पुल नहीं बना तो ग्रामीणों ने ड्रम-बांस से बना डाला तैरता पुल, जान जोखिम में डालकर तालाब पार करने को मजबूर
खूब चन्द्र लोधी
संवाददाता
स्वराज वाणी
मोहनगढ़ के रानीपुरा गांव में वर्षों से पुल की मांग पूरी नहीं हुई तो ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर बनाया अस्थायी रास्ता, बच्चों से लेकर किसानों तक कर रहे इस्तेमाल
मोहनगढ़। Tikamgarh जिले की मोहनगढ़ तहसील के रानीपुरा गांव में वर्षों से पुल निर्माण की मांग पूरी नहीं होने के चलते ग्रामीणों ने खुद ही आवागमन का अस्थायी इंतजाम कर लिया है। ग्रामीणों ने आपस में चंदा एकत्रित कर प्लास्टिक के ड्रम, बांस और रस्सियों की मदद से तालाब के भराव क्षेत्र में तैरता पुल तैयार किया है। अब इसी अस्थायी पुल के सहारे ग्रामीण तालाब पार कर आने-जाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव से बाहर जाने के लिए दूसरा रास्ता काफी लंबा है। बारिश के दौरान यह मार्ग जर्जर होने के साथ कीचड़ से भर जाता है, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है। ऐसे में समय और दूरी बचाने के लिए ग्रामीण ड्रमों से बनाए गए इस अस्थायी पुल का इस्तेमाल कर रहे हैं।
बच्चों से लेकर किसानों तक के लिए बना रास्ता
ग्रामीणों के मुताबिक ड्रम और बांस से तैयार किया गया यह पुल अब गांव के लोगों के लिए महत्वपूर्ण आवागमन का साधन बन गया है। बच्चे इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं, जबकि ग्रामीण अस्पताल, बाजार और खेतों तक पहुंचने के लिए इसका उपयोग करते हैं। मुक्तिधाम जाने के लिए भी ग्रामीणों को इसी रास्ते का सहारा लेना पड़ता है।
हालांकि यह अस्थायी व्यवस्था ग्रामीणों की जरूरत पूरी कर रही है, लेकिन इसके साथ जोखिम भी जुड़ा हुआ है। पानी के ऊपर तैरने के कारण पुल लगातार हिलता-डुलता रहता है। संतुलन बिगड़ने की स्थिति में किसी व्यक्ति के तालाब के गहरे पानी में गिरने का खतरा बना रहता है।

वर्षों से स्थायी पुल की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब क्षेत्र में स्थायी पुल निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसके लिए कई बार जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन के समक्ष आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका।
ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए तालाब पार करना विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द स्थायी पुल निर्माण की मांग की है, ताकि जोखिम भरे अस्थायी रास्ते से छुटकारा मिल सके।
जिला पंचायत सीईओ ने लिया संज्ञान
मामले को लेकर जिला पंचायत सीईओ विशाल धाकड़ ने बताया कि ग्रामीणों ने ड्रमों के ऊपर पुलनुमा आकृति तैयार की है, जिस पर ग्रामीण आवागमन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले का संज्ञान लिया गया है और ग्रामीणों की समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा।
ग्रामीणों को अब प्रशासन की ओर से स्थायी समाधान का इंतजार है। फिलहाल, वर्षों से लंबित पुल निर्माण की मांग के बीच ग्रामीणों द्वारा बनाया गया यह तैरता पुल क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षित आवागम
