मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने तलाकशुदा बेटियों को पेंशन देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। जानिए नियम, पात्रता और पूरा लाभ।
भूमिका
मध्य प्रदेश की राजनीति और सामाजिक नीति के क्षेत्र में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसे महिला अधिकारों की दिशा में ऐतिहासिक और साहसिक कदम माना जा रहा है।
अब राज्य में तलाकशुदा बेटियों को पेंशन का अधिकार मिलेगा, जो वर्षों से उपेक्षित वर्ग रहा है।
तलाकशुदा बेटियों को पेंशन: क्या है फैसला
कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया कि अब शासकीय सेवक या पेंशनभोगी के निधन के बाद उनकी तलाकशुदा बेटी भी परिवार पेंशन की पात्र होगी।
यह निर्णय सीधे तौर पर तलाकशुदा बेटियों को पेंशन के दायरे में लाता है।
पुराने नियम क्या कहते थे
पहले नियमों के अनुसार केवल:
- अविवाहित बेटी
- विधवा बेटी
- परित्यक्ता बेटी
को ही परिवार पेंशन मिलती थी।
तलाकशुदा बेटियों को पेंशन का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं था।
मध्य प्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 में संशोधन
सरकार ने ‘मध्य प्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976’ में संशोधन को मंजूरी दी।
इस संशोधन के बाद:
- तलाकशुदा बेटियां भी परिवार की परिभाषा में शामिल
- सामाजिक सुरक्षा का दायरा विस्तृत
- लैंगिक समानता को कानूनी समर्थन
किन बेटियों को मिलेगा लाभ
तलाकशुदा बेटियों को पेंशन का लाभ पाने के लिए:
- माता-पिता शासकीय सेवक/पेंशनभोगी हों
- तलाक का वैध न्यायालयीन आदेश (डिक्री)
- दोबारा विवाह न किया हो
आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
आवेदन संबंधित पेंशन कार्यालय / कोषालय में किया जाएगा।
दस्तावेज:
- तलाक की प्रमाणित प्रति
- पहचान पत्र
- बैंक विवरण
- माता-पिता का सेवा विवरण
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
यह फैसला:
- आर्थिक निर्भरता खत्म करेगा
- आत्मसम्मान बढ़ाएगा
- समाज में तलाक को लेकर बनी नकारात्मक सोच तोड़ेगा
तलाकशुदा बेटियों को पेंशन मिलने से हजारों महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
महिला सशक्तीकरण की दिशा में सरकार
मोहन यादव सरकार पहले भी:
- लाड़ली बहना योजना
- छात्रवृत्ति योजनाएं
- महिला स्वयं सहायता समूह
जैसी योजनाओं से महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देती रही है।
विशेषज्ञों की राय
सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह फैसला:
- संवैधानिक समानता को मजबूत करता है
- सामाजिक न्याय की अवधारणा को लागू करता है
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, मोहन यादव सरकार का यह ऐतिहासिक फैसला
तलाकशुदा बेटियों को पेंशन देकर:
- महिला अधिकारों को नई मजबूती देता है
- मध्य प्रदेश को सामाजिक सुधारों में अग्रणी बनाता है
