<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Electric Shock Risk &#8211; Swaraj Vani</title>
	<atom:link href="https://swarajvani.com/tag/electric-shock-risk/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<description>From politics and jobs to culture and community stories, we deliver timely, unbiased updates that matter.</description>
	<lastBuildDate>Thu, 08 Oct 2026 08:17:25 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.3</generator>

<image>
	<url>https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/07/cropped-स्वराज-वाणी-1-32x32.png</url>
	<title>Electric Shock Risk &#8211; Swaraj Vani</title>
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>भोपाल में स्ट्रीट लाइट पोल की सुरक्षा पर सवाल, 132 में से 59 के सर्किट वाले हिस्से खुले मिले</title>
		<link>https://swarajvani.com/ibhopal-street-light-safety-concerns-open-circuit-compartments-found-in-59-of-poles/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 Oct 2026 08:17:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bhopal]]></category>
		<category><![CDATA[Electric Shock Risk]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[Raj Bhavan]]></category>
		<category><![CDATA[Street Light Safety]]></category>
		<category><![CDATA[VIP Road]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=365099</guid>

					<description><![CDATA[भोपाल में स्ट्रीट लाइट पोल की सुरक्षा पर सवाल, 132 में से 59 के सर्किट वाले हिस्से खुले मिले भोपाल। स्ट्रीट लाइट के खंभे में करंट उतरने से युवा अधिवक्ता ... <a title="भोपाल में स्ट्रीट लाइट पोल की सुरक्षा पर सवाल, 132 में से 59 के सर्किट वाले हिस्से खुले मिले" class="read-more" href="https://swarajvani.com/ibhopal-street-light-safety-concerns-open-circuit-compartments-found-in-59-of-poles/" aria-label="Read more about भोपाल में स्ट्रीट लाइट पोल की सुरक्षा पर सवाल, 132 में से 59 के सर्किट वाले हिस्से खुले मिले">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div>
<div>
<div>
<h1><strong>भोपाल में स्ट्रीट लाइट पोल की सुरक्षा पर सवाल, 132 में से 59 के सर्किट वाले हिस्से खुले मिले</strong></h1>
<p><strong>भोपाल।</strong> स्ट्रीट लाइट के खंभे में करंट उतरने से युवा अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की मौत के बाद राजधानी में सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। नईदुनिया की प्रकाशित पड़ताल के अनुसार, शहर के 132 स्ट्रीट लाइट पोल की जांच में 59 पोल के सर्किट वाले हिस्से खुले मिले। जांचे गए पोल में अर्थ लीकेज सर्किट ब्रेकर नहीं मिलने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। सामने आए विवरण नगर निगम की रखरखाव व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों पर विद्युत सुरक्षा की समीक्षा की जरूरत बताते हैं।</p>
<h2><strong>वीआईपी रोड और राजभवन क्षेत्र की व्यवस्था पर सवाल</strong></h2>
<p>नईदुनिया की रिपोर्ट में वीआईपी रोड और राजभवन के आसपास लगे स्ट्रीट लाइट पोल की स्थिति का उल्लेख किया गया है। इन क्षेत्रों में पोल के निचले हिस्सों और बिजली के कनेक्शन की सुरक्षा को लेकर खामियां बताई गई हैं।</p>
<p>सड़क किनारे लगे खंभों के पास से पैदल राहगीर भी गुजरते हैं। ऐसे में बिजली के उपकरणों को सुरक्षित आवरण में रखना महत्वपूर्ण है। खुले सर्किट वाले हिस्सों की पहचान होने पर उनकी तकनीकी जांच और मरम्मत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। केवल स्ट्रीट लाइट का जलना उसकी पूरी विद्युत व्यवस्था सुरक्षित होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।</p>
<h2><strong>132 पोल की जांच में सामने आई कमियां</strong></h2>
<p>पड़ताल के उपलब्ध विवरण के मुताबिक, कुल 132 स्ट्रीट लाइट पोल जांचे गए। इनमें 59 के सर्किट वाले हिस्से खुले पाए गए। रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं में 52 पोल के निचले हिस्से खुले मिलने का भी उल्लेख है। ये दोनों आंकड़े अलग विवरण के रूप में दिए गए हैं, इसलिए इन्हें जोड़कर प्रभावित पोल की संख्या बताना उचित नहीं होगा।</p>
<p>रिपोर्ट में अर्थ लीकेज सर्किट ब्रेकर की अनुपस्थिति का मुद्दा भी उठाया गया है। हालांकि, उपलब्ध सामग्री में प्रत्येक पोल की अलग तकनीकी परीक्षण रिपोर्ट नहीं दी गई है। इसलिए सभी जांचे गए खंभों में करंट मौजूद होने का निष्कर्ष निकालने के बजाय सामने आई सुरक्षा कमियों को स्पष्ट करना जरूरी है।</p>
<h2><strong>सीधे तार जोड़कर टेप लगाने का उल्लेख</strong></h2>
<p>नईदुनिया की पड़ताल के मुख्य बिंदुओं में बताया गया है कि ब्रेकर बदलने के बजाय केबल के तार सीधे जोड़कर उन पर टेप लगाया गया। यह विवरण मरम्मत की प्रक्रिया और कनेक्शन की सुरक्षा से जुड़े सवाल सामने रखता है।</p>
<p>संबंधित पोल पर किस प्रकार का ब्रेकर लगा था, उसे क्यों हटाया गया और सीधे कनेक्शन कब किए गए, इसकी जानकारी तकनीकी जांच से स्पष्ट होनी चाहिए। जिम्मेदारी तय करने के लिए रखरखाव के रिकॉर्ड, शिकायतों और किए गए मरम्मत कार्यों का मिलान उपयोगी होगा। इससे सामने आई कमी के कारण और उसके सुधार की जरूरत समझी जा सकेगी।</p>
<h2><strong>अधिवक्ता की मौत के बाद रखरखाव पर ध्यान</strong></h2>
<p>उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, युवा अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की मौत स्ट्रीट लाइट के खंभे में करंट उतरने से हुई। इस घटना के बाद नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं।</p>
<p>घटना के संदर्भ में संबंधित खंभे की तकनीकी स्थिति, पूर्व शिकायतों और रखरखाव का विवरण महत्वपूर्ण होगा। साथ ही अन्य स्थानों पर मिली कमियों को अलग से जांचना आवश्यक है। उपलब्ध सामग्री में नगर निगम का विस्तृत पक्ष या कार्रवाई का विवरण शामिल नहीं है, इसलिए किसी अधिकारी या कर्मचारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी अभी निश्चित रूप से नहीं बताई जा सकती।</p>
<h2><strong>सुधार में तकनीकी जांच हो प्राथमिकता</strong></h2>
<p>सामने आए विवरण के आधार पर खुले सर्किट वाले हिस्सों को सुरक्षित करने और तारों के कनेक्शन की जांच की आवश्यकता दिखाई देती है। संबंधित विभाग को योग्य तकनीकी कर्मचारियों से पोल और उससे जुड़ी विद्युत व्यवस्था का परीक्षण कराना चाहिए।</p>
<p>मरम्मत के बाद उसका रिकॉर्ड रखना और सुरक्षा की दोबारा पुष्टि करना भी उपयोगी होगा। सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी कमियां मिलने पर केवल बाहरी आवरण लगाने तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय भीतर के कनेक्शन और सुरक्षा उपकरणों की स्थिति भी जांची जानी चाहिए।</p>
<h2><strong>राहगीर खुले तारों और पोल से रखें दूरी</strong></h2>
<p>यदि किसी स्ट्रीट लाइट पोल में खुले तार, टूटा आवरण या चिंगारी दिखाई दे तो उसे छूने अथवा स्वयं ठीक करने का प्रयास न करें। बच्चों को भी ऐसे स्थानों से दूर रखें और संबंधित विभाग को स्थान की स्पष्ट जानकारी दें।</p>
<p>नईदुनिया की पड़ताल में सामने आए आंकड़े राजधानी की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की सुरक्षा समीक्षा का आधार बन सकते हैं। जांच और सुधार की स्थिति सार्वजनिक होने से नागरिकों को यह जानने में मदद मिलेगी कि चिन्हित कमियों पर क्या कार्रवाई की गई है।</p>
</div>
</div>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
