बीएलओ की ई-अटेंडेंस में परेशानी दूर करने की मांग, अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
कोमल अहिरवार, जिला ब्यूरो चीफ | दमोह
मध्यप्रदेश अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने निर्वाचन कार्य में नियुक्त बीएलओ की ई-अटेंडेंस संबंधी समस्या को लेकर दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव को ज्ञापन सौंपा। मोर्चा के पदाधिकारियों ने अनुरोध किया कि मूल संस्था से दूर जाकर निर्वाचन संबंधी जिम्मेदारी निभाने वाले बीएलओ को उपस्थिति दर्ज करने की उपयुक्त सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए ई-अटेंडेंस में ऑन ड्यूटी यानी ओडी का विकल्प अथवा निर्धारित कार्यक्षेत्र से चेक-आउट की सुविधा देने की मांग की गई है।
पदाधिकारियों का कहना है कि निर्वाचन कार्य के लिए कर्मचारियों को अपने निर्धारित क्षेत्र में जाना पड़ता है। इस दौरान मूल संस्था की ई-अटेंडेंस व्यवस्था में परेशानी आती है। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने आग्रह किया कि सौंपे गए दायित्व का निर्वहन करने के कारण संबंधित कर्मचारियों की उपस्थिति प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
नए मतदाताओं के नाम जोड़ने का विशेष अभियान
ज्ञापन में बताया गया कि पहली बार मतदाता बनने वाले लोगों के नाम निर्वाचक नामावली में शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मोर्चा ने आवेदन में इस अभियान को राज्य निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार संचालित बताया है।
पदाधिकारियों के अनुसार, मतदाता सूची से संबंधित कार्य वर्ष में अन्य अवसरों पर भी चरणबद्ध तरीके से होते रहते हैं। इन कार्यों के लिए नियुक्त बीएलओ को निर्धारित क्षेत्र में पहुंचकर जिम्मेदारी निभानी होती है। इसी दौरान उनकी मूल संस्था में उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया प्रभावित होने की समस्या सामने आती है।
संस्था और कार्यक्षेत्र की दूरी बनी परेशानी
मोर्चा ने बताया कि अनेक बीएलओ को निर्वाचन कार्य के लिए अपनी मूल संस्था से दूर जाना पड़ता है। उनका कार्यक्षेत्र संस्था के आसपास नहीं होने के कारण ई-अटेंडेंस की प्रक्रिया पूरी करने में कठिनाई होती है।
ज्ञापन में इसी व्यावहारिक समस्या की ओर कलेक्टर का ध्यान दिलाया गया है। पदाधिकारियों का अनुरोध है कि कर्मचारी जब निर्वाचन संबंधी कार्य पर हों, तब उनकी उपस्थिति दर्ज करने के लिए ऐसी व्यवस्था रहे जो उनकी वास्तविक ड्यूटी की स्थिति को दर्शा सके।
ओडी दर्ज करने का विकल्प देने का अनुरोध
संयुक्त मोर्चा ने ई-अटेंडेंस में ओडी की सुविधा देने को एक समाधान के रूप में प्रस्तुत किया है। पदाधिकारियों ने कहा कि निर्वाचन कार्य के लिए संस्था से बाहर रहने वाले बीएलओ की ड्यूटी इस विकल्प के माध्यम से दर्ज की जा सके।
मांग का उद्देश्य संबंधित कर्मचारियों की उपस्थिति प्रभावित होने से बचाना है। ज्ञापन में ओडी का विकल्प उपलब्ध कराने का निवेदन किया गया है, ताकि मूल संस्था से बाहर की जिम्मेदारी निभाने के दौरान उपस्थिति संबंधी समस्या उत्पन्न नहीं हो।
निर्धारित कार्यक्षेत्र से चेक-आउट की सुविधा मांगी
मोर्चा ने ओडी के अलावा कार्यक्षेत्र से चेक-आउट की सुविधा देने का विकल्प भी रखा है। पदाधिकारियों ने अनुरोध किया कि बीएलओ जहां निर्वाचन संबंधी कार्य कर रहे हों, वहां से उपस्थिति की प्रक्रिया पूरी करने की अनुमति दी जाए।
ज्ञापन में दोनों विकल्प प्रशासन के विचार के लिए प्रस्तुत किए गए हैं। इनमें से कौन-सी सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है, यह प्रशासनिक निर्णय से स्पष्ट होगा। फिलहाल मांग ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जिसमें निर्वाचन ड्यूटी और ई-अटेंडेंस के बीच तालमेल बना रहे।
निर्वाचन ड्यूटी के कारण उपस्थिति न हो प्रभावित
पदाधिकारियों ने कलेक्टर प्रताप नारायण यादव से आग्रह किया कि बीएलओ की जिम्मेदारी और कार्यक्षेत्र की दूरी को ध्यान में रखकर समस्या का समाधान किया जाए। उनका कहना है कि कर्मचारी निर्धारित निर्वाचन कार्य करने के लिए संस्था से बाहर जाते हैं।
ऐसी स्थिति में उनकी उपस्थिति प्रभावित होना चिंता का विषय है। मोर्चा ने किसी विशेष कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई या वेतन कटौती का विवरण नहीं दिया है। ज्ञापन मुख्य रूप से ई-अटेंडेंस में आ रही कठिनाई और उसके समाधान की मांग पर केंद्रित है।
निर्णय के बाद स्पष्ट होगी आगे की व्यवस्था
अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों की परेशानी और समाधान के विकल्प प्रशासन के समक्ष रखे हैं। उपलब्ध विवरण में मांग स्वीकार होने अथवा कोई नया आदेश जारी होने की जानकारी नहीं दी गई है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया आने के बाद स्पष्ट होगा कि बीएलओ को ओडी की सुविधा मिलेगी या कार्यक्षेत्र से चेक-आउट का विकल्प दिया जाएगा। मोर्चा ने अनुरोध किया है कि उपयुक्त व्यवस्था उपलब्ध कराकर निर्वाचन कार्य में लगे कर्मचारियों की उपस्थिति सुरक्षित रखी जाए और ई-अटेंडेंस संबंधी परेशानी दूर की जाए।
