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	<title>FASTag Rules &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>दिव्यांगजनों के लिए बदले फास्टैग नियम, अब तीन या पांच साल की वैधता; जानें आवेदन प्रक्रिया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 Oct 2026 07:13:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दिव्यांगजनों के लिए बदले फास्टैग नियम, अब तीन या पांच साल की वैधता; जानें आवेदन प्रक्रिया नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल छूट पाने वाले पात्र दिव्यांगजनों के लिए केंद्र ... <a title="दिव्यांगजनों के लिए बदले फास्टैग नियम, अब तीन या पांच साल की वैधता; जानें आवेदन प्रक्रिया" class="read-more" href="https://swarajvani.com/exempted-fastag-rules-revised-for-divyangjan-three-or-five-year-validity-and-application/" aria-label="Read more about दिव्यांगजनों के लिए बदले फास्टैग नियम, अब तीन या पांच साल की वैधता; जानें आवेदन प्रक्रिया">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>दिव्यांगजनों के लिए बदले फास्टैग नियम, अब तीन या पांच साल की वैधता; जानें आवेदन प्रक्रिया</strong></h1>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल छूट पाने वाले पात्र दिव्यांगजनों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। छूट वाले फास्टैग यानी Exempted FASTag के जारी होने और नवीनीकरण के दिशा-निर्देशों में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था में हर साल नवीनीकरण कराने की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है। अब पात्र लाभार्थियों को दिव्यांगता के दर्ज प्रतिशत के आधार पर तीन या पांच साल की वैधता वाला फास्टैग मिलेगा। संशोधित दिशा-निर्देश 2 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हैं।</p>
<h2><strong>दिव्यांगता के प्रतिशत से तय होगी वैधता</strong></h2>
<p>सरकार की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 70 प्रतिशत से 100 प्रतिशत दिव्यांगता वाले पात्र व्यक्तियों को जारी Exempted FASTag पांच साल तक वैध रहेगा। वहीं, 40 प्रतिशत से लेकर 70 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले पात्र व्यक्तियों को तीन साल की वैधता मिलेगी।</p>
<p>इसका निर्धारण वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र, विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र यानी UDID कार्ड या अन्य लागू अभिलेखों में दर्ज प्रतिशत से होगा। उदाहरण के लिए, पात्रता की अन्य शर्तें पूरी करने वाले किसी आवेदक की दिव्यांगता 60 प्रतिशत दर्ज है तो उसे तीन साल की वैधता मिलेगी। यदि यह प्रतिशत 80 है तो वैधता पांच साल होगी। पहले इस श्रेणी में फास्टैग का वार्षिक नवीनीकरण अनिवार्य था।</p>
<h2><strong>किन वाहनों को मिलेगा लाभ?</strong></h2>
<p>संशोधित व्यवस्था शारीरिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के उपयोग के लिए विशेष रूप से डिजाइन और निर्मित वाहनों पर लागू है। इसके अलावा, वाहन के स्वामित्व प्रकार में ‘Divyangjan’ के रूप में पंजीकृत वाहन भी इसके दायरे में आते हैं।</p>
<p>इसलिए केवल दिव्यांगता प्रमाणपत्र होने से प्रत्येक सामान्य वाहन पर टोल छूट स्वतः लागू नहीं होगी। संबंधित वाहन को निर्धारित पात्रता पूरी करनी होगी। आवेदन से पहले वाहन की आरसी में दर्ज विवरण और लागू छूट श्रेणी की जांच करना उपयोगी रहेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि टोल छूट निर्धारित नियमों और पात्रता संबंधी आवश्यकताओं के अनुसार ही दी जाएगी।</p>
<h2><strong>आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?</strong></h2>
<p>भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड यानी IHMCL की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, Exempted FASTag के आवेदन में भरा हुआ आवेदन फॉर्म, वाहन का पंजीकरण प्रमाणपत्र यानी आरसी, पहचान प्रमाण और संबंधित श्रेणी में छूट की पात्रता का प्रमाण आवश्यक है।</p>
<p>पहचान प्रमाण के लिए आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन, सरकारी पहचानपत्र या मतदाता पहचानपत्र जैसे दस्तावेज दिए जा सकते हैं। दिव्यांगजन श्रेणी में वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र या UDID जैसे लागू अभिलेख तैयार रखें। स्कैन की गई प्रतियों में नाम, वाहन नंबर और अन्य विवरण स्पष्ट दिखाई देने चाहिए।</p>
<h2><strong>ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?</strong></h2>
<p>आवेदक  पर उपलब्ध Exempted FASTag पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। आधिकारिक आवेदन मार्गदर्शन के अनुसार, पहले नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर और शहर की जानकारी देकर पंजीकरण करना होता है।</p>
<p>पंजीकरण के बाद प्राप्त लॉगिन विवरण से पोर्टल खोलें और डैशबोर्ड से आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें। फॉर्म भरने के बाद ‘Upload Form’ विकल्प में संबंधित छूट श्रेणी चुनें। आवेदन भेजने के लिए उचित NHAI क्षेत्रीय कार्यालय का चयन करें और आवेदक तथा वाहन की मांगी गई जानकारी दर्ज करें। इसके बाद आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन प्रतियां अपलोड करके आवेदन जमा करें। पोर्टल पर दिखाई देने वाले वर्तमान निर्देशों का पालन करें।</p>
<h2><strong>अवधि समाप्त होने पर कराना होगा नवीनीकरण</strong></h2>
<p>नई व्यवस्था में नवीनीकरण की आवश्यकता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। तीन या पांच साल की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद फास्टैग का नवीनीकरण कराया जा सकेगा। इसके लिए लाभार्थी की पात्रता जारी रहना और राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 के लागू प्रावधानों का पालन जरूरी होगा। इसलिए लंबी वैधता को स्थायी टोल छूट नहीं माना जाना चाहिए।</p>
<h2><strong>बार-बार की औपचारिकताओं से मिलेगी राहत</strong></h2>
<p>सरकार के अनुसार, बदलाव का उद्देश्य पात्र दिव्यांगजनों के लिए टोल व्यवस्था को अधिक सुलभ, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है। लंबी वैधता मिलने से वार्षिक नवीनीकरण और बार-बार दस्तावेज प्रस्तुत करने की प्रक्रियात्मक जरूरत कम होगी। आवेदन करते समय सही श्रेणी, वाहन विवरण और वैध प्रमाणपत्र देना जरूरी रहेगा, ताकि पात्रता की जांच उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर की जा सके।</p>
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