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	<title>MadhyaPradeshTourism &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>MadhyaPradeshTourism &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>बढ़ता पर्यटन, घटती हरियाली? Pachmarhi पर विशेषज्ञों की चेतावनी</title>
		<link>https://swarajvani.com/revellers-throng-pachmarhi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 05 Jan 2026 12:40:34 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[Pachmarhi हिल्स: पर्यटन उछाल से चमकी पचमढ़ी, लेकिन बढ़ी पर्यावरणीय चिंता मध्य प्रदेश के होशंगाबाद (नर्मदापुरम) जिले में स्थित Pachmarhi हिल्स, जिसे ‘सतपुड़ा की रानी’ कहा जाता है, एक बार ... <a title="बढ़ता पर्यटन, घटती हरियाली? Pachmarhi पर विशेषज्ञों की चेतावनी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/revellers-throng-pachmarhi/" aria-label="Read more about बढ़ता पर्यटन, घटती हरियाली? Pachmarhi पर विशेषज्ञों की चेतावनी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong style="font-family: inherit; font-size: 42px; font-style: inherit;" data-start="4" data-end="69"><strong style="font-family: inherit; font-size: 42px; font-style: inherit;" data-start="4" data-end="69">Pachmarhi हिल्स: </strong></strong><strong style="font-size: inherit;" data-start="489" data-end="548">पर्यटन उछाल से चमकी पचमढ़ी, लेकिन बढ़ी पर्यावरणीय चिंता</strong></h1>
<p data-start="127" data-end="602">मध्य प्रदेश के होशंगाबाद (नर्मदापुरम) जिले में स्थित Pachmarhi हिल्स, जिसे ‘सतपुड़ा की रानी’ कहा जाता है, एक बार फिर सुर्खियों में है। प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगल, झरने, ऐतिहासिक गुफाएं और धार्मिक आस्था के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध Pachmarhi आज पर्यटन के बढ़ते दबाव, विकास योजनाओं और पर्यावरण संरक्षण की चुनौतियों के बीच खड़ा है। वर्तमान समय में यह हिल स्टेशन न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, बल्कि सरकारी नीतियों और स्थानीय मुद्दों के कारण भी चर्चा में है।</p>
<h2 data-start="609" data-end="645"><strong data-start="614" data-end="645">पर्यटन में अभूतपूर्व वृद्धि</strong></h2>
<p data-start="647" data-end="1068">पिछले कुछ वर्षों में Pachmarhi में पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। विशेष रूप से नए साल, शीतकालीन अवकाश और त्योहारों के दौरान यहां भारी भीड़ उमड़ रही है। होटल, लॉज और रिसॉर्ट लगभग पूरी तरह भरे रहते हैं। कई बार तो पर्यटकों को कमरे न मिलने की समस्या का सामना भी करना पड़ता है। बढ़ती मांग के कारण होटल किरायों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को आर्थिक लाभ मिला है। पर्यटन विभाग के अनुसार, Pachmarhi अब केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से भी बड़ी संख्या में सैलानियों को आकर्षित कर रहा है। यहां की ठंडी जलवायु, हरियाली और शांत वातावरण लोगों को शहरों की भागदौड़ से राहत प्रदान करता है।</p>
<figure id="attachment_300490" aria-describedby="caption-attachment-300490" style="width: 377px" class="wp-caption aligncenter"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="wp-image-300490 " src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/pach1-300x200.webp" alt="Pachmarhi" width="387" height="258" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/pach1-300x200.webp 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/pach1-1024x684.webp 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/pach1-768x513.webp 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/pach1.webp 1200w" sizes="(max-width: 387px) 100vw, 387px" /><figcaption id="caption-attachment-300490" class="wp-caption-text">       नए दौर में Pachmarhi: भीड़, विकास और भविष्य की चुनौतियां</figcaption></figure>
<h3 data-start="1349" data-end="1387"><strong data-start="1354" data-end="1387">सरकारी विकास योजनाएं और निवेश</strong></h3>
<p data-start="1389" data-end="1706">Pachmarhi को एक आदर्श पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा कई योजनाएं शुरू की गई हैं। करोड़ों रुपये की लागत से पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। इनमें प्रमुख पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण, सड़क और पार्किंग सुविधाओं का विस्तार, पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार शामिल है। बी फॉल, धूपगढ़, जटाशंकर, महादेव और पांडव गुफाओं जैसे स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके। साथ ही, इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए जंगल सफारी, ट्रेकिंग और प्रकृति आधारित गतिविधियों पर भी जोर दिया जा रहा है।</p>
<h4 data-start="1959" data-end="2021"><strong data-start="1964" data-end="2021">निर्माण प्रतिबंध में ढील और स्थानीय लोगों की उम्मीदें</strong></h4>
<p data-start="2023" data-end="2323">Pachmarhi क्षेत्र लंबे समय से निर्माण प्रतिबंधों को लेकर चर्चा में रहा है। हाल ही में कुछ क्षेत्रों में निर्माण नियमों में ढील दिए जाने से स्थानीय निवासियों में खुशी देखी जा रही है। वर्षों से सीमित स्थान और पुराने मकानों में रहने को मजबूर लोगों को अब अपने घरों के विस्तार और मरम्मत की उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियंत्रित और नियोजित निर्माण से न केवल उनकी जीवन-स्थितियां सुधरेंगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी सेवा और गाइड जैसे क्षेत्रों में युवाओं को काम मिलने की संभावना बढ़ेगी।</p>
<h5 data-start="2563" data-end="2604"><strong data-start="2568" data-end="2604">पर्यावरण संरक्षण की गंभीर चुनौती</strong></h5>
<p data-start="2606" data-end="2859">हालांकि विकास और पर्यटन को लेकर उत्साह है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंताएं भी उतनी ही गंभीर हैं। Pachmarhi बायोस्फियर रिज़र्व दुर्लभ वनस्पतियों, औषधीय पौधों और वन्यजीवों का महत्वपूर्ण आवास है। यहां की जैव विविधता पूरे देश में विशेष मानी जाती है। पर्यावरणविदों का मानना है कि अनियंत्रित पर्यटन, बढ़ता कचरा, वाहनों की आवाजाही और निर्माण गतिविधियां इस नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती हैं। जंगलों में शोर, प्लास्टिक प्रदूषण और जल स्रोतों पर दबाव भविष्य में गंभीर संकट का कारण बन सकता है। इसी कारण कई सामाजिक संगठन और पर्यावरण विशेषज्ञ सरकार से सतत विकास नीति अपनाने की मांग कर रहे हैं, ताकि प्रकृति और विकास के बीच संतुलन बना रहे।</p>
<h6 data-start="3268" data-end="3304"><strong data-start="3273" data-end="3304">धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व</strong></h6>
<p data-start="3306" data-end="3619">Pachmarhi केवल प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र भी है। जटाशंकर महादेव, चौरागढ़ महादेव, पांडव गुफाएं और महादेव मंदिर जैसे स्थल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े हैं। महाशिवरात्रि और सावन के महीने में यहां विशेष रूप से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके अलावा, पचमढ़ी महोत्सव जैसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से स्थानीय कला, लोकनृत्य और परंपराओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे न केवल पर्यटन को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होती है।</p>
<h6 data-start="3846" data-end="3885"><strong data-start="3851" data-end="3885">स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव</strong></h6>
<p data-start="3887" data-end="4125">पर्यटन और विकास गतिविधियों का सीधा असर Pachmarhi की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। होटल व्यवसाय, टैक्सी सेवाएं, हस्तशिल्प, स्थानीय बाजार और छोटे दुकानदारों की आय में वृद्धि हुई है। कई परिवारों की आजीविका पूरी तरह पर्यटन पर निर्भर हो गई है। हालांकि, बढ़ती महंगाई और जमीन के दामों में इजाफा कुछ स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय भी बन रहा है। संतुलित नीति के अभाव में आर्थिक असमानता बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>MP का अजूबा! जबलपुर का ‘Balancing Rock ’ 1997 के भूकंप में भी नहीं हिला</title>
		<link>https://swarajvani.com/balancing-rock-in-jabalpur/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Dec 2025 11:04:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मध्य प्रदेश का अनोखा अजूबा: जबलपुर का ‘Balancing Rock’ भूकंप में भी नहीं हिला मध्य प्रदेश के जबलपुर में प्रकृति की अनोखी कारीगरी का एक ऐसा दृश्य मौजूद है, जो ... <a title="MP का अजूबा! जबलपुर का ‘Balancing Rock ’ 1997 के भूकंप में भी नहीं हिला" class="read-more" href="https://swarajvani.com/balancing-rock-in-jabalpur/" aria-label="Read more about MP का अजूबा! जबलपुर का ‘Balancing Rock ’ 1997 के भूकंप में भी नहीं हिला">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 data-start="87" data-end="171"><strong data-start="91" data-end="171">मध्य प्रदेश का अनोखा अजूबा: जबलपुर का ‘Balancing Rock</strong><strong data-start="91" data-end="171">’ भूकंप में भी नहीं हिला</strong></h1>
<p data-start="173" data-end="658">मध्य प्रदेश के जबलपुर में प्रकृति की अनोखी कारीगरी का एक ऐसा दृश्य मौजूद है, जो विज्ञान और गुरुत्वाकर्षण के नियमों को मानो चुनौती देता है। मदन महल की पहाड़ियों पर स्थित प्रसिद्ध <strong data-start="351" data-end="370">‘Balancing Rock ’</strong> सदियों से लोगों को हैरान कर रही है। यह चट्टान न केवल पर्यटन स्थल के रूप में लोकप्रिय है, बल्कि भू-वैज्ञानिकों के लिए भी शोध का एक महत्वपूर्ण विषय बनी हुई है। एशिया के तीन प्रमुख बैलेंसिंग रॉक्स में शामिल यह प्राकृतिक संरचना प्रकृति की अद्भुत शक्ति और संतुलन का अनोखा उदाहरण मानी जाती है।</p>
<p data-start="660" data-end="1028">जबलपुर में रानी दुर्गावती के ऐतिहासिक किले के पास स्थित यह चट्टान देखने में पहली नज़र में साधारण लग सकती है, लेकिन इसकी अनोखी संरचना इसे खास बनाती है। विशाल भार वाली ऊपरी चट्टान नीचे की चट्टान के सिर्फ कुछ इंच के आधार पर टिकी हुई है। दूर से देखने पर तो ऐसा लगता है मानो यह पत्थर कभी भी गिर सकता है, लेकिन वास्तव में यह हजारों सालों से अपनी जगह मजबूती से टिका हुआ है।</p>
<h2 data-start="1035" data-end="1085"><strong data-start="1039" data-end="1085">1997 के विनाशकारी भूकंप में भी नहीं डगमगाई</strong></h2>
<p data-start="1087" data-end="1305">इस Balancing Rock की मजबूती का सबसे बड़ा प्रमाण 22 मई 1997 को तब देखने को मिला जब जबलपुर में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था। यह भूकंप इतना भीषण था कि अनेक मजबूत इमारतें भी धराशायी हो गईं और शहर को भारी नुकसान झेलना पड़ा।</p>
<p data-start="1087" data-end="1305"><img decoding="async" class=" wp-image-295880 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/P-300x225.jpg" alt="P" width="567" height="425" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/P-300x225.jpg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/P.jpg 400w" sizes="(max-width: 567px) 100vw, 567px" /></p>
<p data-start="1307" data-end="1578">हैरानी की बात यह थी कि भूकंप के इतने जोरदार झटकों के बावजूद यह बैलेंसिंग रॉक बिल्कुल भी नहीं हिली। जिस समय पक्की इमारतें ढह रही थीं, उस समय केवल कुछ इंच के आधार पर टिकी यह चट्टान अपनी जगह अडिग खड़ी रही। इस घटना ने स्थानीय लोगों से लेकर वैज्ञानिकों तक सभी को चकित कर दिया।</p>
<h3 data-start="1585" data-end="1647"><strong data-start="1589" data-end="1647">गुरुत्वाकर्षण और प्रकृति की इंजीनियरिंग का अनूठा नमूना</strong></h3>
<p data-start="1649" data-end="1935">भू-वैज्ञानिकों ने कई बार यह समझने की कोशिश की है कि आखिर इतनी भारी चट्टान कैसे इतने पतले आधार पर संतुलित है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह चट्टान गुरुत्वाकर्षण का एक शानदार उदाहरण है। इसका द्रव्यमान केंद्र (Center of Mass) बिल्कुल सटीक तरह से संतुलित है, जिससे यह आसानी से नहीं हिलती।</p>
<p data-start="1937" data-end="2119">इस प्रकार की चट्टानें लाखों वर्षों में प्राकृतिक अपरदन, हवा और पानी के प्रभाव से बनती हैं, जो अंत में एक ऐसे आकार में ढल जाती हैं कि वे गुरुत्वाकर्षण के साथ एक अद्भुत संतुलन बना लें।</p>
<h4 data-start="2126" data-end="2174"><strong data-start="2130" data-end="2174">जबलपुर की पहचान बन चुका है बैलेंसिंग रॉक</strong></h4>
<p data-start="2176" data-end="2466">आज यह चट्टान जबलपुर की अनोखी पहचान बन गई है। इसे देखने के लिए देश और दुनिया से हजारों पर्यटक आते हैं। यह सिर्फ एक पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि प्रकृति के रहस्यों का जीवंत उदाहरण भी है, जो बताता है कि प्रकृति की इंजीनियरिंग और संतुलन की क्षमता इंसानी समझ से कई गुना ज्यादा जटिल और अद्भुत है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Indigo Flight Cancellations : इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर के यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित</title>
		<link>https://swarajvani.com/indigo-flight-cancellations-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Dec 2025 07:51:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Flight]]></category>
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					<description><![CDATA[Indigo एयरलाइंस संकट का मध्य प्रदेश के पर्यटन और ट्रैवल इंडस्ट्री पर व्यापक असर Indigo एयरलाइंस में चल रहे संकट का असर मध्य प्रदेश की पर्यटन और ट्रैवल इंडस्ट्री पर ... <a title="Indigo Flight Cancellations : इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर के यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indigo-flight-cancellations-2/" aria-label="Read more about Indigo Flight Cancellations : इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर के यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h3 data-start="135" data-end="220"><strong>Indigo एयरलाइंस संकट का मध्य प्रदेश के पर्यटन और ट्रैवल इंडस्ट्री पर व्यापक असर</strong></h3>
<p data-start="222" data-end="788">Indigo एयरलाइंस में चल रहे संकट का असर मध्य प्रदेश की पर्यटन और ट्रैवल इंडस्ट्री पर गंभीर रूप से देखने को मिल रहा है। विंटर वेकेशन और शादियों के पीक सीजन में फ्लाइट्स के लगातार रद्द होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैवल एजेंट्स और इंडस्ट्री प्रतिनिधियों के अनुसार, प्रदेश से लगभग 350 टूर प्रभावित हुए हैं। पर्यटकों को मजबूरी में अपनी यात्रा की तारीखें बदलनी पड़ रही हैं या कई बार पूरी यात्रा को रद्द करना पड़ रहा है। इस स्थिति ने न केवल ट्रैवल एजेंट्स को चुनौती दी है, बल्कि होटल इंडस्ट्री और अन्य पर्यटन सेवाओं को भी प्रभावित किया है।</p>
<h2 data-start="790" data-end="834"><strong>प्रमुख शहरों और विदेश यात्रियों पर असर</strong></h2>
<p data-start="836" data-end="1421">विशेष रूप से विदेश जाने वाले यात्रियों को अब कनेक्टिंग फ्लाइट्स के लिए दिल्ली, मुंबई और अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ रहा है। इसका सबसे बड़ा असर इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों के यात्रियों पर पड़ा है। ट्रैवल एजेंट्स का कहना है कि दिसंबर का महीना विंटर शेड्यूल का होता है और पर्यटक इसके लिए दो-तीन महीने पहले से ही यात्रा की योजना बनाना शुरू कर देते हैं। अमोल कटारिया, प्रदेश अध्यक्ष, ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने बताया, “5 दिसंबर से उड़ानें रद्द होना शुरू हुईं और यह सिलसिला अभी भी जारी है। हमारे पास एमपी से लगभग 350 टूर प्रभावित होने के आंकड़े आए हैं।”</p>
<h3 data-start="1423" data-end="1470"><strong>Indigo फ्लाइट कैंसिलेशन और होटल बुकिंग की जटिलता</strong></h3>
<p data-start="1472" data-end="2023">फ्लाइट्स के लगातार रद्द होने से न केवल छुट्टियां प्रभावित हुई हैं, बल्कि लोगों का पैसा भी अटक गया है। ट्रैवल एजेंट्स ने बताया कि एयरलाइंस की तरफ से रिफंड और री-बुकिंग के विकल्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन होटल बुकिंग के मामले में स्थिति और जटिल हो गई है। देश भर के होटल संचालकों ने नकद रिफंड देने की बजाय ग्राहकों को ‘क्रेडिट नोट’ जारी किए हैं। हालांकि, इससे थोड़ी राहत मिली है, लेकिन पीक सीजन में इन क्रेडिट नोट्स का इस्तेमाल करना मुश्किल साबित हो रहा है। सवाल यह उठता है कि जब होटल बुकिंग फुल रहती है, तो पर्यटक इन नोट्स का उपयोग कैसे कर पाएंगे।</p>
<p data-start="1472" data-end="2023"><img decoding="async" class=" wp-image-295803 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/06_12_2025-indigo_flight_6dec-300x169.jpg" alt="06 12 2025 indigo flight 6dec" width="407" height="229" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/06_12_2025-indigo_flight_6dec-300x169.jpg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/06_12_2025-indigo_flight_6dec-1024x576.jpg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/06_12_2025-indigo_flight_6dec-768x432.jpg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/06_12_2025-indigo_flight_6dec.jpg 1200w" sizes="(max-width: 407px) 100vw, 407px" /></p>
<p data-start="2025" data-end="2432">कई होटलों ने ग्राहकों को दो महीने आगे तक के क्रेडिट नोट दिए हैं, जिससे पर्यटक अपनी रद्द हुई बुकिंग के बदले अगले दो महीनों में कभी भी होटल का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन समस्या यह है कि जिन लोगों ने छुट्टियों और शादियों के हिसाब से यात्रा की योजना बनाई थी, वे अब अचानक नई तारीखों पर यात्रा कैसे करेंगे। इस स्थिति ने ट्रैवल इंडस्ट्री में अनिश्चितता पैदा कर दी है और नए बुकिंग्स कराने से लोग भी हिचक रहे हैं।</p>
<h4 data-start="2434" data-end="2478"><strong>शादियों और नए साल की तैयारियों पर संकट</strong></h4>
<p data-start="2480" data-end="2899">नवंबर के अंत से ही मध्य प्रदेश में पर्यटन का सीजन शुरू हो जाता है। शादियों के सीजन में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है और दिसंबर में नए साल के जश्न के लिए पर्यटक बाहर घूमने का प्लान बनाते हैं। लेकिन इस बार फ्लाइट कैंसिलेशन ने सभी तैयारियों पर पानी फेर दिया है। बीते एक हफ्ते में बड़ी संख्या में हॉलीडे पैकेज पोस्टपोन किए गए हैं। इसका सीधा असर होटल इंडस्ट्री पर पड़ा है, जहां ऑक्यूपेंसी रेट में भारी गिरावट दर्ज की गई है।</p>
<p data-start="2901" data-end="3301">ट्रैवल एजेंट्स और होटल संचालक दोनों ही इस संकट से निपटने के लिए पर्यटकों को क्रेडिट नोट देने और रिफंड की प्रक्रिया में तेजी ला रहे हैं। इंडस्ट्री के अनुसार, जैसे ही उड़ानों का संचालन सामान्य होगा, पर्यटन को फिर से पटरी पर लाया जा सकेगा। इसके अलावा, इस संकट ने इंडस्ट्री को यह सिखाया है कि पीक सीजन में अचानक उड़ानों में रद्द होने की स्थिति से निपटने के लिए बेहतर योजना और वैकल्पिक प्रबंध जरूरी हैं।</p>
<h5 data-start="3303" data-end="3325"><strong>उम्मीद और समाधान</strong></h5>
<p data-start="3327" data-end="3640">ट्रैवल इंडस्ट्री का मानना है कि इंडिगो एयरलाइंस जल्द ही अपनी उड़ानों का संचालन सामान्य करेगी। इसके साथ ही पर्यटकों को अपनी बुकिंग का लाभ उठाने और यात्रा की योजना को स्थिर करने का मौका मिलेगा। फिलहाल, यात्रियों को धैर्य रखने और क्रेडिट नोट्स के माध्यम से अपनी योजनाओं को पुनः व्यवस्थित करने की सलाह दी जा रही है।</p>
<p data-start="3642" data-end="3803">कुल मिलाकर, एयरलाइंस संकट ने मध्य प्रदेश के पर्यटन और ट्रैवल इंडस्ट्री को चुनौती दी है, लेकिन उचित प्रबंधन और सावधानी से इसका असर धीरे-धीरे कम किया जा सकता है।</p>
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		<title>खजुराहो में 5-स्टार होटल बनेगा, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा नया impulso</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Dec 2025 06:43:10 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मध्य प्रदेश में पर्यटन और स्थानीय विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। बुंदेलखंड के छतरपुर जिले में ... <a title="खजुराहो में 5-स्टार होटल बनेगा, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा नया impulso" class="read-more" href="https://swarajvani.com/5-star-hotel-in-khajrao/" aria-label="Read more about खजुराहो में 5-स्टार होटल बनेगा, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा नया impulso">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मध्य प्रदेश</strong> में पर्यटन और स्थानीय विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। बुंदेलखंड के छतरपुर जिले में आयोजित ‘लाड़ली बहना सम्मेलन’ के दौरान उन्होंने बताया कि विश्व प्रसिद्ध खजुराहो में एक भव्य 5-स्टार होटल बनाने की योजना है।</p>
<p>सीएम ने कहा कि यह कदम न केवल क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। उन्होंने बुंदेलखंड की धरती को ‘हीरों और महावीरों की धरा’ बताते हुए प्रदेश के विकास कार्यों में लाड़ली बहनों के आशीर्वाद की भूमिका की भी सराहना की।</p>
<p><strong>29 विकास कार्यों का लोकार्पण</strong></p>
<p>कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 510 करोड़ रुपये की लागत वाले 29 विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्थानीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सीएम ने स्पष्ट किया कि खजुराहो में उच्च स्तरीय होटल निर्माण से विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक मान्यता मिलेगी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-295591 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/bc1c8296-86c8-4381-9bee-f0220a8bc5b0_1759317961971-300x225.jpg" alt="bc1c8296 86c8 4381 9bee f0220a8bc5b0 1759317961971" width="300" height="225" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/bc1c8296-86c8-4381-9bee-f0220a8bc5b0_1759317961971-300x225.jpg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/bc1c8296-86c8-4381-9bee-f0220a8bc5b0_1759317961971.jpg 500w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>लाड़ली बहना योजना की किश्त वितरण</strong></p>
<p>सम्मेलन का एक और प्रमुख आकर्षण ‘लाड़ली बहना योजना’ की 31वीं किश्त का वितरण रहा। मुख्यमंत्री ने 1 करोड़ 29 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के बैंक खातों में 1,576 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए। उन्होंने कहा, “बहनों के आशीर्वाद से सरकार निरंतर विकास कार्य कर रही है। खजुराहो में भव्य 5-स्टार होटल बनने से पर्यटन और रोजगार दोनों को मजबूती मिलेगी।”</p>
<p>सीएम ने इस घोषणा और कार्यक्रम की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर भी साझा की। खजुराहो की ऐतिहासिक वास्तुकला और मंदिरों के साथ यह नई परियोजना इसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।</p>
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		<title>इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर हेलिकॉप्टर सेवा में नया नियम: वजन के हिसाब लिया पैसा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Nov 2025 10:51:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[इंदौर:मध्यप्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग ने इंदौर से उज्जैन और ओंकारेश्वर के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू कर दी है। इस सेवा को संचालित करने वाली एविएशन कंपनी ने यात्रियों के ... <a title="इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर हेलिकॉप्टर सेवा में नया नियम: वजन के हिसाब लिया पैसा" class="read-more" href="https://swarajvani.com/omkareshwar-to-ujjain-helicopter/" aria-label="Read more about इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर हेलिकॉप्टर सेवा में नया नियम: वजन के हिसाब लिया पैसा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>इंदौर:मध्यप्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग ने इंदौर से उज्जैन और ओंकारेश्वर के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू कर दी है। इस सेवा को संचालित करने वाली एविएशन कंपनी ने यात्रियों के वजन के अनुसार अतिरिक्त शुल्क लागू किया है।</p>
<p><strong>कंपनी के अनुसार:</strong></p>
<ul>
<li>80 किलो तक के यात्रियों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।</li>
<li>80 से 100 किलो तक वजन वाले यात्रियों को प्रति किलो 150 रुपए अतिरिक्त देने होंगे।</li>
<li>100 किलो से अधिक वजन वाले यात्रियों को दो सीटों का किराया भरना होगा।</li>
</ul>
<p>गुरुवार को इस हेलिकॉप्टर सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया गया।<strong> मंत्री तुलसी सिलावट</strong> और अन्य जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर पहली उड़ान रवाना की। मंत्री और विधायकगण इंदौर से उज्जैन पहुंचे और साधु-संतों को भी हवाई सैर कराई। अब यह सेवा आम यात्रियों के लिए भी उपलब्ध है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-291971 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/11/1000858229_1763712900-300x200.jpg" alt="1000858229 1763712900" width="395" height="263" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/11/1000858229_1763712900-300x200.jpg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/11/1000858229_1763712900-1024x682.jpg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/11/1000858229_1763712900-768x512.jpg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/11/1000858229_1763712900.jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 395px) 100vw, 395px" /></p>
<p><strong>किराया और अन्य नियम:</strong></p>
<p>* इंदौर से उज्जैन तक किराया: 5,000 रुपए<br />
* इंदौर से ओंकारेश्वर तक किराया: 6,500 रुपए<br />
* हेलिपैड पर हर यात्री का वजन अनिवार्य है।<br />
* प्रत्येक यात्री अधिकतम 4 किलो सामान ले जा सकता है।</p>
<p>धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस सेवा का एक दिन का खर्च प्रति व्यक्ति **लगभग 17,000 रुपए** हो सकता है। दो या अधिक सदस्यों वाले परिवार के लिए यह राशि और भी अधिक हो जाएगी। ऐसे में यह सेवा मुख्य रूप से **अमीर तबके के यात्रियों** के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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