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	<title>ElderlyPension &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>Silwani में वृद्ध पेंशन संकट: तीन महीने से अधिक समय से भुगतान बंद, बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 20 Jun 2026 07:46:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[Silwani में वृद्ध पेंशन संकट: तीन महीने से अधिक समय से भुगतान बंद, बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी संवाददाता : वैभव जैन मस्ताना Silwani क्षेत्र में वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत ... <a title="Silwani में वृद्ध पेंशन संकट: तीन महीने से अधिक समय से भुगतान बंद, बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/silwani-elderly-pension-payments-delayed-for-over/" aria-label="Read more about Silwani में वृद्ध पेंशन संकट: तीन महीने से अधिक समय से भुगतान बंद, बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Silwani में वृद्ध पेंशन संकट: तीन महीने से अधिक समय से भुगतान बंद, बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी</strong></h1>
<p><em><strong>संवाददाता<!--TgQPHd||[]--> : वैभव जैन मस्ताना</strong></em></p>
<p>Silwani क्षेत्र में वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत मिलने वाली राशि पिछले तीन से चार महीनों से लाभार्थियों तक नहीं पहुंचने की गंभीर समस्या सामने आई है। इस स्थिति के कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के गरीब और वृद्ध नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जिन लोगों के लिए यह पेंशन जीवनयापन का एकमात्र सहारा है, उनके लिए अब रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।</p>
<p>स्थानीय लोगों और लाभार्थियों का कहना है कि उन्हें लगातार यह उम्मीद रहती है कि पेंशन की राशि आएगी, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं हो पा रहा है। इस कारण उन्हें बार-बार संबंधित कार्यालयों और बैंकिंग सेवाओं के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उनका समय, पैसा और ऊर्जा तीनों खर्च हो रहे हैं।</p>
<h2><strong>तीन से चार महीने से अटका पेंशन भुगतान</strong></h2>
<p>सिलवानी तहसील के ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ नगर पंचायत क्षेत्र में भी कई वृद्ध लाभार्थियों को पिछले तीन से चार महीनों से पेंशन नहीं मिली है। कई बुजुर्गों का कहना है कि वे पूरी तरह इस राशि पर निर्भर हैं और इसके बिना उनका जीवन कठिन हो गया है।</p>
<p>कुछ लाभार्थियों ने बताया कि पहले हर महीने या निर्धारित समय पर पेंशन मिल जाती थी, जिससे जीवन में थोड़ी स्थिरता रहती थी। लेकिन अब भुगतान में देरी ने उनकी आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है।</p>
<h2><strong>बुजुर्गों की बढ़ती परेशानियां और आर्थिक संकट</strong></h2>
<p>वृद्ध लाभार्थियों का कहना है कि उनकी उम्र और स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए लगातार दफ्तरों के चक्कर लगाना उनके लिए बेहद कठिन है। कई बुजुर्गों को पैदल या किराया खर्च करके सिलवानी मुख्यालय आना पड़ता है, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।</p>
<p>कुछ बुजुर्गों ने बताया कि कई बार उनके पास आने-जाने का किराया भी नहीं होता, फिर भी वे उम्मीद लेकर कार्यालय पहुंचते हैं कि शायद आज उनकी पेंशन मिल जाएगी। लेकिन निराशा ही हाथ लगती है।</p>
<p>इस स्थिति ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ा दिया है। बुजुर्गों का कहना है कि वे अपने ही अधिकार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।</p>
<h2><strong>ग्रामीण क्षेत्रों में दिव्यांगों की स्थिति और भी गंभीर</strong></h2>
<p>ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांग और असहाय बुजुर्गों के लिए यह समस्या और भी गंभीर हो गई है। कई दिव्यांग लाभार्थियों को अपने परिवार या पड़ोसियों की मदद लेकर पेंशन की जानकारी लेने के लिए जाना पड़ता है।</p>
<p>उनका कहना है कि पहले पंचायत स्तर पर व्यवस्था सरल थी और भुगतान आसानी से हो जाता था, लेकिन अब डिजिटल प्रक्रिया लागू होने के बाद समस्याएं बढ़ गई हैं। अंगूठा सत्यापन और तकनीकी दिक्कतों के कारण कई बार भुगतान प्रक्रिया अधूरी रह जाती है।</p>
<h2><strong>डिजिटल प्रणाली पर उठ रहे सवाल</strong></h2>
<p>स्थानीय लोगों का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था को लागू करना एक अच्छा कदम था, लेकिन इसकी जमीनी क्रियान्वयन व्यवस्था अभी कमजोर है। कई बार सर्वर समस्या, बायोमेट्रिक मिलान में त्रुटि और तकनीकी कारणों से भुगतान अटक जाता है।</p>
<p>बुजुर्गों का कहना है कि वे तकनीकी रूप से अधिक सक्षम नहीं हैं, इसलिए उन्हें हर बार दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे उनकी स्वतंत्रता और सम्मान दोनों प्रभावित होते हैं।</p>
<p>कुछ लोगों ने यह भी बताया कि पहले पंचायत स्तर पर भुगतान प्रक्रिया सरल थी, लेकिन अब कई चरणों और तकनीकी बाधाओं के कारण लाभार्थियों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।</p>
<p><img decoding="async" class="size-medium wp-image-329072 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/Capture-a-164x300.jpg" alt="Capture a" width="164" height="300" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/Capture-a-164x300.jpg 164w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/Capture-a.jpg 397w" sizes="(max-width: 164px) 100vw, 164px" /></p>
<h2><strong>सामाजिक और मानवीय पहलू</strong></h2>
<p>यह समस्या केवल आर्थिक नहीं बल्कि एक सामाजिक और मानवीय मुद्दा भी बन गई है। वृद्ध नागरिकों का कहना है कि वे जीवन के उस चरण में हैं जहां उन्हें सहायता और सम्मान की आवश्यकता है, लेकिन इसके विपरीत उन्हें अपने अधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।</p>
<p>कई बुजुर्गों ने भावुक होकर कहा कि वे अपने बच्चों और समाज पर निर्भर नहीं रहना चाहते, इसलिए सरकार द्वारा दी जाने वाली पेंशन उनके लिए आत्मसम्मान का भी प्रतीक है। लेकिन समय पर भुगतान न होने से उनका आत्मविश्वास भी कमजोर हो रहा है।</p>
<h2><strong>सुधार की मांग और स्थानीय लोगों की अपेक्षाएं</strong></h2>
<p>स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाए। लोगों का कहना है कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे वृद्ध और दिव्यांग लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के समय पर पेंशन मिल सके।</p>
<p>उन्होंने सुझाव दिया कि यदि डिजिटल प्रणाली में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं, तो उसका सरल और वैकल्पिक समाधान भी उपलब्ध होना चाहिए, ताकि किसी भी लाभार्थी को परेशानी न हो।</p>
<p>इसके अलावा, ग्रामीण स्तर पर सहायता केंद्रों को मजबूत करने की भी मांग की गई है, जहां बुजुर्ग आसानी से अपनी समस्या का समाधान कर सकें।</p>
<h2><strong>प्रशासन से अपेक्षा</strong></h2>
<p>लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और पेंशन वितरण प्रणाली की समीक्षा करनी चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी देरी न हो।</p>
<p>स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि यदि समय पर समाधान नहीं हुआ तो बुजुर्गों का असंतोष और बढ़ सकता है, जो सामाजिक स्तर पर चिंता का विषय बन सकता है।</p>
<h2><strong>निष्कर्ष</strong></h2>
<p>सिलवानी क्षेत्र में वृद्ध पेंशन का लंबे समय से अटकना एक गंभीर समस्या बन चुका है, जिससे गरीब और जरूरतमंद वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग की कठिनाइयों को भी उजागर करती है।</p>
<p>यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो इसका असर ग्रामीण क्षेत्रों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर और गहरा पड़ सकता है। बुजुर्गों की मांग स्पष्ट है—उन्हें सम्मान, सुविधा और समय पर उनका अधिकार चाहिए, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपना जीवन यापन कर सकें।</p>
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