जिलाशिक्षधिकारी पर भारी एक शिक्षक.
कार्यमुक्त करने के बाद भी नहीं छोडी संस्था.
अभी तक नहीं की अन्य प्राचार्य की नियुक्ति.
मलाई दार पद पर बने रहने के लिए जिलाशिक्षधिकारी के आदेश को हवा मे उड़ाया.
देवास जिले के पीपलरावा के शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बात हैँ. यहाँ पर शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भौरासा मे पदस्थ शिक्षक मुन्नालाल अंगोरिया जो पहले पीपलरावा मे ही पदस्थ थे. लेकिन उच्च पद प्रभार से इनकी संस्था भौरासा हों गई. लेकिन तत्कालीन जिलाशिक्षधिकारी हरिसिंह भारतीय ने 2 सितम्बर 2024 को पीपलरावा का प्रभारी प्राचार्य पद पर नियम विरुद्ध अटैच कर दिया. जो की यहाँ पर 7 से 8 वरिष्ठ शिक्षक पदस्थ हैँ. फिर भी इनका हक़ दबाकर अपने चहिते को प्रभार दिया गया.बड़ी बात यहाँ की सम्बंधित का उच्च पद राजनीती विज्ञान विषय पर हुआ था. ये वहाँ के बच्चों को पढ़ाने के बजाय यहाँ प्राचार्य गिरी कर रहे. जिसके सम्बन्ध मे कई बार समाचार भी प्रकाशित हों चुके एवं जनप्रतिनिधि भी धरने पर बैठने तक की जिद कर चुके थे.
फिर भी अटैचमेंट नहीं तोड़ा गया. न हीं वहां के बच्चों कोई शिक्षक

जिला शिक्षाधिकारी राजीव सूर्यवंशी ने किया अटैचमेंट तोड़ा.
वर्तमान जिला शिक्षाधिकारी राजीव सूर्यवंशी ने 2 जूलाई को सम्बंधित शिक्षक का अटैचमेंट तोड़ने का कार्यलय जिला शिक्षाधिकारी जिला देवास के आदेश क्रमांक स्थापना -1/2026/4014दिनांक 02/07/2026 माध्यम से अटैचमेंट तोड़ने का आदेश जारी कर दिया. जिसकी प्रतिलिपि कलेक्टर देवास, सी इ ओ जिलापंचायत देवास सहित अधीनस्थ अधिकारिओ के साथ पालन हेतु सम्बंधित को जारी की गई. लेकिन पालन न करते हुए संबधित शिक्षक अपनी मूल संस्था भौरासा न जाकर पीपलरावा मे आकर प्राचार्य की तरह कार्य संपादन कर रहे हैँ. कार्यमुक्त आदेश जारी होने बाद भी नियम विरुद्ध अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के साथ अन्य कार्य भी संपादन कर रहा हैँ. जो पद से हटने के बाद उस पद पर कार्य नहीं कर सकता हैँ लेकिन फिर भी कार्य कर रहे हैँ. जिला शिक्षाधिकारी ने सम्बंधित को हटाने के बाद आज तक वहां पर किसी अन्य व्यक्ति को प्राचार्य का प्रभार नहीं सौपा गया. जब की वहां पर करीब 6 से 7 वरिष्ठ शिक्षक पदस्थ हैँ. अब देखना होगा की जिला शिक्षाधिकारी किसी अन्य को वहां का प्रभार सौपते हैँ या संबधित शिक्षक ही जिसको स्वयं ने हटाने के आदेश जारी किये थे वही प्राचार्य की कुर्सी पर जमे रहेंगे. और वहां पदस्थ शिक्षकों हक़ मारा जायेगा.

