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		<title>आयुष्मान कार्ड की ₹5 लाख सीमा खत्म होने पर क्या होगा? जानें इलाज और सालाना कवर के नियम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 Oct 2026 12:33:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आयुष्मान कार्ड की ₹5 लाख सीमा खत्म होने पर क्या होगा? जानें इलाज और सालाना कवर के नियम नई दिल्ली। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी पीएम-जय के तहत ... <a title="आयुष्मान कार्ड की ₹5 लाख सीमा खत्म होने पर क्या होगा? जानें इलाज और सालाना कवर के नियम" class="read-more" href="https://swarajvani.com/what-happens-when-the-5-lakh-annual-treatment-cover-is-exhausted/" aria-label="Read more about आयुष्मान कार्ड की ₹5 लाख सीमा खत्म होने पर क्या होगा? जानें इलाज और सालाना कवर के नियम">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>आयुष्मान कार्ड की ₹5 लाख सीमा खत्म होने पर क्या होगा? जानें इलाज और सालाना कवर के नियम</strong></h1>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी पीएम-जय के तहत पात्र परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार कवर मिलता है। लेकिन महंगे इलाज या परिवार के कई सदस्यों के उपचार के कारण यह राशि पूरी खर्च हो सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आयुष्मान कार्ड बंद हो जाएगा और आगे मुफ्त इलाज नहीं मिलेगा? इसे समझने के लिए कार्ड की पात्रता और उपलब्ध सालाना कवर के बीच अंतर जानना जरूरी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार, सामान्य कवर प्रति परिवार प्रति वर्ष निर्धारित है।</p>
<h2><strong>प्रत्येक सदस्य के लिए अलग पांच लाख नहीं</strong></h2>
<p>पीएम-जय का सामान्य कवर परिवार के सभी पात्र सदस्यों के लिए साझा होता है। इसका अर्थ है कि परिवार के हर सदस्य को अलग-अलग पांच लाख रुपये नहीं मिलते। एक या अधिक सदस्य जरूरत के अनुसार उपलब्ध राशि का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे फैमिली फ्लोटर व्यवस्था कहा जाता है।</p>
<p>उदाहरण के लिए, किसी परिवार के एक सदस्य के स्वीकृत उपचार पर तीन लाख रुपये खर्च होते हैं तो उस अवधि में सामान्य कवर के तहत दो लाख रुपये शेष रहेंगे। परिवार के दूसरे पात्र सदस्य का उपचार भी इसी बची राशि और योजना की शर्तों के अनुसार होगा।</p>
<h2><strong>पूरी सीमा खर्च होने पर कार्ड बंद नहीं होता</strong></h2>
<p>सालाना कवर समाप्त होने और आयुष्मान कार्ड बंद होने का अर्थ अलग है। सामान्य पांच लाख रुपये की राशि पूरी इस्तेमाल हो जाने पर उसी कवर से अतिरिक्त उपचार खर्च स्वतः स्वीकृत नहीं हो जाता। लेकिन केवल सीमा खर्च होने से लाभार्थी की पात्रता समाप्त मान लेना भी सही नहीं है।</p>
<p>अगली वार्षिक कवरेज अवधि में पात्रता और लागू नियमों के अनुसार कवर फिर उपलब्ध होता है। लाभार्थियों को अपने राज्य की कवरेज अवधि और उसकी नवीनीकरण तिथि की जानकारी अस्पताल के आयुष्मान सहायता केंद्र से लेनी चाहिए। केवल यह मानकर इलाज की योजना न बनाएं कि हर जगह सीमा एक अप्रैल को ही दोबारा उपलब्ध होगी।</p>
<h2><strong>किन अस्पतालों और उपचारों में मिलता है लाभ?</strong></h2>
<p>योजना के तहत सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में निर्धारित उपचार पैकेज के अनुसार कैशलेस सुविधा मिलती है। कार्ड होने का अर्थ हर अस्पताल में हर प्रकार का इलाज मुफ्त मिलना नहीं है। अस्पताल का सूचीबद्ध होना और संबंधित उपचार का योजना में शामिल होना जरूरी है।</p>
<p>राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के अधिकार पत्र के अनुसार, स्वीकृत उपचार में दवाएं, जांच, आवश्यक इम्प्लांट और अस्पताल में रहने से जुड़े खर्च शामिल हो सकते हैं। इसमें अस्पताल में भर्ती होने से पहले तीन दिन तथा बाद के 15 दिन तक संबंधित जांच और दवाओं का खर्च भी निर्धारित शर्तों के अनुसार शामिल है।</p>
<h2><strong>70 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए विशेष प्रावधान</strong></h2>
<p>सामान्य पारिवारिक सीमा के अलावा वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था भी है। पहले से पीएम-जय में शामिल परिवारों के 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के पात्र सदस्यों को पांच लाख रुपये तक का अतिरिक्त सालाना टॉप-अप कवर मिलता है। इसे उन्हें परिवार के 70 वर्ष से कम उम्र के सदस्यों के साथ साझा नहीं करना होता।</p>
<p>अन्य पात्र वरिष्ठ नागरिकों के लिए पांच लाख रुपये का कवर पारिवारिक आधार पर उपलब्ध है। इसलिए वरिष्ठ नागरिकों वाले परिवार को अतिरिक्त कवर की पात्रता और उपलब्ध राशि अलग से जांचनी चाहिए।</p>
<h2><strong>उपचार से पहले शेष राशि की जानकारी लें</strong></h2>
<p>इलाज शुरू कराने से पहले अस्पताल के आयुष्मान सहायता केंद्र से परिवार की बची हुई राशि, उपचार पैकेज और मंजूरी की स्थिति पूछें। सीमा खत्म होने पर राज्य की अतिरिक्त सहायता या अन्य लागू व्यवस्था के बारे में जानकारी लें। ऐसी सहायता प्रत्येक मामले में स्वतः उपलब्ध मानना उचित नहीं है।</p>
<p>योजना से संबंधित जानकारी और शिकायत के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन <strong>14555</strong> पर संपर्क किया जा सकता है। पात्रता और उपलब्ध कवर के बावजूद सूचीबद्ध अस्पताल उपचार देने से इनकार करे तो लाभार्थी शिकायत दर्ज करा सकता है। केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर शिकायत निवारण की व्यवस्था उपलब्ध है।</p>
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