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	<title>UCC Madhya Pradesh &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>UCC Madhya Pradesh &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>मध्य प्रदेश में इसी महीने लागू हो सकता है UCC, विधानसभा के मानसून सत्र में पेश होगा विधेयक: CM मोहन यादव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Jul 2026 10:10:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[मध्य प्रदेश में इसी महीने लागू हो सकता है UCC, विधानसभा के मानसून सत्र में पेश होगा विधेयक: CM मोहन यादव भोपाल/इंदौर। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil ... <a title="मध्य प्रदेश में इसी महीने लागू हो सकता है UCC, विधानसभा के मानसून सत्र में पेश होगा विधेयक: CM मोहन यादव" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-gover-moves-towards-uniform-civil-code-ucc-bill/" aria-label="Read more about मध्य प्रदेश में इसी महीने लागू हो सकता है UCC, विधानसभा के मानसून सत्र में पेश होगा विधेयक: CM मोहन यादव">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>मध्य प्रदेश में इसी महीने लागू हो सकता है UCC, विधानसभा के मानसून सत्र में पेश होगा विधेयक: CM मोहन यादव</strong></h1>
<p><strong>भोपाल/इंदौर।</strong> मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर में कहा कि सरकार आगामी विधानसभा मानसून सत्र में UCC विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है।</p>
<p>मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में UCC को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सरकार का कहना है कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानून व्यवस्था सुनिश्चित करना है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि UCC को लेकर गठित उच्च स्तरीय समिति ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर सभी वर्गों और समुदायों के लोगों से सुझाव लिए हैं। समिति को लाखों नागरिकों के सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनके आधार पर विधेयक तैयार किया जा रहा है।</p>
<p>वहीं, विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार की मंशा और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा सकता है। विधानसभा सत्र में UCC विधेयक आने के बाद इस पर विस्तृत राजनीतिक बहस होने की संभावना है।</p>
<h2><strong>सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की बात</strong></h2>
<p>मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि देश में अलग-अलग धर्मों के लोगों के लिए अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए। उन्होंने समान कानून की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि जब देश एक है तो कानून भी समान होना चाहिए।</p>
<p>इंदौर के जिला चिकित्सालय के 300 बिस्तरों वाले नए भवन के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विवाह और उत्तराधिकार जैसे विषयों में अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग नियम हैं, जिन्हें समान नागरिक संहिता के माध्यम से एक समान करने की दिशा में काम किया जा रहा है।</p>
<p>इस नए अस्पताल भवन के निर्माण में करीब 83.13 करोड़ रुपये की लागत आई है।</p>
<h2><strong>UCC को लेकर समिति ने जुटाए 10 लाख से अधिक सुझाव</strong></h2>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में UCC को लेकर उच्च स्तरीय समिति बनाई गई थी। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई ने की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि समिति ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर विभिन्न धर्मों, वर्गों और राजनीतिक दलों के लोगों से चर्चा की। इस दौरान समान नागरिक संहिता को लेकर 10 लाख से अधिक नागरिकों के सुझाव प्राप्त किए गए हैं।</p>
<p>सरकार का कहना है कि इन सुझावों के आधार पर UCC का प्रारूप तैयार किया जा रहा है।</p>
<h2><strong>विवाह और उत्तराधिकार कानूनों में समानता पर जोर</strong></h2>
<p>मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि वर्तमान में विवाह और उत्तराधिकार जैसे मामलों में अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग कानून लागू हैं।</p>
<p>उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश एक है तो अलग-अलग धर्मों के नागरिकों के लिए अलग-अलग कानूनी व्यवस्था क्यों होनी चाहिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि रामचंद्र नाम का व्यक्ति एक विवाह करता है तो रहीम नाम के व्यक्ति से भी एक विवाह की अपेक्षा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और नियम सुनिश्चित करना है।</p>
<h2><strong>कांग्रेस पर साधा निशाना</strong></h2>
<p>मुख्यमंत्री मोहन यादव ने UCC के मुद्दे पर कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रमुख विपक्षी दल ऐसे विषयों को हिंदू-मुस्लिम नजरिए से देखता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने UCC को लेकर अपना स्पष्ट मत सामने नहीं रखा और वोट बैंक की राजनीति के कारण समिति की बैठकों में शामिल नहीं हुई।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि UCC जैसे विषयों पर सभी दलों को सकारात्मक चर्चा करनी चाहिए।</p>
<h2><strong>भोजशाला मामले पर भी बोले मुख्यमंत्री</strong></h2>
<p>कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने धार की भोजशाला का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और राज्य सरकार न्यायालय के निर्णय का पूरी तरह पालन करेगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अदालत का जो भी फैसला आएगा, सरकार उसका सम्मान करते हुए आगे की कार्रवाई करेगी।</p>
<h2><strong>मानसून सत्र में बढ़ेगी राजनीतिक गर्मी</strong></h2>
<p>मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है। ऐसे में UCC विधेयक पेश होने की संभावना के चलते सदन में राजनीतिक बहस तेज होने की उम्मीद है।</p>
<p>भाजपा सरकार इसे समानता और न्याय से जुड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार की नीतियों और प्रक्रिया पर सवाल उठा सकता है।</p>
<p>यदि UCC विधेयक विधानसभा में पेश होता है तो मध्य प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल हो सकता है जो समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में सक्रिय कदम उठा रहे हैं।</p>
<p>फिलहाल सभी की नजरें आगामी विधानसभा सत्र पर टिकी हुई हैं, जहां इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।</p>
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		<title>7 बड़े अपडेट: मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता सुझाव अब दें, नागरिकों के लिए सुनहरा अवसर</title>
		<link>https://swarajvani.com/madhyapradesh-saman-nagrik-sanhita-sujhav/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 13:05:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Amala]]></category>
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					<description><![CDATA[मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता सुझाव देने के लिए शासन ने ucc.mp.gov.in पोर्टल शुरू किया है। आमला सहित पूरे प्रदेश के नागरिक विवाह, उत्तराधिकार एवं पारिवारिक कानूनों पर अपने सुझाव भेज ... <a title="7 बड़े अपडेट: मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता सुझाव अब दें, नागरिकों के लिए सुनहरा अवसर" class="read-more" href="https://swarajvani.com/madhyapradesh-saman-nagrik-sanhita-sujhav/" aria-label="Read more about 7 बड़े अपडेट: मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता सुझाव अब दें, नागरिकों के लिए सुनहरा अवसर">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता सुझाव देने के लिए शासन ने ucc.mp.gov.in पोर्टल शुरू किया है। आमला सहित पूरे प्रदेश के नागरिक विवाह, उत्तराधिकार एवं पारिवारिक कानूनों पर अपने सुझाव भेज सकते हैं।</p>
<h1 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-section-id="amt09o" data-start="737" data-end="824">मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता सुझाव: आमला के नागरिकों से पोर्टल पर सुझाव देने की अपील</h1>
<h2 data-section-id="amt09o" data-start="1044" data-end="1131">मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता सुझाव: आमला के नागरिकों से पोर्टल पर सुझाव देने की अपील</h2>
<p data-start="1133" data-end="1473"><strong data-start="1133" data-end="1142">आमला।</strong> मध्यप्रदेश सरकार द्वारा <strong data-start="1167" data-end="1206">मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता सुझाव</strong> अभियान के तहत प्रदेशभर के नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। बैतूल कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कार्यालय के निर्देशानुसार आमला सहित जिले के सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित पोर्टल पर अपने सुझाव दर्ज कर इस महत्वपूर्ण जन-परामर्श प्रक्रिया में भाग लें।</p>
<h2 data-section-id="1ofqfmi" data-start="1480" data-end="1530">मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता पर जन-परामर्श</h2>
<p data-start="1532" data-end="1700">मध्यप्रदेश शासन ने विवाह, विवाह विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार तथा अन्य व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कानूनों के अध्ययन और परीक्षण के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।समिति विभिन्न वर्गों के नागरिकों से प्राप्त सुझावों और परामर्श के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। इसी उद्देश्य से <strong data-start="1818" data-end="1857">मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता सुझाव</strong> प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध कराया गया है।</p>
<h2 data-section-id="1dkc8qn" data-start="1919" data-end="1955">किन विषयों पर मांगे गए हैं सुझाव?</h2>
<p data-start="1957" data-end="2003">नागरिक निम्न विषयों पर अपने सुझाव दे सकते हैं—</p>
<ul data-start="2005" data-end="2143">
<li data-section-id="o62ft6" data-start="2005" data-end="2025">विवाह संबंधी कानून</li>
<li data-section-id="1h6m3rf" data-start="2026" data-end="2048">विवाह विच्छेद (तलाक)</li>
<li data-section-id="a4m6b2" data-start="2049" data-end="2059">भरण-पोषण</li>
<li data-section-id="1qrx9xd" data-start="2060" data-end="2073">उत्तराधिकार</li>
<li data-section-id="44c2y3" data-start="2074" data-end="2091">पारिवारिक कानून</li>
<li data-section-id="1k429e6" data-start="2092" data-end="2111">व्यक्तिगत विधियां</li>
<li data-section-id="2b3bt" data-start="2112" data-end="2143">अन्य सामाजिक एवं कानूनी सुझाव</li>
</ul>
<p data-start="2145" data-end="2228">इन सभी विषयों पर प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर समिति अपनी अनुशंसाएं शासन को सौंपेगी।</p>
<h3 data-section-id="1g0b02o" data-start="2235" data-end="2261">सुझाव देने की प्रक्रिया</h3>
<p data-start="2263" data-end="2335">राज्य सरकार ने सुझाव देने के लिए <strong data-start="2296" data-end="2313">ucc.mp.gov.in</strong> पोर्टल तैयार किया है।नागरिक वेबसाइट पर जाकर</p>
<ul data-start="2361" data-end="2444">
<li data-section-id="bzwkzp" data-start="2361" data-end="2378">अपना विवरण भरें</li>
<li data-section-id="27qfj8" data-start="2379" data-end="2405">संबंधित विषय का चयन करें</li>
<li data-section-id="q8ivts" data-start="2406" data-end="2424">अपना सुझाव लिखें</li>
<li data-section-id="1o4kyy0" data-start="2425" data-end="2444">ऑनलाइन सबमिट करें</li>
</ul>
<p data-start="2446" data-end="2479">पूरी प्रक्रिया सरल एवं ऑनलाइन है।</p>
<h3 data-section-id="1nryjrt" data-start="2486" data-end="2524">आमला के नागरिकों से प्रशासन की अपील</h3>
<p data-start="2526" data-end="2688">कलेक्टर कार्यालय ने सभी नगरीय निकायों एवं संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अधिक से अधिक लोगों को <strong data-start="2631" data-end="2670">मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता सुझाव</strong> अभियान से जोड़ें।प्रशासन ने आमला क्षेत्र के नागरिकों से भी आग्रह किया है कि वे अपने विचार एवं सुझाव पोर्टल पर दर्ज कर जनभागीदारी सुनिश्चित करें।</p>
<h2>जनभागीदारी क्यों है जरूरी?</h2>
<p data-start="2855" data-end="3084">किसी भी बड़े सामाजिक एवं कानूनी सुधार में आम नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण मानी जाती है। सरकार का उद्देश्य है कि समाज के प्रत्येक वर्ग की राय प्राप्त हो ताकि भविष्य में तैयार होने वाली नीतियां अधिक प्रभावी और व्यवहारिक बन सकें।विशेषज्ञों का मानना है कि नागरिकों के सुझाव कानून निर्माण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सहभागी बनाते हैं।</p>
<h2 data-section-id="1j8d2pj" data-start="3199" data-end="3210">निष्कर्ष</h2>
<p data-start="3212" data-end="3498">यदि आप मध्यप्रदेश के निवासी हैं तो <strong data-start="3247" data-end="3286">मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता सुझाव</strong> अभियान में भाग लेकर विवाह, उत्तराधिकार, पारिवारिक कानून एवं अन्य विषयों पर अपने सुझाव ऑनलाइन भेज सकते हैं। शासन द्वारा शुरू की गई यह पहल नागरिकों को नीति निर्माण प्रक्रिया में सहभागी बनने का अवसर प्रदान करती है।</p>
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		<title>MP में जल्द लागू होगा UCC: मानसून सत्र में विधेयक पेश करने की तैयारी, सभी वर्गों से लिए जा रहे सुझाव</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-ucc-monsoon-session-bill/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Jun 2026 09:26:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[CM Mohan Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[MP UCC Bill]]></category>
		<category><![CDATA[UCC Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Uniform Civil Code MP]]></category>
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					<description><![CDATA[MP में जल्द लागू होगा UCC: मानसून सत्र में विधेयक पेश करने की तैयारी, सभी वर्गों से लिए जा रहे सुझाव MP सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil ... <a title="MP में जल्द लागू होगा UCC: मानसून सत्र में विधेयक पेश करने की तैयारी, सभी वर्गों से लिए जा रहे सुझाव" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-ucc-monsoon-session-bill/" aria-label="Read more about MP में जल्द लागू होगा UCC: मानसून सत्र में विधेयक पेश करने की तैयारी, सभी वर्गों से लिए जा रहे सुझाव">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP में जल्द लागू होगा UCC: मानसून सत्र में विधेयक पेश करने की तैयारी, सभी वर्गों से लिए जा रहे सुझाव</strong></h1>
<p>MP सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code &#8211; UCC) लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि सरकार आगामी मानसून सत्र में यूसीसी से संबंधित विधेयक विधानसभा में पेश करेगी। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण सामाजिक और कानूनी सुधार को सभी वर्गों की राय और व्यापक सहमति के आधार पर लागू किया जाएगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार इस विषय पर गंभीरता से काम कर रही है और इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जो विभिन्न धर्मों, समुदायों और सामाजिक समूहों से सुझाव एकत्र कर रही है। सरकार का उद्देश्य एक ऐसा समान कानून ढांचा तैयार करना है, जो सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू हो और सामाजिक न्याय एवं समानता को मजबूत करे।</p>
<h2><strong>समिति कर रही मसौदा तैयार, देशभर से लिए जा रहे सुझाव</strong></h2>
<p>UCC के प्रारूप को तैयार करने के लिए गठित समिति लगातार सक्रिय है। यह समिति विभिन्न राज्यों के अनुभवों, कानूनी विशेषज्ञों की राय और सामाजिक संगठनों के सुझावों को शामिल कर रही है। सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया से एक संतुलित और व्यावहारिक विधेयक तैयार किया जा सकेगा।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, समिति केवल कानूनी पहलुओं पर ही नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं को भी ध्यान में रखकर कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रस्तावित कानून सभी समुदायों के हितों के अनुरूप हो और किसी भी वर्ग में असंतोष की स्थिति उत्पन्न न हो।</p>
<h3><strong>मानसून सत्र में विधेयक लाने की योजना</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की योजना आगामी मानसून सत्र में यूसीसी विधेयक को विधानसभा में पेश करने की है। इसके बाद इसे विधायी प्रक्रिया के तहत चर्चा और समीक्षा के लिए रखा जाएगा।</p>
<p>सरकार का कहना है कि विधेयक को अंतिम रूप देने से पहले सभी हितधारकों की राय को गंभीरता से लिया जा रहा है। इसमें धार्मिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों से प्राप्त सुझावों को शामिल किया जा रहा है।</p>
<h4><strong>आदिवासी समुदायों और संवेदनशील मुद्दों पर विशेष ध्यान</strong></h4>
<p>UCC मसौदे को तैयार करने के दौरान आदिवासी समुदायों और उनके पारंपरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समिति ने इस बात पर भी विचार-विमर्श किया है कि कैसे समान नागरिक संहिता लागू करते समय आदिवासी परंपराओं और उनके सामाजिक ढांचे को सुरक्षित रखा जा सके।</p>
<p>इस संबंध में समिति की पहली महत्वपूर्ण बैठक 12 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी। इस बैठक में कई कानूनी विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने हिस्सा लिया और विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। विशेष रूप से यह विचार किया गया कि यूसीसी के दायरे में किन विषयों को शामिल किया जाए और किन्हें स्थानीय परंपराओं के आधार पर अलग रखा जाए।</p>
<h5><strong>सभी धर्मों से सुझाव लेने की प्रक्रिया जारी</strong></h5>
<p>सरकार ने स्पष्ट किया है कि UCC किसी एक समुदाय के हित में नहीं बल्कि पूरे राज्य के नागरिकों के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार करने की दिशा में कदम है। इसलिए सभी धर्मों और समुदायों से सुझाव लिए जा रहे हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत हर वर्ग की राय का सम्मान किया जाएगा और उसी आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि ऐसा कानून बने जो समाज में समानता, न्याय और पारदर्शिता को बढ़ावा दे।</p>
<h6><strong>राजनीतिक और सामाजिक महत्व</strong></h6>
<p>UCC को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा तेज हो गई है। इसे सरकार के एक बड़े सुधारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। समर्थकों का मानना है कि इससे कानूनी समानता मजबूत होगी, जबकि कुछ सामाजिक संगठन इस पर विस्तृत विचार-विमर्श की मांग कर रहे हैं।</p>
<p>सरकार ने आश्वासन दिया है कि किसी भी प्रकार का निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया जाएगा और सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।</p>
<pre><strong>आगे की प्रक्रिया पर नजर</strong></pre>
<p>अब सभी की नजर इस बात पर है कि आगामी मानसून सत्र में पेश होने वाला यह विधेयक किस स्वरूप में सामने आता है। समिति की रिपोर्ट और सुझावों के आधार पर अंतिम मसौदा तैयार किया जाएगा, जिसके बाद इसे विधानसभा में चर्चा के लिए रखा जाएगा।</p>
<p>यदि विधेयक पारित होता है, तो मध्य प्रदेश उन राज्यों में शामिल हो जाएगा जहां समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में औपचारिक कदम उठाया गया है।</p>
<p>फिलहाल, सरकार और समिति दोनों ही इस प्रक्रिया को पारदर्शी और समावेशी बनाने पर जोर दे रहे हैं, ताकि सभी वर्गों का विश्वास इस नए कानूनी ढांचे में बना रहे।</p>
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