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	<title>Religious &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Religious &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>एक दाना, एक राम नाम: पड़ाना के चार बच्चों ने किया करीब 45 हजार बार जप</title>
		<link>https://swarajvani.com/children-chant-ram-naam-nearly-45000-times-at-padanas-khedapati-hanuman-temple/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 05 Oct 2026 11:19:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Padana]]></category>
		<category><![CDATA[Children’s Participation]]></category>
		<category><![CDATA[Hindu Devotion]]></category>
		<category><![CDATA[Khedapati Hanuman Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Ram Naam Jap]]></category>
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					<description><![CDATA[एक दाना, एक राम नाम: पड़ाना के चार बच्चों ने किया करीब 45 हजार बार जप पड़ाना। श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में गणेश चतुर्थी से चल रहे सवा करोड़ श्री ... <a title="एक दाना, एक राम नाम: पड़ाना के चार बच्चों ने किया करीब 45 हजार बार जप" class="read-more" href="https://swarajvani.com/children-chant-ram-naam-nearly-45000-times-at-padanas-khedapati-hanuman-temple/" aria-label="Read more about एक दाना, एक राम नाम: पड़ाना के चार बच्चों ने किया करीब 45 हजार बार जप">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>एक दाना, एक राम नाम: पड़ाना के चार बच्चों ने किया करीब 45 हजार बार जप</strong></h1>
<p><strong>पड़ाना।</strong> श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में गणेश चतुर्थी से चल रहे सवा करोड़ श्री राम नाम जप संकल्प में बच्चों ने भी श्रद्धा और उत्साह के साथ सहभागिता की। प्रियल पाटीदार, हिमांशी पाटीदार, आराध्य पाटीदार और कार्तिक पाटीदार ने सुबह-शाम मिलकर करीब 800 ग्राम चावल के दानों के माध्यम से लगभग 45 हजार बार श्री राम नाम का जप किया। प्रत्येक दाने के साथ राम नाम का उच्चारण करते हुए बच्चों ने मंदिर में चल रहे सामूहिक संकल्प में अपना योगदान दिया।</p>
<p>नन्हे साधकों की सहभागिता को परिजनों और श्रद्धालुओं ने प्रेरणादायी बताया। उनका कहना है कि परिवार से धार्मिक संस्कार और उचित अवसर मिलने पर बच्चे भी आध्यात्मिक आयोजनों से उत्साहपूर्वक जुड़ सकते हैं।</p>
<h2><strong>प्रत्येक दाने के साथ किया राम नाम का जप</strong></h2>
<p>मंदिर में चल रहे संकल्प के अंतर्गत श्रद्धालु चावल के दानों के माध्यम से श्री राम नाम का जप कर रहे हैं। इसी क्रम में चारों बच्चों ने भी प्रत्येक दाने के साथ राम नाम का उच्चारण किया। सुबह और शाम मिलकर किए गए इस अभ्यास में उन्होंने लगभग 45 हजार जप पूरे किए।</p>
<p>बच्चों ने करीब 800 ग्राम चावल के दानों का उपयोग करते हुए संकल्प में सहभागिता की। उनकी इस पहल में भक्ति के साथ नियमित रूप से समय देने की भावना दिखाई दी। छोटी उम्र में सामूहिक धार्मिक आयोजन से जुड़कर उन्होंने अन्य बच्चों के सामने भी सहभागिता का उदाहरण प्रस्तुत किया।</p>
<h2><strong>गणेश चतुर्थी से जारी है सामूहिक संकल्प</strong></h2>
<p>श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में गणेश चतुर्थी से सवा करोड़ श्री राम नाम जप का संकल्प चल रहा है। इसके अंतर्गत श्रद्धालु चावल के दानों के साथ राम नाम का जप कर अपनी सहभागिता निभा रहे हैं। बच्चों का योगदान भी इसी संकल्प का हिस्सा है।</p>
<p>प्रियल, हिमांशी, आराध्य और कार्तिक पाटीदार ने अपने जप के माध्यम से इस सामूहिक प्रयास में योगदान दिया। मंदिर में चल रहे आयोजन से बच्चों के जुड़ने को श्रद्धालुओं ने महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार धार्मिक गतिविधियों में बच्चों को अवसर देने से वे परंपराओं को समझते हुए उनमें भाग लेना सीखते हैं।</p>
<h2><strong>परिवार से मिले संस्कारों की भूमिका</strong></h2>
<p>परिजनों और श्रद्धालुओं ने कहा कि बच्चों को धार्मिक संस्कारों से जोड़ने में परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। घर में मिलने वाला मार्गदर्शन और ऐसे आयोजनों में सहभागिता का अवसर उन्हें भक्ति एवं परंपराओं से परिचित कराता है।</p>
<p>चारों बच्चों की सहभागिता इसी भावना को सामने लाती है। उन्होंने सुबह-शाम मिलकर जप किया और सामूहिक संकल्प से जुड़े। परिजनों के अनुसार बच्चों को उचित अवसर मिले तो वे धार्मिक गतिविधियों में रुचि और उत्साह के साथ भाग ले सकते हैं। उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करना भी आवश्यक है।</p>
<h2><strong>भक्ति और संस्कार से जुड़ने की कोई उम्र नहीं</strong></h2>
<p>नन्हे साधकों के इस योगदान ने भक्ति और संस्कारों से जुड़ने के लिए उम्र की सीमा नहीं होने का संदेश दिया। मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ बच्चों की सहभागिता ने आयोजन के सामूहिक स्वरूप को भी मजबूत किया।</p>
<p>परिजनों और श्रद्धालुओं ने कहा कि छोटी उम्र में धार्मिक संस्कारों से जुड़ना बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बच्चों का उत्साह इस बात का उदाहरण है कि वे भी अपनी क्षमता के अनुसार सामूहिक धार्मिक संकल्प में योगदान दे सकते हैं।</p>
<h2><strong>अन्य बच्चों के लिए प्रेरणादायी सहभागिता</strong></h2>
<p>प्रियल पाटीदार, हिमांशी पाटीदार, आराध्य पाटीदार और कार्तिक पाटीदार की पहल को अन्य बच्चों के लिए प्रेरणादायी माना जा रहा है। लगभग 45 हजार बार राम नाम जप में उनका संयुक्त योगदान परिजनों और श्रद्धालुओं के लिए प्रसन्नता का विषय बना।</p>
<p>मंदिर परिसर में चल रहे संकल्प में बच्चों की सहभागिता से भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। श्रद्धालुओं ने नन्हे साधकों के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को ऐसे आयोजनों से जोड़ने के अवसर मिलते रहने चाहिए। चावल के प्रत्येक दाने के साथ राम नाम जप की उनकी सहभागिता ने सामूहिक संकल्प में बाल भक्ति की भावना को स्थान दिया।</p>
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		<item>
		<title>धर्मज्ञान के साथ जीवन जीने की कला सिखाती है श्रीमद्भागवत कथा : पंडित बलराम दीक्षित</title>
		<link>https://swarajvani.com/bhagwat-katha-teaches-the-art-of-living-pandit-balram-dixit-in-silwani/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 05 Oct 2026 10:26:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Silwani]]></category>
		<category><![CDATA[Ancestor Remembrance]]></category>
		<category><![CDATA[Mangal Bhawan]]></category>
		<category><![CDATA[Pandit Balram Dixit]]></category>
		<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[Tularam Kushwaha]]></category>
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					<description><![CDATA[धर्मज्ञान के साथ जीवन जीने की कला सिखाती है श्रीमद्भागवत कथा : पंडित बलराम दीक्षित संवाददाता:  वैभव जैन मस्ताना सिलवानी। नगर के मंगल भवन में पितरों की आत्मशांति एवं उनके ... <a title="धर्मज्ञान के साथ जीवन जीने की कला सिखाती है श्रीमद्भागवत कथा : पंडित बलराम दीक्षित" class="read-more" href="https://swarajvani.com/bhagwat-katha-teaches-the-art-of-living-pandit-balram-dixit-in-silwani/" aria-label="Read more about धर्मज्ञान के साथ जीवन जीने की कला सिखाती है श्रीमद्भागवत कथा : पंडित बलराम दीक्षित">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>धर्मज्ञान के साथ जीवन जीने की कला सिखाती है श्रीमद्भागवत कथा : पंडित बलराम दीक्षित</strong></h1>
<p><strong>संवाददाता:  वैभव जैन मस्ताना</strong></p>
<p><strong>सिलवानी।</strong> नगर के मंगल भवन में पितरों की आत्मशांति एवं उनके कल्याण की भावना से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। नगर के वरिष्ठ तुलाराम जी कुशवाहा परिवार की ओर से आयोजित कथा में कथावाचक पंडित बलराम दीक्षित ने धर्मज्ञान, जीवन के उद्देश्य और पितरों के प्रति कर्तव्य पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा धार्मिक ज्ञान प्रदान करने के साथ जीवन जीने की कला भी सिखाती है।</p>
<p>पंडित दीक्षित ने कथा के महत्व को समझाते हुए कहा कि इसमें जीवन की विभिन्न परिस्थितियों का सामना करने और समस्याओं को सुलझाने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने पितरों की आत्मशांति के लिए कथा आयोजन को धार्मिक आस्था से जुड़ा सरल मार्ग बताया। उनके अनुसार कथा का आयोजन करने और श्रद्धापूर्वक सुनने, दोनों का आध्यात्मिक महत्व है।</p>
<h2><strong>पितरों के कल्याण की भावना से आयोजन</strong></h2>
<p>मंगल भवन में चल रही कथा का आयोजन तुलाराम जी कुशवाहा परिवार द्वारा अपने पितरों की आत्मशांति और कल्याण की भावना से कराया जा रहा है। कथावाचक ने इस उद्देश्य पर चर्चा करते हुए पूर्वजों के प्रति श्रद्धा रखने और उनके प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का संदेश दिया।</p>
<p>पंडित बलराम दीक्षित ने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रीमद्भागवत कथा पितरों के कल्याण और व्यक्ति के जीवन को सार्थक बनाने का माध्यम मानी जाती है। उन्होंने कथा के आध्यात्मिक लाभ पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि श्रद्धा के साथ किया गया आयोजन पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर भी है।</p>
<h2><strong>कथा में मिलता है जीवन का मार्गदर्शन</strong></h2>
<p>कथावाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत में धर्म के साथ जीवन से जुड़े अनेक विषयों का वर्णन मिलता है। व्यक्ति को किस प्रकार जीवन जीना चाहिए, कठिन परिस्थितियों का सामना कैसे करना चाहिए और समस्याओं के समाधान की दिशा में कैसे आगे बढ़ना चाहिए, इन प्रश्नों पर कथा मार्गदर्शन देती है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि कथा के संदेशों को समझने से व्यक्ति अपने जीवन और व्यवहार पर विचार कर सकता है। धार्मिक ज्ञान का महत्व तभी बढ़ता है, जब उसके संदेश दैनिक जीवन में अपनाए जाएं। पंडित दीक्षित ने जीवन जीने की कला को कथा का महत्वपूर्ण पक्ष बताते हुए उसके मर्म को समझने पर जोर दिया।</p>
<h2><strong>जीवन से मृत्यु तक के विषयों का वर्णन</strong></h2>
<p>पंडित बलराम दीक्षित ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा में जीवन जीने से लेकर मृत्यु तक से जुड़े विषयों का वर्णन किया गया है। कथा मनुष्य को अपने जीवन के उद्देश्य और उसके आध्यात्मिक पक्ष पर चिंतन करने की प्रेरणा देती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली समस्याओं को समझने और उनसे निपटने के लिए ज्ञान आवश्यक है। उनके अनुसार भागवत कथा व्यक्ति को ऐसा दृष्टिकोण प्रदान करती है, जिससे वह अपने जीवन की परिस्थितियों पर विचार कर सके। कथा का श्रवण धार्मिक विषयों को जानने के साथ स्वयं के जीवन को समझने का अवसर भी बनता है।</p>
<h2><strong>आयोजक और श्रोता दोनों की सहभागिता महत्वपूर्ण</strong></h2>
<p>कथावाचक ने कथा आयोजन तथा श्रवण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने धार्मिक मान्यता के आधार पर कहा कि श्रीमद्भागवत कथा कराने वाला पुण्य और मोक्ष की दिशा में आगे बढ़ता है। वहीं श्रद्धापूर्वक कथा सुनने वाला भी धार्मिक पुण्य का भागीदार माना जाता है।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया कि कथा में आयोजक और श्रोता, दोनों की सहभागिता का महत्व है। आयोजन की भावना पितरों के कल्याण से जुड़ी है, जबकि श्रवण के माध्यम से लोगों को धर्म और जीवन संबंधी संदेश प्राप्त होते हैं। उन्होंने कथा से मिलने वाले ज्ञान को ध्यानपूर्वक समझने के लिए प्रेरित किया।</p>
<h2><strong>कुशवाहा परिवार की ओर से सात दिवसीय कथा</strong></h2>
<p>नगर के मंगल भवन में आयोजित सात दिवसीय कथा में पंडित बलराम दीक्षित धर्मज्ञान और जीवन के व्यवहारिक पक्ष पर अपने विचार प्रस्तुत कर रहे हैं। तुलाराम जी कुशवाहा परिवार ने पितरों के प्रति श्रद्धा और उनके कल्याण की भावना को आयोजन का आधार बनाया है।</p>
<p>कथावाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का संदेश व्यक्ति के अपने कल्याण के साथ पूर्वजों के प्रति सम्मान से भी जुड़ा है। उन्होंने श्रद्धापूर्वक कथा सुनने, उसके अर्थ को समझने और जीवन में उसके संदेशों पर चिंतन करने का आह्वान किया।</p>
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		<item>
		<title>Nagda : गोगा नवमी पर भक्तिमय हुआ नागदा, छड़ी दलों के उस्ताद-भगत सहित पदाधिकारी सम्मानित</title>
		<link>https://swarajvani.com/grand-welcome-for-12-chhadi-processions-in-nagda/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Sep 2026 06:00:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[nagda]]></category>
		<category><![CDATA[Chhadi Procession]]></category>
		<category><![CDATA[Chhadi Yatra]]></category>
		<category><![CDATA[Goga Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Goga Navami]]></category>
		<category><![CDATA[Nagda]]></category>
		<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[Religious Festival]]></category>
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					<description><![CDATA[गोगा नवमी पर Nagda में 12 छड़ी दलों का भव्य स्वागत, देर रात तक उमड़ा आस्था का सैलाब उस्ताद, भगत, खलीफा सहित छड़ी दलों के प्रमुख सदस्यों का हुआ सम्मान, ... <a title="Nagda : गोगा नवमी पर भक्तिमय हुआ नागदा, छड़ी दलों के उस्ताद-भगत सहित पदाधिकारी सम्मानित" class="read-more" href="https://swarajvani.com/grand-welcome-for-12-chhadi-processions-in-nagda/" aria-label="Read more about Nagda : गोगा नवमी पर भक्तिमय हुआ नागदा, छड़ी दलों के उस्ताद-भगत सहित पदाधिकारी सम्मानित">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>गोगा नवमी पर Nagda में 12 छड़ी दलों का भव्य स्वागत, देर रात तक उमड़ा आस्था का सैलाब</strong></h1>
<h3>उस्ताद, भगत, खलीफा सहित छड़ी दलों के प्रमुख सदस्यों का हुआ सम्मान, जयकारों से गूंजा नगर</h3>
<p><strong>Nagda ।</strong> गोगा नवमी के पावन अवसर पर नागदा नगर में श्री गोगाजी महाराज की भव्य छड़ी यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। छड़ी यात्रा के दौरान नगर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। ढोल-नगाड़ों, धार्मिक जयघोष और गोगाजी महाराज के जयकारों से नगर की गलियां देर रात तक गूंजती रहीं। नगर पालिका परिषद नागदा की ओर से केनरा बैंक के सामने छड़ी यात्रा का श्रद्धा और उत्साह के साथ भव्य स्वागत किया गया।</p>
<p>छड़ी यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धर्मप्रेमी नागरिक, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए। नगरवासियों ने जगह-जगह छड़ी दलों का स्वागत किया। यात्रा के दौरान लोगों में गोगाजी महाराज के प्रति गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिला।</p>
<p>नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती संतोष ओ.पी. गेहलोत के निर्देशानुसार छड़ी यात्रा के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। नगर पालिका की ओर से छड़ी दलों का पुष्पवर्षा कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। श्रद्धालुओं ने गोगाजी महाराज की पूजा-अर्चना की तथा नगर की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।</p>
<p>कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान तथा विशिष्ट अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री सुल्तान सिंह शेखावत उपस्थित रहे। इसके अलावा सांसद प्रतिनिधि ओ.पी. गेहलोत, मंडल अध्यक्ष प्रकाश जैन, उपाध्यक्ष सुभाषचंद शर्मा, एल्डरमैन सुभाष सेंगर सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने आयोजन में सहभागिता की।</p>
<h2><strong>12 छड़ी दलों ने लिया यात्रा में हिस्सा</strong></h2>
<p>गोगा नवमी के अवसर पर नगर के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 12 छड़ी दल यात्रा में शामिल हुए। अलग-अलग क्षेत्रों से आए इन छड़ी दलों ने धार्मिक परंपरा के अनुरूप यात्रा में सहभागिता की और नगर के वातावरण को भक्तिमय बना दिया।</p>
<p>यात्रा में फ्रिगंज नागदा, चेतनपुरा गोगादेव मंदिर, चेतनपुरा खाल के पास, पटेल गली, नायन, सी ब्लॉक लोहे की पुलिया, बिरलाग्राम वाल्मीकि मंदिर के पास, 56 ब्लॉक खाल की पुलिया, सी ब्लॉक त्रिमूर्ति गेट, 56 ब्लॉक की बड़ी छड़ी, 56 ब्लॉक की छड़ी तथा बिरलाग्राम की छड़ी शामिल रही।</p>
<p>प्रत्येक छड़ी दल के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। यात्रा के मार्ग में लोगों ने धार्मिक जयकारों के साथ छड़ी दलों का स्वागत किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर अपनी आस्था व्यक्त की।</p>
<h2><strong>भगत, उस्ताद और खलीफा का विशेष सम्मान</strong></h2>
<p>नगर पालिका परिषद की ओर से छड़ी दलों से जुड़े प्रमुख सदस्यों का विशेष सम्मान किया गया। भगत, उस्ताद, खलीफा, तिलक का घोड़ा एवं भंडारी सहित प्रमुख सदस्यों को पगड़ी एवं पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया गया।</p>
<p>सम्मान स्वरूप उन्हें मल्टी कलर प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो (शील्ड) भी भेंट किए गए। सम्मान प्राप्त करने वाले सदस्यों में उत्साह देखने को मिला। आयोजन के माध्यम से धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने वाले छड़ी दलों के सदस्यों का उत्साहवर्धन भी किया गया।</p>
<h2><strong>विभिन्न छड़ी दलों के प्रमुख सदस्य</strong></h2>
<p><strong>फ्रिगंज नागदा:</strong> श्री संजु मकवाना—भगत, श्री रामजी लाल मकवाना—उस्ताद, श्री सुभाष मेवाती—खलीफा, श्री अभिषेक मकवाना—तिलक का घोड़ा एवं श्री मयंक मकवाना—भंडारी।</p>
<p><strong>चेतनपुरा गोगादेव मंदिर:</strong> श्री दिलीप कलोसिया—भगत, श्री विशाल खरे—उस्ताद, श्री प्रशांत खरे—खलीफा, श्री कुनाल बाली—तिलक का घोड़ा एवं श्री गोलू चौहान—भंडारी।</p>
<p><strong>चेतनपुरा खाल के पास:</strong> श्री डमरू भाटी—भगत, श्री रितेश दादरे—उस्ताद, श्री शिवम मेवाती—खलीफा, श्री ईशु फतरोड—तिलक का घोड़ा एवं श्री गौतम कल्याणे—भंडारी।</p>
<p><strong>पटेल गली:</strong> श्री विशाल फतरोड—भगत, श्री सनी कल्याणे—उस्ताद, श्री ऋषि नाहार—खलीफा, श्री करण छपरी—तिलक का घोड़ा एवं श्री कान्हा चौहान—भंडारी।</p>
<p><strong>नायन:</strong> श्री करण छोटू घावरी—भगत, श्री सचिन घावरी—उस्ताद, श्री जैम्मी घावरी—खलीफा, श्री अमित घावरी—तिलक का घोड़ा एवं श्री जैकी घावरी—भंडारी।</p>
<p><strong>सी ब्लॉक लोहे की पुलिया:</strong> श्री रघु गोसर—भगत, श्री विक्की बोयत—उस्ताद, श्री लल्ला डागर—खलीफा, श्री राज गोसर—तिलक का घोड़ा एवं श्री कृष्णा पीवाल—भंडारी।</p>
<p><strong>बिरलाग्राम वाल्मीकि मंदिर के पास:</strong> श्री लखन चौहान—भगत, श्री अनिल तेजवाल—उस्ताद, श्री संतोष डागर—खलीफा, श्री दीपक बालोदिया—तिलक का घोड़ा एवं श्री नीरज कल्याणे—भंडारी।</p>
<p><strong>56 ब्लॉक खाल की पुलिया:</strong> श्री प्रदीप चंडाल—भगत, श्री लौकेन्द्र चंडाल—उस्ताद, श्री कुनाल मेवाती—खलीफा, श्री लक्की चंडाल—तिलक का घोड़ा एवं श्री सन्नी चंडाल—भंडारी।</p>
<p><strong>सी ब्लॉक त्रिमूर्ति गेट:</strong> श्री आयुष कल्याणे—भगत, श्री आनंद धौलपुरे—उस्ताद, श्री अजय उटवाल—खलीफा, श्री तरुण भाटी—तिलक का घोड़ा एवं श्री नीरज खरे—भंडारी।</p>
<p><strong>56 ब्लॉक की बड़ी छड़ी, बिरलाग्राम:</strong> श्री अर्पित डूलगज—भगत, श्री राज खरे—उस्ताद, श्री किश परोसिया—खलीफा, श्री कार्तिक कल्याणे—तिलक का घोड़ा एवं श्री गौतम तंबोली—भंडारी।</p>
<p><strong>56 ब्लॉक की छड़ी, स्वरलागाम:</strong> श्री समरराज हंस—भगत, श्री शक्षम खोडे—उस्ताद, श्री नागेश्वर परोसिया—खलीफा, श्री लव्यांश परोसिया—तिलक का घोड़ा एवं श्री हर्ष खोडे—भंडारी।</p>
<p><strong>बिरलाग्राम की छड़ी, नागदा:</strong> श्री मोन्टी चौहान—भगत, श्री विकास फतरोड एवं श्री पौस्विन गौसर—उस्ताद, श्री कुनाल डागर—खलीफा, श्री शुभम बडगुर्जर एवं श्री अनमोल हंस—तिलक का घोड़ा तथा श्री राज बोयत एवं श्री राजेश हंस—भंडारी।</p>
<h2><strong>जयकारों से गूंजा पूरा नगर</strong></h2>
<p>छड़ी यात्रा के दौरान ढोल-नगाड़ों और धार्मिक जयघोष ने पूरे वातावरण में उत्साह भर दिया। गोगाजी महाराज के जयकारों से नगर की गलियां गूंज उठीं। यात्रा के मार्ग में नगरवासियों ने श्रद्धा एवं प्रेमभाव के साथ छड़ी दलों का स्वागत किया।</p>
<p>देर रात तक चले स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। लोगों ने गोगाजी महाराज के दर्शन कर नगर की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। धार्मिक आयोजन के दौरान बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह देखने को मिला।</p>
<h2><strong>जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की रही सहभागिता</strong></h2>
<p>आयोजन में महामंत्री सूरज मकवाना, पूर्व पार्षद अनिल जोशी, विशाल कट्टर, विशाल परमार, दिलीप सिंह पवार, विशाल गेहलोत, लक्की परमार, हिम्मत सिंह राठौड़, संतोष पांडे साहनी, संदीप परमार, संदीप बैरागी, शांतनु शर्मा, सिद्धार्थ यादव, संजय गवरी सहित पार्षदगण, एल्डरमैन, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।</p>
<p>नगर पालिका परिषद की ओर से छड़ी यात्रा के स्वागत और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां की गई थीं। आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान रखा गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।</p>
<p>गोगा नवमी पर आयोजित यह धार्मिक आयोजन नागदा की परंपरा, श्रद्धा और सामाजिक सहभागिता का प्रतीक बना। देर रात तक चले कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ और श्रद्धालुओं की आस्था ने पूरे नगर को भक्तिमय बनाए रखा।</p>
<p><strong>श्रद्धा, परंपरा और धार्मिक उल्लास से सराबोर गोगा नवमी का यह आयोजन देर रात तक नगरवासियों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>सम्मेद शिखरजी तीर्थ पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो : राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ की मांग</title>
		<link>https://swarajvani.com/jain-community-seeks-online-offline-registration/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 09:17:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[JAINS]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[Pilgrim Registration]]></category>
		<category><![CDATA[Pilgrimage]]></category>
		<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[Sammed Shikharji]]></category>
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					<description><![CDATA[*सम्मेद शिखरजी तीर्थ पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो : राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ की मांग* राजेश जैन दद्दू इंदौर तीर्थ राज सम्मेदशिखर जी की पवित्रता और सुरक्षा की दृष्टि सेऑनलाइन-ऑफलाइन ... <a title="सम्मेद शिखरजी तीर्थ पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो : राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ की मांग" class="read-more" href="https://swarajvani.com/jain-community-seeks-online-offline-registration/" aria-label="Read more about सम्मेद शिखरजी तीर्थ पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो : राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ की मांग">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>*सम्मेद शिखरजी तीर्थ पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो : राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ की मांग*</strong></h1>
<p><em><strong>राजेश जैन दद्दू </strong></em><br />
<em><strong>इंदौर</strong></em><br />
तीर्थ राज सम्मेदशिखर जी की पवित्रता और सुरक्षा की दृष्टि सेऑनलाइन-ऑफलाइन व्यवस्था की आवश्यकता । राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के अध्यक्ष राकेश गोहिल एवं प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि बद्रीनाथ-केदारनाथ की तरह नियम बनें&#8221; -राष्ट्रीय जिन शासन एवं भारत वर्षीय सकल जैन समाज की मांग ।</p>
<p>मयंक जैन ने कहा कि मधुबन/गिरिडीह। विश्व वंदनीय जैन धर्म के सबसे श्रेष्ठ तीर्थ पर्वत राज श्री सम्मेद शिखरजी जो 20 तीर्थंकर भगवान एवं अनंतानंत सिद्ध भगवंतों की निर्वाण भूमि है, की पवित्रता एवं सुरक्षा को लेकर जैन समाज चिंतित ।</p>
<p>भारत वर्षीय तीर्थ रक्षा कमेटी एवं भारत वर्षीय जैन समाज के वरिष्ठ धर्मप्रेमी बंधुओं का मानना है कि तीर्थ की गरिमा को बनाए रखने हेतु पूज्य प्रभावशाली आचार्य-मुनि भगवंतों के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में तीर्थ क्षेत्र कमेटी, तीर्थ क्षेत्र तलहटी की समस्त कार्यकारिणी, स्थानीय संस्थाओं एवं राजनीति में पकड़ रखने वाले सम्माननीय श्रेष्ठीगण, दानवीर एवं विशेष संस्थाओं का सहयोग संयुक्त रूप से लेकर प्रयास करना चाहिए।</p>
<p>समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र जैन ने कहा कि तीर्थ क्षेत्र पर आने वाले यात्रियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो । आगे कहाकि जिस प्रकार बद्रीनाथ, केदारनाथ जैसे बड़े सनातनी तीर्थों पर यात्रियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, उसी प्रकार सम्मेद शिखरजी पर भी पर्वत पर जाने वाले प्रत्येक यात्री का ऑनलाइन एवं ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जाए। इसमें जैन एवं जैनेतर सभी यात्री शामिल हों। दद्दू ने कहा कि</p>
<p>प्रतीकात्मक रूप से हर यात्री से 20 से 50 रुपये* की राशि रखी जा सकती है। इससे तीर्थ क्षेत्र पर आने वाले यात्रियों की काउंटिंग, सुरक्षा एवं अल्प आय तीनों संभव हो सकेंगे। क्षेत्र की सुरक्षा एवं निगरानी प्रारंभिक चरण में मजबूत बैरियर एवं वर्दीधारी सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था हो। विशेष रूप से प्रथम गौतम स्वामी टोंक एवं श्री पारसनाथ टोंक के आसपास न्यूनतम 2-2 सुरक्षा गार्ड की तैनाती आवश्यक है। साथ ही उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे पुरे क्षेत्र में लगाए जाएं।</p>
<p>रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सोशल मीडिया एवं आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाए। उसमें जैन धर्म के सिद्धांत, पहाड़ी , तीर्थ क्षेत्र की पवित्रता एवं आवश्यक दिशा निर्देश स्पष्ट रूप से अंकित हों, जिससे कोई भी यात्री क्षेत्र की पवीत्रता को दुषीत एव गंदगी न करे और श्रद्धा भक्ति विनम्य के साथ तीर्थक्षेत्र की वंदना करे, न कि पिकनिक के भाव से।<br />
ज्ञात है कि शिखरजी में विकास के अनेक कार्य हो रहे हैं। अब आवश्यकता है कि श्रेत्र की पवित्रता एवं सुरक्षा के इस महत्वपूर्ण बिंदु पर भी सभी समाज जन का ध्यान आकृष्ट हो। तीर्थ क्षेत्र कमेटी एवं समाज के बुद्धिजीवियों से अनुरोध है कि इस विषय पर गंभीरता से विचार कर इसे शीघ्र क्रियान्वित करें।</p>
<p>यह संदेश सभी प्रबुद्धजनों तक पहुंचाने का आग्रह किया गया है, ताकि हमारा पावन तीर्थ क्षेत्र अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित बन सके। जब तक सुरज चांद रहेगा जब हमारा तीर्थ क्षेत्र शिखरजी जयवंत रहेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ का बड़ा हादसा: पंडित प्रदीप मिश्रा के कथा स्थल पर भीड़ के दबाव में दो महिलाओं की मौत, कई घायल</title>
		<link>https://swarajvani.com/major-accident-due-to-stampede-at-kubereshwar-dham-two-female-devotees-died-one-seriously-injured/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 Aug 2025 18:15:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Bhopal]]></category>
		<category><![CDATA[SEHORE]]></category>
		<category><![CDATA[Religious]]></category>
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					<description><![CDATA[कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ से बड़ा हादसा: दो महिला श्रद्धालुओं की मौत, एक गंभीर घायल सीहोर (मध्य प्रदेश), 5 अगस्त —मध्य प्रदेश के सीहोर जिले स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कुबेरेश्वर ... <a title="कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ का बड़ा हादसा: पंडित प्रदीप मिश्रा के कथा स्थल पर भीड़ के दबाव में दो महिलाओं की मौत, कई घायल" class="read-more" href="https://swarajvani.com/major-accident-due-to-stampede-at-kubereshwar-dham-two-female-devotees-died-one-seriously-injured/" aria-label="Read more about कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ का बड़ा हादसा: पंडित प्रदीप मिश्रा के कथा स्थल पर भीड़ के दबाव में दो महिलाओं की मौत, कई घायल">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<figure id="attachment_282251" aria-describedby="caption-attachment-282251" style="width: 413px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/08/cover-4_1754379170.gif"><img fetchpriority="high" decoding="async" class=" wp-image-282251" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/08/cover-4_1754379170-300x225.gif" alt="cover 4 1754379170" width="423" height="317"></a><figcaption id="caption-attachment-282251" class="wp-caption-text">                      </figcaption></figure>
<h3 data-start="89" data-end="179"><strong data-start="93" data-end="179">कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ से बड़ा हादसा: दो महिला श्रद्धालुओं की मौत, एक गंभीर घायल</strong></h3>
<p data-start="181" data-end="495"><strong data-start="181" data-end="213">सीहोर (मध्य प्रदेश), 5 अगस्त</strong> —<br data-start="215" data-end="218" />मध्य प्रदेश के सीहोर जिले स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल <strong data-start="272" data-end="290">कुबेरेश्वर धाम</strong> में सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण <strong data-start="338" data-end="375">धक्का-मुक्की और भगदड़ जैसी स्थिति</strong> उत्पन्न हो गई। इस हादसे में <strong data-start="404" data-end="441">दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई</strong>, जबकि <strong data-start="448" data-end="487">एक अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल</strong> हो गया।</p>
<p data-start="497" data-end="858">यह घटना <strong data-start="505" data-end="528">पंडित प्रदीप मिश्रा</strong> द्वारा आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान घटी, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु <strong data-start="604" data-end="634">कांवड़ यात्रा में भाग लेने</strong> के लिए कुबेरेश्वर धाम पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि आगामी <strong data-start="693" data-end="704">6 अगस्त</strong> को कुबेरेश्वर धाम से <strong data-start="726" data-end="749">चितावलिया हेमा गांव</strong> तक कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जाना है, जिसके चलते एक दिन पहले ही भारी संख्या में श्रद्धालु धाम पर पहुंच गए।</p>
<p data-start="860" data-end="1219">हालांकि आयोजन समिति और प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं की गई थीं, लेकिन <strong data-start="928" data-end="959">श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़</strong> के कारण धाम परिसर में <strong data-start="982" data-end="1001">जगह की भारी कमी</strong> हो गई। भीड़ के दबाव में कुछ लोग जमीन पर गिर पड़े और वहां मौजूद अन्य श्रद्धालुओं की चपेट में आ गए। इसी अफरा-तफरी और <strong data-start="1117" data-end="1136">अव्यवस्थित भीड़</strong> के बीच <strong data-start="1144" data-end="1172">दो महिलाओं की जान चली गई</strong>, जबकि एक व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है।</p>
<p data-start="1221" data-end="1401"><strong data-start="1221" data-end="1244">प्रशासन और पुलिस बल</strong> मौके पर पहुंच चुका है और स्थिति पर नियंत्रण पाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हादसे के बाद कांवड़ यात्रा और आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।</p>
<p data-start="1403" data-end="1496">इस हादसे ने कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।</p>
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