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	<title>Piploada &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>बछोड़िया में सरकारी जमीन पर पक्के निर्माण का आरोप, नायब तहसीलदार के कथित जवाब से ग्रामीणों में नाराजगी — दैनिक स्वराज वाणी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Oct 2026 07:30:23 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बछोड़िया में सरकारी जमीन पर पक्के निर्माण का आरोप, नायब तहसीलदार के कथित जवाब से ग्रामीणों में नाराजगी — दैनिक स्वराज वाणी संवाददाता:  अर्जुन कुमावत  रतलाम जिले की पिपलोदा तहसील ... <a title="बछोड़िया में सरकारी जमीन पर पक्के निर्माण का आरोप, नायब तहसीलदार के कथित जवाब से ग्रामीणों में नाराजगी — दैनिक स्वराज वाणी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/alleged-construction-on-government-land-in-bachhodia-sparks-anger-among-villagers/" aria-label="Read more about बछोड़िया में सरकारी जमीन पर पक्के निर्माण का आरोप, नायब तहसीलदार के कथित जवाब से ग्रामीणों में नाराजगी — दैनिक स्वराज वाणी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>बछोड़िया में सरकारी जमीन पर पक्के निर्माण का आरोप, नायब तहसीलदार के कथित जवाब से ग्रामीणों में नाराजगी — दैनिक स्वराज वाणी</strong></h1>
<p><strong>संवाददाता:  अर्जुन कुमावत</p>
<p></strong> रतलाम जिले की पिपलोदा तहसील के टप्पा कालूखेड़ा क्षेत्र स्थित ग्राम बछोड़िया में सरकारी जमीन पर पक्के निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों और शिकायतकर्ता पत्रकार अर्जुन कुमावत का आरोप है कि मांडवी रोड पर सार्वजनिक हैंडपंप और कचरा निस्तारण स्थल के पास शासकीय भूमि पर निर्माण किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में करीब छह महीने से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अब तक मौके पर निर्माण रोकने या भूमि की सीमांकन कार्रवाई नहीं हुई है।</p>
<h2><strong>नायब तहसीलदार के कथित जवाब पर आपत्ति</strong></h2>
<p>शिकायतकर्ता के मुताबिक, जब टप्पा नायब तहसीलदार से निर्माण पर कार्रवाई की मांग की गई तो उन्होंने कथित तौर पर कहा, “गांव में अन्य लोगों ने भी कब्जे कर रखे हैं, अगर एक का निर्माण हटाया जाएगा तो सबका हटाना पड़ेगा।” ग्रामीणों का कहना है कि इस जवाब से उनकी नाराजगी बढ़ी है। उनका आरोप है कि पुराने निर्माणों का हवाला देकर हाल में किए जा रहे निर्माण पर कार्रवाई टाली जा रही है।</p>
<p>शिकायतकर्ता का दावा है कि आसपास के कुछ मकान 20 वर्ष से अधिक पुराने हैं और पंचायत रिकॉर्ड में दर्ज अपने निर्धारित रकबे में बने हुए हैं। इसके विपरीत, संबंधित व्यक्ति पर पिछले छह महीने के भीतर सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर कब्जा कर निर्माण करने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों की मांग है कि पुराने निर्माणों और नए निर्माण की स्थिति को अलग-अलग देखकर रिकॉर्ड के आधार पर निर्णय लिया जाए।</p>
<h2><strong>पट्टे और पीएम आवास योजना की आड़ में सीमा से अधिक कब्जे का आरोप</strong></h2>
<p>ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण स्थल मांडवी रोड पर हैंडपंप और कचरा निस्तारण स्थल के पास है। उनका आरोप है कि पट्टे और प्रधानमंत्री आवास योजना का हवाला देकर निर्धारित सीमा से अधिक सरकारी भूमि पर निर्माण किया जा रहा है। इस दावे की पुष्टि राजस्व रिकॉर्ड, पट्टे के दस्तावेज और मौके के सीमांकन से की जा सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जांच कराने की मांग की है।</p>
<p>शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कचरा निस्तारण स्थल के पास निर्माण जारी रहने से गांव की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उनका यह भी कहना है कि हैंडपंप के आसपास जगह कम होने और निर्माण आगे बढ़ने से लोगों के आवागमन तथा पेयजल लेने में भविष्य में परेशानी हो सकती है। ग्रामीण चाहते हैं कि काम पूरा होने से पहले राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर सरकारी भूमि की सीमा तय करे और सार्वजनिक उपयोग की जगह को सुरक्षित रखे।</p>
<h2><strong>छह महीने से शिकायत, सीमांकन और कार्रवाई की मांग</strong></h2>
<p>अर्जुन कुमावत के अनुसार, इस मामले में सीएम हेल्पलाइन और टप्पा कालूखेड़ा नायब तहसीलदार कार्यालय में शिकायतें की गई हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि अब तक उन्हें ऐसी ठोस कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है जिससे निर्माण रुकने या भूमि के सीमांकन की पुष्टि हो। ग्रामीणों ने मांग की है कि राजस्व अमला मौके का निरीक्षण करे, उपलब्ध रिकॉर्ड का मिलान करे और जांच के निष्कर्ष के आधार पर कार्रवाई करे।</p>
<p>ऐसे मामलों में पट्टे की सीमा, भूमि का खसरा और पंचायत के रिकॉर्ड का मिलान महत्वपूर्ण होता है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन यदि मौके पर सीमांकन कराए तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण निजी पट्टे की जमीन पर है या शासकीय भूमि में बढ़ाया गया है। उनका आग्रह है कि जांच निष्पक्ष हो और सार्वजनिक कचरा निस्तारण स्थल तथा हैंडपंप तक लोगों की पहुंच बनी रहे।</p>
<h2><strong>कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी</strong></h2>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="wp-image-367492 alignright" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/dddddddddddddddd-1-300x239.gif" alt="dddddddddddddddd 1" width="346" height="276" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/dddddddddddddddd-1-300x239.gif 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/dddddddddddddddd-1-768x612.gif 768w" sizes="(max-width: 346px) 100vw, 346px" /><span style="font-size: inherit;">ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण नहीं रुकवाया गया और जमीन की जांच नहीं हुई तो वे मामला कलेक्टर रतलाम और संभागायुक्त के समक्ष उठाएंगे। शिकायतकर्ताओं ने आगे आंदोलन करने की भी बात कही है। उनका कहना है कि वे पहले प्रशासनिक स्तर पर समाधान चाहते हैं, लेकिन शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो विरोध तेज किया जाएगा।</span></p>
<p>इस मामले में सरकारी भूमि पर कब्जे, पट्टे की सीमा और नायब तहसीलदार के कथित बयान से जुड़े आरोप ग्रामीणों और शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। प्रकाशन के समय संबंधित व्यक्ति और राजस्व अधिकारियों का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका। जमीन की वास्तविक स्थिति आधिकारिक सीमांकन और राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।</p>
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