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	<title>Ujjain Lokayukta &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>मध्यप्रदेश में 10 डीएसपी पदोन्नत, विनोद दीक्षित को उज्जैन लोकायुक्त एसपी और बिट्टू शर्मा को एआईजी की जिम्मेदारी</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-police-promotion-10-dsps-promoted-vinod-dixit-appointed-ujjain-lokayukta-sp-bittu-sharma-posted-as/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 09 Oct 2026 12:53:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bhopal]]></category>
		<category><![CDATA[AIG]]></category>
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		<category><![CDATA[Ujjain Lokayukta]]></category>
		<category><![CDATA[Vinod Dixit]]></category>
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					<description><![CDATA[मध्यप्रदेश में 10 डीएसपी पदोन्नत, विनोद दीक्षित को उज्जैन लोकायुक्त एसपी और बिट्टू शर्मा को एआईजी की जिम्मेदारी भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य पुलिस सेवा के उप पुलिस अधीक्षक स्तर ... <a title="मध्यप्रदेश में 10 डीएसपी पदोन्नत, विनोद दीक्षित को उज्जैन लोकायुक्त एसपी और बिट्टू शर्मा को एआईजी की जिम्मेदारी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-police-promotion-10-dsps-promoted-vinod-dixit-appointed-ujjain-lokayukta-sp-bittu-sharma-posted-as/" aria-label="Read more about मध्यप्रदेश में 10 डीएसपी पदोन्नत, विनोद दीक्षित को उज्जैन लोकायुक्त एसपी और बिट्टू शर्मा को एआईजी की जिम्मेदारी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>मध्यप्रदेश में 10 डीएसपी पदोन्नत, विनोद दीक्षित को उज्जैन लोकायुक्त एसपी और बिट्टू शर्मा को एआईजी की जिम्मेदारी</strong></h1>
<p><strong>भोपाल।</strong> मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य पुलिस सेवा के उप पुलिस अधीक्षक स्तर के 10 अधिकारियों को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर पर पदोन्नत कर नई जिम्मेदारियां दी हैं। इस निर्णय के तहत अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय और विभिन्न इकाइयों में पदस्थ किया गया है। विनोद कुमार दीक्षित को उज्जैन लोकायुक्त में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी मिली है, जबकि बिट्टू शर्मा को भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। पदोन्नति और नई पदस्थापना से संबंधित यह खबर शुक्रवार, 9 अक्टूबर को सामने आई है।</p>
<p>इस सूची में पुलिस मुख्यालय की शाखाओं के साथ क्षेत्रीय इकाइयों की पदस्थापनाएं भी शामिल हैं। अधिकारियों को भोपाल, बालाघाट, नर्मदापुरम, उज्जैन और सागर में जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। किसी अधिकारी को पुलिस अधीक्षक, किसी को सहायक पुलिस महानिरीक्षक और कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्त किया गया है।</p>
<h2><strong>विनोद दीक्षित और बिट्टू शर्मा की नई पदस्थापना</strong></h2>
<p>पदोन्नति संबंधी समाचार में विनोद कुमार दीक्षित और बिट्टू शर्मा की नई जिम्मेदारियां प्रमुख हैं। दीक्षित अब उज्जैन लोकायुक्त में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्य करेंगे। बिट्टू शर्मा की पदस्थापना भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के रूप में की गई है।</p>
<p>विनोद दीक्षित की नियुक्ति लोकायुक्त इकाई में हुई है, जबकि बिट्टू शर्मा को पुलिस मुख्यालय भेजा गया है। दोनों अधिकारियों के लिए नई पदस्थापना में अलग-अलग जिम्मेदारियां निर्धारित हैं। उपलब्ध विवरण में बिट्टू शर्मा को पुलिस मुख्यालय की किसी विशेष शाखा का प्रभार दिए जाने का उल्लेख नहीं है।</p>
<h2><strong>इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी</strong></h2>
<p>प्रकाशित पदस्थापना विवरण के मुताबिक, प्रीतम सिंह बालरे को बालाघाट में सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। मनोहर सिंह गवली को नर्मदापुरम की अजाक रेंज में पुलिस अधीक्षक और बाबूलाल वर्मा को भोपाल के रेडियो मुख्यालय में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है।</p>
<p>राम शंकर सिलावट को भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है। महेंद्र रायपुरिया को भोपाल में विसबल के सहायक पुलिस महानिरीक्षक की जिम्मेदारी मिली है। ऋतुराज गुप्ता तथा सत्येन्द्र कुमार वर्मा को भोपाल पुलिस मुख्यालय की क्यूडी शाखा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाया गया है।</p>
<p>इसी सूची में विनोद कुमार दीक्षित को उज्जैन लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक, सतीश कुमार चतुर्वेदी को सागर जोन में सहायक पुलिस महानिरीक्षक और बिट्टू शर्मा को भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक पद पर पदस्थ किया गया है। इस तरह सभी 10 अधिकारियों को अलग-अलग इकाइयों में जिम्मेदारियां मिली हैं।</p>
<h2><strong>भोपाल में विभिन्न शाखाओं को मिले अधिकारी</strong></h2>
<p>नई पदस्थापना सूची में भोपाल स्थित पुलिस कार्यालयों और शाखाओं के लिए कई नियुक्तियां शामिल हैं। पुलिस मुख्यालय के अलावा रेडियो मुख्यालय, विसबल और क्यूडी शाखा में भी अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। सूची को देखें तो मुख्यालय तथा क्षेत्रीय स्तर, दोनों पर अधिकारियों की तैनाती की गई है।</p>
<p>भोपाल से बाहर बालाघाट, नर्मदापुरम, उज्जैन और सागर में भी पदस्थापनाएं हुई हैं। इससे स्पष्ट है कि निर्णय केवल एक शहर या एक शाखा तक सीमित नहीं है। अलग-अलग पदनामों और कार्यालयों के अनुसार अधिकारियों की नई नियुक्तियों का विवरण सामने आया है।</p>
<h2><strong>पदोन्नति के साथ पदस्थापना का विवरण महत्वपूर्ण</strong></h2>
<p>इस खबर में पदोन्नति और पदस्थापना, दोनों पहलू शामिल हैं। पदोन्नति अधिकारियों के सेवा स्तर से संबंधित है, जबकि पदस्थापना से यह स्पष्ट होता है कि उन्हें किस कार्यालय या इकाई में जिम्मेदारी दी गई है। इसलिए सभी अधिकारियों का उल्लेख एक ही पदनाम से करना सही नहीं होगा।</p>
<p>समाचार में 10 डीएसपी की एएसपी स्तर पर पदोन्नति बताई गई है, लेकिन नई नियुक्तियों में एसपी, एआईजी और एएसपी जैसे पदनाम शामिल हैं। अधिकारियों की जिम्मेदारियां बताते समय उनकी संबंधित इकाई का नाम भी जरूरी है। उज्जैन लोकायुक्त, पुलिस मुख्यालय, अजाक रेंज, रेडियो मुख्यालय और क्यूडी शाखा की नियुक्तियों को इसी अनुसार अलग-अलग उल्लेख किया गया है।</p>
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		<item>
		<title>उज्जैन में बड़ा फैसला: तत्कालीन RTO इंस्पेक्टर सेवाराम खांडेकर को 4 साल की जेल, ₹60 लाख जुर्माना</title>
		<link>https://swarajvani.com/ujjain-rto-inspector-sevaram-khandekar-case/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 16:44:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[Disproportionate Assets Case]]></category>
		<category><![CDATA[Lokayukta Court Ujjain]]></category>
		<category><![CDATA[MP News]]></category>
		<category><![CDATA[RTO Inspector News]]></category>
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		<category><![CDATA[आय से अधिक संपत्ति]]></category>
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		<category><![CDATA[लोकायुक्त उज्जैन]]></category>
		<category><![CDATA[सेवाराम खांडेकर]]></category>
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					<description><![CDATA[उज्जैन  RTO इंस्पेक्टर सेवाराम खांडेकर आय से अधिक संपत्ति मामले में विशेष लोकायुक्त अदालत ने 4 साल की सजा और 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जांच में वैध आय ... <a title="उज्जैन में बड़ा फैसला: तत्कालीन RTO इंस्पेक्टर सेवाराम खांडेकर को 4 साल की जेल, ₹60 लाख जुर्माना" class="read-more" href="https://swarajvani.com/ujjain-rto-inspector-sevaram-khandekar-case/" aria-label="Read more about उज्जैन में बड़ा फैसला: तत्कालीन RTO इंस्पेक्टर सेवाराम खांडेकर को 4 साल की जेल, ₹60 लाख जुर्माना">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>उज्जैन  RTO इंस्पेक्टर सेवाराम खांडेकर आय से अधिक संपत्ति मामले में विशेष लोकायुक्त अदालत ने 4 साल की सजा और 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जांच में वैध आय से करीब 572 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने की बात सामने आई थी।</p>
<h1>उज्जैन RTO इंस्पेक्टर सेवाराम खांडेकर केस में बड़ा फैसला: 4 साल की सजा, 60 लाख का जुर्माना</h1>
<p class="isSelectedEnd"><strong>रिपोर्टर : प्रियंका गुजराती | दैनिक स्वराज वाणी</strong></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>उज्जैन। RTO इंस्पेक्टर सेवाराम खांडेकर आय से अधिक संपत्ति मामले</strong> में विशेष लोकायुक्त अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब 15 साल पुराने इस मामले में उज्जैन के तत्कालीन परिवहन निरीक्षक सेवाराम खांडेकर को दोषी करार देते हुए अदालत ने <strong>4 वर्ष के सश्रम कारावास और 60 लाख रुपये के अर्थदंड</strong> की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में दोषी को <strong>एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास</strong> भुगतना होगा। न्यायालय के फैसले के बाद सेवाराम खांडेकर को भैरवगढ़ जेल भेज दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह मामला वर्ष 2011 में लोकायुक्त की छापामार कार्रवाई के बाद सामने आया था। लोकायुक्त की जांच में तत्कालीन परिवहन निरीक्षक की आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर मिलने की बात सामने आई थी। लंबी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब विशेष अदालत ने मामले में फैसला सुनाया है।</p>
<h2>2011 में लोकायुक्त ने सेवाराम खांडेकर के घर मारा था छापा</h2>
<p class="isSelectedEnd">विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त उज्जैन के अनुसार, <strong>11 नवंबर 2011</strong> को तत्कालीन परिवहन निरीक्षक सेवाराम खांडेकर के अलकनंदा नगर स्थित मकान पर लोकायुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्रवाई के दौरान घर से बड़ी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण सहित विभिन्न प्रकार की संपत्ति और विलासिता की सामग्री बरामद की गई थी। इसके बाद लोकायुक्त ने आरोपी की आय, संपत्ति और खर्च से जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जांच शुरू की।</p>
<h2>वैध आय से 572 प्रतिशत अधिक मिली संपत्ति</h2>
<p class="isSelectedEnd"><strong>RTO इंस्पेक्टर सेवाराम खांडेकर आय से अधिक संपत्ति मामले</strong> की जांच उप पुलिस अधीक्षक <strong>एस.एस. उदावत</strong> द्वारा की गई। विवेचना के दौरान सामने आया कि आरोपी की कुल वैध आय <strong>27 लाख 37 हजार 628 रुपये</strong> थी, जबकि जांच में उसके पास कुल <strong>1 करोड़ 84 लाख 15 हजार 129 रुपये</strong> की संपत्ति और व्यय पाया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">जांच के अनुसार यह राशि उसकी ज्ञात वैध आय से करीब <strong>572 प्रतिशत अधिक</strong> थी। लोकायुक्त पुलिस ने जांच के दौरान आय के स्रोतों, संपत्ति और खर्च से संबंधित साक्ष्य जुटाए और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की।</p>
<h2>30 अगस्त 2014 को विशेष न्यायालय में पेश हुआ था चालान</h2>
<p class="isSelectedEnd">लोकायुक्त पुलिस ने जांच पूरी करने और पर्याप्त साक्ष्य एकत्रित करने के बाद <strong>30 अगस्त 2014</strong> को विशेष न्यायालय में चालान पेश किया था। इसके बाद मामले की सुनवाई विशेष अदालत में लगातार चली।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक <strong>मनोज पाठक</strong> एवं <strong>संजय मीणा (डीडीपी)</strong> ने पैरवी की। अभियोजन की ओर से अदालत के समक्ष जांच से संबंधित दस्तावेज, संपत्ति और आय का विवरण तथा अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।</p>
<h2>अदालत ने सुनाई 4 साल की सजा और 60 लाख का जुर्माना</h2>
<p class="isSelectedEnd">विशेष लोकायुक्त अदालत ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर तत्कालीन परिवहन निरीक्षक सेवाराम खांडेकर को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">अदालत ने सेवाराम खांडेकर को <strong>4 वर्ष के सश्रम कारावास</strong> की सजा सुनाने के साथ <strong>60 लाख रुपये का अर्थदंड</strong> लगाया। अदालत के आदेश के अनुसार यदि अर्थदंड की राशि जमा नहीं की जाती है तो दोषी को <strong>एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास</strong> भुगतना होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">फैसला सुनाए जाने के बाद सेवाराम खांडेकर को <strong>भैरवगढ़ जेल</strong> भेज दिया गया।</p>
<h2>करीब 15 साल बाद आया फैसला</h2>
<p class="isSelectedEnd">वर्ष 2011 में लोकायुक्त की छापामार कार्रवाई से शुरू हुआ यह मामला करीब 15 साल तक जांच और न्यायिक प्रक्रिया से गुजरता रहा। 2014 में चालान पेश होने के बाद अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें तथा साक्ष्य सामने रखे गए।</p>
<p>अब विशेष लोकायुक्त अदालत के फैसले के साथ इस बहुचर्चित आय से अधिक संपत्ति मामले में तत्कालीन परिवहन निरीक्षक सेवाराम खांडेकर को चार साल के सश्रम कारावास और 60 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।</p>
<p>&nbsp;</p>
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