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	<title>District Panchayat &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>District Panchayat &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>मध्य प्रदेश की 18 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों पर मंडराया संकट, अटक सकती है 16वें वित्त आयोग के अनुदान की पहली किस्त</title>
		<link>https://swarajvani.com/over-18000-madhya-pradesh-gram-panchayats-risk-losing-first-instalment-of-16th-finance-commission-grant/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Sep 2026 12:11:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bhopal]]></category>
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					<description><![CDATA[मध्य प्रदेश की 18 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों पर मंडराया संकट, अटक सकती है 16वें वित्त आयोग के अनुदान की पहली किस्त 15 सितंबर तक ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर ... <a title="मध्य प्रदेश की 18 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों पर मंडराया संकट, अटक सकती है 16वें वित्त आयोग के अनुदान की पहली किस्त" class="read-more" href="https://swarajvani.com/over-18000-madhya-pradesh-gram-panchayats-risk-losing-first-instalment-of-16th-finance-commission-grant/" aria-label="Read more about मध्य प्रदेश की 18 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों पर मंडराया संकट, अटक सकती है 16वें वित्त आयोग के अनुदान की पहली किस्त">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>मध्य प्रदेश की 18 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों पर मंडराया संकट, अटक सकती है 16वें वित्त आयोग के अनुदान की पहली किस्त</strong></h1>
<h2><strong>15 सितंबर तक ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड करनी होगी विकास कार्ययोजना, पंचायत राज संचालनालय ने अधिकारियों को दिए निर्देश</strong></h2>
<p><strong>भोपाल।</strong> मध्य प्रदेश की 18 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों के सामने 16वें वित्त आयोग के अनुदान की पहली किस्त अटकने का खतरा पैदा हो गया है। इसकी वजह वित्तीय वर्ष 2026-27 की ग्राम पंचायत विकास कार्ययोजना को समय पर ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड नहीं करना है। समयसीमा नजदीक आने के बावजूद बड़ी संख्या में पंचायतों ने अपनी कार्ययोजना ऑनलाइन दर्ज नहीं की है।</p>
<p>प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश की कुल 23,011 ग्राम पंचायतों में से केवल 4,155 पंचायतों ने कार्ययोजना अपलोड की थी। हालांकि, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के गतिशील आंकड़ों में 4 सितंबर की शाम तक यह संख्या बढ़कर 4,789 दर्ज हुई। इसके बाद भी 18,222 ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना अपलोड होना बाकी थी। पोर्टल के आंकड़े लगातार अपडेट होते हैं, इसलिए संख्या में आगे बदलाव हो सकता है।<a href="https://egramswaraj.gov.in/gpdpUploadReport.do" rel="nofollow noopener" target="_blank"> </a></p>
<h2><strong>15 सितंबर तक पूरा करना होगा काम</strong></h2>
<p>पंचायत राज संचालनालय ने त्रि-स्तरीय पंचायत संस्थाओं को 15 सितंबर तक विकास कार्ययोजना ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर संबंधित पंचायतें 16वें वित्त आयोग के अनुदान की पहली किस्त प्राप्त करने की पात्रता से वंचित हो सकती हैं।</p>
<p>समयसीमा में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में पंचायतों, जनपद पंचायतों और जिला पंचायतों के अधिकारियों पर कार्ययोजना तैयार कर उसे सत्यापित एवं अपलोड कराने का दबाव बढ़ गया है।</p>
<p>संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि कार्ययोजना अपलोड नहीं होने से पैदा होने वाली स्थिति की जिम्मेदारी संबंधित पंचायत की होगी। इस कारण जिला एवं जनपद स्तर पर निगरानी तेज करने की जरूरत बताई गई है।</p>
<h2><strong>ग्रामीण विकास कार्यों पर पड़ सकता है असर</strong></h2>
<p>16वें वित्त आयोग से मिलने वाला अनुदान पंचायतों के विकास और बुनियादी सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि अनुदान की किस्त अटकती है तो ग्राम पंचायतों में प्रस्तावित विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं।</p>
<p>इस राशि का उपयोग स्थानीय आवश्यकताओं और निर्धारित नियमों के अनुसार पेयजल, स्वच्छता, नाली निर्माण, सार्वजनिक सुविधाओं, सामुदायिक परिसंपत्तियों के रखरखाव और दूसरे विकास कार्यों में किया जा सकता है।</p>
<p>अनुदान समय पर नहीं मिलने से पहले से स्वीकृत योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी हो सकती है। इसका सीधा प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों और उन्हें मिलने वाली स्थानीय सुविधाओं पर पड़ सकता है।</p>
<h2><strong>पंचायत राज संचालनालय ने जारी किए निर्देश</strong></h2>
<p>स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पंचायत राज संचालनालय ने सभी त्रि-स्तरीय पंचायतों को समयसीमा के भीतर कार्ययोजना अपलोड कराने को कहा है। जिला पंचायत और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को प्रक्रिया की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP), ब्लॉक या जनपद पंचायत विकास योजना (BPDP) और जिला पंचायत विकास योजना (DPDP) निर्धारित प्रक्रिया के तहत पोर्टल पर दर्ज हो जाए।</p>
<p>इसके लिए पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, संबंधित तकनीकी कर्मचारियों और विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता होगी। जिन पंचायतों में योजना तैयार है, वहां उसे तत्काल ऑनलाइन अपलोड कर अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।</p>
<h2><strong>क्या है ग्राम पंचायत विकास योजना?</strong></h2>
<p>ग्राम पंचायत विकास योजना यानी GPDP किसी पंचायत के वार्षिक विकास कार्यों का व्यवस्थित खाका होती है। इसमें गांव की प्राथमिक आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों और प्रस्तावित कार्यों का विवरण शामिल किया जाता है।</p>
<p>कार्ययोजना तैयार करते समय ग्रामसभा की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। पंचायत को स्थानीय नागरिकों की जरूरतों के आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करनी होती है। इसमें पेयजल, स्वच्छता, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सामुदायिक विकास से जुड़े कार्य शामिल किए जा सकते हैं।</p>
<p>योजना को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज करने से विकास कार्यों, वित्तीय संसाधनों और खर्च की निगरानी में पारदर्शिता आती है। केंद्र सरकार का यह पोर्टल पंचायतों की योजना, प्रगति और लेखांकन से संबंधित प्रक्रियाओं को डिजिटल रूप में संचालित करने के लिए विकसित किया गया है।</p>
<h2><strong>विभागीय योजनाओं को भी कार्ययोजना में जोड़ने के निर्देश</strong></h2>
<p>पंचायत राज संचालनालय ने संबंधित विभागों से कहा है कि पंचायतों की विकास कार्ययोजना तैयार करते समय उनकी विभागीय योजनाओं को भी शामिल कराया जाए। इससे अलग-अलग योजनाओं के बीच समन्वय स्थापित किया जा सकेगा और एक ही प्रकार के कार्यों पर दोहरा खर्च होने की आशंका कम होगी।</p>
<p>गांव की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों की योजनाओं और उपलब्ध वित्तीय संसाधनों को जोड़ना विकास योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके लिए ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा अन्य विभागों से आवश्यक जानकारी ली जा सकती है।</p>
<h2><strong>तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतें भी चुनौती</strong></h2>
<p>कई पंचायतों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी, पोर्टल से संबंधित तकनीकी समस्या और कार्ययोजना को अंतिम रूप देने में देरी जैसी चुनौतियां सामने आती हैं। पंचायतों को ग्रामसभा के प्रस्ताव, अनुमानित लागत और विभागीय योजनाओं का विवरण जुटाने में भी समय लग सकता है।</p>
<p>ऐसी स्थिति में जिला और जनपद स्तर पर सहायता केंद्र बनाकर तकनीकी सहयोग दिया जाना जरूरी है। पंचायतों को केवल समयसीमा की जानकारी देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि जहां प्रक्रिया अटकी हुई है वहां समस्या की पहचान कर उसका तत्काल समाधान भी करना होगा।</p>
<h2><strong>हर स्तर पर होगी प्रगति की समीक्षा</strong></h2>
<p>पोर्टल पर अपेक्षाकृत कम संख्या में योजनाएं अपलोड होने के बाद जिला पंचायतों को प्रतिदिन प्रगति की निगरानी करने की आवश्यकता है। जनपदlish स्तर पर प्रत्येक ग्राम पंचायत की स्थिति की समीक्षा कर यह पता लगाया जा सकता है कि कार्ययोजना तैयार नहीं हुई है, अनुमोदन लंबित है अथवा केवल अपलोडिंग बाकी है।</p>
<p>जिन पंचायतों ने प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनकी अलग सूची बनाकर संबंधित सचिव और अधिकारियों को समयबद्ध जिम्मेदारी दी जा सकती है। यह भी आवश्यक होगा कि जल्दबाजी में अधूरी या गलत जानकारी अपलोड न हो, क्योंकि कार्ययोजना के आधार पर ही वित्तीय संसाधनों का उपयोग किया जाना है।</p>
<h2><strong>लापरवाही हुई तो संबंधित पंचायत होगी जिम्मेदार</strong></h2>
<p>संचालनालय के निर्देशों के अनुसार, तय समय में कार्ययोजना अपलोड नहीं होने और अनुदान की किस्त रुकने की स्थिति में संबंधित पंचायत की जवाबदेही तय हो सकती है। इससे पंचायत सचिवों, सरपंचों और पर्यवेक्षण करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है।</p>
<p>ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजना अवधि उपलब्ध है और 16वें वित्त आयोग से संबंधित योजना भी कॉन्फिगर की गई है।</p>
<p>अब पंचायतों के पास 15 सितंबर तक अपनी कार्ययोजना पूरी कर पोर्टल पर अपलोड करने का समय है। यदि शेष 18 हजार से अधिक पंचायतों ने निर्धारित अवधि में प्रक्रिया पूरी नहीं की तो ग्रामीण विकास के लिए मिलने वाली अनुदान राशि प्रभावित हो सकती है। आने वाले दिनों में अपलोडिंग की गति बढ़ाना पंचायत विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>Udaygarh में जिला पंचायत सीईओ ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, जल जीवन मिशन, स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर हुई चर्चा</title>
		<link>https://swarajvani.com/district-ceo-holds-public-dialogue-in-udaygarh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 28 Jul 2026 13:22:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[AlirajPur]]></category>
		<category><![CDATA[Alirajpur]]></category>
		<category><![CDATA[CEO Sanghamitra Gautam]]></category>
		<category><![CDATA[District Panchayat]]></category>
		<category><![CDATA[Jal Jeevan Mission]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Udaygarh]]></category>
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					<description><![CDATA[ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में उदयगढ़ ग्राम पंचायत में व्यापारियों एवं ग्रामीण जनों से विस्तृत चर्चा कर जल जीवन मिशन पर चर्चा की उदयगढ़ ग्राम पंचायत में जिला पंचायत ... <a title="Udaygarh में जिला पंचायत सीईओ ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, जल जीवन मिशन, स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर हुई चर्चा" class="read-more" href="https://swarajvani.com/district-ceo-holds-public-dialogue-in-udaygarh/" aria-label="Read more about Udaygarh में जिला पंचायत सीईओ ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, जल जीवन मिशन, स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर हुई चर्चा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><em><strong>ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में उदयगढ़ ग्राम पंचायत में व्यापारियों एवं ग्रामीण जनों से विस्तृत चर्चा कर जल जीवन मिशन पर चर्चा की उदयगढ़ ग्राम पंचायत में जिला पंचायत के सीईओ संघमित्रा गौतम और अतिरिक्त मुख्य कार्यपालनअधिकारी जिला पंचायत अलीराजपुर जनपद पंचायत सीईओ माया बरिया जी आदि बैठक में उपस्थित रहे।</strong></em></p>
<p><em><strong>दैनिक स्वराज वाणी रिपोर्टर खलील मंसूरी</strong></em></p>
<p>Udaygarh जिला अलीराजपुर की ग्राम पंचायत उदयगढ़ विकासखंड मुख्यालय की ग्राम पंचायत है जिसकी आबादी करीबन 7782 के लगभग है आज मंगलवार को जिला पंचायत सीईओ<br />
संघमित्रा गौतम जी वह अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्ध गोपाल वर्मा जी वह जनपद पंचायत के सीईओ माया बारिया जी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में चर्चा और साथी नल जल मतलब जल जीवन स्वच्छता अभियान पर चर्चा का फोकस रहा जिसमें ग्राम पंचायत उदयगढ़ के व्यापारियों और जनता से सवाल समस्याएं जानी और समस्याओं का समाधान आपकी ग्राम पंचायत में ही होगा क्योंकि आपके सवालों को और समस्याओं को ग्राम पंचायत उदयगढ़ में हल होगा 1 साल से नल जल समस्या का मुद्दा ग्रामीण किसान केसर सिंह चौहान ने उठाया साथ मेरे खेत में लोगों का गंदा पानी आने से फसलों का नुकसान हो रहा है</p>
<p>साथ ही उदयगढ़ बस स्टैंड पर बरसों पुराना हैंडपंप लगा हुआ है उसे विगत 15 -20 दिनों से नालियों का गंदा पानी रिसकर अंदर जा रहा है जिससे हेडपंप का पानी पीने योग्य नहीं रहा पानी गंदा बास मार रहा है गंदी बदबू आती है पानी पीते हैं तो आपको एक बात ध्यान में लाना है कि इस हेड पम्प से आधा उदयगढ़ पानी भरकर अपनी प्यास बुझा रहा है जिला पंचायत सीईओ मैडम ने संज्ञान में लेकर पि॰एची॰ को आदेश किया कि इसका सैंपल आज ही लेकर इसकी जांच की जाना चाहिए और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।</p>
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<p>&nbsp;</p>
<p>जिला पंचायतसीईओ मैडम ने ग्राम उदयगढ़ की नालियां ओपन रखने को कहा जिससे भविष्य में नालियों का पानी सड़कों पर नहीं आना चाहिए नालियों का अतिक्रमण हटाया जाए क्योंकि ग्राम पंचायत को एसडीएम का पावर दे दिया गया सर्वे सर्वा ग्राम पंचायत है और उसी को करना है साथी ही उदयगढ़ ग्राम पंचायत में दो आंगनबाड़ी भवन की मांग वर्षो से चली आ रही है शुक्रवार को हाट बाजार का मुद्दा उठाया गया क्योंकि शुक्रवार को हाट बाजार का दिन होने से गांव के अंदर बसों का आना-जाना नहीं होता इस बात को लेकर जिला पंचायत सीईओ मैडम को बताया कि 20 -25 वर्षों से कृषिअनाज मंडी उदयगढ़ का उपयोग नहीं हो रहा है व्यापारियों के उपयोग नहीं आ रही है तो हाट बाजार कृषि अनाज मंडी में कर दिया जाए।</p>
<p>ठोस अपशिष्ट के लिए और पशु के अंतिम संस्कार हेतु करीबन 1 से 2 एकड़ जमीन उदयगढ़ के पटवारी को बोला कि देख कर बताएं सरपंच साहब को हम जानते हैं कि सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि सौंदर्य करण श्मशान घाट पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जल जीवन पेयजल पर चर्चा शौचालय प्रभास हुई जो बनी बनी है उसकी साफ सफाई पर बस हुई को मैडम ने कहा कि 15 अगस्त के बाद एक बैठक और व्यापारी और ग्रामीण जनता से के बीच होगी नल जल वितरण प्रणाली पर भी सवाल उठाए गए ।जिला पंचायत सीईओ मैडम ने पास ही कन्या माध्यमिक स्कूल कक्षा छठी की बालिका से चर्चा कर मिड डे मील के बारे में पूछा और छात्राओं से चर्चा की कि आपका कहां तक पढ़ना चाहती हो और पढ़ाई कर कर क्या बनना चाहती हो 15 अगस्त के बाद में फिर आऊंगी ।आप लोगों बीच बैठकर भोजन करूंगी भोजन में क्या बना कर खिलाओगे आप लोग।</p>
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<p>कार्यक्रम में सरपंच श्रीमती हीरा राजू मुवेल , डॉ शब्बीर हामिदी, पत्रकार राजू डावर, पत्रकार खलील मंसूरी, शुभम राठौड़, चेतन राठौड़, नटवर भाई, नरु भाई, सलीम भाई, केसर सिंह, दुकाल सिंह, मनीष परमार, मुकेश अजनार, बुट सिंह और महिला कार्यकर्ताएं अंबेडकर कॉलोनी से महिलाओं की उपस्थिति रही</p>
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