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	<title>Maa Veejasen Devi &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>नवरात्रि में सजा मां वीजसन देवी का दरबार, 50 वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र — दैनिक स्वराज वाणी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Oct 2026 11:36:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नवरात्रि में सजा मां वीजसन देवी का दरबार, 50 वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र — दैनिक स्वराज वाणी सिलवानी संवाददाता: वैभव जैन मस्ताना सिलवानी। नवरात्रि के पावन अवसर ... <a title="नवरात्रि में सजा मां वीजसन देवी का दरबार, 50 वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र — दैनिक स्वराज वाणी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/maa-veejasen-devi-temple-in-silwani-draws-devotees-during/" aria-label="Read more about नवरात्रि में सजा मां वीजसन देवी का दरबार, 50 वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र — दैनिक स्वराज वाणी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>नवरात्रि में सजा मां वीजसन देवी का दरबार, 50 वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र — दैनिक स्वराज वाणी</strong></h1>
<p><strong>सिलवानी संवाददाता: वैभव जैन मस्ताना</strong></p>
<p>सिलवानी। नवरात्रि के पावन अवसर पर नगर के होली चौक स्थित मां वीजसन देवी का दरबार आकर्षक ढंग से सजाया गया है। करीब 50 वर्षों से यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। नवरात्रि के दौरान यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त पहुंचकर माता के दर्शन करते हैं और उनके चरणों में शीश नवाकर पूजा-अर्चना करते हैं। सिलवानी के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।</p>
<p>मंदिर से जुड़ी जानकारी के अनुसार, मां का यह दरबार पहले एक छोटे से चबूतरे के रूप में स्थापित था। स्थानीय मान्यता है कि माता रानी ने यहां पिंडी स्वरूप में दर्शन दिए थे। वही पिंडी आज भी मंदिर में विराजमान है। समय के साथ यह स्थान भक्तों की श्रद्धा और पूजा का प्रमुख केंद्र बन गया।</p>
<h2><strong>नवरात्रि में रोज पहुंच रहे श्रद्धालु</strong></h2>
<p>नवरात्रि के दिनों में मंदिर में सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो जाता है। श्रद्धालु मां के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। सामान्य दिनों में भी यहां भक्तों की आवाजाही बनी रहती है, लेकिन नवरात्रि के अवसर पर मंदिर में विशेष रूप से अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं।</p>
<p>स्थानीय लोगों के अनुसार, नवरात्रि के प्रत्येक दिन मां के दरबार में हजारों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर परिसर में पहुंचकर श्रद्धालु माता के श्रीचरणों में शीश झुकाते हैं और अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए भी यह दरबार आस्था का महत्वपूर्ण स्थान बना हुआ है।</p>
<h2><strong>पिंडी स्वरूप में माता के दर्शन की मान्यता</strong></h2>
<p>मां वीजसन देवी के दरबार को लेकर क्षेत्र में पुरानी मान्यता प्रचलित है। बताया जाता है कि पहले यहां एक छोटा-सा चबूतरा था और इसी स्थान पर माता रानी ने पिंडी स्वरूप में दर्शन दिए थे। मंदिर में आज भी वह पिंडी विराजमान है, जिसकी श्रद्धालु पूजा करते हैं। भक्त इस स्थान को माता का पवित्र दरबार मानकर दर्शन के लिए आते हैं।</p>
<p>करीब पांच दशक से मंदिर से जुड़ी यह आस्था पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनी हुई है। श्रद्धालु नवरात्रि के दिनों में माता के दर्शन को विशेष महत्व देते हैं। मंदिर में आने वाले भक्त पूजा-अर्चना के साथ माता के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। यह स्थान सिलवानी नगर के लोगों के साथ दूर-दराज के भक्तों के लिए भी परिचित धार्मिक केंद्र बन गया है।</p>
<h2><strong>समिति ने आकर्षक ढंग से सजाया दरबार</strong></h2>
<p>नवरात्रि के अवसर पर मंदिर समिति की ओर से मां का दरबार सुंदर ढंग से सजाया गया है। सजावट के बीच श्रद्धालु माता के दर्शन कर रहे हैं। नवरात्रि के दौरान मंदिर पहुंचने वाले भक्तों को सजे हुए दरबार में पूजा-अर्चना का अवसर मिल रहा है। माता के दर्शन के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रहती है।</p>
<p>होली चौक स्थित यह दरबार अपनी पुरानी मान्यता और श्रद्धालुओं की आस्था के कारण सिलवानी की धार्मिक पहचान से जुड़ा हुआ है। नवरात्रि के अवसर पर यहां भक्तों की आवाजाही और पूजा-अर्चना का क्रम जारी है। पांच दशक से अधिक समय से श्रद्धा का केंद्र बना मां वीजसन देवी का दरबार आज भी लोगों को आकर्षित कर रहा है। मंदिर में पहुंचकर श्रद्धालु माता के दर्शन करते हैं और अपनी धार्मिक भावनाएं व्यक्त करते हैं। <strong>मां का यह दरबार आज भी क्षेत्रवासियों के लिए श्रद्धा और आस्था का केंद्र बना हुआ है।</strong></p>
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