नाना पाटेकर के निधन पर ‘ईवल डेड’ टिप्पणी से विवाद, तनुश्री दत्ता ने बताया अपना पक्ष
मुंबई। अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद अभिनेत्री तनुश्री दत्ता की प्रतिक्रिया विवादों में आ गई है। उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘ईवल डेड’ शब्दों पर आलोचना होने के बाद अभिनेत्री ने अपने बयान का बचाव किया है। तनुश्री का कहना है कि उनकी प्रतिक्रिया को उन अनुभवों और परेशानियों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए, जिनसे गुजरने का उन्होंने दावा किया है। नाना पाटेकर का गुरुवार, 8 अक्टूबर को गोवा में निधन हुआ। वह 75 वर्ष के थे।
आलोचना के बाद अभिनेत्री ने रखी अपनी बात
मीडिया से बातचीत में तनुश्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में उन्होंने काफी परेशानियां झेली हैं। उन्होंने लोगों से उनके नजरिए को समझने की अपील की। अभिनेत्री के अनुसार, उनके पुराने अनुभवों का असर अब भी बना हुआ है और इसी वजह से उनकी प्रतिक्रिया दूसरों से अलग है।
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के मुताबिक, तनुश्री ने दावा किया कि शिकायत वापस लेने के लिए उन पर दबाव डाला गया और प्रलोभन भी दिए गए। उनका कहना है कि इसके बावजूद उन्होंने अपनी शिकायत वापस नहीं ली। ये बातें अभिनेत्री के आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के तौर पर प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
इंस्टाग्राम वीडियो से शुरू हुआ विवाद
नाना पाटेकर के निधन की खबर आने के बाद तनुश्री ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो साझा किया था। इसमें उन्होंने बताया कि उन्हें निधन की जानकारी मिली है, लेकिन उस दिन वह अपने काम पर ध्यान देना चाहती हैं। वह एक कार्यक्रम के सिलसिले में लखनऊ जा रही थीं।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अभिनेत्री ने कहा कि उनका दिन पहले से तय था और उन्हें आशंका थी कि कार्यक्रम के दौरान मीडिया उनके काम के बजाय नाना पाटेकर से जुड़ी प्रतिक्रिया पर सवाल करेगा। इसी बातचीत में उन्होंने विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी प्रतिक्रिया तय करने के बाद वह विस्तार से बात करेंगी।
परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की
तनुश्री के वीडियो में नाना पाटेकर के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने की बात भी शामिल थी। हालांकि, उनके इस्तेमाल किए गए शब्दों ने ज्यादा ध्यान खींचा और विवाद का कारण बने। उनकी शुरुआती प्रतिक्रिया में काम से जुड़ी प्रतिबद्धताओं, निधन की खबर और परिवार के प्रति संवेदना का उल्लेख एक साथ आया था।
सिनेमा एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिनेत्री ने तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया देने के बजाय बाद में अपनी बात रखने की बात कही थी। इसके बाद सामने आए बयानों में उन्होंने अपने पुराने अनुभवों को प्रतिक्रिया की वजह बताया।
फिल्मकर्मियों के संगठन ने जताई नाराजगी
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन यानी AICWA ने तनुश्री की टिप्पणी की आलोचना की है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, संगठन के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल ने उनके शब्दों को आपत्तिजनक और असंवेदनशील बताया। संगठन ने अभिनेता के निधन के समय ऐसी भाषा इस्तेमाल करने पर नाराजगी जताई।
दूसरी ओर, तनुश्री अपनी प्रतिक्रिया को व्यक्तिगत अनुभवों से जोड़ रही हैं। इस तरह विवाद में अभिनेत्री का पक्ष और संगठन की आपत्ति दोनों सामने आए हैं। अभिनेत्री द्वारा अपनी परेशानियों का उल्लेख करना उन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता।
पुराने आरोपों और पुलिस जांच की पृष्ठभूमि
तनुश्री दत्ता ने वर्ष 2018 में नाना पाटेकर के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप सार्वजनिक रूप से उठाए थे। आरोप फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ के सेट पर वर्ष 2008 में कथित तौर पर हुई घटना से जुड़े थे। नाना पाटेकर ने इन आरोपों से इनकार किया था।
सिनेमा एक्सप्रेस के अनुसार, वर्ष 2019 में मुंबई पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने का हवाला देते हुए बी-समरी रिपोर्ट दाखिल की थी। इस पृष्ठभूमि का उल्लेख जरूरी है, क्योंकि वर्तमान बयान उसी पुराने विवाद से जुड़ा है। आरोप, संबंधित व्यक्ति का खंडन और पुलिस जांच का परिणाम अलग-अलग तथ्य हैं।
व्यक्तिगत दावों को लेकर सावधानी जरूरी
तनुश्री ने अपने हालिया बयान में जिन दबावों और परेशानियों का उल्लेख किया है, वे उनका व्यक्तिगत पक्ष हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने भी इन बयानों और अनुभवों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होने का उल्लेख किया है। इसलिए उनके शब्दों को अभिनेत्री के दावे के रूप में ही समझना चाहिए। फिलहाल विवाद उनके बयान, उसके बचाव और फिल्मकर्मियों के संगठन की आलोचना पर केंद्रित है।
