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	<title>National Pension System &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>MP National Pension System: सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से 10% कटौती, सरकार देती है 14% योगदान; जानें रिटायरमेंट के नियम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 10 Oct 2026 07:27:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[MP National Pension System: सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से 10% कटौती, सरकार देती है 14% योगदान; जानें रिटायरमेंट के नियम भोपाल। मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत ... <a title="MP National Pension System: सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से 10% कटौती, सरकार देती है 14% योगदान; जानें रिटायरमेंट के नियम" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-nps-rules-10-salary-deduction-14-government-contribution-and-retirement-withdrawal/" aria-label="Read more about MP National Pension System: सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से 10% कटौती, सरकार देती है 14% योगदान; जानें रिटायरमेंट के नियम">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP National Pension System: सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से 10% कटौती, सरकार देती है 14% योगदान; जानें रिटायरमेंट के नियम</strong></h1>
<p><strong>भोपाल।</strong> मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत आने वाले सरकारी कर्मचारियों के वेतन से हर महीने पेंशन खाते में अंशदान जमा किया जाता है। कर्मचारी के वेतन से मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) का 10 प्रतिशत काटा जाता है। राज्य सरकार अपनी ओर से इसी आधार पर 14 प्रतिशत योगदान देती है। यह राशि कर्मचारी के व्यक्तिगत पेंशन खाते में जमा होती है और निवेश के जरिए बढ़ती है। इसलिए कर्मचारियों के लिए यह जानना जरूरी है कि योजना किन पर लागू है, PRAN नंबर क्या है और सेवानिवृत्ति के समय जमा राशि का भुगतान किस तरह होता है।</p>
<h2><strong>किन कर्मचारियों पर लागू है NPS?</strong></h2>
<p>मध्य प्रदेश सरकार के पेंशन निदेशालय के अनुसार, 1 जनवरी 2005 और उसके बाद राज्य के सिविल पदों पर नियुक्त होने वाले सरकारी कर्मचारियों पर नई पेंशन योजना अनिवार्य रूप से लागू है। यह परिभाषित अंशदान वाली योजना है। इसमें कर्मचारी और सरकार, दोनों का योगदान खाते में जमा होता है। NPS के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को सामान्य पुरानी पेंशन और GPF व्यवस्था का लाभ उसी रूप में लागू नहीं होता। किसी कर्मचारी की पात्रता या सेवा संबंधी स्थिति में संदेह हो तो उसे अपने विभाग के आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) या कोषालय से जानकारी लेनी चाहिए।</p>
<h2><strong>हर महीने कितना पैसा जमा होता है?</strong></h2>
<p>कर्मचारी का अंशदान उसके <strong>मूल वेतन और महंगाई भत्ते के कुल योग का 10 प्रतिशत</strong> होता है। राज्य सरकार इसी गणना के आधार पर <strong>14 प्रतिशत योगदान</strong> जमा करती है। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी का मूल वेतन और DA मिलाकर 50,000 रुपये है, तो कर्मचारी के खाते में 5,000 रुपये और सरकार की ओर से 7,000 रुपये जमा होंगे। यानी इस उदाहरण में खाते में कुल 12,000 रुपये का अंशदान जाएगा। वास्तविक राशि कर्मचारी के वेतन और लागू नियमों के अनुसार अलग हो सकती है।</p>
<p>मध्य प्रदेश में सरकार का अंशदान 1 अप्रैल 2021 से 14 प्रतिशत किया गया था। अंशदान की कटौती नियुक्ति के अगले महीने से वेतन के साथ शुरू होती है। कर्मचारी का हिस्सा वेतन से काटकर और सरकार का हिस्सा जोड़कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खाते में भेजा जाता है।</p>
<h2><strong>PRAN नंबर क्यों जरूरी है?</strong></h2>
<p>NPS खाते की पहचान स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या यानी PRAN से होती है। यह प्रत्येक कर्मचारी का अलग और स्थायी खाता नंबर होता है। इसी खाते में कर्मचारी और सरकार के योगदान का रिकॉर्ड रहता है। पेंशन निदेशालय के अनुसार, कर्मचारी की जानकारी विभागीय अधिकारी कोषालय के माध्यम से दर्ज कराते हैं, जिसके बाद PRAN आवंटित किया जाता है। कर्मचारियों को अपना PRAN, वेतन पर्ची और खाते में जमा अंशदान का विवरण नियमित रूप से जांचना चाहिए। रिकॉर्ड में गलती या अंशदान जमा न दिखने पर पहले विभागीय DDO से संपर्क किया जा सकता है।</p>
<h2><strong>रिटायरमेंट पर कितनी राशि मिलती है?</strong></h2>
<p>सामान्य सेवानिवृत्ति पर जमा पेंशन राशि का कम से कम 40 प्रतिशत हिस्सा वार्षिकी (annuity) खरीदने में लगाया जाता है। इससे कर्मचारी को नियमानुसार नियमित पेंशन मिलती है। शेष राशि, यानी अधिकतम 60 प्रतिशत, एकमुश्त निकाली जा सकती है। यदि सेवानिवृत्ति के समय खाते में कुल जमा राशि 5 लाख रुपये या उससे कम हो, तो मध्य प्रदेश पेंशन निदेशालय के अनुसार कर्मचारी पूरी राशि निकालने का विकल्प चुन सकता है।</p>
<p>वार्षिकी से मिलने वाली मासिक पेंशन की रकम सभी कर्मचारियों के लिए समान नहीं होती। यह खाते में जमा कुल राशि, चुनी गई वार्षिकी योजना और संबंधित शर्तों पर निर्भर करती है। इसलिए NPS को निश्चित ब्याज दर वाली बचत योजना नहीं समझना चाहिए। खाते का मूल्य निवेश से मिलने वाले रिटर्न के अनुसार बदल सकता है।</p>
<h2><strong>समय से पहले निकासी और अन्य स्थितियां</strong></h2>
<p>NPS खाते से सेवानिवृत्ति से पहले बाहर निकलने पर अलग नियम लागू होते हैं। PFRDA के नियमों के अनुसार, समय से पहले निकासी में सामान्यतः कम से कम 80 प्रतिशत जमा राशि वार्षिकी खरीदने में लगती है और शेष 20 प्रतिशत एकमुश्त दिया जाता है। कुछ विशेष स्थितियों और जमा राशि की सीमा के आधार पर अलग विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। कर्मचारी को आवेदन से पहले अपने विभाग, CRA या संबंधित पेंशन कार्यालय से अपने मामले पर लागू नियमों की पुष्टि करनी चाहिए।</p>
<p>कर्मचारियों को वेतन पर्ची में हर महीने की कटौती, सरकार के अंशदान और PRAN खाते में जमा रकम का मिलान करते रहना चाहिए। सेवानिवृत्ति के नजदीक पहुंचने पर निकासी और वार्षिकी के विकल्पों की जानकारी पहले जुटाना भी उपयोगी है। इन नियमों की पुष्टि मध्य प्रदेश पेंशन निदेशालय और PFRDA की आधिकारिक जानकारी से की जा सकती है।</p>
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