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Balochistan में BLA का खतरनाक ऑपरेशन: 70 साल के फिदायीन और 24 साल की असीफा ने पाकिस्तान को हिलाया

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Published On: 2 February 2026
BLA Strikes in Balochistan: 70-Year-Old and 24-Year-Old Female Militants Shake Pakistan
— BLA Strikes in Balochistan: 70-Year-Old and 24-Year-Old Female Militants Shake Pakistan

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Balochistan में BLA का खतरनाक ऑपरेशन: 

Pakistan के Balochistan में एक बड़ा सुरक्षा संकट उत्पन्न हुआ है, जब बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी (BLA) ने 31 जनवरी से 70 घंटे से अधिक समय तक चलने वाले ऑपरेशन के जरिए पाकिस्तान की सेना और सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती दी। इस हमले ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल मुनीर की सत्ता तक को हिला कर रख दिया। इस हमले में BLA के मजीद ब्रिगेड के फिदायीनों ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिनमें युवा लड़कियों का भी योगदान शामिल था।

महिला फिदायीनों की भागीदारी और उनकी कहानी

BLA के अनुसार, इस ऑपरेशन में शामिल महिला फिदायीनों में प्रमुख नाम हवा बलोच और असीफा मेंगल का है। हवा बलोच एक लेखिका और बलूच सशस्त्र आंदोलन से जुड़े परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता कई साल पहले इस आंदोलन में मारे गए थे। हवा बलोच ने एक वीडियो संदेश में बलूच महिलाओं से अपील की कि वे सशस्त्र प्रतिरोध में भाग लें और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाएं। उन्होंने कहा, “बलूच महिलाएं न तो बौद्धिक रूप से कमजोर हैं और न ही व्यावहारिक रूप से। अब समय आ गया है कि वे उठें और न्याय की मांग करें।”

24 साल की असीफा मेंगल, नुश्की की रहने वाली, ने जनवरी 2024 में फिदायीन बनने का निर्णय लिया। BLA के अनुसार, असीफा ने अपने परिवार और इलाके में पाकिस्तान की सेना द्वारा किए जा रहे अत्याचारों के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाई। इस हमले में असीफा ने ISI हेडक्वार्टर पर हमला किया और BLA की मजीद ब्रिगेड के साथ मिलकर हाई-प्रोफाइल टारगेट्स को निशाना बनाया।

70 साल का फिदायीन नाको फजल Balochistan

इस ऑपरेशन में BLA का सबसे उम्रदराज फिदायीन नाको फजल बलोच भी शामिल था। उन्होंने वीडियो संदेश में बलूच राष्ट्र को सलाम करते हुए कहा, “सबसे पहले, मजीद ब्रिगेड जिंदाबाद। हमारे युवा जागरूक और समझदार हैं। अब घर पर रहने का समय नहीं है। सभी बुजुर्गों से अपील है कि वे अपने बच्चों और भाइयों के साथ इस हथियारबंद विरोध में भाग लें।”

BLA के हमले का असर और दावे

BLA ने दावा किया है कि उनके ऑपरेशन में पाकिस्तान सेना, पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स के 200 से अधिक जवान मारे गए और कई को बंधक बनाया गया। BLA ने बैंकों को लूटने, पुलिस थानों पर कब्जा करने और नुश्की में ISI दफ्तरों को उड़ा देने का भी दावा किया। इसके अलावा, BLA के अनुसार, इस ऑपरेशन में उनके 18 लड़ाके शहीद हुए, जिनमें मजीद ब्रिगेड, फतेह स्क्वाड और STOS के सदस्य शामिल हैं।

Pakistan  सरकार ने आधिकारिक तौर पर कहा कि 17 सैनिक और 31 नागरिक मारे गए हैं। हालांकि, BLA ने इस संख्या को बहुत अधिक बताया। पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया में कहा गया कि बलूचिस्तान में कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है और इसे केवल सैन्य जवाब से सुलझाया जा सकता है।

महिला फिदायीनों की भूमिका और बदलाव

BLA की मजीद ब्रिगेड एक विशेष सुइसाइड स्क्वाड है, जो मुख्य रूप से हाई-प्रोफाइल टारगेट्स पर हमले करती है। 2022 से महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। पारंपरिक रूप से बलूच समाज में महिलाओं की भूमिका सीमित रही है, लेकिन अब यह शिक्षित, मिडिल क्लास और युवा महिलाओं तक फैल गई है। 30-31 जनवरी के ऑपरेशन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने पाकिस्तान में हड़कंप मचा दिया।

स्थानीय और राष्ट्रीय प्रतिक्रिया

पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकारों ने इस बदलाव को पाकिस्तान सरकार के लिए चेतावनी बताया। मोइद पीरजादा ने लिखा कि इस बदलाव ने कबायली बगावत को राष्ट्रीय स्वतंत्रता की लड़ाई में बदल दिया है। पंजाब के डेरा गाजी खान जिले में अधिकारियों ने सुरक्षा हालात का हवाला देते हुए बलूचिस्तान जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए। क्वेटा से देश के अन्य हिस्सों तक ट्रेन सेवाएं लगातार दूसरे दिन भी बंद रहीं।

हवा बलोच और असीफा की प्रेरणा

BLA के वीडियो में हवा बलोच पाकिस्तानी सेना पर फायरिंग करती नजर आईं और महिलाओं से अपील की कि वे सशस्त्र आंदोलन में शामिल हों। असीफा मेंगल ने भी अपने परिवार और देश में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ लड़ाई में भाग लिया। इन दोनों महिलाओं की भागीदारी ने बलूचिस्तान की सशस्त्र प्रतिरोध की दिशा को बदल दिया है।

निष्कर्ष

Balochistan में BLA का यह ऑपरेशन पाकिस्तान के लिए एक गंभीर सुरक्षा चुनौती बन गया है। इस हमले ने दिखाया कि युवा और बुजुर्ग, पुरुष और महिलाएं, सभी सशस्त्र प्रतिरोध में शामिल हो सकते हैं। महिला फिदायीनों की भागीदारी ने बलूच आंदोलन की दिशा और स्वरूप दोनों को बदल दिया है। इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान सरकार सदमे में है और बलूचिस्तान की स्थिति पूरे देश के लिए चिंता का विषय बन गई है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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