बागेश्वर धाम की यात्रा के दौरान चोरी की शिकायतें, श्रद्धालुओं ने लाखों के नुकसान का दावा
दमोह के जबलपुर नाका पुलिस चौकी में चार आवेदन दिए; दो संदिग्धों को पकड़कर पुलिस को सौंपने का दावा
कोमल अहिरवार, जिला ब्यूरो चीफ
दमोह। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता यात्रा मंगलवार को दमोह पहुंची। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और स्वागत के लिए जुटे। इसी भीड़ के बीच मोबाइल, पर्स और सोने की चेन चोरी होने की चार शिकायतें जबलपुर नाका पुलिस चौकी में दी गईं। शिकायतकर्ताओं ने नकदी और आभूषण सहित लाखों रुपये के नुकसान का दावा किया है। पुलिस ने आवेदनों को जांच में लिया है।
यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर पहुंची थी। यहां पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भक्तों और जनप्रतिनिधियों को आशीर्वाद देने के लिए रुके। आसपास की दुकानों और होटलों के पास स्वागत के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जमा थी। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इसी भीड़ का फायदा उठाकर चोरी और जेबकतरी की घटनाएं हुईं।
मोबाइल चोरी होने की शिकायत
पहली शिकायत चूरामन अहिरवार ने दी। उनके अनुसार, वह अपनी बहन को छोड़ने आए थे। महेश राय की दुकान के पास उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया। उन्होंने इस संबंध में जबलपुर नाका पुलिस चौकी में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की।
महिला की सोने की चेन गायब
दूसरी शिकायत पुष्पा खरे की ओर से दी गई। वह यात्रा के साथ पदयात्रा कर रही थीं। उनका आरोप है कि भीड़ के दौरान उनके गले से करीब दो तोले की सोने की चेन चोरी हो गई। उन्होंने घटना की लिखित शिकायत पुलिस चौकी में दी है। पुलिस को अब शिकायत में बताए गए घटनास्थल और समय के आधार पर मामले की जांच करनी है।
जेब से पर्स निकालने का आरोप
तीसरी शिकायत अखिलेश रैकवार ने की। उनके मुताबिक, वह दोनों हाथों में मोबाइल लेकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की रील बना रहे थे। इसी दौरान उनकी जेब में रखा पर्स किसी ने निकाल लिया। अखिलेश का कहना है कि पर्स में पांच हजार रुपये थे। उन्होंने भी जबलपुर नाका पुलिस चौकी में लिखित आवेदन दिया।
चेन काटने के आरोप में दो संदिग्ध पकड़े
चौथी शिकायत धर्मेंद्र दुबे ने दी। उन्होंने बताया कि वह अन्य श्रद्धालुओं के साथ होटल फोर सीजन के सामने स्वागत के लिए खड़े थे। इसी दौरान उनके गले से करीब ढाई तोले की सोने की चेन काट ली गई। धर्मेंद्र के अनुसार, होटल के सीसीटीवी कैमरे में पीछे से एक व्यक्ति उनके गले की चेन काटता दिखाई दिया। उन्होंने दावा किया कि लोगों ने दो संदिग्धों को पकड़कर जबलपुर नाका पुलिस चौकी को सौंप दिया।
धर्मेंद्र ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों संदिग्धों ने महाराष्ट्र का निवासी होना बताया। यह जानकारी शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित है। संदिग्धों की पहचान, उनके बयान और घटना में उनकी भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने आवेदन जांच में लिए
जबलपुर नाका पुलिस चौकी ने चारों आवेदन जांच में लिए हैं और आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल शिकायतों में बताए गए मोबाइल, नकदी और आभूषणों के संबंध में तथ्यों का सत्यापन किया जाना है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सभी घटनाएं आपस में जुड़ी हैं या अलग-अलग हुईं।
बड़ी धार्मिक यात्राओं में भारी भीड़ के कारण श्रद्धालुओं के कीमती सामान की सुरक्षा चुनौती बन सकती है। दमोह में यात्रा के दौरान सामने आई शिकायतों के बाद पुलिस जांच पर सभी की नजर है। फिलहाल चोरी के आरोप शिकायतकर्ताओं के दावे हैं; उनकी पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
