<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Navratri October 11 &#8211; Swaraj Vani</title>
	<atom:link href="https://swarajvani.com/tag/navratri-october-11/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<description>From politics and jobs to culture and community stories, we deliver timely, unbiased updates that matter.</description>
	<lastBuildDate>Wed, 07 Oct 2026 09:54:01 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.3</generator>

<image>
	<url>https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/07/cropped-स्वराज-वाणी-1-32x32.png</url>
	<title>Navratri October 11 &#8211; Swaraj Vani</title>
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र, हाथी पर होगा मां दुर्गा का आगमन; सुख-समृद्धि का प्रतीक है गज सवारी</title>
		<link>https://swarajvani.com/sharadiya-navratri-2026-begins-october-11-maa-durgas-elephant-arrival-symbolizes/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 07 Oct 2026 09:54:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[religious]]></category>
		<category><![CDATA[Durga Puja]]></category>
		<category><![CDATA[Elephant Arrival]]></category>
		<category><![CDATA[Ghatasthapana]]></category>
		<category><![CDATA[Maa Durga]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri October 11]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=364792</guid>

					<description><![CDATA[11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र, हाथी पर होगा मां दुर्गा का आगमन; सुख-समृद्धि का प्रतीक है गज सवारी धर्म डेस्क। शक्ति की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र इस वर्ष 11 ... <a title="11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र, हाथी पर होगा मां दुर्गा का आगमन; सुख-समृद्धि का प्रतीक है गज सवारी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/sharadiya-navratri-2026-begins-october-11-maa-durgas-elephant-arrival-symbolizes/" aria-label="Read more about 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र, हाथी पर होगा मां दुर्गा का आगमन; सुख-समृद्धि का प्रतीक है गज सवारी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र, हाथी पर होगा मां दुर्गा का आगमन; सुख-समृद्धि का प्रतीक है गज सवारी</strong></h1>
<p><strong>धर्म डेस्क।</strong> शक्ति की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र इस वर्ष 11 अक्टूबर, रविवार से प्रारंभ होगा। अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होने वाले इस पर्व में श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना करेंगे। दी गई जानकारी के अनुसार, नवरात्र का शुभारंभ चित्रा नक्षत्र में होगा। रविवार से नवरात्र शुरू होने के कारण धार्मिक परंपरा में मां दुर्गा का आगमन हाथी पर माना जाएगा। गज सवारी को सुख, समृद्धि, स्थायित्व और वैभव का प्रतीक माना जाता है।</p>
<h3><strong>हाथी पर आगमन का धार्मिक महत्व</strong></h3>
<p>नवरात्र में देवी के आगमन की सवारी को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्सुकता रहती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नवरात्र आरंभ होने वाले दिन के आधार पर देवी की आगमन सवारी निर्धारित मानी जाती है। इस बार रविवार होने के कारण हाथी को मां के आगमन का वाहन बताया गया है।</p>
<p>हाथी पर देवी का आगमन श्रद्धालुओं के लिए शुभ संकेत माना जाता है। इसे आर्थिक प्रगति, खुशहाली और लोककल्याण से जोड़कर देखा जाता है। ये फल धार्मिक आस्था और परंपरा का हिस्सा हैं। भक्त मां दुर्गा से परिवार की सुख-शांति, अच्छे स्वास्थ्य और जीवन में सकारात्मकता की प्रार्थना करते हैं।</p>
<h3><strong>नौ स्वरूपों की होगी आराधना</strong></h3>
<p>शारदीय नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इनमें शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री शामिल हैं। प्रत्येक स्वरूप के साथ अलग धार्मिक महत्व और उपासना परंपरा जुड़ी है।</p>
<p>श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजन, मंत्र जाप, दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं। अनेक भक्त व्रत रखकर देवी की साधना करते हैं। नवरात्र को श्रद्धा के साथ संयम, अनुशासन और मन की शुद्धि का अवसर भी माना जाता है। पूजा का केंद्र देवी के प्रति भक्ति और समर्पण रहता है।</p>
<h3><strong>घटस्थापना से शुरू होगा पूजन</strong></h3>
<p>नवरात्र के प्रथम दिन घटस्थापना अथवा कलश स्थापना के साथ देवी पूजन का शुभारंभ किया जाता है। श्रद्धालु पूजा स्थल की साफ-सफाई कर मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करते हैं। इसके बाद अपनी परंपरा के अनुसार कलश स्थापना, दीप प्रज्ज्वलन और पूजा का संकल्प लिया जाता है।</p>
<p>कुछ परिवारों में अखंड ज्योति जलाने की परंपरा है, जबकि अन्य श्रद्धालु सुबह और शाम नियमित आरती करते हैं। घटस्थापना के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ समय की जानकारी लेना उचित रहेगा। उपलब्ध समाचार विवरण में घटस्थापना का निश्चित मुहूर्त नहीं दिया गया है, इसलिए किसी अनुमानित समय को मुहूर्त नहीं माना जाना चाहिए।</p>
<h3><strong>साधना में शुभ योगों का महत्व</strong></h3>
<p>धार्मिक मान्यताओं में नवरात्र के दौरान बनने वाले शुभ योगों को साधना और पूजन के लिए विशेष माना जाता है। अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का उल्लेख इसी संदर्भ में किया जाता है। श्रद्धालु इन अवसरों पर देवी आराधना और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।</p>
<p>दी गई खबर के अनुसार, इस बार महाअष्टमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। इसे पूजा और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। हालांकि, योग के आरंभ और समाप्ति का समय उपलब्ध विवरण में नहीं है। विशेष अनुष्ठान करने वाले श्रद्धालु स्थानीय पंचांग या जानकार पुरोहित से समय की पुष्टि कर सकते हैं।</p>
<h3><strong>श्रद्धा और सेवा का पर्व</strong></h3>
<p>नवरात्र में अष्टमी या नवमी पर पारिवारिक परंपरा के अनुसार कन्या पूजन और भोजन कराने का विधान भी प्रचलित है। श्रद्धालु देवी आराधना के साथ जरूरतमंदों की सहायता और सेवा कार्य करते हैं। पर्व का संदेश भक्ति, करुणा और सद्भाव से भी जुड़ा है।</p>
<p>11 अक्टूबर से शुरू होने वाले शारदीय नवरात्र में भक्त मां दुर्गा से सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करेंगे। हाथी पर आगमन की मान्यता इस वर्ष के पर्व को श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व प्रदान करती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
