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	<title>Saurabh Bharadwaj &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>Delhi SIR Protest: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच सौरभ भारद्वाज हिरासत में, 11 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 02 Oct 2026 07:44:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[New Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi Metro]]></category>
		<category><![CDATA[Election Commission]]></category>
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					<description><![CDATA[Delhi SIR Protest: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच सौरभ भारद्वाज हिरासत में, 11 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और निर्वाचन ... <a title="Delhi SIR Protest: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच सौरभ भारद्वाज हिरासत में, 11 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद" class="read-more" href="https://swarajvani.com/delhi-sir-protest-saurabh-bharadwaj-detained-gates-closed-at-11-metro/" aria-label="Read more about Delhi SIR Protest: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच सौरभ भारद्वाज हिरासत में, 11 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Delhi SIR Protest: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच सौरभ भारद्वाज हिरासत में, 11 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद</strong></h1>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> मतदाता सूची के <strong>विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR</strong> और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में शुक्रवार, <strong>2 अक्टूबर 2026</strong> को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के नेता <strong>सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में लिया</strong>। वे जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध में शामिल होने पहुंचे थे। प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग की और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई। दिल्ली के अलावा मुंबई में भी मुख्य चुनाव आयुक्त <strong>ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग</strong> को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया गया है।</p>
<h2><strong>जंतर-मंतर पहुंचने पर पुलिस की कार्रवाई</strong></h2>
<p>जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध के मद्देनजर पुलिस पहले से तैनात थी। सौरभ भारद्वाज के वहां पहुंचने के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। प्रदर्शन स्थल पर जुटे अन्य लोगों को भी पुलिस ने हटाया। अधिकारियों ने क्षेत्र में आवाजाही नियंत्रित करने के लिए बैरिकेड लगाए।</p>
<p>हिरासत में लिए जाने के दौरान भारद्वाज ने लोगों से <strong>शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में शामिल होने</strong> की अपील की। उन्होंने विरोध जताने को संवैधानिक अधिकार बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनके बयान और हिरासत से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं। हालांकि, हिरासत की कार्रवाई को गिरफ्तारी या किसी आरोप में दोष सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।</p>
<h2><strong>11 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास प्रभावित</strong></h2>
<p>प्रदर्शन के मद्देनजर <strong>दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किए जाने</strong> की जानकारी सामने आई है। इस व्यवस्था से संबंधित स्टेशनों का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई। विरोध कार्यक्रम के लिए जुटने वाली भीड़ को देखते हुए यह कदम उठाया गया।</p>
<p>मेट्रो यात्रियों के लिए स्टेशन के गेट बंद होने और पूरी रेल सेवा बंद होने के बीच अंतर समझना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी प्रवेश और निकास पर रोक से संबंधित है। इसलिए यात्रा करने वाले लोगों को अपने स्टेशन की वर्तमान स्थिति देखकर निकलना चाहिए। गेट दोबारा खुलने के समय के लिए <strong>दिल्ली मेट्रो की ताजा सूचना</strong> देखना उपयोगी रहेगा।</p>
<h2><strong>नई दिल्ली जिले में निषेधाज्ञा</strong></h2>
<p>प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले नई दिल्ली जिले में <strong>भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा</strong> लागू किए जाने की जानकारी दी गई है। जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई तथा लोगों के जुटने पर निगरानी रखी।</p>
<p>प्रदर्शनकारियों और पुलिस की कार्रवाई के कारण इलाके में तनावपूर्ण स्थिति की खबरें सामने आईं। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने वाले लोगों को रोकने और वहां मौजूद भीड़ को हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान सौरभ भारद्वाज सहित आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों की हिरासत ने राजनीतिक विरोध को और चर्चा में ला दिया।</p>
<h2><strong>मुंबई में भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध</strong></h2>
<p>दिल्ली के समानांतर मुंबई में <strong>कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP</strong> ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आयोजन किया। संगठन से जुड़े <strong>अभिजीत दिपके</strong> ने मुंबई में विरोध कार्यक्रम रखा। प्रदर्शन के केंद्र में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग है।</p>
<p>मुंबई में विरोध के लिए <strong>शिवाजी पार्क</strong> में लोगों के जुटने की खबर भी सामने आई है। दिल्ली और मुंबई के कार्यक्रमों से यह मुद्दा दो प्रमुख महानगरों में चर्चा का विषय बना है। हालांकि, अलग-अलग आयोजकों के कार्यक्रम, भागीदारी और मांगों को उनके संबंधित बयानों के आधार पर ही समझा जाना चाहिए।</p>
<h2><strong>मतदाता सूची की प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल</strong></h2>
<p>विरोध करने वाले समूहों ने <strong>मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और पुनरीक्षण की निष्पक्षता</strong> पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। ये आरोप प्रदर्शनकारियों के हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।</p>
<p>निर्वाचन आयोग का पक्ष है कि मतदाता सत्यापन प्रक्रिया का उद्देश्य <strong>दोहराव वाले और अपात्र नामों की पहचान करना</strong> है। इस विवाद में मतदाता सूची की शुद्धता, पात्र नागरिकों के मतदान अधिकार और प्रक्रिया की पारदर्शिता मुख्य विषय हैं। दिल्ली में हिरासत तथा मेट्रो गेट बंद होने की कार्रवाई के बीच अब संबंधित संस्थाओं के आगामी बयान और प्रदर्शन की आगे की स्थिति पर नजर रहेगी।</p>
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		<title>Raghav Chadha Voter List Row: पंजाब से नाम हटने के बाद दिल्ली की मतदाता सूची में एंट्री, AAP ने उठाए सवाल</title>
		<link>https://swarajvani.com/raghav-chadha-controversy-aap-raises-questions-over-his-name-being-added-to-delhi-voter-list/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Sep 2026 08:08:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[New Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[AAP]]></category>
		<category><![CDATA[BJP]]></category>
		<category><![CDATA[bly]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi Politics]]></category>
		<category><![CDATA[Election Commission]]></category>
		<category><![CDATA[Punjab Politics]]></category>
		<category><![CDATA[Rajya Sabha MP]]></category>
		<category><![CDATA[Saurabh Bharadwaj]]></category>
		<category><![CDATA[Voter Lis]]></category>
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					<description><![CDATA[Raghav Chadha Voter List Row: पंजाब से नाम हटने के बाद दिल्ली की मतदाता सूची में एंट्री, AAP ने उठाए सवाल राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में सामने ... <a title="Raghav Chadha Voter List Row: पंजाब से नाम हटने के बाद दिल्ली की मतदाता सूची में एंट्री, AAP ने उठाए सवाल" class="read-more" href="https://swarajvani.com/raghav-chadha-controversy-aap-raises-questions-over-his-name-being-added-to-delhi-voter-list/" aria-label="Read more about Raghav Chadha Voter List Row: पंजाब से नाम हटने के बाद दिल्ली की मतदाता सूची में एंट्री, AAP ने उठाए सवाल">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Raghav Chadha Voter List Row: पंजाब से नाम हटने के बाद दिल्ली की मतदाता सूची में एंट्री, AAP ने उठाए सवाल</strong></h1>
<h2><strong>राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में सामने आया नाम, राघव चड्ढा ने कहा—चुनाव आयोग के नियमों के तहत कराई प्रक्रिया</strong></h2>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> भाजपा के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम दिल्ली की मतदाता सूची में शामिल होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से उनका नाम हटाए जाने के कुछ समय बाद दिल्ली के राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में उनका नाम सामने आया है। इस घटनाक्रम को लेकर आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। वहीं, राघव चड्ढा ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार करते हुए कहा है कि मतदाता के रूप में पंजीकरण निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत कराया गया है।</p>
<p>मामले पर सियासी बयानबाजी तेज होने के साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि पंजाब से नाम हटने के बाद दिल्ली की सूची में उनका पंजीकरण कब और किस प्रक्रिया के तहत किया गया। फिलहाल किसी सक्षम प्राधिकारी ने इस मामले में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि नहीं की है।</p>
<h2><strong>पंजाब की ड्राफ्ट सूची से हटाया गया था नाम</strong></h2>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जारी की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची में राघव चड्ढा का नाम शामिल नहीं था। सूची में उन्हें कथित रूप से स्थानांतरित मतदाता की श्रेणी में दिखाया गया था। उस समय उन्होंने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था।</p>
<p>इसके बाद अब दिल्ली के राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। राघव चड्ढा पहले राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं। बाद में उन्हें पंजाब से राज्यसभा भेजा गया था।</p>
<h2><strong>क्रमांक 747 पर नाम दर्ज होने का दावा</strong></h2>
<p>आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि नई दिल्ली के राजेंद्र नगर क्षेत्र के संबंधित मतदान केंद्र की ड्राफ्ट सूची में पहले कुल 746 मतदाता दर्ज थे। उस समय इस सूची में राघव चड्ढा का नाम नहीं था, लेकिन बाद में निर्वाचन पोर्टल पर उनका नाम क्रमांक 747 पर दिखाई देने लगा।</p>
<p>भारद्वाज ने सवाल किया कि यदि ड्राफ्ट मतदाता सूची की प्रक्रिया निर्धारित अवधि तक स्थिर थी, तो इसके बाद नया नाम किस आधार पर जोड़ा गया। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या राघव चड्ढा ने दिल्ली में मतदाता बनने के लिए नया आवेदन दिया था और पंजाब की मतदाता सूची से उनका नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।</p>
<p>AAP ने चुनाव आयोग से नाम जोड़ने की तारीख, आवेदन और अनुमोदन की प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आयोग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। में भी इन आरोपों और संबंधित प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है।</p>
<h2><strong>चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर AAP के सवाल</strong></h2>
<p>AAP नेताओं ने पूछा है कि राघव चड्ढा का मतदाता पंजीकरण पंजाब से दिल्ली स्थानांतरित किया गया या दिल्ली में नए मतदाता के रूप में आवेदन स्वीकार किया गया। पार्टी ने यह जानकारी भी मांगी है कि दोनों राज्यों में एक ही मतदाता पहचान संख्या का इस्तेमाल हुआ अथवा नया नंबर जारी किया गया।</p>
<p>सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि आम मतदाताओं को नाम जुड़वाने अथवा संशोधन कराने में लंबी प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है, जबकि प्रभावशाली लोगों के मामलों में आवेदन तेजी से स्वीकृत हो जाते हैं। यह AAP का राजनीतिक आरोप है और चुनाव अधिकारियों की ओर से राघव चड्ढा के मामले में किसी विशेष सुविधा की पुष्टि नहीं की गई है।</p>
<p>दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की सामान्य जानकारी के अनुसार, ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद प्राप्त आवेदनों की जांच संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों द्वारा की जाती है। पात्र पाए जाने पर नाम जोड़ा जा सकता है। मतदाता अपनी स्थिति पर भी जांच सकते हैं।</p>
<h2><strong>राघव चड्ढा ने आरोपों को किया खारिज</strong></h2>
<p>विवाद के बीच राघव चड्ढा ने AAP के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में उनका नाम चुनाव आयोग के नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए जोड़ा गया है। उनका कहना है कि उन्होंने कोई तथ्य नहीं छिपाया और न ही किसी नियम का उल्लंघन किया।</p>
<p>चड्ढा ने AAP की प्रतिक्रिया पर तंज कसते हुए उसकी तुलना संबंध टूटने के बाद नाराज पूर्व साथी के व्यवहार से की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल की सदस्यता और मतदाता सूची में नाम होना दो अलग-अलग विषय हैं। मतदाता सूची किसी पार्टी की सदस्यता सूची नहीं है।</p>
<h2><strong>क्या एक व्यक्ति दो स्थानों पर मतदाता बन सकता है?</strong></h2>
<p>चुनाव संबंधी नियमों के अनुसार, कोई भी भारतीय नागरिक एक समय में केवल एक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत रह सकता है। निवास स्थान बदलने पर मतदाता नए निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता है। इसके बाद पुराने निर्वाचन क्षेत्र की सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।</p>
<p>राज्यसभा सांसद बनने या पद पर बने रहने के लिए संबंधित व्यक्ति का उसी राज्य का मतदाता होना अनिवार्य नहीं है, जिस राज्य से वह राज्यसभा के लिए चुना गया है। इसलिए पंजाब की मतदाता सूची से नाम हटने और दिल्ली में दर्ज होने से उनकी राज्यसभा सदस्यता स्वतः प्रभावित नहीं होती। हालांकि, दोनों स्थानों पर एक साथ नाम रहने की स्थिति नियमों के विपरीत होगी।</p>
<h2><strong>चुनाव आयोग के जवाब का इंतजार</strong></h2>
<p>इस मामले में असली स्थिति आवेदन की तारीख, सत्यापन, पुराने पंजीकरण को हटाने और नए पंजीकरण की मंजूरी से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। AAP ने जहां इसे मतदाता सूची की प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मामला बताया है, वहीं राघव चड्ढा ने इसे राजनीतिक विवाद बताते हुए अपना पंजीकरण पूरी तरह वैध कहा है।</p>
<p>अब चुनाव आयोग अथवा दिल्ली के निर्वाचन अधिकारियों की विस्तृत सफाई का इंतजार है। आधिकारिक रिकॉर्ड से ही यह साफ होगा कि राघव चड्ढा का नाम दिल्ली की मतदाता सूची में कब और किस आधार पर शामिल किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
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