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Safeena Husain को TIME वुमन ऑफ द ईयर 2026 में शामिल किया गया: एजुकेट गर्ल्स के माध्यम से भारत की लड़कियों की शिक्षा में योगदान को वैश्विक मान्यता

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Published On: 27 February 2026
Safeena Husain Receives TIME Woman of the Year 2026 for Transforming Education Access
— Safeena Husain Receives TIME Woman of the Year 2026 for Transforming Education Access

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एजुकेट गर्ल्स की संस्थापक Safeena Husain को ‘टाइम वुमन ऑफ द ईयर 2026’ में शामिल किया गया

मुंबई, फरवरी 2026: गैर-लाभकारी संस्था एजुकेट गर्ल्स की संस्थापक Safeena Husain को टाइम वुमन ऑफ द ईयर 2026 की सूची में शामिल किया गया है। यह सम्मान वैश्विक स्तर पर बदलाव लाने वाली और समानता के लिए काम कर रही महिलाओं को दिया जाता है। सफीना हुसैन 16 वैश्विक सम्मानित महिलाओं में से एक हैं, जिनमें हॉलीवुड अभिनेत्री टियाना टेलर, ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट सिडनी मैक्लॉघलिन, अभिनेत्री-निर्माता लूसी ल्यू और टीवी, फिल्म एवं थिएटर की जानी-मानी अभिनेत्री व गायिका शर्ली ली राल्फ शामिल हैं। इस सम्मान से सफीना हुसैन के नेतृत्व और शिक्षा में लिंग अंतर को कम करने के मिशन को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है।

एजुकेट गर्ल्स का मिशन और प्रभाव

साल 2007 में स्थापित एजुकेट गर्ल्स उन लड़कियों की पढ़ाई में लौटने की चुनौती को हल करता है, जो ग्रामीण, दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों में स्कूल से बाहर हैं। राजस्थान के कुछ गाँवों से शुरू हुए इस प्रयास ने अब भारत के 12 राज्यों और 30,000 से अधिक गाँवों में अपनी पहुंच बना ली है। सफीना हुसैन ने शुरुआत से ही उन लड़कियों पर ध्यान केंद्रित किया है, जो स्कूल से दूर रहती हैं, क्योंकि यह उनका व्यक्तिगत अनुभव है और वे जानती हैं कि पीछे रह जाने पर कैसा महसूस होता है।

2025 में संस्था ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। इसमें रेमन मैगसेसे पुरस्कार जीतना शामिल है, जो अक्सर एशिया का नोबेल पुरस्कार कहा जाता है, और एजुकेट गर्ल्स इस पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय संस्था बनी। इसके अलावा, संस्था के TED Audacious Project ने 20 लाख से अधिक पढ़ाई से दूर रहने वाली लड़कियों को शिक्षा में लौटने में मदद की। सफीना हुसैन ने Every Last Girl: A Journey to Educate India’s Forgotten Daughters नामक पुस्तक भी लिखी, जिसमें उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव के साथ भारत के वंचित समुदायों की लड़कियों की कहानियों को साझा किया। पुस्तक में उन रुकावटों का वर्णन है, जो लाखों लड़कियों को स्कूल से दूर रखती हैं और जिन समाधानों ने उन्हें फिर से शिक्षा में लौटने में मदद की।

वैश्विक मान्यता और भविष्य की योजना

इस सम्मान के बारे में बात करते हुए सफीना हुसैन ने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें गर्व और कृतज्ञता का अनुभव कराता है। उन्होंने बताया कि यह भारत में लड़कियों की शिक्षा के लिए चल रहे आंदोलन पर ध्यान केंद्रित करता है और लड़कियों के साहस, धैर्य और अपने भविष्य को आकार देने की उनकी मजबूत इच्छा को उजागर करता है। यह सम्मान उनके संकल्प को और मजबूत करता है कि 2035 तक 1 करोड़ (10 मिलियन) और लड़कियों तक पहुँच बनाई जाएगी और हर लड़की को आवाज, अधिकार और आत्मनिर्भरता मिलेगी।

एजुकेट गर्ल्स की सीईओ गायत्री नायर लोबो ने कहा कि यह सम्मान सरकार और स्थानीय समुदायों के साथ निरंतर सहयोग के महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “हमें गर्व है कि भारत के ग्रामीण इलाकों की 20 लाख से अधिक लड़कियों को शिक्षा में वापस लाने के विज़न के लिए सफीना हुसैन को TIME के वैश्विक मंच पर सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन लड़कियों तक पहुँच बनाने की निरंतर साझेदारी के महत्व को रेखांकित करता है, जो अभी भी शिक्षा से दूर हैं। साथ ही यह हमारे 55,000 से अधिक स्वयंसेवकों, हजारों लैंगिक समानता समर्थकों और भागीदारों के समर्पण को भी दर्शाता है, जिनकी मेहनत से यह कार्य संभव हो पाया।”

टाइम वुमन ऑफ द ईयर 2026

TIME उन महिलाओं को सम्मानित करता है जो विश्व स्तर पर महिलाओं और लड़कियों के सामने आने वाली गंभीर समस्याओं पर काम कर रही हैं। 2026 की सूची में नाम शामिल होना इस बात का संकेत है कि सफीना हुसैन और एजुकेट गर्ल्स लड़कियों की शिक्षा और समान अवसरों के लिए वैश्विक स्तर पर नेतृत्व कर रही हैं। पुरस्कार समारोह लॉस एंजेलेस में 10 मार्च 2026 को आयोजित ‘वुमन ऑफ द ईयर लीडरशिप फोरम’ और ‘वुमन ऑफ द ईयर गाला’ में मनाया जाएगा।

एजुकेट गर्ल्स के बारे में

एजुकेट गर्ल्स एक भारतीय गैर-लाभकारी संस्था है, जिसे रेमन मैगसेसे पुरस्कार मिला है। यह संस्था राज्य सरकारों और स्थानीय समुदायों के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देती है। 2007 से अब तक, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में 55,000 से अधिक स्वयंसेवकों की मदद से एजुकेट गर्ल्स ने 20 लाख से अधिक लड़कियों को स्कूल में नामांकन के लिए प्रेरित किया और 24 लाख से अधिक लड़कियों की पढ़ाई में सुधार किया। संस्था का लक्ष्य 2035 तक 1 करोड़ विद्यार्थियों को सशक्त बनाना है।

वेबसाइट: www.EducateGirls.ngo

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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