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Tehi Tunnel में 800 मीटर ट्रैक तैयार, जुलाई से इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन शुरू, कई गांव जुड़ेंगे

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Published On: 8 April 2026
Tehi Tunnel में 800 मीटर ट्रैक तैयार, जुलाई से इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन शुरू, कई गांव जुड़ेंगे

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Tehi Tunnel में 800 मीटर का ट्रैक तैयार, जुलाई से शुरू होगी नई रेल लाइन, जुड़ेंगे कई गांव

इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत बहुप्रतीक्षित Tehi Tunnel  का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर और धार विधायक नीना वर्मा ने हाल ही में निर्माणाधीन टनल का निरीक्षण किया। दोनों जनप्रतिनिधियों ने सुरंग के अंदर लगभग 70 फीट नीचे उतरकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का बारीकी से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह परियोजना क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग है और इसे तय समयसीमा में पूरा करना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करने पर जोर दिया। अधिकारियों के अनुसार, जून-जुलाई तक टनल का निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही इंदौर और धार के बीच सीधा रेल संचालन शुरू होने की संभावना है।

Tehi Tunnel निर्माण में युद्धस्तर की तेजी

रेलवे अधिकारियों के अनुसार टीही टनल लगभग 3 किमी लंबी है और इसमें तेजी से कार्य चल रहा है। अब तक लगभग 800 मीटर हिस्से में ट्रैक और पटरी बिछाने का काम पूरा हो चुका है। शेष कार्य भी निर्धारित समय में पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर किया जा रहा है। फिनिशिंग, तकनीकी उपकरणों की स्थापना और अन्य आवश्यक कार्यों को समय पर पूरा करना लक्ष्य रखा गया है।

ट्रैक की स्थापना से न केवल रेल संचालन में सुविधा आएगी बल्कि सुरंग की संरचना और सुरक्षा के मानकों को भी बेहतर बनाया जा सकेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मशीनों और नवीनतम तकनीक का उपयोग करके यह कार्य तेज और सुरक्षित तरीके से किया जा रहा है।

बुनियादी ढांचे को मजबूती

केंद्र सरकार की पहल पर क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। टीही टनल और इंदौर-दाहोद रेल परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। यह परियोजना आने वाले समय में मालवा-निमाड़ क्षेत्र के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकती है।

केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि इस रेल लाइन के शुरू होने से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि व्यापार और उद्योग को भी नई गति मिलेगी। इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय विकास

इंदौर-धार रेल लाइन के शुरू होने से मालवा-निमाड़ क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यह परियोजना ग्रामीण और शहरों के बीच आवागमन को आसान बनाएगी। इसके साथ ही आसपास के गांवों और कस्बों को बड़े शहरों से जोड़कर व्यापार और उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।

राज्यमंत्री ने कहा कि परियोजना से इंदौर और मुंबई के बीच की दूरी लगभग 55 किमी कम हो जाएगी। इससे यात्रियों को समय की बचत होगी और माल परिवहन भी तेज और कम लागत में संभव हो पाएगा।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

  1. लंबाई और मार्ग: कुल लंबाई 204.76 किमी (मध्य प्रदेश में 183 किमी, गुजरात में 22 किमी)।
  2. मार्ग: इंदौर – टीही – पीथमपुर – सागौर – गुणावद – धार – दाहोद।
  3. वर्तमान स्थिति:
    • इंदौर-टीही (21 किमी) तक कार्य पूरा।
    • टीही-धार खंड में 2.9 किमी लंबी सुरंग का निर्माण पूरा, ट्रैक बिछाने का कार्य जारी।
    • धार रेलवे स्टेशन का निर्माण अंतिम चरण में।
  4. तकनीकी प्रगति: सागौर-धार खंड में ट्रैक बिछाने के लिए मशीनों का उपयोग।
  5. फायदे: इस लाइन के शुरू होने से इंदौर और मुंबई के बीच की दूरी कम होगी।

आर्थिक और सामाजिक लाभ

  • यात्री सुविधा: नई रेल लाइन से दैनिक यात्री और लंबी दूरी के यात्रियों के लिए समय और लागत दोनों की बचत होगी।
  • व्यापारिक लाभ: माल परिवहन की गति बढ़ेगी, जिससे स्थानीय उद्योग और व्यापार को फायदा होगा।
  • रोजगार: निर्माण और संचालन से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
  • कनेक्टिविटी: कई छोटे गांव और कस्बे मुख्य शहरों से सीधे जुड़ेंगे, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी।

तकनीकी पहल और सुरक्षा

टीही टनल के निर्माण में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। सुरंग की दीवारों को मजबूती देने के लिए विशेष सामग्री और संरचनात्मक डिजाइन अपनाया गया है। ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। इसके साथ ही नियमित निरीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए टीमों को नियुक्त किया गया है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि टीही टनल के पूरे हिस्से में ट्रैक बिछाने के बाद परीक्षण और संचालन शुरू किया जाएगा। इससे सुनिश्चित होगा कि रेलवे मार्ग पूरी तरह से सुरक्षित और सुचारू रूप से चल सके।

स्थानीय और क्षेत्रीय महत्व

टीही टनल और इंदौर-दाहोद रेल लाइन का महत्व केवल यात्री और व्यापार तक सीमित नहीं है। यह परियोजना क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी योगदान देगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा, पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय को भी फायदा मिलेगा।

केंद्रीय और राज्य सरकार इस परियोजना को समय पर पूरा करने और क्षेत्र में समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं।

निष्कर्ष:

Tehi Tunnel और इंदौर-दाहोद रेल परियोजना मालवा-निमाड़ क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है। लगभग 800 मीटर ट्रैक तैयार हो चुका है और जुलाई से नई रेल लाइन संचालन के लिए तैयार होगी। इससे क्षेत्र में यातायात, व्यापार, रोजगार और सामाजिक कनेक्टिविटी को नई दिशा मिलेगी।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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