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	<title>Food and Drug Administration &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Food and Drug Administration &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा: इंदौर में नमूने लिए गए, भोपाल लैब भेजे जाएंगे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 Oct 2026 08:39:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
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					<description><![CDATA[मिलावट के खिलाफ पहली बार प्रदेशव्यापी अभियान, सितारा होटलों के किचन भी सील एक माह में 1000 से ज्यादा प्रतिष्ठानों की जांच, 210 को नोटिस, 16 के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन ... <a title="त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा: इंदौर में नमूने लिए गए, भोपाल लैब भेजे जाएंगे" class="read-more" href="https://swarajvani.com/festivals-food-safe-crackdown-intensifies-indore/" aria-label="Read more about त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा: इंदौर में नमूने लिए गए, भोपाल लैब भेजे जाएंगे">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>मिलावट के खिलाफ पहली बार प्रदेशव्यापी अभियान, सितारा होटलों के किचन भी सील</strong></h1>
<p><strong>एक माह में 1000 से ज्यादा प्रतिष्ठानों की जांच, 210 को नोटिस, 16 के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन निरस्त</strong></p>
<p>इंदौर। मिलावटी और दूषित खाद्य सामग्रियों के खिलाफ पहली बार इंदौर सहित पूरे प्रदेश में बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन का अमला पहली बार सितारा होटलों तक भी पहुंचा, जहां किचन सील किए गए, खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई और भारी पेनल्टी लगाई गई। प्रदेश के नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन मनोज पुष्प ने कहा कि जनता को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिले, यही विभाग का लक्ष्य है।</p>
<h2><strong>एक हजार से ज्यादा प्रतिष्ठानों की जांच</strong></h2>
<p>पिछले एक माह में इंदौर सहित पूरे प्रदेश में होटल, रेस्टोरेंट, रिसोर्ट, क्लब और निजी स्कूलों के किचनों की जांच की गई। एक हजार से अधिक प्रतिष्ठानों में हुई इस जांच में जहां अनियमितताएं मिलीं, ऐसे 210 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए। साथ ही 16 लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन निरस्त किए गए।</p>
<h2><strong>नवरात्रि और दीपावली पर रहेगी सख्ती</strong></h2>
<p>पुष्प के अनुसार नवरात्रि और दीपावली को देखते हुए मिठाई, नमकीन, खाद्य तेल, दूध से बने उत्पाद, पेय पदार्थ, घी, मावा और पनीर की मांग बढ़ जाती है। इन खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर कहा गया है कि वे अपने अधीनस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के माध्यम से सघन अभियान चलाएं, अधिक से अधिक निरीक्षण करें, मिलावट की आशंका वाले उत्पाद नष्ट कराएं और नमूने लें।</p>
<h2><strong>मोबाइल लैब और जनजागरूकता</strong></h2>
<p>प्रमुख बाजारों में मोबाइल टेस्टिंग लैब चलाई जा रही है, ताकि मौके पर ही प्राथमिक जांच हो सके। त्योहारों के दौरान जनजागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। रोजाना की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन भोपाल में आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा बुलवाया जा रहा है।</p>
<h2><strong>इंदौर में लगातार बड़ी कार्रवाई</strong></h2>
<p>इंदौर में खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी ने लगातार बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने शहर की प्रमुख और प्रतिष्ठित होटलों की भी सख्ती से जांच की, जिसके बाद इन होटलों सहित अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों ने गुणवत्ता सुधारने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए। एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध भी लगाया गया है।</p>
<p>कल भी दीप निशा गृह उद्योग, किशन चिप्स, आयुष बेकरी सहित अन्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए नमूने लिए गए। इनमें से कई नमूनों को जांच के लिए भोपाल की राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।</p>
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			</item>
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		<title>इंदौर के सयाजी होटल के 8 में से 5 फूड सैंपल फेल, दो ‘असुरक्षित’; मामला कोर्ट पहुंचा तो हो सकती है कार्रवाई</title>
		<link>https://swarajvani.com/five-food-samples-fail-quality-test-at-indores-sayaji-hotel-two-found-unsafe-for-consumption/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 09:25:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[ayaji Hotel Indore]]></category>
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					<description><![CDATA[इंदौर के सयाजी होटल के 8 में से 5 फूड सैंपल फेल, दो ‘असुरक्षित’; मामला कोर्ट पहुंचा तो हो सकती है कार्रवाई Indore Sayaji Hotel News: खाद्य एवं औषधि प्रशासन ... <a title="इंदौर के सयाजी होटल के 8 में से 5 फूड सैंपल फेल, दो ‘असुरक्षित’; मामला कोर्ट पहुंचा तो हो सकती है कार्रवाई" class="read-more" href="https://swarajvani.com/five-food-samples-fail-quality-test-at-indores-sayaji-hotel-two-found-unsafe-for-consumption/" aria-label="Read more about इंदौर के सयाजी होटल के 8 में से 5 फूड सैंपल फेल, दो ‘असुरक्षित’; मामला कोर्ट पहुंचा तो हो सकती है कार्रवाई">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>इंदौर के सयाजी होटल के 8 में से 5 फूड सैंपल फेल, दो ‘असुरक्षित’; मामला कोर्ट पहुंचा तो हो सकती है कार्रवाई</strong></h1>
<h2><strong>Indore Sayaji Hotel News: खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच रिपोर्ट के बाद होटल प्रबंधन को नोटिस की तैयारी, पिस्ता कतरन और मूंगफली दाना असुरक्षित पाए जाने की जानकारी; दोबारा जांच के लिए मिलेगा 30 दिन का मौका</strong></h2>
<p><strong>इंदौर।</strong> शहर के प्रतिष्ठित सयाजी होटल से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा होटल से लिए गए कुल 8 नमूनों में से 5 के निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने की जानकारी सामने आई है। इनमें दो नमूनों को मानव उपभोग के लिए ‘असुरक्षित’ और तीन को ‘अवमानक’ बताए जाने की बात कही गई है।</p>
<p>मामले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। हालांकि लैब की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर सीधे सजा तय नहीं होती। होटल प्रबंधन को रिपोर्ट को चुनौती देते हुए निर्धारित समय में रेफरल लैब से दोबारा जांच कराने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद अंतिम रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।</p>
<h2><strong>8 में से 5 खाद्य नमूने जांच में फेल</strong></h2>
<p>खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने पिछले दिनों सयाजी होटल में जांच करते हुए अलग-अलग खाद्य पदार्थों के आठ नमूने लिए थे। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था।</p>
<p>रिपोर्ट आने के बाद पांच नमूनों में गड़बड़ी सामने आने की जानकारी है। इनमें से दो नमूनों को ‘असुरक्षित’ श्रेणी में रखा गया है, जबकि तीन नमूनों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।</p>
<p>बाकी तीन नमूनों के जांच में पास होने की जानकारी दी गई है।</p>
<h2><strong>पिस्ता कतरन और मूंगफली दाना बताए गए असुरक्षित</strong></h2>
<p>जांच में जिन दो खाद्य पदार्थों को असुरक्षित बताया गया है, उनमें पिस्ता कतरन और मूंगफली दाना शामिल हैं।</p>
<p>खाद्य पदार्थ का ‘असुरक्षित’ पाया जाना गंभीर श्रेणी का मामला माना जाता है, क्योंकि इसका संबंध सीधे उपभोक्ता के स्वास्थ्य से होता है। हालांकि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई से पहले होटल प्रबंधन के पास नमूनों की दोबारा जांच कराने का विकल्प रहेगा।</p>
<p>रेफरल लैब की रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि प्रारंभिक जांच का निष्कर्ष बरकरार रहता है या उसमें बदलाव होता है।</p>
<h2><strong>होटल प्रबंधन को नोटिस देने की तैयारी</strong></h2>
<p>मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी के अनुसार विभाग की ओर से होटल प्रबंधन को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 46(4) के तहत नोटिस जारी करने की प्रक्रिया की जा रही है।</p>
<p>नोटिस मिलने के बाद यदि होटल प्रबंधन जांच रिपोर्ट से सहमत नहीं है तो वह नियमानुसार रेफरल लैब में नमूनों की दोबारा जांच की मांग कर सकता है।</p>
<p>इसके लिए होटल प्रबंधन को 30 दिन का समय दिए जाने की बात कही गई है। इस अवधि में अपील नहीं किए जाने या दोबारा जांच में भी नमूने असुरक्षित पाए जाने की स्थिति में विभाग आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर सकता है।</p>
<h2><strong>दो ‘असुरक्षित’ मामलों में जिला कोर्ट में जा सकता है प्रकरण</strong></h2>
<p>खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार असुरक्षित पाए गए दोनों नमूनों से जुड़े मामले कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला न्यायालय में भेजे जा सकते हैं।</p>
<p>यदि होटल प्रबंधन निर्धारित समय में रेफरल जांच नहीं कराता या दूसरी जांच में भी नमूने असुरक्षित पाए जाते हैं, तो संबंधित प्रकरणों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है।</p>
<p>इसके बाद मामले में दोष, परिस्थितियों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर न्यायालय फैसला करेगा।</p>
<p>इसलिए इस स्तर पर यह कहना उचित नहीं होगा कि होटल प्रबंधन को निश्चित रूप से जेल या जुर्माना होगा। सजा केवल न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने और दोष सिद्ध होने के बाद ही तय हो सकती है।</p>
<h2><strong>तीन अवमानक नमूनों पर ADM कोर्ट में कार्रवाई</strong></h2>
<p>दो असुरक्षित नमूनों के अलावा तीन अन्य खाद्य पदार्थों के नमूनों को अवमानक पाए जाने की जानकारी है।</p>
<p>ऐसे मामलों में कार्रवाई की प्रकृति अलग होती है। विभाग के मुताबिक इन प्रकरणों को एडीएम कोर्ट में प्रस्तुत किया जा सकता है, जहां खाद्य सुरक्षा कानून के तहत जुर्माने की कार्रवाई हो सकती है।</p>
<p>प्रत्येक नमूने का मामला अलग माना जाता है। इसलिए अलग-अलग फेल नमूनों पर स्वतंत्र रूप से कार्रवाई की जा सकती है।</p>
<h2><strong>जुर्माना और सजा का क्या है प्रावधान?</strong></h2>
<p>खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार असुरक्षित खाद्य पदार्थों से जुड़े मामलों में परिस्थितियों और लागू धाराओं के आधार पर आर्थिक दंड के साथ कारावास का भी प्रावधान हो सकता है।</p>
<p>रिपोर्ट में असुरक्षित पाए गए प्रत्येक नमूने के मामले में एक से पांच लाख रुपये तक जुर्माना और तीन से छह महीने तक की सजा के प्रावधान का उल्लेख किया गया है।</p>
<p>वहीं अवमानक पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों के मामले में एडीएम कोर्ट के स्तर पर पांच लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान बताया गया है।</p>
<p>हालांकि वास्तविक दंड मामले की प्रकृति, अंतिम जांच रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।</p>
<h2><strong>निरीक्षण में साफ-सफाई को लेकर भी सामने आई थी लापरवाही</strong></h2>
<p>खाद्य पदार्थों के नमूनों के अलावा होटल की साफ-सफाई और खाद्य सामग्री रखने की व्यवस्था को लेकर भी जांच के दौरान सवाल उठे थे।</p>
<p>जानकारी के अनुसार प्रशासनिक टीम को निरीक्षण के दौरान एक ही फ्रिज में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य सामग्री रखी हुई मिली थी। इसके साथ ही स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी कथित कमियां सामने आई थीं।</p>
<p>बड़े होटल और रेस्टोरेंट में खाद्य पदार्थों के भंडारण, तापमान नियंत्रण, वेज-नॉनवेज सामग्री को अलग रखने और रसोई की स्वच्छता के लिए निर्धारित मानकों का पालन जरूरी होता है।</p>
<h2><strong>ग्राहकों की सेहत से जुड़ा मामला</strong></h2>
<p>होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा का मामला सीधे ग्राहकों के स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। इसी कारण खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर प्रतिष्ठानों से नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच करता है।</p>
<p>यदि कोई नमूना मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो उसकी श्रेणी और गंभीरता के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाती है।</p>
<p>सयाजी होटल के मामले में भी अंतिम स्थिति नोटिस प्रक्रिया, होटल प्रबंधन के जवाब और संभावित रेफरल लैब रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।</p>
<h2><strong>अब आगे क्या होगा?</strong></h2>
<p>विभाग द्वारा होटल प्रबंधन को नोटिस दिए जाने के बाद अगला कदम प्रबंधन के जवाब पर निर्भर करेगा। यदि प्रबंधन रेफरल लैब में जांच कराने का विकल्प चुनता है तो अंतिम रिपोर्ट आने तक कार्रवाई की दिशा उसी के अनुसार तय होगी।</p>
<p>यदि दूसरी जांच में भी दोनों नमूने असुरक्षित पाए जाते हैं तो संबंधित मामले जिला कोर्ट तक पहुंच सकते हैं। वहीं अवमानक पाए गए तीन नमूनों के मामलों में एडीएम कोर्ट में कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।</p>
<p>फिलहाल मामला जांच और कानूनी प्रक्रिया के चरण में है। ऐसे में किसी भी संभावित सजा को अंतिम फैसला मानने के बजाय अदालत और संबंधित विभाग की आगे की कार्रवाई का इंतजार करना होगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
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