मोबाइल की लत और रिश्तों को लेकर किशोरों को किया जागरूक, डिजिटल संतुलन का दिया संदेश
संवाददाता : दिनेश देवड़ा
किल्लौद के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय गरबड़ी में आयोजित हुआ किशोर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम
किल्लौद (खंडवा)। किशोरों को मोबाइल की बढ़ती लत, सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव, मानसिक स्वास्थ्य और स्वस्थ रिश्तों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गरबड़ी में किशोर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश वॉलन्ट्री हेल्थ एसोसिएशन द्वारा संचालित राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर जयप्रकाश पटेल एवं जिला समन्वयक महेश पवार ने किया।
नशामुक्ति की शपथ के साथ हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ थाना किल्लौद पुलिस द्वारा विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाकर किया गया। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी तथा जीवन में सकारात्मक सोच और अनुशासन अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार एवं समाज में भी जागरूकता फैलाने का कार्य करें।
मोबाइल एडिक्शन और सोशल मीडिया के प्रभाव पर चर्चा
कार्यक्रम में आरकेएसके काउंसलर संजय कुमार सिरसाटे ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए मोबाइल एडिक्शन, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और डिजिटल जीवन में संतुलन बनाए रखने के विषय पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मोबाइल और इंटरनेट का सही उपयोग शिक्षा, जानकारी और विकास के लिए उपयोगी है, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग मानसिक तनाव, समय की बर्बादी और पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल उपयोग के लिए समय निर्धारित करने और पढ़ाई, खेलकूद तथा रचनात्मक गतिविधियों में अधिक ध्यान देने की सलाह दी।
स्वस्थ रिश्तों और मानसिक स्वास्थ्य पर दिया जोर
काउंसलर संजय कुमार सिरसाटे ने किशोरावस्था में होने वाले भावनात्मक बदलावों और आकर्षण से जुड़े विषयों पर भी विद्यार्थियों से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि कम उम्र में लिए गए गलत निर्णय भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए किशोरों को अपने लक्ष्य, पढ़ाई और करियर पर ध्यान केंद्रित करते हुए संतुलित जीवनशैली अपनानी चाहिए।
उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाए रखने के लिए सकारात्मक सोच, परिवार और शिक्षकों से संवाद बनाए रखने तथा समस्याओं को साझा करने की सलाह दी।
गोपनीय परामर्श सुविधा की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किल्लौद में संचालित उमंग क्लिनिक के बारे में जानकारी दी गई।
बताया गया कि किशोर स्वास्थ्य से जुड़े व्यक्तिगत, मानसिक या अन्य विषयों पर यहां गोपनीय रूप से परामर्श सुविधा उपलब्ध है। जरूरत पड़ने पर विद्यार्थी विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही सहभागिता
इस जागरूकता कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य सुभाष यादव, शिक्षिका रश्मि शर्मा, नीलम सिंह चौहान, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वस्थ आदतें अपनाने, तकनीक का सही उपयोग करने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
आरकेएसके के इस प्रयास से किशोरों में स्वास्थ्य, सुरक्षा और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को लेकर जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
