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	<title>Government Employees Promotion &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Government Employees Promotion &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>बड़ी राहत: मध्यप्रदेश पदोन्नति प्रक्रिया शुरू, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कनिष्ठ सेवा संघ ने किया भव्य स्वागत &#124; जानिए पूरा मामला</title>
		<link>https://swarajvani.com/madhya-pradesh-padonnati-prakriya/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 14:19:28 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मध्यप्रदेश पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का धार जिले के पीथमपुर में कनिष्ठ सेवा संघ ने स्वागत कर आभार व्यक्त किया। जानिए पदोन्नति से कर्मचारियों को ... <a title="बड़ी राहत: मध्यप्रदेश पदोन्नति प्रक्रिया शुरू, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कनिष्ठ सेवा संघ ने किया भव्य स्वागत &#124; जानिए पूरा मामला" class="read-more" href="https://swarajvani.com/madhya-pradesh-padonnati-prakriya/" aria-label="Read more about बड़ी राहत: मध्यप्रदेश पदोन्नति प्रक्रिया शुरू, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कनिष्ठ सेवा संघ ने किया भव्य स्वागत &#124; जानिए पूरा मामला">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मध्यप्रदेश पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का धार जिले के पीथमपुर में कनिष्ठ सेवा संघ ने स्वागत कर आभार व्यक्त किया। जानिए पदोन्नति से कर्मचारियों को क्या मिलेगा लाभ और कार्यक्रम में कौन-कौन रहा मौजूद।</p>
<h1 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-section-id="63hc5g" data-start="1430" data-end="1547"><span role="text"><strong data-start="1432" data-end="1547">बड़ी राहत: मध्यप्रदेश पदोन्नति प्रक्रिया शुरू, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कनिष्ठ सेवा संघ ने किया भव्य स्वागत</strong></span></h1>
<p data-start="1549" data-end="1583">जिला ब्यूरो विजय द्विवेदी</p>
<h2 data-section-id="1tz378k" data-start="1585" data-end="1681"><span role="text"><strong data-start="1588" data-end="1681">मध्यप्रदेश पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हुआ आत्मीय स्वागत</strong></span></h2>
<p data-start="1683" data-end="2102"><strong data-start="1683" data-end="1716">मध्यप्रदेश पदोन्नति प्रक्रिया</strong> को लेकर लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे लाखों अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार द्वारा <strong data-start="1845" data-end="1878">मध्यप्रदेश पदोन्नति प्रक्रिया</strong> पुनः प्रारंभ किए जाने के निर्णय का प्रदेशभर में स्वागत किया जा रहा है। इसी क्रम में धार जिले के औद्योगिक नगर <strong data-start="1988" data-end="1999">पीथमपुर</strong> के प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री <strong data-start="2031" data-end="2048">डॉ. मोहन यादव</strong> का <strong data-start="2052" data-end="2071">कनिष्ठ सेवा संघ</strong> द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया।</p>
<p data-start="2104" data-end="2303">संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंटकर अभिनंदन किया तथा प्रदेश सरकार द्वारा वर्षों से लंबित <strong data-start="2213" data-end="2246">मध्यप्रदेश पदोन्नति प्रक्रिया</strong> प्रारंभ किए जाने के निर्णय के लिए उनका आभार व्यक्त किया।</p>
<h2 data-section-id="1k8u6va" data-start="2310" data-end="2367"><span role="text"><strong data-start="2313" data-end="2367">कनिष्ठ सेवा संघ ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार</strong></span></h2>
<p data-start="2369" data-end="2557">कनिष्ठ सेवा संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री <strong data-start="2416" data-end="2433">डॉ. मोहन यादव</strong> से मुलाकात के दौरान कहा कि राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय प्रदेश के लाखों कर्मचारियों के हित में एक ऐतिहासिक कदम है।संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से रुकी हुई <strong data-start="2610" data-end="2643">मध्यप्रदेश पदोन्नति प्रक्रिया</strong> प्रारंभ होने से कर्मचारियों को उनकी योग्यता, अनुभव और वरिष्ठता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों में नई ऊर्जा का संचार होगा और प्रशासनिक व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी बनेगी।</p>
<h2 data-section-id="dsua9a" data-start="2860" data-end="2932"><span role="text"><strong data-start="2863" data-end="2932">मध्यप्रदेश पदोन्नति प्रक्रिया से कर्मचारियों को होंगे कई बड़े लाभ</strong></span></h2>
<p data-start="2934" data-end="3059">सरकारी कर्मचारियों का मानना है कि <strong data-start="2968" data-end="3001">मध्यप्रदेश पदोन्नति प्रक्रिया</strong> प्रारंभ होने से अनेक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे।इनमें प्रमुख रूप से—</p>
<ul data-start="3083" data-end="3344">
<li data-section-id="3e32vg" data-start="3083" data-end="3128">वर्षों से रुकी पदोन्नति का रास्ता साफ होगा।</li>
<li data-section-id="7lmh88" data-start="3129" data-end="3172">वरिष्ठ कर्मचारियों को उनका अधिकार मिलेगा।</li>
<li data-section-id="1n02gtt" data-start="3173" data-end="3233">विभागों में रिक्त पदों पर पदोन्नति से कार्य में तेजी आएगी।</li>
<li data-section-id="1qipmn7" data-start="3234" data-end="3264">कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा।</li>
<li data-section-id="z2mbe" data-start="3265" data-end="3299">प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा।</li>
<li data-section-id="14ijpu5" data-start="3300" data-end="3344">विभागीय कार्यों का बेहतर संचालन संभव होगा।</li>
</ul>
<p data-start="3346" data-end="3497">कर्मचारियों ने कहा कि सरकार का यह निर्णय न केवल कर्मचारियों के हित में है बल्कि इससे आम जनता को मिलने वाली सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।</p>
<hr data-start="3499" data-end="3502" />
<h2 data-section-id="1cgxcfs" data-start="3504" data-end="3546"><span role="text"><strong data-start="3507" data-end="3546">प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगा नया बल</strong></span></h2>
<p data-start="3548" data-end="3724">विशेषज्ञों का मानना है कि <strong data-start="3574" data-end="3607">मध्यप्रदेश पदोन्नति प्रक्रिया</strong> केवल कर्मचारियों के वेतन या पद से जुड़ा विषय नहीं है बल्कि यह संपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने वाला कदम है।</p>
<p data-start="3726" data-end="3840">जब योग्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति मिलती है तो उनकी कार्यक्षमता और जिम्मेदारी दोनों बढ़ती हैं।</p>
<p data-start="3842" data-end="3908">इसका सीधा लाभ शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मिलता है।</p>
<hr data-start="3910" data-end="3913" />
<h2 data-section-id="wfe1l8" data-start="3915" data-end="3988"><span role="text"><strong data-start="3918" data-end="3988">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कर्मचारियों के हितों को दी प्राथमिकता</strong></span></h2>
<p data-start="3990" data-end="4071">प्रदेश सरकार लगातार कर्मचारी हितों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक निर्णय ले रही है।इसी क्रम में <strong data-start="4086" data-end="4119">मध्यप्रदेश पदोन्नति प्रक्रिया</strong> को पुनः प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है, जिसे कर्मचारी संगठनों ने ऐतिहासिक बताया है।कनिष्ठ सेवा संघ ने मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करने वाला है।</p>
<h2 data-section-id="1ti3kzd" data-start="4341" data-end="4384"><span role="text"><strong data-start="4344" data-end="4384">कार्यक्रम में ये अधिकारी रहे उपस्थित</strong></span></h2>
<p data-start="4386" data-end="4464">मुख्यमंत्री के स्वागत कार्यक्रम में अनेक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।इनमें प्रमुख रूप से—</p>
<ul data-start="4488" data-end="4700">
<li data-section-id="3l3c1i" data-start="4488" data-end="4519">मुख्यमंत्री <strong data-start="4502" data-end="4519">डॉ. मोहन यादव</strong></li>
<li data-section-id="63e76p" data-start="4520" data-end="4553">संभागायुक्त <strong data-start="4534" data-end="4553">डॉ. सुदाम खाड़े</strong></li>
<li data-section-id="137dm2b" data-start="4554" data-end="4575">आईजी <strong data-start="4561" data-end="4575">अनुराग जैन</strong></li>
<li data-section-id="1s2wgyq" data-start="4576" data-end="4604">डीआईजी <strong data-start="4585" data-end="4604">मनोज कुमार सिंह</strong></li>
<li data-section-id="1yx5xdy" data-start="4605" data-end="4634">कलेक्टर <strong data-start="4615" data-end="4634">राजीव रंजन मीना</strong></li>
<li data-section-id="idql21" data-start="4635" data-end="4675">कनिष्ठ सेवा संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य</li>
<li data-section-id="3jvn5w" data-start="4676" data-end="4700">अन्य प्रशासनिक अधिकारी</li>
</ul>
<p data-start="4702" data-end="4750">सभी ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया।</p>
<h2 data-section-id="e7xdvk" data-start="4757" data-end="4816"><span role="text"><strong data-start="4760" data-end="4816">वर्षों पुरानी मांग पूरी होने से कर्मचारियों में खुशी</strong></span></h2>
<p data-start="4818" data-end="4931">प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के बीच लंबे समय से पदोन्नति का विषय चर्चा का केंद्र बना हुआ था।अब <strong data-start="4936" data-end="4969">मध्यप्रदेश पदोन्नति प्रक्रिया</strong> प्रारंभ होने से कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है।संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा तथा भविष्य में कार्य संस्कृति और बेहतर होगी।</p>
<h2 data-section-id="wstahx" data-start="5154" data-end="5215"><span role="text"><strong data-start="5157" data-end="5215">कर्मचारी संगठनों ने सरकार के निर्णय को बताया सकारात्मक</strong></span></h2>
<p data-start="5217" data-end="5311">कनिष्ठ सेवा संघ ने कहा कि राज्य सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के हित में एक सकारात्मक पहल है।संघ ने आशा व्यक्त की कि आगामी समय में पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से संपन्न होगी ताकि पात्र कर्मचारियों को शीघ्र लाभ मिल सके।</p>
<h2 data-section-id="1t8v8tz" data-start="5472" data-end="5487"><span role="text"><strong data-start="5475" data-end="5487">निष्कर्ष</strong></span></h2>
<p data-start="5489" data-end="5907"><strong data-start="5489" data-end="5522">मध्यप्रदेश पदोन्नति प्रक्रिया</strong> पुनः प्रारंभ होने का निर्णय प्रदेश के लाखों अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है। धार जिले के पीथमपुर में मुख्यमंत्री <strong data-start="5655" data-end="5672">डॉ. मोहन यादव</strong> के स्वागत के दौरान कनिष्ठ सेवा संघ ने सरकार के इस निर्णय का खुलकर स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। कर्मचारियों का मानना है कि यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ कर्मचारियों के मनोबल और कार्यकुशलता को भी नई दिशा देगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP Promotion News: मध्य प्रदेश में प्रमोशन का रास्ता खुला, 10 साल बाद शुरू हुई पदोन्नति प्रक्रिया; कानूनी राय के आधार पर विभागों ने जारी किए आदेश</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-promotion-news-madhya-pradesh-government/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 04:08:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[MADHAY PRADESH NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Government Employees Promotion]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Promotion]]></category>
		<category><![CDATA[MP Promotion News]]></category>
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					<description><![CDATA[MP Promotion News: मध्य प्रदेश में प्रमोशन का रास्ता खुला, 10 साल बाद शुरू हुई पदोन्नति प्रक्रिया; कानूनी राय के आधार पर विभागों ने जारी किए आदेश MP में सरकारी ... <a title="MP Promotion News: मध्य प्रदेश में प्रमोशन का रास्ता खुला, 10 साल बाद शुरू हुई पदोन्नति प्रक्रिया; कानूनी राय के आधार पर विभागों ने जारी किए आदेश" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-promotion-news-madhya-pradesh-government/" aria-label="Read more about MP Promotion News: मध्य प्रदेश में प्रमोशन का रास्ता खुला, 10 साल बाद शुरू हुई पदोन्नति प्रक्रिया; कानूनी राय के आधार पर विभागों ने जारी किए आदेश">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP Promotion News: मध्य प्रदेश में प्रमोशन का रास्ता खुला, 10 साल बाद शुरू हुई पदोन्नति प्रक्रिया; कानूनी राय के आधार पर विभागों ने जारी किए आदेश</strong></h1>
<p>MP में सरकारी कर्मचारियों के लिए लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया अब फिर से शुरू हो गई है। मई 2016 से बंद प्रमोशन का सिलसिला करीब 10 साल बाद एक जुलाई 2026 से दोबारा शुरू किया गया। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी विभागों को पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले का आधार वरिष्ठ अधिवक्ता <strong>सीएस वैद्यनाथन</strong> की कानूनी राय को बताया जा रहा है, जिसमें कहा गया है कि <strong>मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025</strong> के संचालन और क्रियान्वयन पर कोई रोक नहीं है।</p>
<p>हालांकि, सरकार द्वारा दी जा रही नई पदोन्नतियां न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी। यदि भविष्य में अदालत का फैसला अलग आता है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h2><strong>सीएस वैद्यनाथन की कानूनी राय के बाद बदली स्थिति</strong></h2>
<p>MP में पदोन्नति को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा था। इसी कारण सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया वर्ष 2016 से रुकी हुई थी। हाल ही में महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के माध्यम से वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन से इस मामले में कानूनी राय ली गई।</p>
<p>29 जून 2026 को भेजे गए इस विधिक अभिमत में स्पष्ट किया गया कि न्यायालय द्वारा पदोन्नति नियम 2025 के संचालन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। अदालत में दिए गए मौखिक आश्वासन को उस समय की परिस्थितियों के संदर्भ में माना गया था, जब जल्द निर्णय आने की उम्मीद थी। लेकिन परिस्थितियां बाद में बदल गईं।</p>
<p>इस राय के आधार पर राज्य सरकार ने पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।</p>
<h3><strong>विभागों को जारी किए गए निर्देश</strong></h3>
<p>सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया ने 30 जून को सभी विभागों को पत्र जारी कर महाधिवक्ता की राय और वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन के अभिमत की जानकारी दी। इसके बाद विभागों ने पदोन्नति से जुड़ी प्रक्रिया शुरू कर दी।</p>
<p>मंगलवार को डिप्टी कलेक्टरों की पदोन्नति के आदेश भी जारी किए गए। इसके अलावा अन्य विभागों में भी विभागीय पदोन्नति समितियों (DPC) की बैठकें आयोजित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।</p>
<h4><strong>न्यायालय के अंतिम फैसले के अधीन रहेंगी पदोन्नतियां</strong></h4>
<p>कानूनी राय में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पदोन्नति देने पर कोई कानूनी रोक नहीं है, लेकिन सभी पदोन्नतियां हाई कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी।</p>
<p>अभिमत में मध्य प्रदेश राज्य बनाम विन्नी कुमार बाबेल सहित अन्य मामलों का हवाला दिया गया है। इन मामलों में यह माना गया था कि यदि नियमों को चुनौती देने वाला मामला न्यायालय में लंबित है, तब भी सरकार विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक बुला सकती है और पदोन्नति प्रक्रिया पूरी कर सकती है।</p>
<p>हालांकि, अंतिम निर्णय आने के बाद परिस्थितियों के अनुसार कार्रवाई करनी होगी।</p>
<h4><strong>10 साल से प्रभावित थे हजारों कर्मचारी</strong></h4>
<p>MP में पदोन्नति प्रक्रिया बंद होने से हजारों सरकारी कर्मचारी प्रभावित हुए थे। कर्मचारियों को लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार था। कई कर्मचारी बिना प्रमोशन के ही सेवानिवृत्त हो गए, जबकि कई कर्मचारियों की वरिष्ठता और करियर प्रगति पर इसका असर पड़ा।</p>
<p>अब प्रक्रिया शुरू होने से कर्मचारियों में राहत की उम्मीद जगी है। हालांकि, कानूनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने तक असमंजस भी बना हुआ है।</p>
<h4><strong>पूर्व सचिव ने उठाए सवाल</strong></h4>
<p>पूर्व सामान्य प्रशासन विभाग सचिव डीएस राय ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार ने न्यायालय में कोई अंडरटेकिंग दी थी तो उसका पालन किया जाना चाहिए था।</p>
<p>उनके अनुसार, यदि परिस्थितियों में बदलाव आया था तो सरकार को न्यायालय के सामने जाकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी। उनका कहना है कि इस मामले से लाखों कर्मचारी जुड़े हुए हैं, इसलिए कोई भी कदम पूरी प्रक्रिया और पारदर्शिता के साथ उठाया जाना चाहिए।</p>
<h4><strong>सपाक्स ने भी जताई चिंता</strong></h4>
<p>सामान्य, अन्य पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संस्था (सपाक्स) ने भी सरकार के फैसले पर चिंता व्यक्त की है।</p>
<p>सपाक्स के अध्यक्ष केपीएस तोमर का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने की बात कही थी, जबकि अब पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में न्यायालय का निर्णय सरकार की कार्रवाई के विपरीत आता है तो इससे कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<p>उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को होने वाली मानसिक और प्रशासनिक परेशानियों की जिम्मेदारी किसकी होगी।</p>
<h5><strong>सरकार का तर्क- नियमों पर कोई रोक नहीं</strong></h5>
<p>वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाई कोर्ट की ओर से पदोन्नति नियम 2025 के संचालन पर कोई स्पष्ट रोक नहीं है। इसलिए कानूनी राय के आधार पर प्रक्रिया शुरू की गई है।</p>
<p>अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय के अंतिम आदेश का पालन किया जाएगा और उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।</p>
<h6><strong>कर्मचारियों को मिली बड़ी राहत</strong></h6>
<p>MP में करीब एक दशक से रुकी पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होना सरकारी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। सरकार और विभाग अब तेजी से लंबित पदोन्नतियों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।</p>
<p>हालांकि, इस पूरे मामले की अंतिम तस्वीर न्यायालय के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों को राहत मिली है, लेकिन कानूनी चुनौती अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP Promotion Policy 2025: हाई कोर्ट केस के बीच सशर्त प्रमोशन की तैयारी, GAD का बड़ा आदेश</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-promotion-policy-2025-gad-order-high-court/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Jul 2026 03:32:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[MADHAY PRADESH NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[GAD Order]]></category>
		<category><![CDATA[Government Employees Promotion]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
		<category><![CDATA[MP Promotion Policy 2025]]></category>
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					<description><![CDATA[MP Promotion Policy 2025: हाई कोर्ट केस के बीच सशर्त प्रमोशन की तैयारी, GAD का बड़ा आदेश MP में सरकारी कर्मचारियों के लंबे समय से अटके प्रमोशन को लेकर राज्य ... <a title="MP Promotion Policy 2025: हाई कोर्ट केस के बीच सशर्त प्रमोशन की तैयारी, GAD का बड़ा आदेश" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-promotion-policy-2025-gad-order-high-court/" aria-label="Read more about MP Promotion Policy 2025: हाई कोर्ट केस के बीच सशर्त प्रमोशन की तैयारी, GAD का बड़ा आदेश">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP Promotion Policy 2025: हाई कोर्ट केस के बीच सशर्त प्रमोशन की तैयारी, GAD का बड़ा आदेश</strong></h1>
<p>MP में सरकारी कर्मचारियों के लंबे समय से अटके प्रमोशन को लेकर राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी विभाग प्रमुखों, विभागाध्यक्षों और जिला कलेक्टरों को पत्र जारी करते हुए निर्देश दिया है कि प्रमोशन पॉलिसी 2025 के तहत आगे की कार्रवाई अब कानूनी राय के आधार पर की जाए। यह आदेश 30 जून 2026 को जारी किया गया है और इसे राज्य के लाखों कर्मचारियों के लिए एक अहम संकेत माना जा रहा है।</p>
<h2><strong>लंबे समय से रुकी प्रमोशन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश</strong></h2>
<p>MP में सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया पिछले करीब एक दशक से रुकी हुई है। वर्ष 2016 के बाद से प्रमोशन पर लगी रोक के कारण लाखों कर्मचारी समय पर पदोन्नति का लाभ नहीं ले सके हैं। इस दौरान कई कर्मचारी सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं, जिससे यह सवाल लगातार उठता रहा है कि क्या उन्हें बाद में आने वाली किसी नीति का लाभ मिलेगा या नहीं।</p>
<p>नई प्रमोशन पॉलिसी 2025 इसी लंबे गतिरोध को खत्म करने के उद्देश्य से तैयार की गई थी, लेकिन इसके लागू होने के तुरंत बाद ही विभिन्न कर्मचारी संगठनों और याचिकाकर्ताओं ने इसे हाई कोर्ट में चुनौती दे दी। इसके बाद मामला जबलपुर हाई कोर्ट में पहुंच गया और प्रक्रिया फिर से रुक गई।</p>
<h3><strong>कानूनी राय के आधार पर आगे बढ़ेगी प्रक्रिया</strong></h3>
<p>GAD के नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार ने एडवोकेट जनरल और वरिष्ठ विधि विशेषज्ञों से विस्तृत कानूनी परामर्श लिया है। इसी राय के आधार पर विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रमोशन से संबंधित प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप आगे बढ़ाएं, लेकिन सभी कदम न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में रहेंगे।</p>
<p>सरकारी पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वरिष्ठ अधिवक्ता सी.एस. वैद्यनाथन ने राज्य सरकार की ओर से हाई कोर्ट में चल रही याचिकाओं में प्रभावी पैरवी की है। कानूनी विशेषज्ञों की राय के अनुसार, चूंकि हाई कोर्ट ने प्रमोशन नियम 2025 पर कोई अंतरिम रोक नहीं लगाई है, इसलिए नियम वैध और लागू करने योग्य बने हुए हैं।</p>
<h4><strong>4.50 लाख कर्मचारियों को मिल सकता है लाभ</strong></h4>
<p>सरकारी अनुमान के अनुसार, यदि प्रमोशन पॉलिसी 2025 के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो राज्य के लगभग 4.50 लाख कर्मचारियों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल सकता है। इसके अलावा लगभग 2 लाख पद खाली होने की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे राज्य में नई भर्तियों का रास्ता खुल सकता है।</p>
<p>हालांकि सरकार ने यह भी साफ किया है कि यह पूरी प्रक्रिया हाई कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन होगी। इसका अर्थ है कि यदि अदालत का अंतिम फैसला सरकार के पक्ष में आता है, तभी यह प्रमोशन स्थायी रूप से लागू माने जाएंगे।</p>
<h4><strong>हाई कोर्ट में लंबित मामला और स्थिति</strong></h4>
<p>यह मामला फिलहाल जबलपुर हाई कोर्ट में विचाराधीन है। फरवरी 2026 में इस पर अंतिम सुनवाई पूरी हो चुकी थी और अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। लेकिन बाद में न्यायिक परिस्थितियों में बदलाव के कारण अब तक अंतिम निर्णय नहीं आया है।</p>
<p>सरकार का कहना है कि चूंकि अब मामला नई पीठ के सामने दोबारा सुनवाई के लिए जा सकता है, इसलिए अंतिम निर्णय में और समय लग सकता है। इसी वजह से प्रशासनिक कामकाज को प्रभावित होने से बचाने के लिए सशर्त रूप से प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।</p>
<h4><strong>प्रशासनिक ढांचे पर असर</strong></h4>
<p>पिछले कई वर्षों से प्रमोशन रुके रहने के कारण राज्य के कई विभागों में गंभीर प्रशासनिक असंतुलन देखा गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कई विभाग अपनी स्वीकृत क्षमता के केवल 40 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम कर रहे हैं।</p>
<p>वरिष्ठ पद खाली पड़े होने के कारण निर्णय लेने की प्रक्रिया धीमी हो गई है। इसके अलावा, निचले स्तर पर भर्ती प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है क्योंकि पदोन्नति से बनने वाली रिक्तियां समय पर नहीं खुल पा रही हैं।</p>
<p>इस स्थिति ने न केवल प्रशासनिक कार्यों की गति को प्रभावित किया है, बल्कि कर्मचारियों के मनोबल पर भी असर डाला है।</p>
<h4><strong>कानूनी राय में क्या कहा गया</strong></h4>
<p>एडवोकेट जनरल की राय में यह स्पष्ट किया गया है कि सरकार ने पहले हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह मौखिक आश्वासन दिया था कि मामला लंबित रहने तक प्रमोशन नहीं दिए जाएंगे। लेकिन यह आश्वासन किसी भी न्यायिक आदेश या हलफनामे का हिस्सा नहीं था।</p>
<p>कानूनी दृष्टिकोण से किसी भी मौखिक आश्वासन को बाध्यकारी नहीं माना जा सकता, जब तक कि उसे कोर्ट द्वारा रिकॉर्ड न किया गया हो। इसलिए इस आधार पर प्रमोशन पर पूर्ण रोक लगाना कानूनी रूप से उचित नहीं माना गया।</p>
<p>इसके अलावा, हाई कोर्ट ने अब तक प्रमोशन नियम 2025 पर कोई अंतरिम रोक नहीं लगाई है, इसलिए ये नियम पूरी तरह से लागू माने जा सकते हैं।</p>
<h4><strong>सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला</strong></h4>
<p>कानूनी राय में सुप्रीम कोर्ट के कई महत्वपूर्ण फैसलों का भी हवाला दिया गया है, जिनमें यह स्पष्ट किया गया है कि कोर्ट में दिया गया कोई भी बाध्यकारी आश्वासन केवल तभी मान्य होता है जब वह हलफनामे या न्यायिक आदेश में दर्ज हो।</p>
<p>इस संदर्भ में ‘बैंक ऑफ बड़ौदा बनाम सदरुद्दीन हसन दया’ और ‘पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड बनाम अन्य’ जैसे मामलों का उल्लेख किया गया है, जिनमें कोर्ट ने यह माना है कि मौखिक आश्वासन को वैधानिक रोक के रूप में नहीं लिया जा सकता।</p>
<h5><strong>सशर्त प्रमोशन और DPC की संभावना</strong></h5>
<p>सरकार अब विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) बुलाने पर विचार कर सकती है। यदि DPC के माध्यम से प्रमोशन दिए जाते हैं, तो वे स्पष्ट रूप से हाई कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन होंगे।</p>
<p>इसका अर्थ यह है कि यदि भविष्य में अदालत सरकार के खिलाफ निर्णय देती है, तो ये प्रमोशन रद्द भी किए जा सकते हैं। इस कारण यह प्रक्रिया पूरी तरह सशर्त और अस्थायी मानी जाएगी।</p>
<h5><strong>प्रशासनिक जोखिम और संतुलन</strong></h5>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के सामने एक संतुलन की स्थिति है। एक तरफ लंबे समय से रुके हुए प्रमोशन को आगे बढ़ाने का दबाव है, वहीं दूसरी तरफ न्यायिक प्रक्रिया और संभावित कानूनी जोखिम भी मौजूद हैं।</p>
<p>यदि बाद में प्रमोशन रद्द होते हैं, तो इससे प्रशासनिक अस्थिरता और कर्मचारियों में असंतोष पैदा हो सकता है। इसलिए सरकार को बेहद सावधानी के साथ यह कदम उठाना होगा।</p>
<h6><strong>कर्मचारियों की उम्मीदें और स्थिति</strong></h6>
<p>लाखों कर्मचारी पिछले कई वर्षों से इस निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। कई कर्मचारियों के लिए यह केवल पदोन्नति का मामला नहीं, बल्कि उनके करियर और आर्थिक प्रगति से जुड़ा विषय है।</p>
<p>नई नीति के संकेतों से कर्मचारियों में उम्मीद जगी है कि अब लंबे समय से रुकी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। हालांकि, अंतिम निर्णय अभी भी अदालत पर निर्भर करेगा।</p>
<pre><strong>निष्कर्ष</strong></pre>
<p>MP की प्रमोशन पॉलिसी 2025 अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच चुकी है। सरकार ने कानूनी राय के आधार पर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं, लेकिन यह पूरी तरह हाई कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन रहेगा। यह कदम प्रशासनिक जरूरतों और न्यायिक प्रक्रिया के बीच संतुलन बनाने का प्रयास माना जा रहा है।</p>
<p>आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि क्या लाखों कर्मचारियों को लंबे इंतजार के बाद पदोन्नति का लाभ मिल पाएगा या मामला फिर से कानूनी जटिलताओं में उलझ जाएगा।</p>
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