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Taiwan स्ट्रेट में चीन की सैन्य हलचल तेज़, कई विमान और नौसैनिक जहाज़ मिडलाइन पार किए

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Published On: 14 February 2026
Taiwan rejects China’s renewed pressure tactics, maintains full monitoring of the situation
— Taiwan rejects China’s renewed pressure tactics, maintains full monitoring of the situation

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China ‑Taiwan तनाव: सीमा पर सैन्य हलचल और बढ़ते खतरे

हालिया दिनों में China और Taiwan के बीच तनाव तेज़ हो गया है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की सैन्य गतिविधियाँ ताइवान के आस‑पास काफी बढ़ी हैं, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में जानकारी दी कि ताइवान के क्षेत्र के आस‑पास चीनी सैन्य विमान और नौसेनिक जहाज़ों की संख्या बढ़ी है, और कई विमानों ने मिडलाइन (Taiwan Strait median line) को भी पार किया है, जो दोनों के बीच की एक अनौपचारिक सीमा है।

सैन्य गतिविधियाँ: संख्या और पैटर्न

हवाई गतिविधि

  • चीनी पीएलए के सैन्य विमान नियमित रूप से ताइवान के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन ज़ोन (ADIZ) में प्रवेश कर रहे हैं और कई बार मिडलाइन पार कर चुके हैं।
  • ताइवान रक्षा मंत्रालय के बयानों के अनुसार, कुछ रिपोर्टों में 30 से 40 विमान या उससे अधिक sorties (उड़ानें) दर्ज की गई हैं और उनमें से कई ने ADIZ में प्रवेश किया है।

समुद्री गतिविधि

  • चीनी नौसेना के युद्धपोत और आधिकारिक जहाज़ भी ताइवान के आसपास दिखाई देते हैं। इनमें कई बार PLAN (People’s Liberation Army Navy) के जहाज़ शामिल रहे हैं।
  • इन जहाज़ों की मौजूदगी को ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने ‘चीन की बढ़ी सैन्य गतिविधि’ के रूप में ट्रैक किया है।

भारत और अंतरराष्ट्रीय संदेश

हालाँकि यह मुख्य रूप से ताइवान‑चीन के बीच का विवाद है, पर अंतरराष्ट्रीय माहौल में भी यह एक बड़ी घटना के रूप में उभर रहा है। अमेरिका, जापान और अन्य पश्चिमी राष्ट्र ताइवान के आसपास चीन की सैन्य चालों पर अपनी चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने ताइवान के समर्थन में ‘प्रोटेक्ट ताइवान एक्ट’ जैसे विधेयकों को कांग्रेशनल पटल पर आगे बढ़ाया है, जिसका उद्देश्य चीन के दबाव को रोकना और ताइवान की रक्षा मदद को स्थिर करना है।

बीजिंग का रुख: राजनीतिक और रणनीतिक बयान

China की सरकार का कहना है कि Taiwan उसका हिस्सा है और उसका लक्ष्य “राष्ट्रीय पुनर्एकीकरण” है — यानी ताइवान को चीन के साथ एकीकृत करना। इसके लिए वह राजनीतिक और सैन्य दोनों स्तर पर दबाव बढ़ा रहा है। चीन के वरिष्ठ नेताओं ने “वन चाइना” पॉलिसी और “1992 सहमति” का हवाला देते हुए ताइवान पर वापसी का समर्थन किया, और ताइवान की स्वतंत्रता के समर्थकों पर चेतावनी भी दी।

ताइवान की मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल (MAC) ने इस ‘पुनर्एकीकरण’ की अपील को पुराना और दबाव बनाने वाला रुख कहा है।

सैन्य अभ्यास और युद्धाभ्यास

चीन समय‑समय पर बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास भी कर रहा है, जिसमें ताइवान के चारों ओर शामिल क्षेत्रों में लाइव‑फायर ड्रिल, संयुक्त वायु‑नाभिक अभ्यास, समुद्री और पट्टे अभ्यास शामिल होते हैं। इन सैन्य अभ्यासों का उद्देश्य न केवल प्रशिक्षण करना है, बल्कि एक रणनीतिक संदेश देना भी है — यानी चीन किस प्रकार अपनी तैयारियों को बढ़ा रहा है।

‘Strait Thunder’ जैसे अभ्यासों में भूमि, वायु, समुद्री और राकेट बलों को सम्मिलित किया गया है, जिससे समग्र सैन्य क्षमता दिखाई जा सके।

मिडलाइन और ADIZ का महत्व

मिडलाइन (Median Line)

यह वह अनौपचारिक सीमा है जो चीन और ताइवान के बीच ताइवान जलडमरूमध्य में मौजूद रहती है। पुराने समय से यह दोनों पक्षों द्वारा सम्मानित की जाती थी ताकि तनाव कम रहे और दोनों पक्षों के विमानों और जहाज़ों के बीच दुर्घटना न हो। कुछ रिपोर्टों में यह दर्ज हुआ है कि कुछ चीनी विमान इस मिडलाइन को पार कर चुके हैं, जिससे विवाद और चिंता बढ़ी है।

एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन ज़ोन (ADIZ)

यह एक स्वयं घोषित हवाई क्षेत्र है, जिसमें देश के रक्षा बल किसी भी हवाई गतिविधि पर नज़र रखते हैं। ताइवान का ADIZ उसके नियंत्रण में एयरस्पेस का एक बड़ा हिस्सा है, और चीनी विमानों का वहाँ पर लगातार प्रवेश करना एक गंभीर सुरक्षा मोड़ माना जाता है।

ट्रेंड्स: क्यों बढ़ी यह सैन्य गतिविधि?

सैन्य शक्ति और दबाव

चीन अपनी सैन्य ताकत में तेजी से वृद्धि कर रहा है। रणनीतिक शोध से पता चलता है कि 2024 में ताइवान के ADIZ में चीनी सैन्य विमानों की संख्या रिकॉर्ड स्तरों तक पहुँच चुकी है, और 2025 में भी उस ट्रेंड को जारी रखा गया है।

राजनीतिक घटनाक्रम

ताइवान के राष्ट्रपति व ताइवान सरकार की मुखर स्वतंत्रता के समर्थन वाली नीतियां चीन को अखर रही हैं, जिससे चीन और अधिक सैन्य दबाव का सहारा ले रहा है।

अंतरराष्ट्रीय माहौल

जब से अमेरिका और उसके दोस्त ताइवान को हथियार उपलब्ध कराने और सहयोग में बढ़ोतरी कर रहे हैं, चीन का रुख और सख़्त हो गया है, क्योंकि वह इसे 외부 हस्तक्षेप मानता है।

परिणाम और बॉडी कॉन्सीक्वेंसेज़

क्षेत्रीय सुरक्षा

ताइवान स्ट्रेट दुनिया के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है। चीन का बढ़ता सैन्य दबाव सिर्फ ताइवान के लिए ही जोखिम नहीं है, बल्कि पूरे Indo‑Pacific क्षेत्र में निष्पक्ष नौसेना संचालन, व्यापार मार्गों, और छोटे देशों की सुरक्षा चुनौतियों को भी प्रभावित कर रहा है।

सैन्य उत्तरदायित्व

ताइवान की सेना लगातार सतर्क है और उसने अपनी निगरानी और जवाबी तैयारी को बढ़ाया है। )

राजनीतिक उत्तर

अमेरिका और जापान जैसे देशों ने चीन की बढ़ी गतिविधियों पर प्रतिक्रिया जताई है और कहा है कि इस तरह की हरकतें क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा हैं।

निष्कर्ष

चीन की सैन्य गतिविधियों में वृद्धि Taiwan के आसपास न सिर्फ एक स्थानीय विवाद है, बल्कि वैश्विक राजनीतिक और सुरक्षा चुनौती की ओर इशारा करती है। चीन का रुख अधिक सख्त है, ताइवान अपने सुरक्षा उपायों को मजबूत रख रहा है, और अमेरिका समेत कई देश इस तनावपूर्ण स्थिति पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं।

यह सिलसिला केवल सैन्य गतिविधियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह भू‑राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का दीर्घकालिक मामला बनता जा रहा है, जिसमें ताइवान की संप्रभुता, चीन की एकीकृत नीति, और वैश्विक सामरिक संतुलन सभी शामिल हैं।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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