास करता है, तब उसकी साधना अधिक सार्थक बनती है। धर्मसभा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रवचनों का लाभ लिया।
आज की भक्ति-प्रभावना के लाभार्थी
जैन समाज मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने बताया कि आज की धार्मिक भक्ति, प्रभावना और संपूर्ण दिवस का लाभ अशोक कुमार बापूलाल कोचर (मावावाला) परिवार ने लिया। प्रभावना का लाभ रमेश जैन, अमित कुमार और अंकेश कुमार कोचर (मावावाला) परिवार ने लिया। एक और प्रभावना का लाभ रमेशचंद्र, राजेंद्र कुमार और पारसमल लुणावत परिवार, महिदपुर सिटी ने लिया।
रविवार को वाद-विवाद प्रतियोगिता
रविवार सुबह 9:15 बजे श्री राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में श्री सुविधिनाथ भगवान के नाम पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
