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	<title>Military Tensions &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>US-Iran तनाव: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद, तेल संकट, ट्रंप की रणनीति, प्रतीकात्मक जीत या सैन्य जोखिम बढ़ा।</title>
		<link>https://swarajvani.com/us-iran-tensions-strait-of-hormuz-blocked-oil/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Mar 2026 12:24:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[international news]]></category>
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					<description><![CDATA[इवो जिमा से Iran संकट तक: अमेरिका की रणनीति और वैश्विक प्रभाव इवो जिमा: अमेरिकी इतिहास की सबसे प्रतीकात्मक जीत अमेरिकी सेना की 20वीं सदी की सबसे प्रसिद्ध तस्वीर 23 ... <a title="US-Iran तनाव: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद, तेल संकट, ट्रंप की रणनीति, प्रतीकात्मक जीत या सैन्य जोखिम बढ़ा।" class="read-more" href="https://swarajvani.com/us-iran-tensions-strait-of-hormuz-blocked-oil/" aria-label="Read more about US-Iran तनाव: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद, तेल संकट, ट्रंप की रणनीति, प्रतीकात्मक जीत या सैन्य जोखिम बढ़ा।">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>इवो जिमा से Iran संकट तक: अमेरिका की रणनीति और वैश्विक प्रभाव</strong></h1>
<h2 data-section-id="lv6q4s" data-start="165" data-end="218">इवो जिमा: अमेरिकी इतिहास की सबसे प्रतीकात्मक जीत</h2>
<p data-start="220" data-end="656">अमेरिकी सेना की 20वीं सदी की सबसे प्रसिद्ध तस्वीर 23 फरवरी 1945 को ली गई थी। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान छह अमेरिकी सैनिकों ने माउंट सुरिबाची की चोटी पर अमेरिकी झंडा फहराया। यह इवो जिमा (Iwo Jima) द्वीप पर हुई घटना थी, जो प्रशांत महासागर में स्थित है। जापान से इस द्वीप पर कब्जा करना अमेरिका की “आइलैंड हॉपिंग” रणनीति का हिस्सा था। इसका उद्देश्य जापान के मुख्य द्वीपों तक पहुँच बनाने से पहले छोटे द्वीपों पर नियंत्रण प्राप्त करना था।</p>
<p data-start="658" data-end="958">इवो जिमा पर कब्जे के बाद अमेरिका ने हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए और 15 अगस्त 1945 को जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया। यह लड़ाई अमेरिकी इतिहास में वीरता और रणनीतिक जीत का प्रतीक बन गई। माउंट सुरिबाची की चोटी पर झंडा फहराना अमेरिकी सेना के साहस और दृढ़ संकल्प का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।</p>
<h2 data-section-id="szru2n" data-start="965" data-end="1014"><strong>21वीं सदी में मध्य पूर्व की तनावपूर्ण स्थिति</strong></h2>
<p data-start="1016" data-end="1323">लगभग 80 साल बाद अब Us और Isreal Iran के खिलाफ सैन्य दबाव बढ़ा रहे हैं। ईरान ने इजरायल, यूएई, सऊदी अरब, ओमान, कतर और बहरीन पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इसके अलावा, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक कर दिया है। यह मार्ग दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति का मुख्य मार्ग है।</p>
<p data-start="1325" data-end="1553">इस कार्रवाई ने वैश्विक तेल और गैस बाजार में संकट पैदा कर दिया है। तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में चिंता का माहौल बना हुआ है। अमेरिकी आर्थिक और राजनीतिक हित इस संकट से सीधे प्रभावित हो रहे हैं।</p>
<h2 data-section-id="kqhfgw" data-start="1560" data-end="1607"><strong>अमेरिकी रणनीति और राष्ट्रपति ट्रंप का दबाव</strong></h2>
<p data-start="1609" data-end="1916">अमेरिका के लिए यह समय बेहद संवेदनशील है। राष्ट्रपति ट्रंप को इस साल कई महत्वपूर्ण इवेंट का सामना करना है, जिनमें मई में चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता, 4 जुलाई को अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ और नवंबर में मिडटर्म चुनाव शामिल हैं। ऐसे समय में ट्रंप किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं दिखना चाहते।</p>
<p data-start="1918" data-end="2230">अमेरिका ने ईरान पर एयरस्ट्राइक, ड्रोन हमले और प्रतीकात्मक हमले किए हैं। लेकिन जमीनी हमला करना आसान नहीं है। ईरान की सेना, आईआरजीसी और बसीज मिलाकर लगभग दस लाख सैनिकों की ताकत रखती है। अमेरिका 10,000 सैनिकों से जमीनी कार्रवाई नहीं कर सकता, इसलिए वह सीमित कार्रवाई और प्रतीकात्मक जीत की रणनीति पर विचार कर रहा है।</p>
<h2 data-section-id="1o9qgp2" data-start="2237" data-end="2279"><strong>फारस की खाड़ी के द्वीप संभावित लक्ष्य</strong></h2>
<p data-start="2281" data-end="2457">संभावित लक्ष्य फारस की खाड़ी के द्वीप हैं, जैसे खार्ग, होर्मुज और अबू मूसा। इनमें खार्ग द्वीप सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि ईरान का लगभग 90 प्रतिशत तेल वहीं से निर्यात होता है।</p>
<p data-start="2459" data-end="2755">अमेरिका प्रतीकात्मक जीत के लिए इन द्वीपों पर हमला कर सकता है। लेकिन यह आसान नहीं है। द्वीपों की मजबूत सुरक्षा, बारूदी सुरंगें और ईरानी मिसाइल व ड्रोन की मौजूदगी इसे खतरनाक बनाती है। यदि अमेरिकी जमीनी हमला करते हैं, तो ईरान समुद्र में खदानें बिछाकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद कर सकता है।</p>
<h2 data-section-id="p249dd" data-start="2762" data-end="2797"><strong>इतिहास से सीख: ऑपरेशन ईगल क्लॉ</strong></h2>
<p data-start="2799" data-end="3061">1980 में ऑपरेशन ईगल क्लॉ के दौरान अमेरिका ने ईरान में बंधकों को छुड़ाने का प्रयास किया था। यह मिशन असफल रहा। हेलिकॉप्टर दुर्घटना में आठ अमेरिकी सैनिक मारे गए और मिशन विफल हो गया। तत्कालीन राष्ट्रपति जिमी कार्टर की छवि को नुकसान पहुँचा और उन्होंने चुनाव हार गए।</p>
<p data-start="3063" data-end="3286">इस इतिहास से स्पष्ट है कि सैन्य कार्रवाई में प्रतीकात्मक जीत का प्रयास भी जोखिमपूर्ण हो सकता है। इतिहास बार-बार यह दिखाता है कि जब सैन्य बल का उपयोग geopolitics में किया जाता है, तो परिणाम अनिश्चित और जोखिमपूर्ण होते हैं।</p>
<h2 data-section-id="1i0xi6n" data-start="3293" data-end="3332"><strong>वैश्विक तेल और अर्थव्यवस्था पर असर</strong></h2>
<p data-start="3334" data-end="3500">तेल की कीमतों में लगभग 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। ईरान की रणनीति ने अमेरिका और इजरायल को सीधे टकराव में खड़ा कर दिया है।</p>
<p data-start="3502" data-end="3762">अमेरिका ने 6000 से अधिक मरीन और पैराट्रूपर्स पश्चिम एशिया भेजे हैं। इसके अलावा USS Boxer अप्रैल की शुरुआत में ईरान के पास पहुँचने वाला है। हालांकि, ईरान का मनोबल अभी भी मजबूत है और उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक कर दुनिया के तेल प्रवाह को प्रभावित किया है।</p>
<h2 data-section-id="vat886" data-start="3769" data-end="3796"><strong>सीमित विकल्प और रणनीति</strong></h2>
<p data-start="3798" data-end="4057">पाकिस्तान के जरिए वार्ता जारी है। यदि वार्ता सफल होती है, तो सैन्य टकराव टल सकता है। लेकिन यदि विफल होती है, तो अमेरिका केवल सीमित सैन्य कार्रवाई का विकल्प चुन सकता है। प्रतीकात्मक जीत, जैसे इवो जिमा में अमेरिका ने हासिल की थी, एक संभावित रणनीति हो सकती है।</p>
<p data-start="4059" data-end="4224">इस रणनीति में अमेरिका किसी द्वीप या तेल उत्पादन केंद्र पर हमला कर प्रतीकात्मक विजय हासिल कर सकता है, ताकि वैश्विक मीडिया और घरेलू जनता के सामने अपनी ताकत दिखा सके।</p>
<h2 data-section-id="zg6rkb" data-start="4231" data-end="4277"><strong>अमेरिका और ईरान के बीच टकराव का जटिल नाटक</strong></h2>
<p data-start="4279" data-end="4460">यह टकराव एक जटिल मोड़ पर है। एक तरफ प्रतीकात्मक जीत का आकर्षण है, दूसरी तरफ गहरी और खतरनाक सैन्य स्थिति का जोखिम है। अमेरिकी नेतृत्व सावधानीपूर्वक विकल्पों का मूल्यांकन कर रहा है।</p>
<p data-start="4462" data-end="4666">सैन्य, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से यह संघर्ष बेहद संवेदनशील है। अगर कोई गलती होती है, तो इसके परिणाम सीधे वैश्विक तेल बाजार, अमेरिकी अर्थव्यवस्था और मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक संतुलन पर पड़ सकते हैं।</p>
<h2 data-section-id="kt0eyp" data-start="4673" data-end="4720"><strong>निष्कर्ष: प्रतीकात्मक जीत बनाम सैन्य जोखिम</strong></h2>
<p data-start="4722" data-end="4914">अमेरिका और ईरान के बीच यह टकराव किसी नाटक से कम नहीं है। इतिहास, भू-राजनीतिक स्थिति और तेल बाजार की संवेदनशीलता सभी इसे अत्यंत जटिल बनाते हैं। अमेरिका को अपने अगले कदम सोच-समझकर उठाने होंगे।</p>
<p data-start="4916" data-end="5102">प्रतीकात्मक जीत का लालच, जैसे इवो जिमा की जीत, आकर्षक है। लेकिन गहरी सैन्य और राजनीतिक दुविधा हमेशा जोखिम बढ़ाती है। इस समय वैश्विक समुदाय भी इस संघर्ष की हर नई घटना पर नजर रखे हुए है।</p>
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		<title>उत्तर कोरिया ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया की बढ़ती सैन्य साझेदारी पर दी चेतावनी : ‘आक्रामक कदम’ उठाने को तैयार</title>
		<link>https://swarajvani.com/us-south-korea-military-partnership/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 08 Nov 2025 08:31:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[international news]]></category>
		<category><![CDATA[Military Tensions]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया की बढ़ती सैन्य साझेदारी पर खुलकर नाराजगी जताई है। प्योंगयांग ने साफ किया है कि वह अपने “दुश्मनों के खिलाफ और अधिक आक्रामक ... <a title="उत्तर कोरिया ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया की बढ़ती सैन्य साझेदारी पर दी चेतावनी : ‘आक्रामक कदम’ उठाने को तैयार" class="read-more" href="https://swarajvani.com/us-south-korea-military-partnership/" aria-label="Read more about उत्तर कोरिया ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया की बढ़ती सैन्य साझेदारी पर दी चेतावनी : ‘आक्रामक कदम’ उठाने को तैयार">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया की बढ़ती सैन्य साझेदारी पर खुलकर नाराजगी जताई है। प्योंगयांग ने साफ किया है कि वह अपने “दुश्मनों के खिलाफ और अधिक आक्रामक कदम” उठाने के लिए तैयार है। यह बयान उत्तर कोरिया के हाल ही में पूर्वी तट पर किए गए बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के ठीक एक दिन बाद आया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class=" wp-image-289477" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/11/SOTH-300x169.jpg" alt="SOTH" width="680" height="383" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/11/SOTH-300x169.jpg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/11/SOTH.jpg 768w" sizes="(max-width: 680px) 100vw, 680px" /></p>
<p><strong>अमेरिकी विमान वाहक और सुरक्षा वार्ता पर असंतोष</strong></p>
<p>उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के बुसान बंदरगाह में अमेरिकी विमान वाहक की एंट्री और हाल ही में हुई सुरक्षा वार्ता पर सख्त आपत्ति जताई। उत्तर कोरिया के रक्षा मंत्री नो क्वांग चोल ने कहा कि प्योंगयांग अमेरिकी सैन्य मौजूदगी और सुरक्षा सहयोग को क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाला कदम मानता है। उनका कहना था कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया मिलकर उत्तर कोरिया के खिलाफ सैन्य रोकथाम बढ़ा रहे हैं और अपने पारंपरिक और परमाणु हथियारों को एकीकृत करने की योजना बना रहे हैं।</p>
<p>नो क्वांग चोल ने चेतावनी दी, “यह डीपीआरके (Democratic People’s Republic of Korea) के खिलाफ उनकी शत्रुतापूर्ण नीयत का खुला और स्पष्ट संकेत है। हम दुश्मनों की धमकियों के खिलाफ सुरक्षा सुनिश्चित करने और शांति की रक्षा के लिए और अधिक आक्रामक कदम उठाएंगे।” उन्होंने अमेरिकी विमान वाहक जॉर्ज वॉशिंगटन की बुसान में एंट्री और हाल ही में हुए संयुक्त हवाई अभ्यासों का हवाला देते हुए इसे तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया।</p>
<p><strong>संयुक्त सैन्य अभ्यासों का विरोध</strong></p>
<p>उत्तर कोरिया ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया की सुरक्षा साझेदारी को क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया। नो क्वांग चोल ने कहा कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया मिलकर प्योंगयांग के खिलाफ एक आक्रामक रणनीति तैयार कर रहे हैं। उन्होंने अमेरिकी प्रतिबंधों और साइबर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को भी आलोचना का विषय बताया, जिन्हें अमेरिका ने हाल ही में लगाए हैं।</p>
<p><strong>अमेरिका और दक्षिण कोरिया का जवाब</strong></p>
<p>अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका-दक्षिण कोरिया गठबंधन का मुख्य उद्देश्य उत्तर कोरिया को रोकना है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका क्षेत्रीय खतरों के अनुसार सैनिकों की तैनाती में लचीलापन रखता है। वहीं, दक्षिण कोरिया ने अमेरिकी विमान वाहक की मौजूदगी को केवल रसद और क्रू के विश्राम तक सीमित बताया।</p>
<p><strong>क्षेत्रीय तनाव बढ़ा</strong></p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया की यह गतिविधि न सिर्फ कोरियाई प्रायद्वीप बल्कि पूरे पूर्व एशिया में तनाव बढ़ा सकती है। पिछले हफ्ते प्योंगयांग ने पश्चिमी कोरियाई प्रायद्वीप में क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया था। यह परीक्षण अमेरिकी प्रतिबंधों और अमेरिका-दक्षिण कोरिया के संयुक्त अभ्यासों के बाद हुआ।</p>
<p><strong>सुरक्षा और वार्ता के बीच संतुलन</strong></p>
<p>उत्तर कोरिया ने कहा है कि उसकी आने वाली गतिविधियाँ राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए होंगी। वहीं अमेरिका और दक्षिण कोरिया दोनों ने क्षेत्रीय तनाव को कम करने और वार्ता के जरिए समाधान खोजने की कोशिशें जारी रखी हैं।</p>
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