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	<title>Delhi Traffic Police &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Delhi Traffic Police &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>दिल्ली ट्रैफिक चालान: 25 अक्टूबर को लोक अदालत, 19 अक्टूबर से डाउनलोड होगी स्लिप; निपटारा अपने आप नहीं होगा</title>
		<link>https://swarajvani.com/delhi-lok-adalat-2026-settle-eligible-traffic-challans-on-october-25-download-token-slips-from-october/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Oct 2026 10:26:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[New Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Challan Settlement]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi Lok Adalat]]></category>
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					<description><![CDATA[दिल्ली ट्रैफिक चालान: 25 अक्टूबर को लोक अदालत, 19 अक्टूबर से डाउनलोड होगी स्लिप; निपटारा अपने आप नहीं होगा नई दिल्ली दिल्ली में नेशनल लोक अदालत अब 25 अक्टूबर 2026 ... <a title="दिल्ली ट्रैफिक चालान: 25 अक्टूबर को लोक अदालत, 19 अक्टूबर से डाउनलोड होगी स्लिप; निपटारा अपने आप नहीं होगा" class="read-more" href="https://swarajvani.com/delhi-lok-adalat-2026-settle-eligible-traffic-challans-on-october-25-download-token-slips-from-october/" aria-label="Read more about दिल्ली ट्रैफिक चालान: 25 अक्टूबर को लोक अदालत, 19 अक्टूबर से डाउनलोड होगी स्लिप; निपटारा अपने आप नहीं होगा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>दिल्ली ट्रैफिक चालान: 25 अक्टूबर को लोक अदालत, 19 अक्टूबर से डाउनलोड होगी स्लिप; निपटारा अपने आप नहीं होगा</strong></h1>
<p><strong> नई दिल्ली </strong>दिल्ली में नेशनल लोक अदालत अब 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित होगी। इसमें पात्र ट्रैफिक चालानों के निपटारे का मौका मिलेगा। हालांकि, चालान अपने आप माफ नहीं होंगे। अदालत में केवल कानूनन समझौता योग्य (compoundable) चालान ही लिए जाएंगे और जुर्माने में छूट या निपटारे का फैसला मामले के अनुसार होगा।</p>
<p>दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (DSLSA) की अधिसूचना के मुताबिक, 30 जून 2026 तक लंबित पात्र चालान लोक अदालत में पेश किए जा सकते हैं। चालान की स्लिप 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के लोक अदालत पोर्टल पर डाउनलोड होगी। टोकन और चालान स्लिप की संख्या सीमित है—रोज अधिकतम 50 हजार चालान और कुल 2 लाख चालानों की सीमा तय की गई है। <a href="https://cdnbbsr.s3waas.gov.in/s395b7a6d9a47c56ff9118bb45379fc884/uploads/2026/09/202609101222120803.pdf?utm_source=chatgpt.com" rel="nofollow noopener" target="_blank">1. </a></p>
<h2><strong>लोक अदालत की तारीख बदली गई</strong></h2>
<p>नेशनल लोक अदालत पहले 10 अक्टूबर को प्रस्तावित थी। दिल्ली हाई कोर्ट के अधीनस्थ न्यायालयों में उस दिन कोर्ट बैठने की अधिसूचना जारी होने के बाद DSLSA ने लोक अदालत की तारीख बदलकर 25 अक्टूबर कर दी। यह आयोजन दिल्ली के सात जिला अदालत परिसरों—तीस हजारी, कड़कड़डूमा, पटियाला हाउस, रोहिणी, साकेत, द्वारका और राउज एवेन्यू—में होगा। हाई कोर्ट, ऋण वसूली अधिकरण और उपभोक्ता आयोगों में भी लोक अदालत आयोजित की जाएगी।</p>
<h2><strong>किन चालानों पर हो सकता है विचार?</strong></h2>
<p>लोक अदालत में हर प्रकार का चालान नहीं लिया जाएगा। DSLSA की अधिसूचना में कहा गया है कि 30 जून 2026 तक लंबित <strong>समझौता योग्य</strong> चालान ही लिए जाएंगे। ऐसे अपराध, जिनका कानून के तहत समझौता नहीं हो सकता, लोक अदालत में निपटाए नहीं जा सकते। इसलिए वाहन मालिक पहले पोर्टल पर अपने चालान की पात्रता जांचें।</p>
<p>लोक अदालत में चालान की राशि कम हो सकती है या तय प्रक्रिया के अनुसार उसका निपटारा हो सकता है, लेकिन पूरी रकम माफ होने की गारंटी नहीं है। फैसला संबंधित मामले और अदालत के समक्ष रखे गए तथ्यों पर निर्भर करेगा। इसलिए केवल “चालान माफ होंगे” मानकर अदालत पहुंचने के बजाय इसे समझौते और निपटारे का अवसर समझें।</p>
<h2><strong>ऑनलाइन स्लिप कैसे डाउनलोड करें?</strong></h2>
<p>वाहन मालिक 19 अक्टूबर सुबह 10 बजे से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के लोक अदालत पोर्टल पर जाकर स्लिप डाउनलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर वाहन नंबर और कैप्चा दर्ज करने के बाद वाहन के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जा सकता है। सत्यापन के बाद पात्र चालान या नोटिस की जानकारी देखी जा सकेगी। चालान चुनने के बाद उपलब्ध कोर्ट परिसर और समय स्लॉट में से विकल्प चुनकर आवेदन सबमिट करना होगा। सफल प्रक्रिया के बाद स्लिप को डाउनलोड या प्रिंट कर लें। यदि वाहन के साथ मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, तो पोर्टल के निर्देशों के अनुसार पहले वाहन मालिक की जानकारी अपडेट करनी पड़ सकती है। गलत वाहन नंबर या पुराने मोबाइल नंबर के कारण OTP और आवेदन प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है, इसलिए रजिस्ट्रेशन विवरण पहले जांच लें।</p>
<h2><strong>अदालत जाते समय क्या रखें?</strong></h2>
<p>लोक अदालत वाले दिन डाउनलोड की गई चालान स्लिप या टोकन साथ रखें। इसके अलावा चालान या नोटिस की प्रति, वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस और पहचान पत्र साथ रखना उपयोगी रहेगा। वाहन मालिक को स्लिप पर दिए गए कोर्ट परिसर और समय के अनुसार ही पहुंचना चाहिए। टोकन या स्लिप न मिलने पर चालान का निपटारा सुनिश्चित नहीं होगा।</p>
<p>चूंकि स्लिप डाउनलोड की कुल सीमा निर्धारित है, पात्र वाहन मालिक 19 अक्टूबर को पोर्टल खुलने के बाद जल्दी जांच कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले चालान की तारीख और पात्रता जरूर देखें। अंतिम जानकारी के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक पोर्टल और DSLSA की अधिसूचना पर भरोसा करें।</p>
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		<title>दिल्ली में ट्रैफिक चालान का बदल सकता है नियम: अब लोकल पुलिस भी काट सकेगी ई-चालान, सरकार के पास पहुंचा प्रस्ताव</title>
		<link>https://swarajvani.com/delhi-traffic-rules-may-change-local-police-could-soon-issue-e-challans-proposal-sent-to-government/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 09:45:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi E Challan]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi Police]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi Police E Challan]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi Traffic Police]]></category>
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					<description><![CDATA[दिल्ली में ट्रैफिक चालान का बदल सकता है नियम: अब लोकल पुलिस भी काट सकेगी ई-चालान, सरकार के पास पहुंचा प्रस्ताव ट्रैफिक पुलिस नहीं दिखने पर नियम तोड़ने वालों पर ... <a title="दिल्ली में ट्रैफिक चालान का बदल सकता है नियम: अब लोकल पुलिस भी काट सकेगी ई-चालान, सरकार के पास पहुंचा प्रस्ताव" class="read-more" href="https://swarajvani.com/delhi-traffic-rules-may-change-local-police-could-soon-issue-e-challans-proposal-sent-to-government/" aria-label="Read more about दिल्ली में ट्रैफिक चालान का बदल सकता है नियम: अब लोकल पुलिस भी काट सकेगी ई-चालान, सरकार के पास पहुंचा प्रस्ताव">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>दिल्ली में ट्रैफिक चालान का बदल सकता है नियम: अब लोकल पुलिस भी काट सकेगी ई-चालान, सरकार के पास पहुंचा प्रस्ताव</strong></h1>
<h2><strong>ट्रैफिक पुलिस नहीं दिखने पर नियम तोड़ने वालों पर भी रहेगी नजर, दिल्ली पुलिस ने तैयार किया प्रस्ताव; मंजूरी मिलने के बाद थानों और दूसरी यूनिट के पुलिसकर्मियों को मिल सकता है अधिकार</strong></h2>
<p><strong>नई दिल्ली, 1 सितंबर 2026।</strong> दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राजधानी में ई-चालान की व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी की जा रही है। अभी तक यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जिम्मेदारी मुख्य रूप से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस संभालती है, लेकिन आने वाले समय में स्थानीय थानों और दिल्ली पुलिस की अन्य यूनिटों में तैनात पुलिसकर्मियों को भी ई-चालान जारी करने का अधिकार दिया जा सकता है।</p>
<p>इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने एक प्रस्ताव तैयार कर दिल्ली सरकार को भेजा है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद स्थानीय पुलिसकर्मी भी सड़क पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ई-चालान की कार्रवाई कर सकेंगे।</p>
<p>नई व्यवस्था के पीछे मुख्य उद्देश्य राजधानी में ट्रैफिक नियमों का पालन अधिक प्रभावी तरीके से सुनिश्चित करना बताया जा रहा है। अक्सर ऐसी जगहों पर वाहन चालकों द्वारा नियमों की अनदेखी की जाती है, जहां ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद नहीं होते। लोकल पुलिस को भी चालान का अधिकार मिलने से ऐसे क्षेत्रों में कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।</p>
<h2><strong>अभी ट्रैफिक पुलिस के पास मुख्य जिम्मेदारी</strong></h2>
<p>दिल्ली में यातायात नियमों को लागू कराने और उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी मुख्य रूप से ट्रैफिक पुलिस के पास है। रेड लाइट जंप करने, गलत दिशा में वाहन चलाने, हेलमेट या सीट बेल्ट नहीं लगाने, निर्धारित नियमों के खिलाफ वाहन खड़ा करने और अन्य ट्रैफिक उल्लंघनों पर ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई करती है।</p>
<p>लेकिन दिल्ली जैसे बड़े महानगर में हर सड़क और इलाके में हर समय ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी संभव नहीं होती। इसी वजह से स्थानीय पुलिस की भूमिका बढ़ाने की योजना पर विचार किया जा रहा है।</p>
<p>यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो थानों और अन्य पुलिस यूनिटों में तैनात अधिकृत कर्मचारी भी ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को दर्ज कर ई-चालान जारी कर सकेंगे।</p>
<h2><strong>क्यों महसूस हुई नई व्यवस्था की जरूरत?</strong></h2>
<p>नई व्यवस्था की जरूरत के पीछे सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन को मजबूत करना प्रमुख कारण बताया जा रहा है। कई वाहन चालक ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी देखकर नियमों का पालन करते हैं, लेकिन जहां पुलिस दिखाई नहीं देती वहां रेड लाइट जंपिंग, गलत दिशा में ड्राइविंग या दूसरे उल्लंघन देखने को मिल सकते हैं।</p>
<p>यदि स्थानीय पुलिस को भी ई-चालान जारी करने का अधिकार मिलता है तो केवल ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के आधार पर नियमों का पालन करने की प्रवृत्ति कम करने में मदद मिल सकती है।</p>
<p>स्थानीय थानों की पुलिस शहर के अलग-अलग हिस्सों में लगातार पेट्रोलिंग और कानून-व्यवस्था संबंधी ड्यूटी करती है। ऐसे में उनकी मौजूदगी का इस्तेमाल ट्रैफिक नियमों के प्रभावी पालन के लिए भी किया जा सकता है।</p>
<h2><strong>दिल्ली सरकार को भेजा गया प्रस्ताव</strong></h2>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की ओर से तैयार प्रस्ताव को मंजूरी के लिए दिल्ली सरकार के पास भेजा गया है। फिलहाल इसे लागू नहीं किया गया है। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।</p>
<p>इसलिए वाहन चालकों के लिए यह समझना जरूरी है कि लोकल पुलिस द्वारा ई-चालान जारी करने की व्यवस्था अभी प्रस्तावित स्तर पर है। इसे अंतिम नियम के रूप में लागू करने के लिए संबंधित प्रक्रिया और आवश्यक मंजूरी पूरी होना बाकी है।</p>
<p>मंजूरी मिलने के बाद यह भी स्पष्ट होगा कि किन रैंक या श्रेणी के पुलिसकर्मियों को ई-चालान जारी करने की अनुमति मिलेगी और उनके लिए क्या प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी।</p>
<h2><strong>चप्पे-चप्पे पर बढ़ सकती है निगरानी</strong></h2>
<p>यदि प्रस्ताव लागू होता है तो दिल्ली में ट्रैफिक नियमों की निगरानी का दायरा काफी बढ़ सकता है। अभी ट्रैफिक पुलिस मुख्य मार्गों, प्रमुख चौराहों, व्यस्त बाजारों और यातायात के लिहाज से संवेदनशील स्थानों पर अधिक सक्रिय रहती है।</p>
<p>दूसरी ओर स्थानीय पुलिस की मौजूदगी कॉलोनियों, बाजारों, अंदरूनी सड़कों और थाना क्षेत्रों में भी रहती है। ऐसे में लोकल पुलिस को ई-चालान का अधिकार मिलने के बाद इन क्षेत्रों में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई संभव हो सकती है।</p>
<p>इससे वाहन चालकों को यह मानकर चलना होगा कि केवल ट्रैफिक पुलिस की अनुपस्थिति का मतलब कार्रवाई से बचना नहीं होगा।</p>
<h2><strong>इन ट्रैफिक उल्लंघनों पर बढ़ सकती है सख्ती</strong></h2>
<p>नई व्यवस्था लागू होने के बाद ट्रैफिक नियम तोड़ने के अलग-अलग मामलों में कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है। इनमें बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना, सीट बेल्ट नहीं लगाना, गलत दिशा में गाड़ी चलाना, ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना और गलत पार्किंग जैसे उल्लंघन शामिल हो सकते हैं।</p>
<p>हालांकि स्थानीय पुलिस को किन-किन ट्रैफिक उल्लंघनों पर ई-चालान करने का अधिकार मिलेगा, इसकी पूरी जानकारी प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलने और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।</p>
<h2><strong>डिजिटल तरीके से जारी होगा चालान</strong></h2>
<p>ई-चालान व्यवस्था का उद्देश्य ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की कार्रवाई को डिजिटल और पारदर्शी बनाना है। यदि लोकल पुलिस को भी इस व्यवस्था से जोड़ा जाता है तो अधिकृत पुलिसकर्मी निर्धारित डिजिटल प्रणाली के जरिए उल्लंघन को दर्ज कर सकेंगे।</p>
<p>इससे चालान संबंधी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा और वाहन से संबंधित जानकारी के आधार पर संबंधित व्यक्ति तक चालान की सूचना पहुंचाई जा सकेगी।</p>
<p>हालांकि इसके लिए पुलिसकर्मियों को तकनीकी प्रशिक्षण, जरूरी उपकरण और ई-चालान सिस्टम तक अधिकृत पहुंच देने जैसी व्यवस्थाएं भी करनी पड़ सकती हैं।</p>
<h2><strong>ट्रैफिक पुलिस का काम हो सकता है आसान</strong></h2>
<p>दिल्ली में वाहनों की बड़ी संख्या के कारण यातायात प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। ट्रैफिक पुलिस को रोजाना जाम से निपटने, वीआईपी मूवमेंट, सड़क हादसों और ट्रैफिक नियमों के पालन जैसी कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं।</p>
<p>यदि स्थानीय पुलिस को भी सीमित या निर्धारित परिस्थितियों में चालान करने का अधिकार मिलता है तो इससे ट्रैफिक पुलिस पर पड़ने वाला दबाव कुछ हद तक कम हो सकता है।</p>
<p>साथ ही स्थानीय स्तर पर सामने आने वाले ट्रैफिक उल्लंघनों पर ज्यादा तेजी से कार्रवाई की जा सकेगी।</p>
<h2><strong>वाहन चालकों को अब और सतर्क रहने की जरूरत</strong></h2>
<p>दिल्ली पुलिस का यह प्रस्ताव लागू होने के बाद वाहन चालकों के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा। सड़क पर ट्रैफिक पुलिस दिखाई दे या नहीं, नियमों का उल्लंघन करने पर स्थानीय पुलिस कार्रवाई कर सकती है।</p>
<p>इस पूरी कवायद का उद्देश्य केवल चालान की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन को मजबूत करना माना जा रहा है।</p>
<p>फिलहाल प्रस्ताव दिल्ली सरकार के पास है और मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद ही यह साफ होगा कि लोकल पुलिस को ई-चालान जारी करने का अधिकार कब से और किन शर्तों के साथ मिलेगा। ऐसे में दिल्ली के वाहन चालकों की नजर अब सरकार के अगले फैसले पर रहेगी।</p>
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