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	<title>Plant Safe &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>MP के शहरों में जल सुरक्षा: प्रशासन और पीएचई की संयुक्त जांच</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 09 Jan 2026 11:32:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[MADHAY PRADESH NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Drinking Water]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[MP: फिल्टर प्लांट से नल तक शुद्ध जल की निगरानी सख्त धार, रतलाम और खंडवा में जल शुद्धता की चुनौती MP के कई शहरों में पानी की शुद्धता और सुरक्षित ... <a title="MP के शहरों में जल सुरक्षा: प्रशासन और पीएचई की संयुक्त जांच" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-drinking-water-quality-filter-plant/" aria-label="Read more about MP के शहरों में जल सुरक्षा: प्रशासन और पीएचई की संयुक्त जांच">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 data-start="1210" data-end="1276"><strong data-start="1210" data-end="1274">MP: फिल्टर प्लांट से नल तक शुद्ध जल की निगरानी सख्त </strong><strong data-start="1505" data-end="1574">धार, रतलाम और खंडवा में जल शुद्धता की चुनौती</strong></h1>
<p data-start="359" data-end="716">MP के कई शहरों में पानी की शुद्धता और सुरक्षित जलापूर्ति को लेकर अब भी कई तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियां सामने हैं। धार, खंडवा, रतलाम, खरगोन और बड़वानी में फिल्टर प्लांट और प्रयोगशालाओं की मौजूदगी के बावजूद, कई जगहों पर रसायनों का सही उपयोग, केमिस्ट की अनुपस्थिति और पर्याप्त संसाधनों की कमी पानी की गुणवत्ता की सुनिश्चितता पर सवाल खड़े कर रही है।</p>
<h2 data-start="723" data-end="772"><strong data-start="727" data-end="772">धार: अनुमान पर चल रही जल शोधन प्रक्रिया</strong></h2>
<p data-start="774" data-end="1052">MP के धार शहर का सीतापाट रोड स्थित फिल्टर प्लांट शहरवासियों को जलापूर्ति करता है। हालांकि प्लांट में प्रयोगशाला मौजूद है, लेकिन केमिस्ट की पद रिक्तता और संसाधनों की कमी के कारण पानी शोधन के लिए रसायनों का इस्तेमाल वैज्ञानिक माप के बजाय केवल अनुमान के आधार पर किया जा रहा है। पानी के नमूनों की जांच की नियमित प्रक्रिया न होने से शुद्धता का भरोसा पूरी तरह नहीं किया जा सकता। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि हाल की दुखद घटनाओं, जैसे MP के इंदौर भागीरथपुरा में जलजनित संक्रमण की घटना, के बाद नगर पालिका ने कदम बढ़ाए हैं। अब पानी के नमूनों को नियमित रूप से औद्योगिक क्षेत्र स्थित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की लैब में भेजा जा रहा है। इसके अलावा, फील्ड मॉनिटरिंग के लिए नौ कर्मचारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया है। इससे पहले इस प्रक्रिया में कई लापरवाहियां देखी गई थीं, लेकिन अब नियमित सैंपलिंग और रिपोर्ट पर ध्यान दिया जा रहा है। नगर निगम का दावा है कि इस मॉडल के जरिए शहर में सप्लाई होने वाले पानी की शुद्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि नागरिकों को किसी भी प्रकार का संक्रमण न हो।</p>
<figure id="attachment_301366" aria-describedby="caption-attachment-301366" style="width: 290px" class="wp-caption aligncenter"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-medium wp-image-301366" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/MP-0011-300x235.png" alt="MP" width="300" height="235" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/MP-0011-300x235.png 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/MP-0011.png 708w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /><figcaption id="caption-attachment-301366" class="wp-caption-text">              नगर निगमों की सतर्कता बढ़ी</figcaption></figure>
<p data-start="774" data-end="1052">
<h3 data-start="1782" data-end="1831"><strong data-start="1786" data-end="1831">खंडवा: ट्रिपल लेयर जांच और टीमों का गठन</strong></h3>
<p data-start="1833" data-end="2045">MP के खंडवा नगर निगम ने नर्मदा जल की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक <strong data-start="1897" data-end="1927">‘</strong>ट्रिपल लेयर’ जांच प्रणाली लागू की है। इसके तहत फिल्टर प्लांट से पानी उपभोक्ताओं तक पहुंचने तक तीन स्तरों पर इसकी गुणवत्ता की जांच की जाती है। शहर के विभिन्न वार्डों में नौ विशेष टीमों को तैनात किया गया है, जो प्रतिदिन नल से पानी के नमूने लेकर लैब में जांच करवाती हैं। इस प्रक्रिया से न केवल पाइपलाइन में संभावित लीकेज या दूषित जल का पता चलता है, बल्कि उपभोक्ताओं तक शुद्ध जल की सुनिश्चितता भी बढ़ती है। वर्तमान में, MP के खंडवा में कहीं भी दूषित जल वितरण की समस्या नहीं पाई गई है। प्रशासन का दावा है कि नियमित मानिटरिंग और विशेष अभियान के चलते नागरिकों को प्रतिदिन शुद्ध नर्मदा जल की आपूर्ति हो रही है।</p>
<h4 data-start="2513" data-end="2571"><strong data-start="2517" data-end="2571">रतलाम: मोरवानी प्लांट पर केमिकल की कमी और लापरवाही</strong></h4>
<p data-start="2573" data-end="2771">MP के रतलाम के मोरवानी फिल्टर प्लांट की हालिया जांच में गंभीर लापरवाही सामने आई है। कलेक्टर मिशा सिंह द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में प्लांट की प्रयोगशाला में जल शोधन के लिए आवश्यक कई रसायन नदारद पाए गए। इस चूक पर नगर निगम के जल प्रदाय विभाग के कार्यपालक यंत्री, सहायक यंत्री और पांच उपयंत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। हालांकि, फिलहाल लैब टेक्नीशियन द्वारा पानी की हार्डनेस, पीएच और ई-कोलाई जैसे मानकों की जांच की जा रही है, और रिपोर्ट 24 घंटे में प्राप्त हो रही हैं। सभी हाल की रिपोर्ट सामान्य पाई गई हैं। इसके अलावा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की प्रयोगशाला में भी आम नागरिक स्वयं सैंपल देकर पानी की शुद्धता परख सकते हैं। नगर निगम का दावा है कि इस सख्त निगरानी के जरिए शहर में सुरक्षित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।</p>
<h5 data-start="3327" data-end="3380"><strong data-start="3331" data-end="3380">खरगोन: एजेंसी पर निर्भरता और रिपोर्ट में देरी</strong></h5>
<p data-start="3382" data-end="3588">MP के खरगोन शहर की पेयजल व्यवस्था उमरखली रोड स्थित फिल्टर प्लांट के माध्यम से सुरक्षित की जा रही है। यहाँ खारक बांध और नर्मदा जल को शोधित करके आठ बड़ी टंकियों के जरिए 29 हजार कनेक्शनों में जलापूर्ति की जाती है। हालांकि, नगर पालिका अपने संसाधनों और कर्मचारियों की कमी के कारण जल शुद्धता की जांच आत्मनिर्भर रूप से नहीं कर पा रही है। वर्तमान में पानी की जांच के लिए नगर पालिका जल आवर्धन योजना की एजेंसी पर निर्भर है। प्रतिदिन नमूनों को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की लैब भेजा जाता है, लेकिन औसतन रिपोर्ट आने में पांच दिन लगते हैं। इस देरी से किसी भी संभावित संक्रमण को समय रहते पकड़ने में बाधा आ सकती है। नगर पालिका का दावा है कि फिलहाल शहर के सात टंकियों के माध्यम से 11,300 नल कनेक्शनों में होने वाली जलापूर्ति की सघन निगरानी की जा रही है, और विशेष अभियान चलाकर पानी की गुणवत्ता नियमित रूप से जाँची जा रही है।</p>
<h6 data-start="4212" data-end="4276"><strong data-start="4216" data-end="4276">बड़वानी: सात टंकियों से 11,000 घरों तक शुद्ध जल आपूर्ति</strong></h6>
<p data-start="4278" data-end="4484">MP के बड़वानी में शहर के सात टंकियों के माध्यम से 11,000 से अधिक घरों तक प्रतिदिन शुद्ध नर्मदा जल की आपूर्ति की जा रही है। नगर पालिका और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की संयुक्त टीमें वार्डों में तैनात हैं। ये टीमें प्रतिदिन MP के अलग-अलग क्षेत्रों से 10 से 15 नमूने लेकर लैब में जांच कराती हैं। नियमित मानिटरिंग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पाइपलाइन में कहीं कोई लीकेज या संक्रमण न हो। नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पानी सुरक्षित पहुँच रहा है और जलजनित संक्रमण का खतरा न्यूनतम किया जा रहा है।</p>
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