<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>parliamentary session &#8211; Swaraj Vani</title>
	<atom:link href="https://swarajvani.com/tag/parliamentary-session/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<description>From politics and jobs to culture and community stories, we deliver timely, unbiased updates that matter.</description>
	<lastBuildDate>Fri, 13 Feb 2026 11:24:30 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.3</generator>

<image>
	<url>https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/07/cropped-स्वराज-वाणी-1-32x32.png</url>
	<title>parliamentary session &#8211; Swaraj Vani</title>
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>MP News: संसद में Tankha-Shivraj मुलाकात से सियासी हलचल तेज</title>
		<link>https://swarajvani.com/tankha-shivraj-meeting-in-parliament/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:24:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[SHIVRAJ SINGH CHOUHAN]]></category>
		<category><![CDATA[Congress]]></category>
		<category><![CDATA[Defamation Case]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[MP Politics]]></category>
		<category><![CDATA[parliamentary session]]></category>
		<category><![CDATA[Shivraj Singh Chouhan]]></category>
		<category><![CDATA[Vivek Tankha]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=306849</guid>

					<description><![CDATA[MP News: संसद में Tankha-Shivraj मुलाकात से बढ़ी सियासी हलचल लोकसभा सत्र के बीच राजधानी दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में उस समय हलचल तेज हो गई जब कांग्रेस नेता और ... <a title="MP News: संसद में Tankha-Shivraj मुलाकात से सियासी हलचल तेज" class="read-more" href="https://swarajvani.com/tankha-shivraj-meeting-in-parliament/" aria-label="Read more about MP News: संसद में Tankha-Shivraj मुलाकात से सियासी हलचल तेज">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP News: संसद में Tankha-Shivraj मुलाकात से बढ़ी सियासी हलचल</strong></h1>
<p>लोकसभा सत्र के बीच राजधानी दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में उस समय हलचल तेज हो गई जब कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता Vivek Tankha की मुलाकात केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan से संसद परिसर में हुई। यह मुलाकात सामान्य औपचारिक भेंट से कहीं अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि हाल ही में तन्खा ने शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ दायर मानहानि का मामला वापस ले लिया है।</p>
<p>दोनों नेताओं की यह पहली सार्वजनिक मुलाकात है, जो कानूनी विवाद समाप्त होने के बाद सामने आई है। संसद प्रांगण में हुई इस मुलाकात की तस्वीर जैसे ही सोशल मीडिया पर साझा हुई, राजनीतिक विश्लेषकों और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का दौर शुरू हो गया।</p>
<h2><strong>मानहानि वाद की पृष्ठभूमि</strong></h2>
<p>विवेक Tankha-Shivraj Singh Chouhan के बीच कानूनी और राजनीतिक मतभेद कोई नए नहीं रहे हैं। मध्यप्रदेश की राजनीति में दोनों अलग-अलग विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। शिवराज सिंह चौहान जहां भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता रहे हैं, वहीं विवेक तन्खा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के अनुभवी वकील हैं।</p>
<p>हालिया मानहानि प्रकरण भी राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के बीच सामने आया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां दोनों पक्षों की ओर से कानूनी दलीलें दी गईं। सूत्रों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं की मध्यस्थता के बाद आपसी सहमति बनी और तन्खा ने मानहानि वाद वापस लेने का निर्णय लिया।</p>
<p>तन्खा ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि सभी मामले समाप्त हो चुके हैं और यह संसद परिसर में पहली मुलाकात है। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश मूलतः मित्रता का प्रदेश है, शत्रुता का नहीं, और सार्वजनिक जीवन में बड़ा दिल रखना चाहिए।</p>
<h2><strong>व्यापम से लेकर वर्तमान तक</strong></h2>
<p>दोनों नेताओं के बीच टकराव की पृष्ठभूमि और भी पुरानी है। जब शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री थे, उस समय चर्चित व्यापम प्रकरण ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं। उस दौर में विवेक तन्खा ने अदालत में कई याचिकाएं दायर की थीं और सरकार को कानूनी रूप से चुनौती दी थी।</p>
<p>उस समय यह मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील था। विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे और सरकार ने अपने बचाव में दलीलें दी थीं। इस पूरे घटनाक्रम ने दोनों नेताओं को आमने-सामने ला खड़ा किया था।</p>
<p>हालांकि समय के साथ कई मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकला और कुछ विवाद शांत होते गए। हालिया मानहानि मामला भी उसी क्रम की एक कड़ी माना जा रहा है।</p>
<h2><strong>संसद में मुलाकात का राजनीतिक अर्थ</strong></h2>
<p>संसद सत्र के दौरान हुई यह मुलाकात केवल एक औपचारिक भेंट नहीं मानी जा रही। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह संकेत है कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद व्यक्तिगत स्तर पर संवाद और सम्मान बनाए रखा जा सकता है।</p>
<p>आज के दौर में जब राजनीति में तीखी बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप आम हो गए हैं, ऐसे में दो वरिष्ठ नेताओं की सार्वजनिक मुलाकात सकारात्मक संदेश देती है। यह लोकतांत्रिक परिपक्वता का उदाहरण भी है कि अदालतों में लड़ाई लड़ने वाले नेता संसद में सौहार्द्रपूर्ण ढंग से मिल सकते हैं।</p>
<h2><strong>कांग्रेस और भाजपा के बीच समीकरण</strong></h2>
<p>राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा राजनीतिक मुकाबला जारी है। संसद में कई मुद्दों पर दोनों दल आमने-सामने रहते हैं। ऐसे में इस मुलाकात को राजनीतिक नरमी के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।</p>
<p>हालांकि यह कहना जल्दबाजी होगी कि इससे किसी बड़े राजनीतिक समीकरण में बदलाव आएगा, लेकिन यह स्पष्ट है कि व्यक्तिगत संबंधों में संवाद की गुंजाइश बनी हुई है। राजनीति में स्थायी मित्र और स्थायी शत्रु नहीं होते—यह कहावत एक बार फिर चर्चा में है।</p>
<h2><strong>मध्यप्रदेश की राजनीति पर असर</strong></h2>
<p>दिल्ली में हुई इस मुलाकात का असर मध्यप्रदेश की राजनीति में भी महसूस किया जा रहा है। दोनों नेताओं की जड़ें राज्य से जुड़ी हैं और वहां की राजनीति में उनका प्रभाव रहा है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वरिष्ठ नेता आपसी संवाद बनाए रखते हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव राजनीतिक वातावरण पर पड़ सकता है। इससे कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भी सौहार्द्र का संदेश जा सकता है।</p>
<p>हालांकि, राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अपनी जगह कायम रहेगी, लेकिन व्यक्तिगत कटुता में कमी आना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है।</p>
<h2><strong>लोकतंत्र में संवाद की भूमिका</strong></h2>
<p>लोकतंत्र का मूल आधार संवाद है। असहमति लोकतंत्र की ताकत है, लेकिन संवाद उसका संतुलन बनाए रखता है। विवेक तन्खा और शिवराज सिंह चौहान की यह मुलाकात इसी संतुलन का उदाहरण मानी जा सकती है।</p>
<p>जब सार्वजनिक जीवन के नेता यह दिखाते हैं कि अदालतों में लड़ाई और संसद में बहस के बावजूद व्यक्तिगत सम्मान कायम रह सकता है, तो यह राजनीतिक संस्कृति को सकारात्मक दिशा देता है।</p>
<h3><strong>निष्कर्ष</strong></h3>
<p>संसद परिसर में हुई यह मुलाकात केवल एक तस्वीर नहीं, बल्कि एक संदेश है। मानहानि वाद की समाप्ति के बाद दोनों नेताओं का आमने-सामने आना यह दर्शाता है कि राजनीति में मतभेद स्थायी नहीं होते।</p>
<p>विवेक Tankha-Shivraj Singh Chouhan की यह भेंट यह संकेत देती है कि लोकतंत्र में वैचारिक संघर्ष के साथ-साथ संवाद और सम्मान की भी जगह होनी चाहिए।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषक इसे सियासत में नरमी का संकेत मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे केवल औपचारिकता बता रहे हैं। लेकिन इतना निश्चित है कि इस मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में चर्चा का नया दौर शुरू कर दिया है और यह संदेश दिया है कि सार्वजनिक जीवन में बड़ा दिल रखना ही लोकतंत्र की असली ताकत है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राज्यसभा में मंत्री नहीं पहुंचे, कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित</title>
		<link>https://swarajvani.com/10-min-ke-liye-rajya-sabha-sthagit/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Dec 2025 12:39:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[10 मिनट]]></category>
		<category><![CDATA[cabinet ministers absence]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Politics]]></category>
		<category><![CDATA[Kiren Rijiju]]></category>
		<category><![CDATA[Opposition Protest]]></category>
		<category><![CDATA[parliamentary session]]></category>
		<category><![CDATA[rajya sabha]]></category>
		<category><![CDATA[state legislature]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=296144</guid>

					<description><![CDATA[राज्यसभा में नहीं पहुंचे एक भी केंद्रीय मंत्री, सभापति ने की 10 मिनट कार्यवाही स्थगित नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान शुक्रवार को राज्यसभा की कार्यवाही में एक ... <a title="राज्यसभा में मंत्री नहीं पहुंचे, कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित" class="read-more" href="https://swarajvani.com/10-min-ke-liye-rajya-sabha-sthagit/" aria-label="Read more about राज्यसभा में मंत्री नहीं पहुंचे, कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="flex flex-col text-sm @w-xl/main:pt-header-height pb-25">
<article class="text-token-text-primary w-full focus:outline-none [--shadow-height:45px] has-data-writing-block:pointer-events-none has-data-writing-block:-mt-(--shadow-height) has-data-writing-block:pt-(--shadow-height) [&amp;:has([data-writing-block])&gt;*]:pointer-events-auto scroll-mt-[calc(var(--header-height)+min(200px,max(70px,20svh)))]" dir="auto" tabindex="-1" data-turn-id="request-WEB:fab7325a-a39d-4763-81b5-aaead0a8bc33-99" data-testid="conversation-turn-200" data-scroll-anchor="true" data-turn="assistant">
<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:--spacing(4)] @w-sm/main:[--thread-content-margin:--spacing(6)] @w-lg/main:[--thread-content-margin:--spacing(16)] px-(--thread-content-margin)">
<div class="[--thread-content-max-width:40rem] @w-lg/main:[--thread-content-max-width:48rem] mx-auto max-w-(--thread-content-max-width) flex-1 group/turn-messages focus-visible:outline-hidden relative flex w-full min-w-0 flex-col agent-turn" tabindex="-1">
<div class="flex max-w-full flex-col grow">
<div class="min-h-8 text-message relative flex w-full flex-col items-end gap-2 text-start break-words whitespace-normal [.text-message+&amp;]:mt-1" dir="auto" data-message-author-role="assistant" data-message-id="285d76ed-6c71-49d2-89de-889bd2198b13" data-message-model-slug="gpt-5-mini">
<div class="flex w-full flex-col gap-1 empty:hidden first:pt-[1px]">
<div class="markdown prose dark:prose-invert w-full break-words light markdown-new-styling">
<h1 data-start="0" data-end="89"><strong data-start="0" data-end="89">राज्यसभा में नहीं पहुंचे एक भी केंद्रीय मंत्री, सभापति ने की 10 मिनट कार्यवाही स्थगित</strong></h1>
<p data-start="91" data-end="631">नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान शुक्रवार को राज्यसभा की कार्यवाही में एक अप्रत्याशित घटनाक्रम हुआ। जब 13 दिसंबर 2001 के संसद हमले में शहीद हुए वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कार्यवाही की शुरुआत हुई, तो विपक्षी सांसदों ने यह मुद्दा उठाया कि सदन में एक भी केंद्रीय मंत्री मौजूद नहीं था। इस पर, सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सत्तारूढ़ सरकार को नोटिस दिया और कार्यवाही स्थगित करने का निर्णय लिया। यह घटनाक्रम विपक्ष के लिए एक नया मुद्दा बन गया, और इसे लेकर सवाल खड़े हुए कि सरकार अपनी जिम्मेदारियों को कितनी गंभीरता से ले रही है।</p>
<h2 data-start="633" data-end="661"><strong data-start="633" data-end="661">विपक्षी सांसदों का विरोध</strong></h2>
<p data-start="663" data-end="1134">जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई और श्रद्धांजलि अर्पित की गई, विपक्षी सांसदों ने सरकार की लापरवाही को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे सदन का अपमान बताते हुए कहा कि जब तक कोई कैबिनेट मंत्री सदन में नहीं आता, तब तक कार्यवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह सरकार की ओर से संसद के प्रति अनादर है। जयराम रमेश ने सरकार की निंदा करते हुए कहा कि यह न केवल कैबिनेट मंत्रियों की उपेक्षा को दर्शाता है, बल्कि लोकतंत्र की मर्यादा का भी उल्लंघन है।</p>
<h3 data-start="1136" data-end="1179"><strong data-start="1136" data-end="1179">सभापति का बयान और कार्यवाही स्थगित करना</strong></h3>
<p data-start="1181" data-end="1621">विपक्ष के विरोध को देखते हुए, सभापति सीपी राधाकृष्णन ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को सरकार के सामने उठाएंगे और एक जूनियर मंत्री से आग्रह करेंगे कि वह किसी कैबिनेट मंत्री को सदन में बुलाएं। हालांकि, विपक्षी सांसद इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने सदन की कार्यवाही तब तक स्थगित करने की मांग की जब तक कोई कैबिनेट मंत्री मौजूद नहीं होता। इसके बाद, सभापति ने पांच मिनट का इंतजार करने के बाद कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।</p>
<p data-start="1181" data-end="1621"><img fetchpriority="high" decoding="async" class=" wp-image-296146 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/34-1-300x177.jpg" alt="34 1" width="515" height="304" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/34-1-300x177.jpg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/34-1.jpg 580w" sizes="(max-width: 515px) 100vw, 515px" /></p>
<h4 data-start="1623" data-end="1651"><strong data-start="1623" data-end="1651">किरन रिजिजू ने जताया खेद</strong></h4>
<p data-start="1653" data-end="2214">राज्यसभा की कार्यवाही फिर से शुरू होने पर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मुद्दे पर खेद जताया और स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों की अनुपस्थिति के कारणों को समझाया और कहा कि उन्हें लोकसभा में पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए उपस्थित होना पड़ा था। इसके अतिरिक्त, नेता सदन जेपी नड्डा के नाम से लोकसभा में सवाल उठाए गए थे, जिनके कारण वह भी वहां उपस्थित थे। किरेन रिजिजू ने कहा कि वह इस बात को समझते हैं कि यह एक संवेदनशील मुद्दा है और उन्हें खेद है कि कैबिनेट मंत्री राज्यसभा में उपस्थित नहीं थे।</p>
<h5 data-start="2216" data-end="2243"><strong data-start="2216" data-end="2243">कांग्रेस की प्रतिक्रिया</strong></h5>
<p data-start="2245" data-end="2614">कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिवराज पाटिल, जो कि राज्यसभा के भी सदस्य रहे हैं, के निधन पर श्रद्धांजलि देने का अधिकार राज्यसभा में भी बनता था। उनका कहना था कि सरकार ने इस मामले में भी उचित सम्मान नहीं दिखाया। इस पर किरेन रिजिजू ने कहा कि औपचारिक प्रक्रियाओं के तहत थोड़ा समय लग रहा था, लेकिन राज्यसभा में भी उचित श्रद्धांजलि दी जाएगी।</p>
<h6 data-start="2616" data-end="2658"><strong data-start="2616" data-end="2658">सदन की कार्यवाही के बाद मंत्री उपस्थित</strong></h6>
<p data-start="2660" data-end="2992">सदन की पुनः शुरू होने के बाद, निर्मला सीतारमण, किरेन रिजिजू, और जेपी नड्डा सहित अन्य केंद्रीय मंत्री राज्यसभा में उपस्थित हुए। विपक्ष के तीव्र विरोध के बाद, मंत्रियों की अनुपस्थिति का मसला खत्म हुआ और कार्यवाही आगे बढ़ी। इस घटना ने न केवल सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, बल्कि संसद में कार्यवाही की गंभीरता को लेकर भी बहस छेड़ी।</p>
<pre data-start="2994" data-end="3007"><strong data-start="2994" data-end="3007">निष्कर्ष:</strong></pre>
<p data-start="3009" data-end="3343" data-is-last-node="" data-is-only-node="">यह घटनाक्रम संसद की कार्यवाही में सरकार की जिम्मेदारियों और केंद्रीय मंत्रियों की अनुपस्थिति को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों को सामने लाता है। राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित होने से यह भी साबित हुआ कि विपक्षी दलों के लिए यह मुद्दा एक बड़ा राजनीतिक बिंदु बन गया है, जो आने वाले समय में संसद के अंदर और बाहर चर्चा का कारण बन सकता है।</p>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="z-0 flex min-h-[46px] justify-start"></div>
</div>
</div>
</article>
</div>
<div class="pointer-events-none h-px w-px absolute bottom-0" aria-hidden="true" data-edge="true"></div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
