भाजपा के समरसता संकल्प अभियान के तहत अशोकनगर में भव्य दीपोत्सव, संत रविदास की 650वीं जयंती पर 2,979 दीपों से सामाजिक समरसता का संदेश
जिले के 154 स्थानों पर एक साथ जले दीप, रविदास मंदिर में 350 दीपों से लिखा गया ‘रविदास’; कार्यकर्ताओं ने समरस समाज निर्माण का लिया संकल्प
रिपोर्टर: राहुल जैन
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूरे प्रदेश के साथ-साथ अशोकनगर जिले में भी “समरसता संकल्प अभियान” के अंतर्गत भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरुवार को जिले के विभिन्न स्थानों पर सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का संदेश देते हुए हजारों दीप प्रज्वलित किए गए। जिला मुख्यालय स्थित संत रविदास मंदिर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में 350 दीपों से “रविदास” नाम की आकर्षक दीप सज्जा की गई, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं का मन मोह लिया।
यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि समाज में समानता, सामाजिक न्याय और समरसता की भावना को मजबूत करने का एक व्यापक अभियान भी बना। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
650वीं जयंती पर समरसता संकल्प अभियान का आयोजन
भाजपा जिला मीडिया प्रभारी डॉ. हरवीर सिंह रघुवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा जिलेभर में समरसता संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है।
इस अभियान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ते हुए संत रविदास जी के समता, समानता, सामाजिक न्याय और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। अभियान के तहत जिले के सभी मंडलों में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें दीपोत्सव प्रमुख आकर्षण रहा।
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी का जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सदियों पहले थे। सामाजिक भेदभाव को समाप्त कर समान अवसर उपलब्ध कराने का उनका संदेश आज के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
रविदास मंदिर में 350 दीपों से लिखा गया ‘रविदास’
अशोकनगर स्थित संत रविदास मंदिर परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने 350 दीपों को विशेष रूप से सजाकर “रविदास” नाम की भव्य आकृति बनाई।
जैसे ही दीप प्रज्वलित हुए, पूरा मंदिर परिसर दिव्य रोशनी से जगमगा उठा। दीपों की सुनहरी आभा ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण प्रदान किया। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर गुरु रविदास जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
दीपोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति गीतों एवं संत रविदास जी के भजनों की प्रस्तुति से वातावरण भक्तिमय बना रहा। उपस्थित लोगों ने दीप जलाकर समाज में प्रेम, भाईचारा और सामाजिक एकता बनाए रखने का संदेश दिया।
गुरु रविदास के संदेशों को जीवन में अपनाने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं एवं समाजजनों ने संत रविदास जी के अमर संदेशों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
विशेष रूप से उनके प्रसिद्ध वचनों—
“मन चंगा तो कठौती में गंगा”
और
“ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न”
का सामूहिक रूप से स्मरण किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि इन संदेशों में केवल आध्यात्मिक विचार ही नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, मानवीय गरिमा और सर्वजन हिताय की भावना भी निहित है। यदि समाज इन आदर्शों को अपने जीवन में अपनाए, तो भेदभाव, ऊंच-नीच और सामाजिक असमानता जैसी समस्याओं का समाधान सहज रूप से संभव हो सकता है।
सामाजिक समरसता का दिया गया संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने पूरे जीवन में जातिगत भेदभाव का विरोध करते हुए समाज को प्रेम, समानता और भाईचारे का मार्ग दिखाया।
उन्होंने बताया कि आज भी उनके विचार समाज को एक नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। समरस समाज का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक व्यक्ति दूसरे के सम्मान, अधिकार और गरिमा का आदर करे।
कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक संत रविदास जी के विचारों को पहुंचाने का प्रयास करेंगे तथा सामाजिक समरसता के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।
जिले के 154 स्थानों पर एक साथ जले 2,979 दीप
समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत अशोकनगर जिले के सभी 17 मंडलों में व्यापक स्तर पर दीपोत्सव आयोजित किया गया।
अभियान के दौरान—
- जिले के 154 स्थानों पर दीपोत्सव आयोजित किया गया।
- कुल 2,979 दीप प्रज्वलित किए गए।
- जिला मुख्यालय के 16 प्रमुख स्थानों पर 525 दीप जलाए गए।
इन आयोजनों के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव और वार्ड-वार्ड तक समरसता का संदेश पहुंचाया। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने गुरु रविदास जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप जलाए और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का संकल्प दोहराया।
गुरु रविदास के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन
मुख्य कार्यक्रम के दौरान संत रविदास जी के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की गई।
सभी उपस्थित लोगों ने उनके जीवन और विचारों का स्मरण करते हुए समाज में समता, न्याय और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
वक्ताओं ने कहा कि गुरु रविदास जी ने समाज को यह संदेश दिया कि किसी व्यक्ति की महानता उसके जन्म से नहीं बल्कि उसके कर्म, विचार और आचरण से होती है। यही कारण है कि आज भी उनके विचार करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की रही सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष नीरज मनोरिया, मलकीत सिंह संधू, अभियान टोली के प्रभारी सत्येंद्र कलावत, कार्यक्रम प्रभारी रामवीर धनोरिया, टोली सदस्य शीला जाटव, शीतल कलावत, महेंद्र भारद्वाज, धर्मेंद्र रघुवंशी, मुकेश कलावत, लखन यादव, अमरजीत कौर, डॉ. चंद्रेश यादव, दलवीर कोरी, धर्मेन्द्र दयालु, पार्षद विपिन, देवेंद्र तिवारी ओझा, प्रशांत बालू सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सभी ने दीप प्रज्वलित कर सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराया।
संत रविदास के विचार आज भी समाज के लिए प्रासंगिक
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास जी केवल एक महान संत ही नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति के अग्रदूत भी थे। उन्होंने अपने जीवन के माध्यम से यह सिद्ध किया कि मानवता, सेवा, समानता और प्रेम ही सच्चा धर्म है।
उन्होंने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच, छुआछूत और भेदभाव का विरोध करते हुए सभी को समान दृष्टि से देखने की प्रेरणा दी। उनके विचार आज भी सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के लिए मार्गदर्शक हैं।
दीपोत्सव बना सामाजिक जागरूकता का माध्यम
दीपोत्सव कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी महत्वपूर्ण माध्यम बना। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने समाज में आपसी सौहार्द, सद्भाव और समानता बनाए रखने का संदेश दिया।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि समरसता संकल्प अभियान के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि संत रविदास जी के आदर्शों पर आधारित समतामूलक समाज का निर्माण किया जा सके।
समरस समाज के निर्माण का लिया गया सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने दीप प्रज्वलित कर सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे संत रविदास जी के बताए मार्ग पर चलते हुए सामाजिक समरसता, समानता, भाईचारे और मानव सेवा के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएंगे।
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह का वातावरण बना रहा। दीपों की मनमोहक छटा और सामाजिक समरसता के संदेश ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। भाजपा द्वारा आयोजित यह अभियान जिले में सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक एकता का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा तथा संत रविदास जी के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
