देशभर के नेशनल हाइवे पर 1 अप्रैल 2026 से टोल टैक्स में 5% की बढ़ोतरी लागू हो गई है। ग्वालियर-चंबल के टोल प्लाजा पर नए रेट जानें और जानें कैसे महंगा हुआ आपका सफर।
नेशनल हाइवे पर महंगा हुआ ‘टोल टैक्स’, आज से नई गाइडलाइन लागू
MP News: केंद्र सरकार ने एक अप्रेल से नेशनल हाइवे से गुजरने वाले वाहनों के टोल में बढ़ोत्तरी कर दी है।
ग्वालियर: अगर आप रोजाना नेशनल हाइवे पर सफर करते हैं, तो अब आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। केंद्र सरकार ने टोल टैक्स की दरों में संशोधन करते हुए आज 1 अप्रैल 2026 से नई गाइडलाइन लागू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत देशभर के नेशनल हाइवे पर वाहन चालकों को 5 प्रतिशत अधिक टोल टैक्स चुकाना होगा।यह बढ़ोतरी आम नागरिकों के बजट पर सीधा असर डालेगी, खासतौर पर उन लोगों के लिए जो रोजाना ऑफिस या व्यवसायिक कार्यों के लिए हाइवे का उपयोग करते हैं। सरकार ने यह कदम राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए उठाया है, लेकिन इससे आम आदमी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
टोल प्लाजा पर अब कितना देना होगा टोल टैक्स?
ग्वालियर चंबल क्षेत्र में स्थित प्रमुख टोल प्लाजा पर नए टोल टैक्स रेट लागू हो चुके हैं। आइए जानते हैं कि आपको अब कितना भुगतान करना होगा:
- मेहरा और छौंदा टोल प्लाजा: पहले यहां कार चालकों को 95 रुपये का टोल टैक्स देना पड़ता था। नई गाइडलाइन के अनुसार, अब यह बढ़कर 100 रुपये प्रति यात्रा हो गया है।
- पनिहार टोल प्लाजा: यहां पर अब वाहन चालकों को 120 रुपये का टोल टैक्स देना होगा।
- मासिक पास हुआ महंगा: यदि आप 50 एकल यात्राओं के लिए मासिक पास बनवाते थे, तो अब यह पास 360 रुपये महंगा हो जाएगा।
क्यों बढ़ाया गया टोल टैक्स?
सरकार द्वारा टोल टैक्स बढ़ाने के पीछे मुख्य कारण सड़क परियोजनाओं के निर्माण और रखरखाव की बढ़ती लागत को बताया जा रहा है। आमतौर पर हर साल 1 अप्रैल को नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा मौजूदा दरों में 3 से 5 प्रतिशत तक की वार्षिक वृद्धि की जाती है। इस बार भी यही परंपरा निभाते हुए टोल टैक्स में 5 फीसदी का इजाफा किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई दर (Inflation) और सड़क निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों को देखते हुए यह बढ़ोतरी अपरिहार्य थी, लेकिन यात्रियों पर इसका सीधा वित्तीय बोझ पड़ेगा।
ग्वालियर में संपत्ति कर हुआ दोगुना
टोल टैक्स बढ़ने के साथ ही ग्वालियर शहर के नागरिकों के लिए एक और बुरी खबर है। शहर में 1 अप्रैल से संपत्ति कर (Property Tax) भी दोगुना हो गया है। नगर निगम ने साफ किया है कि यदि संपत्ति करदाताओं ने 31 मार्च तक अपना कर जमा नहीं किया था, तो अब 1 अप्रैल से पेनल्टी लगने के कारण उन्हें दोगुना कर चुकाना होगा।नगर निगम के नियमों के अनुसार, संपत्ति कर चार भागों में लिया जाता है:
- नगरीय विकास कर
- शिक्षा उपकर
- समेकित कर
- अतिरिक्त समेकित
नए नियमों के तहत, देरी से जमा करने पर इन सभी मदों में जुर्माना जुड़ जाता है, जिससे कुल राशि दोगुनी हो जाती है। यह नियम आवासीय और गैर-आवासीय दोनों तरह की संपत्तियों पर लागू होता है।
जमीनों के रेट में भी भारी बढ़ोतरी
प्रदेश में आज से सिर्फ टोल टैक्स ही नहीं, बल्कि जमीनों के दाम भी आसमान छू गए हैं। कलेक्टर गाइडलाइन में आज 1 अप्रैल से 1652 लोकेशनों पर जमीनों के रेट 10 से 98 फीसदी तक बढ़ा दिए गए हैं। नई गाइडलाइन लागू होने से पहले बीते दिन रजिस्ट्री कार्यालयों में रिकॉर्ड तोड़ भीड़ देखने को मिली। लोगों ने एक ही दिन में करीब 700 सौदे दर्ज कराए।गौरतलब है कि जिले में कुल 2226 लोकेशन हैं, जिनमें से साठ फीसदी से अधिक लोकेशन के रेट में बदलाव किया गया है। नई गाइडलाइन लागू करने के लिए संपदा के सॉफ्टवेयर में नए रेट अपडेट किए जा रहे हैं। इसके चलते 1 और 2 अप्रैल को रजिस्ट्री कार्यालय बंद रहेंगे।
यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर?
टोल टैक्स में हुई इस बढ़ोतरी का असर सीधे आम यात्री की जेब पर पड़ेगा।
- रोजाना आने-जाने वालों पर भारी: जो लोग रोजाना काम के सिलसिले में हाइवे का इस्तेमाल करते हैं, उनके मासिक खर्च में काफी इजाफा होगा।
- माल ढुलाई महंगी: टोल बढ़ने से ट्रक और मालवाहक वाहनों का किराया भी बढ़ेगा, जिससे दूध, सब्जी, और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दामों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
- लंबी यात्रा पर बोझ: छुट्टियों या लंबी यात्रा पर जाने वालों को भी अब अतिरिक्त बजट रखना होगा।
टोल टैक्स बढ़ोतरी पर लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासी राजेश शर्मा ने बताया, “पहले ही पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान पर हैं, ऊपर से टोल टैक्स बढ़ गया। रोजाना ऑफिस आने-जाने में अब 100-150 रुपये अतिरिक्त खर्च हो जाएंगे। यह हमारे लिए बहुत बड़ा आर्थिक संकट है।”वहीं, व्यवसायी संजय अग्रवाल का कहना है कि टोल बढ़ने से माल ढुलाई के दरें बढ़ेंगी, जिससे मार्केट में महंगाई और बढ़ेगी। “सरकार को जनता की परेशानी को ध्यान में रखते हुए इस पर पुनर्विचार करना चाहिए,” उन्होंने कहा।
भविष्य में और बढ़ सकता है टोल?
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि जैसे-जैसे नए नेशनल हाइवे का निर्माण होगा और पुराने का उन्नयन किया जाएगा, वैसे-वैसे टोल टैक्स में वार्षिक वृद्धि होती रहेगी। सरकार का कहना है कि इससे प्राप्त राजस्व का उपयोग सड़कों की गुणवत्ता सुधारने और यात्रा को सुरक्षित बनाने में किया जाता है।हालांकि, यात्री संगठनों का आरोप है कि टोल प्लाजा पर वसूली जाने वाली राशि का उचित उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने सरकार से पारदर्शिता बरतने और टोल प्लाजा की संख्या कम करने की मांग की है।
निष्कर्ष
1 अप्रैल 2026 का दिन आम आदमी के लिए महंगाई का नया रिकॉर्ड लेकर आया है। नेशनल हाइवे पर टोल टैक्स बढ़ने से लेकर शहर में संपत्ति कर दोगुना होने और जमीनों के रेट आसमान छूने तक, हर तरफ महंगाई का दंश झेलना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में इसका असर आम जनजीवन और व्यापार पर साफ देखने को मिलेगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे लंबी यात्रा पर निकलने से पहले नए टोल टैक्स रेट की जानकारी जरूर ले लें, ताकि बाद में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

