Ketan Aggarwal Murder Case: हत्याकांड में तीसरे संदिग्ध की एंट्री, चेतन के मोबाइल से पुलिस को मिला अहम सुराग
पुणे। चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में एक नया मोड़ सामने आया है। पुलिस ने चेतन चौधरी के एक सहपाठी की पहचान कर उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस युवक को केतन की हत्या की कथित योजना के बारे में पहले से जानकारी हो सकती थी। हालांकि, मामले में उसकी वास्तविक भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार चेतन चौधरी के मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नए संदिग्ध का नाम सामने आया। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, चैट और चेतन एवं सिया गोयल से संपर्क की पूरी जानकारी खंगाल रही है।
हत्या की योजना की जानकारी होने का संदेह
पुलिस सूत्रों का दावा है कि नया संदिग्ध चेतन चौधरी का सहपाठी है। जांच में ऐसी जानकारी सामने आई है कि चेतन चौधरी और सिया गोयल ने कथित तौर पर उससे लोहागढ़ किले जाने के बारे में चर्चा की थी। दोनों ने उसे कई बार अपने साथ किले पर चलने के लिए भी कहा था।
पुलिस को संदेह है कि इस दौरान युवक के सामने केतन अग्रवाल से जुड़ी योजना के बारे में बातचीत हुई हो सकती है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि संदिग्ध युवक को पूरी कथित साजिश की जानकारी थी अथवा वह केवल सामान्य बातचीत का हिस्सा था।
लोहागढ़ किले जाने से किया था इनकार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चेतन और सिया के कहने के बावजूद युवक ने कथित तौर पर लोहागढ़ किले जाने से इनकार कर दिया था। वह घटना के समय मौके पर मौजूद था या नहीं, इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक ने लोहागढ़ जाने से इनकार क्यों किया था। जांच का अहम बिंदु यह भी है कि क्या उसे किसी संभावित घटना की आशंका थी और यदि हां, तो उसने इस संबंध में पुलिस या किसी अन्य व्यक्ति को जानकारी क्यों नहीं दी।
हत्या के बाद चेतन से मुलाकात का दावा
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि 18 जून को हुई केतन अग्रवाल की हत्या के बाद चेतन चौधरी कथित रूप से अपने इस सहपाठी से मिला था। पुलिस इस मुलाकात के समय, स्थान और उद्देश्य की जानकारी जुटा रही है।
इसके साथ ही सिया गोयल के भी इस युवक के संपर्क में होने का दावा किया जा रहा है। तीनों के बीच मोबाइल कॉल, संदेश और सोशल मीडिया के माध्यम से हुई बातचीत की जांच की जा रही है। इन डिजिटल साक्ष्यों से यह स्पष्ट हो सकता है कि युवक की भूमिका केवल परिचित तक सीमित थी या उसे मामले की कुछ जानकारी थी।
चेतन के मोबाइल से मिला सुराग
पुलिस सूत्रों के मुताबिक चेतन चौधरी के मोबाइल फोन की तकनीकी जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं। कॉल डिटेल, चैट और अन्य डिजिटल डेटा के आधार पर पुलिस नए संदिग्ध तक पहुंची।
जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि घटना से पहले और बाद में चेतन, सिया तथा संदिग्ध युवक के बीच कितनी बार बातचीत हुई। क्या बातचीत के दौरान लोहागढ़ किले, केतन अग्रवाल या किसी संभावित योजना का उल्लेख किया गया था, इसकी भी जांच की जा रही है।
संदिग्ध से पूछताछ जारी
पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उससे चेतन चौधरी और सिया गोयल से उसके संबंध, हत्या से पहले हुई बातचीत और घटना के बाद हुई कथित मुलाकात के बारे में सवाल किए जा रहे हैं।
जांच एजेंसियां उसके बयान का मिलान चेतन और सिया के बयानों तथा डिजिटल साक्ष्यों से कर रही हैं। बयान में विरोधाभास मिलने पर पुलिस उससे दोबारा पूछताछ कर सकती है। अभी उसे औपचारिक रूप से आरोपी बनाया गया है या नहीं, इस संबंध में पुलिस की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
18 जून को हुई थी केतन की हत्या
पुलिस जांच के अनुसार केतन अग्रवाल की हत्या 18 जून को पुणे के लोहागढ़ किले में हुई थी। मामले में चेतन चौधरी और सिया गोयल की कथित भूमिका की पहले से जांच की जा रही है। अब तीसरे व्यक्ति का नाम सामने आने से जांच का दायरा बढ़ गया है।
पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि घटना किसी अचानक हुए विवाद का परिणाम थी या इसके पीछे पहले से बनाई गई साजिश थी। नए संदिग्ध से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद इस संबंध में महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने जांच से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया है। किसी भी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगी।
