निवाली में बीईओ के खिलाफ आदिवासी समाज का धरना तीसरे दिन भी जारी, पद से हटाने की मांग
तीन दिन में कार्रवाई नहीं होने पर कलेक्टर कार्यालय घेराव की चेतावनी
निवाली/बड़वानी। विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के प्रभारी मनोज मराठे को पद से हटाने की मांग को लेकर सर्व आदिवासी समाज एवं जन परिषद का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग निवाली नगर में एकत्रित हुए और बीईओ कार्यालय के समीप धरने पर बैठकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन के दौरान आदिवासी समाज के युवाओं ने हाथों में बैनर लेकर नारेबाजी की। बैनरों के माध्यम से मनोज मराठे को बीईओ का प्रभार दिए जाने का विरोध किया गया। प्रदर्शनकारियों ने उनके विरुद्ध लगाए गए आपराधिक आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और जांच पूरी होने तक उन्हें बीईओ के प्रभार से हटाने की मांग प्रशासन के सामने रखी।
तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारी
आंदोलन के तीसरे दिन निवाली और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग, युवा, ग्रामीण एवं सामाजिक कार्यकर्ता धरना स्थल पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए और मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।
धरना स्थल पर समाज के वरिष्ठजनों ने माइक के माध्यम से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त व्यक्ति को लेकर यदि समाज में किसी प्रकार की आपत्ति या विवाद है तो प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच करनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आदिवासी बहुल क्षेत्र में बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। ऐसे में विवादों से जुड़े किसी अधिकारी के प्रभार में रहने को लेकर समाज में असंतोष है।

निष्पक्ष जांच की मांग
धरना दे रहे लोगों ने आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति के संबंध में लगाए गए आरोपों की जांच कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन एवं जिला शिक्षा अधिकारी से पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ व्यक्तिगत विरोध के रूप में नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े मुद्दे को लेकर है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर समाज की चिंताओं का समाधान किया जाए।
‘तीन दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन होगा तेज’
आंदोलन आयोजकों ने कहा कि उनका धरना फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में प्रदर्शनकारी कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर सकते हैं। इसके साथ ही आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी दी गई है।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से आग्रह किया कि स्थिति को गंभीरता से लेते हुए समय रहते मामले का समाधान किया जाए, ताकि आंदोलन आगे न बढ़े।
युवाओं और ग्रामीणों की रही भागीदारी
धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आदिवासी युवा, ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। युवाओं ने बैनर और नारों के माध्यम से अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
प्रदर्शन स्थल पर समाज के वरिष्ठ लोगों ने भी लोगों को संबोधित किया। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने और प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखने की अपील की।
धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों की संख्या को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भी मौजूद रहा। पुलिस द्वारा स्थिति पर नजर रखी गई और प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी उठाए सवाल
धरना दे रहे समाज के लोगों ने क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि शासन द्वारा आदिवासी वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि क्षेत्र के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के हितों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग से जुड़े विवादों का जल्द समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर भी ध्यान दिया जाए।
प्रशासन के रुख पर नजर
फिलहाल सर्व आदिवासी समाज एवं जन परिषद का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी है। आंदोलनकारियों की मुख्य मांग बीईओ के प्रभारी मनोज मराठे को पद से हटाने और उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की है।
अब सभी की नजर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर है कि प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है। यदि प्रशासन की ओर से कोई ठोस निर्णय सामने आता है तो आंदोलन की दिशा भी स्पष्ट हो सकती है। वहीं मांगें पूरी नहीं होने पर आयोजकों ने आंदोलन को और तेज करने तथा कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है।
फिलहाल धरना शांतिपूर्ण तरीके से जारी है और सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल की मौजूदगी बनी हुई है।
रिपोर्टर – अर्जुन सोलंकी, निवाली
