नाना पाटेकर के निधन पर तनुश्री दत्ता के बयान से सोशल मीडिया पर बहस, आलोचना के बाद भी अपनी बात पर कायम
मुंबई। अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद अभिनेत्री तनुश्री दत्ता के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। दत्ता ने नाना के निधन की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए “ईविल डेड” शब्द का इस्तेमाल किया था। इसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने उनके शब्दों को अनुचित बताया, जबकि कुछ ने कहा कि किसी व्यक्ति के निधन के बाद भी उसके कथित व्यवहार से प्रभावित लोगों के अनुभवों को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
तनुश्री दत्ता ने बाद में सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर अपने बयान का संदर्भ समझाया। उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिक्रिया उनके निजी अनुभवों से जुड़ी है और लोगों को उनके पक्ष को भी समझना चाहिए। दत्ता का कहना था कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके साथ जुड़े विवाद या किसी पर पड़े कथित प्रभाव अपने आप समाप्त नहीं हो जाते। उन्होंने आलोचना करने वालों और ऑनलाइन ट्रोल करने वालों को भी जवाब दिया।
“मेरे लिए यह मेरा अनुभव है”
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तनुश्री ने अपने वीडियो में कहा कि उनकी बात को उनके नजरिए से देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति का अनुभव अलग हो सकता है। दत्ता ने पुराने आरोपों को फिर उठाने की मंशा से इनकार करते हुए कहा कि वह केवल अपने अनुभव और उस पर अपनी प्रतिक्रिया बता रही हैं।
तनुश्री दत्ता ने पहले नाना पाटेकर पर फिल्म के सेट पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। यह आरोप उन्होंने 2018 में भारत में #MeToo अभियान के दौरान सार्वजनिक रूप से उठाया था। नाना पाटेकर ने उस समय इन आरोपों से इनकार किया था। मौजूदा बयान में दत्ता ने अपने कथित अनुभवों और उसके बाद के वर्षों में हुई परेशानियों का उल्लेख किया। उनके आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए; इस खबर में उन्हें किसी न्यायिक निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।
पहले कहा था—परिवार के प्रति संवेदनाएं
नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद तनुश्री ने शुरुआत में कहा था कि वह उस दिन अपने काम और लखनऊ में तय कार्यक्रम पर ध्यान देना चाहती हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि नाना के परिवार के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं और वह अपनी प्रतिक्रिया सोच-समझकर देंगी। बाद में उनके “ईविल डेड” वाले शब्द चर्चा का विषय बन गए।
रिपोर्टों के अनुसार, दत्ता ने अपने बाद के वीडियो में इस टिप्पणी को अपने अनुभव से जोड़कर समझाया। उनका कहना था कि किसी के निधन के बाद भी उस व्यक्ति से जुड़ी शिकायतें या कथित घटनाएं प्रभावित लोगों के लिए बनी रह सकती हैं। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या किसी की मृत्यु के बाद उसके कथित आचरण से प्रभावित लोगों का दर्द खत्म हो जाता है।
फिल्म कर्मियों के संगठन ने जताई आपत्ति
तनुश्री के बयान पर ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने आपत्ति जताई। संगठन ने “ईविल डेड” टिप्पणी को असंवेदनशील और अनुचित बताया। एसोसिएशन के बयान में नाना पाटेकर के अभिनय और सामाजिक कार्यों का उल्लेख करते हुए उनके निधन पर शोक व्यक्त किया गया। संगठन ने कहा कि ऐसे समय में इस तरह की टिप्पणी से उनके परिवार और प्रशंसकों को ठेस पहुंच सकती है।
AICWA की आलोचना के बाद भी तनुश्री ने अपनी बात से पीछे हटने के संकेत नहीं दिए। उनके जवाब के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं बंटी हुई नजर आईं। कुछ यूजर्स ने कहा कि शोक के समय सार्वजनिक बयान में संवेदनशीलता जरूरी है। वहीं, दूसरे यूजर्स ने दत्ता के अनुभवों को सुनने और उनकी बात को समझने की मांग की।
पुराना विवाद फिर चर्चा में
नाना पाटेकर और तनुश्री दत्ता से जुड़ा विवाद कई साल पुराना है। 2018 में दत्ता के आरोपों के बाद यह मामला देशभर में चर्चा में आया था और फिल्म उद्योग में कार्यस्थलों की सुरक्षा तथा महिलाओं की शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठे थे। नाना पाटेकर ने आरोपों का खंडन किया था। नाना के निधन के बाद दत्ता की प्रतिक्रिया ने उस पुराने विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम में एक ओर नाना पाटेकर के निधन पर शोक जताने वाले प्रशंसक और फिल्म जगत के लोग हैं, तो दूसरी ओर तनुश्री दत्ता अपने पुराने अनुभवों का हवाला देकर अपनी प्रतिक्रिया का बचाव कर रही हैं। सोशल मीडिया पर जारी बहस इसी सवाल के इर्द-गिर्द है कि किसी सार्वजनिक शख्सियत के निधन के बाद उसके काम, विरासत और उससे जुड़े विवादों पर किस तरह बात की जानी चाहिए।
