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	<title>Cultural Program &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Cultural Program &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>रीवा में 14 से 19 अक्टूबर तक गरबा महोत्सव, बालाजी डांस एकेडमी के बच्चे देंगे प्रस्तुत</title>
		<link>https://swarajvani.com/rewa-garba-festival-2026-balaji-dance-academy-krishna-raj-kapoor-auditorium/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 11 Oct 2026 06:29:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Rewa]]></category>
		<category><![CDATA[Balaji Dance Academy]]></category>
		<category><![CDATA[Cultural Program]]></category>
		<category><![CDATA[Dainik Swaraj Vani]]></category>
		<category><![CDATA[Garba Dance]]></category>
		<category><![CDATA[Krishna Raj Kapoor Auditorium]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
		<category><![CDATA[Rewa Garba Festival 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Rewa News]]></category>
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					<description><![CDATA[रीवा के कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में 14 से 19 अक्टूबर तक छह दिवसीय गरबा महोत्सव आयोजित होगा। बालाजी डांस एकेडमी के 30 बच्चे सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत करेंगे। रीवा में ... <a title="रीवा में 14 से 19 अक्टूबर तक गरबा महोत्सव, बालाजी डांस एकेडमी के बच्चे देंगे प्रस्तुत" class="read-more" href="https://swarajvani.com/rewa-garba-festival-2026-balaji-dance-academy-krishna-raj-kapoor-auditorium/" aria-label="Read more about रीवा में 14 से 19 अक्टूबर तक गरबा महोत्सव, बालाजी डांस एकेडमी के बच्चे देंगे प्रस्तुत">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>रीवा के कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में 14 से 19 अक्टूबर तक छह दिवसीय गरबा महोत्सव आयोजित होगा। बालाजी डांस एकेडमी के 30 बच्चे सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत करेंगे।</p>
<p>रीवा में 14 से 19 अक्टूबर तक सजेगा गरबा का रंगारंग मंच, बालाजी डांस एकेडमी के 30 बच्चे देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां</p>
<p>दैनिक स्वराज वाणी</p>
<p>रीवा, मध्य प्रदेश। कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में 14 से 19 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले छह दिवसीय भव्य गरबा महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। इस सांस्कृतिक आयोजन में बालाजी डांस एकेडमी के बच्चे और कलाकार अपनी शानदार नृत्य प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोहने के लिए तैयार हैं। कार्यक्रम को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।</p>
<p>छह दिनों में दिखेगी छह राज्यों की सांस्कृतिक झलक</p>
<p>बालाजी डांस एकेडमी के संचालक एवं कोरियोग्राफर किशन सर ने बताया कि उनकी एकेडमी पिछले 20 वर्षों से रीवा में सक्रिय है। एकेडमी के कलाकार स्थानीय आयोजनों के साथ-साथ मुंबई तक अपनी प्रस्तुतियां दे चुके हैं। इस वर्ष छह दिवसीय गरबा महोत्सव में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। इनमें गरबा, फोक डांस, महाराष्ट्रीयन और गुजराती लोकनृत्य प्रमुख आकर्षण रहेंगे।</p>
<p>15 दिनों से अभ्यास कर रहे 28 से 30 बच्चे</p>
<p>महोत्सव में भाग लेने के लिए लगभग 28 से 30 बच्चे पिछले 15 दिनों से प्रतिदिन दो घंटे कड़ी मेहनत कर रहे हैं। किशन सर के अनुसार, प्रशिक्षण में उम्र की कोई बाध्यता नहीं है। इसमें सात वर्ष से लेकर अधिक उम्र के बच्चे भी शामिल हैं।</p>
<p>ये बच्चे देंगे अपनी प्रस्तुतियां</p>
<p>कार्यक्रम में वेदांत, गर्वित, अय्या तिवारी, अवीरा, आन्या, शुभी, वंशिका, करतब कुशवाहा, खुशबू खटीक, सार्थक, संस्कृति, सान्वी गौतम, गौरी, माननीय, आस्था तिवारी, वंदना गुप्ता, अंकिता गुप्ता, माही और पीहू सहित अन्य बच्चे भाग ले रहे हैं।</p>
<p>निशुल्क प्रशिक्षण से बच्चों में बढ़ रहा उत्साह</p>
<p>एकेडमी की छात्राओं सान्वी गौतम, विंध्या गुप्ता और अंकिता गुप्ता ने बताया कि किशन सर उन्हें पूरी मेहनत और बारीकी के साथ निशुल्क डांस एवं गरबा का प्रशिक्षण दे रहे हैं।</p>
<p>कई बच्चे पहली बार इतने बड़े मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करने जा रहे हैं। ऐसे में बच्चों के साथ उनके अभिभावकों में भी उत्साह है। छह दिवसीय आयोजन में विभिन्न सांस्कृतिक नृत्यों के माध्यम से दर्शकों को अलग-अलग राज्यों की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।<span id="more-366201"></span></p>
<hr />
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>अम्बाह में दशलक्षण महापर्व पर बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां</title>
		<link>https://swarajvani.com/ambah-dashlakshan-mahaparv-jain-bagichi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Sep 2026 10:10:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Morena]]></category>
		<category><![CDATA[#Paryushan]]></category>
		<category><![CDATA[Ambah]]></category>
		<category><![CDATA[Aryika Sangammati Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[Cultural Program]]></category>
		<category><![CDATA[Dashlakshan Mahaparv]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Bagichi]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160; अम्बाह में दशलक्षण महापर्व पर बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां अम्बाह/मुरैना (मनोज जैन नायक)। दशलक्षण महापर्व के पावन अवसर पर जैन बगीची प्रांगण में आर्यिका श्री संगममति ... <a title="अम्बाह में दशलक्षण महापर्व पर बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां" class="read-more" href="https://swarajvani.com/ambah-dashlakshan-mahaparv-jain-bagichi/" aria-label="Read more about अम्बाह में दशलक्षण महापर्व पर बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<h1 dir="ltr"><strong>अम्बाह में दशलक्षण महापर्व पर बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां</strong></h1>
<p dir="ltr"><strong>अम्बाह/मुरैना (मनोज जैन नायक)।</strong> दशलक्षण महापर्व के पावन अवसर पर जैन बगीची प्रांगण में आर्यिका श्री संगममति माताजी ससंघ के सानिध्य में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भजनों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं की खूब वाहवाही बटोरी और पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>पर्व में बच्चों की उत्साहपूर्ण सहभागिता</strong></h3>
<p dir="ltr">दशलक्षण महापर्व के दौरान बच्चे प्रतिदिन धार्मिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। प्रातःकाल अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन में शामिल होने के बाद शाम को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। धार्मिक आयोजनों में बच्चों की सक्रिय भागीदारी से उनमें संस्कारों के साथ-साथ कला एवं संस्कृति के प्रति भी रुचि विकसित हो रही है। माताजी के सानिध्य में बच्चों को धर्म और परंपरा से जुड़ने का सुंदर अवसर मिल रहा है, जो आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है।</p>
<p dir="ltr"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-medium wp-image-360373 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-24-at-3.07.38-am-300x169.jpeg" alt="whatsapp image 2026 09 24 at 3.07.38 am" width="300" height="169" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-24-at-3.07.38-am-300x169.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-24-at-3.07.38-am-1024x576.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-24-at-3.07.38-am-768x432.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-24-at-3.07.38-am-1536x864.jpeg 1536w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-24-at-3.07.38-am.jpeg 1599w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<h3 dir="ltr"><strong>भक्ति गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां</strong></h3>
<p dir="ltr">शाम को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने भक्ति गीतों पर एक से बढ़कर एक नृत्य प्रस्तुतियां दीं। रंग-बिरंगी वेशभूषा में सजे नन्हे कलाकारों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया और पूरा प्रांगण तालियों की गूंज से गूंज उठा। माताजी के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बच्चों एवं श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिली।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>लकी ड्रॉ का आयोजन</strong></h3>
<p dir="ltr">सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के पश्चात लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लकी ड्रॉ को लेकर उपस्थित जनों में खासा उत्साह नजर आया और कार्यक्रम का माहौल और भी आनंदमय बन गया।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>भव्य आरती के साथ समापन</strong></h3>
<p dir="ltr">कार्यक्रम के अंत में भगवान की भव्य आरती हुई। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ आरती में सहभागिता कर धर्मलाभ लिया। आरती के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ। दशलक्षण महापर्व के इन आयोजनों में समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित होकर धर्म और संस्कृति से जुड़ रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जावरा में ‘सुर संगम’ ने बिखेरा संगीत का जादू, मधुर गीतों और तालियों की गूंज से सराबोर हुई संगीतमय शाम</title>
		<link>https://swarajvani.com/young-and-veteran-artists-captivate-audience-at-sur-sangam-in-jaora/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Jul 2026 12:05:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Ratlam City Update]]></category>
		<category><![CDATA[Cultural Program]]></category>
		<category><![CDATA[Lata Mangeshkar Musical Academy]]></category>
		<category><![CDATA[MP Cultural News]]></category>
		<category><![CDATA[Music Event Jaora]]></category>
		<category><![CDATA[Sur Sangam Jaora]]></category>
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					<description><![CDATA[जावरा में ‘सुर संगम’ ने बिखेरा संगीत का जादू, मधुर गीतों और तालियों की गूंज से सराबोर हुई संगीतमय शाम रिपोर्ट: पवन धाकड़ &#124; जावरा (रतलाम) लता मंगेशकर म्यूजिकल अकादमी ... <a title="जावरा में ‘सुर संगम’ ने बिखेरा संगीत का जादू, मधुर गीतों और तालियों की गूंज से सराबोर हुई संगीतमय शाम" class="read-more" href="https://swarajvani.com/young-and-veteran-artists-captivate-audience-at-sur-sangam-in-jaora/" aria-label="Read more about जावरा में ‘सुर संगम’ ने बिखेरा संगीत का जादू, मधुर गीतों और तालियों की गूंज से सराबोर हुई संगीतमय शाम">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>जावरा में ‘सुर संगम’ ने बिखेरा संगीत का जादू, मधुर गीतों और तालियों की गूंज से सराबोर हुई संगीतमय शाम</strong></h1>
<p><strong>रिपोर्ट: पवन धाकड़ | जावरा (रतलाम)</strong></p>
<h2><strong>लता मंगेशकर म्यूजिकल अकादमी के आयोजन में बाल, युवा और वरिष्ठ कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुतियां, संगीत गुरुओं का हुआ सम्मान</strong></h2>
<p><strong>जावरा (रतलाम)।</strong> संगीत की मधुर स्वर लहरियों, सुरों की मिठास और कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों से सजी शनिवार की शाम जावरा के संगीत प्रेमियों के लिए अविस्मरणीय बन गई। <strong>लता मंगेशकर म्यूजिकल अकादमी, जावरा</strong> द्वारा करनावट एवेन्यू, सिविल लाइन रोड पर आयोजित <strong>&#8220;सुर संगम&#8221;</strong> कार्यक्रम में शहर एवं आसपास के क्षेत्र के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं का मन मोह लिया। देर रात तक चले इस भव्य आयोजन में सभागार तालियों की गड़गड़ाहट और मधुर संगीत से गूंजता रहा।</p>
<p>कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना, भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा को बढ़ावा देना तथा नई पीढ़ी को संगीत और संस्कृति से जोड़ना था। बाल कलाकारों से लेकर अनुभवी गायकों तक सभी ने अपनी प्रस्तुति से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।</p>
<h2><strong>माँ सरस्वती की वंदना से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ</strong></h2>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संस्कृति की परंपरा के अनुरूप <strong>माँ सरस्वती</strong> के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।</p>
<p>नगर के प्रख्यात गायक <strong>चिराग चोपड़ा</strong>, <strong>प्रतीक जैन</strong> एवं <strong>महेश शर्मा</strong> ने दीप प्रज्ज्वलित कर आयोजन का शुभारंभ किया। इसके बाद <strong>सुधा शर्मा</strong> ने भावपूर्ण <strong>सरस्वती वंदना</strong> प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।</p>
<p>सरस्वती वंदना के साथ ही सभागार में उपस्थित श्रोताओं ने कार्यक्रम की शानदार शुरुआत का स्वागत जोरदार तालियों से किया।</p>
<h2><strong>शहर की प्रमुख हस्तियों की रही गरिमामयी उपस्थिति</strong></h2>
<p>संगीत समारोह में अनेक सामाजिक, राजनीतिक एवं चिकित्सा क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।</p>
<p>कार्यक्रम में <strong>सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौधरी</strong>, <strong>एडवोकेट संतोष मेडतवाल</strong>, <strong>डॉ. हमीर सिंह राठौर</strong>, <strong>डॉ. प्रकाश उपाध्याय</strong>, <strong>शेखर नाहर</strong>, <strong>नीतिराज सिंह</strong>, <strong>डॉ. घनश्याम पाटीदार</strong> तथा <strong>पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सोलंकी</strong> विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।</p>
<p>अकादमी परिवार की ओर से सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया।</p>
<h2><strong>सुरों की महफिल में कलाकारों ने बांधा समां</strong></h2>
<p>कार्यक्रम में शहर और आसपास के क्षेत्रों से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि श्रोता देर रात तक अपनी सीटों पर डटे रहे।</p>
<p><strong>भव्यराज सिंह</strong> ने प्रसिद्ध गीत <strong>&#8220;मधुबन में राधिका नाचे रे&#8221;</strong> प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी, जबकि <strong>संजोत सिंह गंभीर</strong> ने अपनी प्रस्तुति <strong>&#8220;अपनी तस्वीर को&#8221;</strong> से दर्शकों का दिल जीत लिया।</p>
<p>हर प्रस्तुति के बाद सभागार देर तक तालियों की गूंज से गूंजता रहा।</p>
<h2><strong>बाल और युवा कलाकारों ने दिखाई अपनी प्रतिभा</strong></h2>
<p>कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें बाल एवं युवा कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का भरपूर अवसर मिला।</p>
<p><strong>रश्मित कौर</strong>, <strong>स्वीटी</strong>, <strong>अमरप्रीत कौर</strong>, <strong>नीलम मनवानी</strong>, <strong>रितेश श्रीवास्तव</strong>, <strong>महिमा पाटीदार</strong>, <strong>सनम खान</strong>, <strong>यज्ञराज हरगोड़</strong>, <strong>वाहिद नदीम</strong>, <strong>जीवनदास बैरागी</strong>, <strong>अली हसन</strong> और <strong>अली हुसैन</strong> सहित अनेक कलाकारों ने फिल्मी, सदाबहार और लोकप्रिय गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं।</p>
<p>इन कलाकारों की गायकी ने यह साबित किया कि जावरा और आसपास के क्षेत्र में संगीत प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।</p>
<h2><strong>देशभक्ति गीतों ने जगाया उत्साह</strong></h2>
<p>कार्यक्रम के दौरान <strong>पुलिस बैंड के तय्यब रज़ा</strong> ने देशभक्ति गीतों की प्रभावशाली प्रस्तुति दी।</p>
<p>उनकी प्रस्तुति ने पूरे सभागार में उत्साह और ऊर्जा का नया संचार कर दिया। दर्शकों ने खड़े होकर तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।</p>
<p>देशभक्ति गीतों ने कार्यक्रम को केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा बल्कि राष्ट्रप्रेम का संदेश भी दिया।</p>
<h2><strong>संगीत गुरुओं का किया गया सम्मान</strong></h2>
<p>सुर संगम कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण संगीत क्षेत्र की महान हस्तियों का सम्मान रहा।</p>
<p>इस अवसर पर अकादमी द्वारा <strong>प्रख्यात तबला वादक उस्ताद ईश्वरलाल राठौर</strong>, <strong>प्रख्यात तबला एवं ढोलक वादक स्वर्गीय उस्ताद बगदीराम सोनगरा</strong> तथा <strong>उस्ताद मोहम्मद रफीक</strong> के संगीत जगत में दिए गए अमूल्य योगदान का सम्मान किया गया।</p>
<p>उपस्थित अतिथियों ने कहा कि ऐसे वरिष्ठ कलाकारों का सम्मान नई पीढ़ी को प्रेरणा देने का कार्य करता है और संगीत परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।</p>
<h2><strong>संगीत समाज को जोड़ने का सबसे मजबूत माध्यम</strong></h2>
<p>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि समाज को जोड़ने वाली एक सशक्त सांस्कृतिक शक्ति है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संगीत भाषा, धर्म और क्षेत्र की सीमाओं से ऊपर उठकर लोगों को एक सूत्र में बांधता है।</p>
<p>अतिथियों ने लता मंगेशकर म्यूजिकल अकादमी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने के साथ-साथ भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा को जीवंत बनाए रखते हैं।</p>
<h2><strong>संगीतकारों की शानदार संगत ने बढ़ाया कार्यक्रम का आकर्षण</strong></h2>
<p>गायकों की प्रस्तुतियों को और अधिक प्रभावशाली बनाने में वाद्य यंत्र कलाकारों की भूमिका भी उल्लेखनीय रही।</p>
<p>कार्यक्रम में <strong>आमिर रज़ा</strong> ने की-बोर्ड पर शानदार संगत की, जबकि <strong>ताहिर रज़ा</strong>, <strong>लक्की राठौर</strong>, <strong>भागीरथ मालवीय</strong>, <strong>अल्तमश खान</strong> एवं <strong>जय रांका</strong> ने विभिन्न वाद्य यंत्रों पर अपनी बेहतरीन प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को संगीतमय ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया।</p>
<p>संगीतकारों और गायकों के तालमेल ने प्रत्येक प्रस्तुति को और भी प्रभावशाली बना दिया।</p>
<h2><strong>स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देना है अकादमी का उद्देश्य</strong></h2>
<p>लता मंगेशकर अवॉर्ड से सम्मानित तथा अकादमी के डायरेक्टर <strong>एहमद रज़ा (पप्पन)</strong> ने कहा कि अकादमी का मुख्य उद्देश्य जावरा और आसपास के क्षेत्र में छिपी संगीत प्रतिभाओं को उचित मंच उपलब्ध कराना है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि छोटे शहरों में अनेक प्रतिभाशाली कलाकार होते हैं, लेकिन उन्हें अपनी कला दिखाने का अवसर नहीं मिल पाता। अकादमी लगातार ऐसे कलाकारों को मंच देने का कार्य कर रही है ताकि वे राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकें।</p>
<p>उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में भी इसी प्रकार के संगीत कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किया जाएगा।</p>
<h2><strong>कवि चंचल चौहान ने किया प्रभावशाली संचालन</strong></h2>
<p>पूरे कार्यक्रम का प्रभावशाली और रोचक संचालन <strong>कवि चंचल चौहान (रतलाम)</strong> ने किया।</p>
<p>उन्होंने अपने विशिष्ट अंदाज और सहज शैली से कार्यक्रम को लगातार रोचक बनाए रखा। कार्यक्रम के अंत में <strong>भागीरथ मालवीय</strong> ने सभी कलाकारों, अतिथियों, आयोजकों और उपस्थित संगीत प्रेमियों का आभार व्यक्त किया।</p>
<h2><strong>जावरा के संगीत प्रेमियों के लिए यादगार रही संध्या</strong></h2>
<p>संस्था के प्रचार-प्रसार मंत्री <strong>संजय सुराणा</strong> ने बताया कि <strong>&#8220;सुर संगम&#8221;</strong> का उद्देश्य केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं था, बल्कि शहर की प्रतिभाओं को सम्मानजनक मंच देना और संगीत के प्रति नई पीढ़ी में रुचि विकसित करना भी था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में मिली अभूतपूर्व सफलता और लोगों के उत्साह को देखते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की श्रृंखला जारी रहेगी।</p>
<h2><strong>संगीत और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल</strong></h2>
<p>जावरा में आयोजित <strong>&#8220;सुर संगम&#8221;</strong> कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि छोटे शहरों में भी संगीत के प्रति गहरी रुचि और प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।</p>
<p>इस आयोजन ने स्थानीय कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर दिया, वरिष्ठ संगीत गुरुओं को सम्मानित किया और नई पीढ़ी को भारतीय संगीत की समृद्ध विरासत से जोड़ने का संदेश दिया।</p>
<p>देर रात तक चले इस संगीतमय आयोजन ने जावरा के संगीत प्रेमियों के दिलों में अपनी विशेष छाप छोड़ दी। सुरों की मिठास, कलाकारों का आत्मविश्वास और श्रोताओं का उत्साह इस बात का प्रमाण था कि संगीत आज भी लोगों को जोड़ने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>महावीर जयंती पर Indore में त्रिशला इकाई का आयोजन, प्रतियोगिताएं हुईं, लवी जैन प्रथम, भक्ति और उत्साह का माहौल रहा</title>
		<link>https://swarajvani.com/indore-celebrates-mahavir-jayanti-with-events/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 Mar 2026 05:50:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Indore]]></category>
		<category><![CDATA[Cultural Program]]></category>
		<category><![CDATA[Indore News]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Community]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Jayanti]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavira]]></category>
		<category><![CDATA[Religious Event]]></category>
		<category><![CDATA[Trishala]]></category>
		<category><![CDATA[Women Empowerment]]></category>
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					<description><![CDATA[Indore में महावीर जयंती पर भव्य एवं प्रेरणादायक आयोजन Indore शहर में महावीर जयंती के पावन अवसर पर श्री दिगंबर जैन महिला महासमिति की त्रिशला इकाई द्वारा एक भव्य, धार्मिक ... <a title="महावीर जयंती पर Indore में त्रिशला इकाई का आयोजन, प्रतियोगिताएं हुईं, लवी जैन प्रथम, भक्ति और उत्साह का माहौल रहा" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indore-celebrates-mahavir-jayanti-with-events/" aria-label="Read more about महावीर जयंती पर Indore में त्रिशला इकाई का आयोजन, प्रतियोगिताएं हुईं, लवी जैन प्रथम, भक्ति और उत्साह का माहौल रहा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Indore में महावीर जयंती पर भव्य एवं प्रेरणादायक आयोजन</strong></h1>
<p>Indore शहर में महावीर जयंती के पावन अवसर पर श्री दिगंबर जैन महिला महासमिति की त्रिशला इकाई द्वारा एक भव्य, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल आस्था और भक्ति से ओतप्रोत था, बल्कि इसमें सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक मूल्यों का भी सुंदर समावेश देखने को मिला। कार्यक्रम का आयोजन इकाई की संस्थापक अध्यक्ष श्रीमती सुनीता जैन के निवास पर किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में महिला सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।</p>
<p>इस आयोजन की जानकारी देते हुए रुचि चोविश्या जैन ने बताया कि महावीर जयंती के इस विशेष अवसर को यादगार बनाने के लिए विविध गतिविधियों की योजना बनाई गई थी, जिनका उद्देश्य धार्मिक चेतना के साथ-साथ मनोरंजन और सहभागिता को बढ़ावा देना था।</p>
<h2><strong>कार्यक्रम की शुरुआत: भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा</strong></h2>
<p>कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान महावीर स्वामी के स्मरण और मंगलाचरण के साथ किया गया। उपस्थित सभी महिलाओं ने सामूहिक रूप से प्रार्थना कर भगवान महावीर के सिद्धांतों—अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, और आत्मसंयम—को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।</p>
<p>पूरे वातावरण में भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत संचार देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत से ही यह स्पष्ट हो गया था कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव बनने वाला है। महिलाओं ने भक्ति गीतों और स्तुतियों के माध्यम से अपनी श्रद्धा व्यक्त की, जिससे माहौल और भी अधिक पवित्र और प्रेरणादायक बन गया।</p>
<h2><strong>त्रिशला माता प्रतियोगिता: आस्था और कला का अनूठा संगम</strong></h2>
<p>इस आयोजन का सबसे आकर्षक और भावनात्मक हिस्सा “त्रिशला माता प्रतियोगिता” रही। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने माता त्रिशला का रूप धारण कर भगवान महावीर के बाल स्वरूप का पालना झुलाया और विभिन्न धार्मिक प्रस्तुतियाँ दीं।</p>
<p>प्रतिभागियों ने अपनी वेशभूषा, साज-सज्जा और अभिनय के माध्यम से माता त्रिशला के व्यक्तित्व को जीवंत कर दिया। उनके भाव-भंगिमाओं और प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह प्रतियोगिता केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं थी, बल्कि इसके माध्यम से भगवान महावीर के जीवन से जुड़े प्रसंगों और उनके जन्म से संबंधित पौराणिक कथाओं को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।</p>
<p>इस प्रतियोगिता ने यह भी दर्शाया कि कैसे धार्मिक आयोजनों को रचनात्मकता और कला के माध्यम से अधिक प्रभावशाली बनाया जा सकता है।</p>
<h2><strong>ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी: सीखने का अनूठा माध्यम</strong></h2>
<p>कार्यक्रम में भगवान महावीर के जीवन चरित्र पर आधारित एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रतिभागियों को भगवान महावीर के जीवन, उनके उपदेशों और जैन धर्म के मूल सिद्धांतों के बारे में जागरूक करना था।</p>
<p>सभी सदस्यों ने इस प्रतियोगिता में अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया। प्रश्नोत्तरी में भगवान महावीर के जन्म, उनके त्याग, तपस्या, और उनके द्वारा दिए गए संदेशों से जुड़े प्रश्न पूछे गए। प्रतिभागियों ने न केवल सही उत्तर देने का प्रयास किया, बल्कि इस प्रक्रिया के दौरान उन्होंने कई नई जानकारियाँ भी प्राप्त कीं।</p>
<p>यह गतिविधि विशेष रूप से ज्ञानवर्धक रही और इसने सभी उपस्थित लोगों को धार्मिक दृष्टि से समृद्ध किया।</p>
<h3><strong>मनोरंजन और सहभागिता: कार्यक्रम का जीवंत पहलू</strong></h3>
<p>कार्यक्रम को और अधिक रोचक और आनंददायक बनाने के लिए विभिन्न मनोरंजक खेलों का भी आयोजन किया गया। इन खेलों में सभी आयु वर्ग की महिलाओं ने भाग लिया और पूरे उत्साह के साथ उनका आनंद उठाया।</p>
<p>इन गतिविधियों ने कार्यक्रम को एक पारिवारिक और मैत्रीपूर्ण स्वरूप प्रदान किया। हँसी-खुशी, आपसी संवाद और सहभागिता ने पूरे माहौल को जीवंत और ऊर्जावान बनाए रखा। इस प्रकार धार्मिक आयोजन के साथ-साथ मनोरंजन का संतुलन कार्यक्रम की एक विशेष पहचान बन गया।</p>
<h3><strong>प्रतियोगिता परिणाम: प्रतिभा का सम्मान</strong></h3>
<p>कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित त्रिशला माता प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा बड़े ही उत्साह के साथ की गई। इस प्रतियोगिता में लवी जैन ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति के बल पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनकी वेशभूषा, अभिनय और भावनात्मक अभिव्यक्ति को निर्णायकों और उपस्थित सभी सदस्यों ने खूब सराहा।</p>
<p>द्वितीय स्थान पर रीना जैन रहीं, जिन्होंने भी अपनी प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। दोनों विजेताओं को हार्दिक बधाई दी गई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। साथ ही अन्य प्रतिभागियों के प्रयासों और उत्साह की भी सराहना की गई, जिससे सभी का मनोबल बढ़ा।</p>
<h3><strong>नेतृत्व और मार्गदर्शन: आगामी योजनाओं पर चर्चा</strong></h3>
<p>कार्यक्रम के समापन से पूर्व इकाई की अध्यक्ष वंदना जैन ने सभी सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने आगामी गतिविधियों और योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की और सभी से सक्रिय भागीदारी बनाए रखने का आग्रह किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज में एकता, सहयोग और सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने महिलाओं को समाज में अपनी भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया।</p>
<h4><strong>सामाजिक समरसता और महिला सशक्तिकरण का उदाहरण</strong></h4>
<p>यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह सामाजिक समरसता और महिला सशक्तिकरण का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण था। इस प्रकार के कार्यक्रम महिलाओं को एक मंच प्रदान करते हैं, जहाँ वे अपनी प्रतिभा, विचार और रचनात्मकता को अभिव्यक्त कर सकती हैं।</p>
<p>साथ ही, यह आयोजन समाज में एकजुटता और सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहित करता है। महिलाओं के बीच आपसी संवाद और सहयोग ने इस कार्यक्रम को और भी सफल बना दिया।</p>
<h4><strong>सफल समापन और आभार</strong></h4>
<p>कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। इस अवसर पर सभी आयोजकों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया, जिनके सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।</p>
<p>पूरे आयोजन में उत्साह, भक्ति और आनंद का अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित सभी महिलाओं ने कार्यक्रम की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की इच्छा व्यक्त की।</p>
<h4><strong>निष्कर्ष: आस्था, संस्कृति और एकता का उत्सव</strong></h4>
<p>समग्र रूप से देखा जाए तो महावीर जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित यह कार्यक्रम अत्यंत सफल, प्रेरणादायक और यादगार रहा। इसने न केवल भगवान महावीर स्वामी के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ किया।</p>
<p>इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। इंदौर में आयोजित यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक सराहनीय प्रयास रहा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Indore : मधुर गीतों से महका माहौल, ‘संगीत भरी शाम’ रहा सफल आयोजन</title>
		<link>https://swarajvani.com/indore-witnesses-a-mesmerizing-night-of-music-k/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Mar 2026 06:04:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[Anita Chauhan]]></category>
		<category><![CDATA[Bhajan Sandhya]]></category>
		<category><![CDATA[Cultural Program]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Event]]></category>
		<category><![CDATA[Live Music]]></category>
		<category><![CDATA[Music Night]]></category>
		<category><![CDATA[Sangeet Bhari Shaam]]></category>
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					<description><![CDATA[संगीत से सजी यादगार संध्या: ‘संगीत भरी शाम – उनको भी हमसे मोहब्बत है’ का सफल आयोजन कार्यक्रम का परिचय Indore में विजया म्यूजिकल ग्रुप द्वारा आयोजित “संगीत भरी शाम ... <a title="Indore : मधुर गीतों से महका माहौल, ‘संगीत भरी शाम’ रहा सफल आयोजन" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indore-witnesses-a-mesmerizing-night-of-music-k/" aria-label="Read more about Indore : मधुर गीतों से महका माहौल, ‘संगीत भरी शाम’ रहा सफल आयोजन">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>संगीत से सजी यादगार संध्या: ‘संगीत भरी शाम – उनको भी हमसे मोहब्बत है’ का सफल आयोजन</strong></h1>
<h3>कार्यक्रम का परिचय</h3>
<p>Indore में विजया म्यूजिकल ग्रुप द्वारा आयोजित “संगीत भरी शाम – उनको भी हमसे मोहब्बत है” कार्यक्रम ने शहर के सांस्कृतिक जीवन में एक खास छाप छोड़ी। प्रीतम लाल दुआ सभागृह में आयोजित इस भव्य संध्या में संगीत, भावनाओं और कला का सुंदर संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल मनोरंजन करना था, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच प्रदान करना भी था, जिसमें आयोजक पूरी तरह सफल रहे।</p>
<h2><strong>सुरों का जादू और मनमोहक प्रस्तुतियां</strong></h2>
<p>इस संगीतमय शाम में शहर के कई प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा। अनिता चौहान, महेंद्र जैन, नवीन श्रीवास्तव, हर्षिता चौहान, निहारिका चौहान, नरेश बिरथरे, अशोक पंचाल और महेश पलोद ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर प्रस्तुति में भावनाओं की गहराई और सुरों की मिठास साफ झलक रही थी। श्रोताओं ने तालियों की गूंज के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया, जिससे पूरा वातावरण जीवंत और ऊर्जावान बना रहा।</p>
<h3><strong>संचालन ने जोड़े रखा दर्शकों को</strong></h3>
<p>कार्यक्रम का संचालन स्नेहा गंधे द्वारा बेहद प्रभावशाली और आकर्षक ढंग से किया गया। उनके सहज संवाद, मंच पर आत्मविश्वास और प्रस्तुति की शैली ने कार्यक्रम को एक सुसंगठित रूप दिया। उन्होंने हर प्रस्तुति के बीच ऐसा संतुलन बनाए रखा कि दर्शकों की रुचि लगातार बनी रही और कार्यक्रम में कहीं भी नीरसता महसूस नहीं हुई।</p>
<h3><strong>आयोजकों का समर्पण और योगदान</strong></h3>
<p>इस सफल आयोजन के पीछे अनिता चौहान और कमल सिंह चौहान का विशेष योगदान रहा। वे पिछले लगभग 8 वर्षों से विजया म्यूजिकल ग्रुप के माध्यम से लगातार सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि शहर में संगीत के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है और नए कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। यह मंच उभरती प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहचान बन चुका है।</p>
<p><img decoding="async" class="size-medium wp-image-314316 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/03/1a-2-300x219.jpg" alt="1a 2" width="300" height="219" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/03/1a-2-300x219.jpg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/03/1a-2-768x561.jpg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/03/1a-2.jpg 945w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<h3><strong>विशेष आकर्षण: भजन प्रस्तुति</strong></h3>
<p>कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण अनिता चौहान द्वारा प्रस्तुत भजन “मैया का श्रृंगार” रहा। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। इस भजन को प्रसिद्ध रचनाकार और संगीतकार साबिर खान द्वारा लिखा और संगीतबद्ध किया गया है। इस अवसर पर साबिर खान का सम्मान भी किया गया, जो उनकी रचनात्मक प्रतिभा और सांस्कृतिक योगदान का प्रतीक है। उनकी रचनाएं गंगा-जमुनी संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत करती हैं।</p>
<h3><strong>अनिता चौहान की उपलब्धियां</strong></h3>
<p>अनिता चौहान न केवल एक सफल मंचीय कलाकार हैं, बल्कि एक लोकप्रिय भजन गायिका भी हैं। उनके लगभग 12 एल्बम यूट्यूब पर उपलब्ध हैं, जिन्हें दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। उनके भजन “मैहर की मैया” को 25,000 से अधिक बार देखा जा चुका है, जो उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है। हाल ही में उनका नया भजन “मुलाक़ात बेगाना लोग पराए” रिलीज़ हुआ है, जिसे श्रोताओं द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। उनका यूट्यूब चैनल “अनिता वर्ल्ड वाईटी” भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।</p>
<h3><strong>मुख्य अतिथि की गरिमामयी उपस्थिति</strong></h3>
<p>कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रुचि चोविश्या जैन उपस्थित रहीं। वे एक जानी-मानी मीडिया पर्सनैलिटी हैं और डीडी नेशनल एवं ऑल इंडिया रेडियो जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। वर्तमान में वे अटल स्तंभ समाचार पत्र की मध्य प्रदेश शाखा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे शिक्षा, समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।</p>
<p><img decoding="async" class="size-medium wp-image-314318 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/03/1b-1-300x176.jpg" alt="1b 1" width="300" height="176" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/03/1b-1-300x176.jpg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/03/1b-1-1024x599.jpg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/03/1b-1-768x449.jpg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/03/1b-1.jpg 1297w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<h3><strong>सम्मान और सराहना</strong></h3>
<p>कार्यक्रम के दौरान सभी कलाकारों का सम्मान किया गया, जिससे उनके उत्साह में और वृद्धि हुई। गणमान्य अतिथियों द्वारा दिए गए इस सम्मान ने कलाकारों को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। दर्शकों की सराहना और तालियों की गूंज ने पूरे आयोजन को और भी खास बना दिया।</p>
<h3><strong>समापन और आभार</strong></h3>
<p>कार्यक्रम का समापन आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, कलाकारों और श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ। इस अवसर पर सभी ने इस आयोजन की सफलता पर खुशी जताई और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों की अपेक्षा व्यक्त की।</p>
<h3><strong>निष्कर्ष</strong></h3>
<p>“संगीत भरी शाम” एक ऐसा आयोजन रहा, जिसने संगीत की शक्ति को एक बार फिर साबित किया। इस कार्यक्रम ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि लोगों को भावनात्मक रूप से भी जोड़ा। विजया म्यूजिकल ग्रुप का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है, जो निरंतर शहर की सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध कर रहा है और नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Nagda: Maruti School में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, बच्चों को मिले पुरस्कार</title>
		<link>https://swarajvani.com/nagda-journalist-club-participates-with-enthusiasm/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 12:27:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[nagda]]></category>
		<category><![CDATA[Cultural Program]]></category>
		<category><![CDATA[Education]]></category>
		<category><![CDATA[Maruti School]]></category>
		<category><![CDATA[Nagda Journalist Club]]></category>
		<category><![CDATA[Student Awards]]></category>
		<category><![CDATA[Student Talent]]></category>
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					<description><![CDATA[Nagda : 27 जनवरी 2026 को मारुति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिरला ग्राम, Nagda में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में विद्यालय के बच्चों ने रंगारंग ... <a title="Nagda: Maruti School में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, बच्चों को मिले पुरस्कार" class="read-more" href="https://swarajvani.com/nagda-journalist-club-participates-with-enthusiasm/" aria-label="Read more about Nagda: Maruti School में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, बच्चों को मिले पुरस्कार">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Nagda :</strong> 27 जनवरी 2026 को मारुति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिरला ग्राम, Nagda में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में विद्यालय के बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुतियों का प्रदर्शन किया, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देने वाले थे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में नागदा जर्नलिस्ट क्लब के पदाधिकारियों और सदस्यों को बतौर अतिथि आमंत्रित किया गया। इस आयोजन ने विद्यालय के छात्रों को अपनी कला और प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन अवसर प्रदान किया।</p>
<h3><strong>सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत &#8211; मां सरस्वती पूजन से</strong></h3>
<p>कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन से हुआ। यह एक परंपरागत रस्म थी, जो इस आयोजन को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बना देती है। इस अवसर पर नागदा जर्नलिस्ट क्लब के पदाधिकारियों ने पूजा अर्चना की और बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर विद्यालय के संस्थापक चेतन यादव और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी पूजा में भाग लिया और कार्यक्रम को विधिवत रूप से शुरू किया।</p>
<h3><strong>रंगारंग प्रस्तुतियों का शानदार प्रदर्शन</strong></h3>
<p>सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी कला का बखूबी प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों में नृत्य, संगीत, गायन, नाटक और हास्य अभिनय जैसी विभिन्न विधाओं ने कार्यक्रम को बेहद मनोरंजक बना दिया। विद्यालय के छात्रों ने बहुत ही ऊर्जा और उत्साह के साथ इन प्रस्तुतियों को प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों की मेहनत और उनकी तैयारी का नतीजा इस कार्यक्रम में साफ दिखाई दिया।</p>
<p>इस कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने जो कुछ भी प्रस्तुत किया, वह न केवल उनके रचनात्मक कौशल को प्रदर्शित करता है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और मेहनत की भी गवाही देता है। प्रत्येक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और बच्चों की समर्पण भावना को सराहा गया।</p>
<figure id="attachment_304176" aria-describedby="caption-attachment-304176" style="width: 369px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-304176" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/j-3-300x155.jpg" alt="j 3" width="379" height="196" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/j-3-300x155.jpg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/j-3-1024x529.jpg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/j-3-768x397.jpg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/j-3.jpg 1378w" sizes="auto, (max-width: 379px) 100vw, 379px" /><figcaption id="caption-attachment-304176" class="wp-caption-text">Nagda: Students Awarded Medals and Mementos at Maruti School’s Cultural Program</figcaption></figure>
<h3><strong>खेल-कूद और अन्य प्रतियोगिताएं</strong></h3>
<p>सांस्कृतिक कार्यक्रम के हिस्से के रूप में कई खेल-कूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। रस्सी कूद, मेहंदी प्रतियोगिता, सफाई अभियान, और अन्य खेलों ने बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से चुनौती दी। इन प्रतियोगिताओं ने बच्चों में टीम वर्क, अनुशासन और प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा दिया।</p>
<p>इससे न केवल बच्चों की रचनात्मकता को प्रोत्साहन मिला, बल्कि उनके शारीरिक और मानसिक विकास में भी मदद मिली। इन प्रतियोगिताओं ने बच्चों को यह समझने का अवसर दिया कि सिर्फ शैक्षणिक क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी प्रदर्शन करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।</p>
<h3><strong>पुरस्कार वितरण और सम्मान</strong></h3>
<p>कार्यक्रम के अंत में पुरस्कार वितरण का समारोह हुआ। इसमें उन छात्रों को पुरस्कृत किया गया जिन्होंने परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए थे, साथ ही जिन्होंने खेल, नृत्य, गायन और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। बच्चों को मेडल, मोमेंटो और अन्य उपहारों से सम्मानित किया गया।</p>
<p>विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने बच्चों के कठिन परिश्रम की सराहना की और उन्हें भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। यह पुरस्कार बच्चों के प्रयासों और उनकी मेहनत को पहचानने और सराहने का एक तरीका था। पुरस्कार वितरण समारोह में उपस्थित सभी अभिभावकों ने अपने बच्चों की सफलता पर गर्व महसूस किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।</p>
<h3><strong>Nagda जर्नलिस्ट क्लब का योगदान</strong></h3>
<p>सांस्कृतिक कार्यक्रम में नागदा जर्नलिस्ट क्लब के पदाधिकारियों का भी विशेष योगदान रहा। इस कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में मौजूद थे:</p>
<ul>
<li><strong>कैलाश संनोलिया (मुख्य अतिथि)</strong></li>
<li><strong>मांगीलाल पोरवाल (अध्यक्ष)</strong></li>
<li><strong>दीपक जैन (सचिव)</strong></li>
<li><strong>जितेंद्र चोहान</strong></li>
<li><strong>दिनेश सोलंकी</strong></li>
<li><strong>डॉ. राहुल शर्मा</strong></li>
<li><strong>परवेज अजीज खान</strong></li>
<li><strong>जीवनलाल जैन (चाय वाले)</strong></li>
<li><strong>संजय शर्मा</strong></li>
</ul>
<p>इन सभी पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की सफलता में योगदान दिया और बच्चों को प्रोत्साहित किया। जर्नलिस्ट क्लब ने न केवल इस आयोजन को प्रमोट किया, बल्कि अपने अनुभव और मार्गदर्शन से बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी। यह क्लब हमेशा से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सक्रिय रूप से काम करता है और इस आयोजन में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा।</p>
<h3><strong>विद्यालय के संस्थापक और शिक्षकों की भूमिका</strong></h3>
<p>Maruti School के संस्थापक <strong>चेतन यादव</strong> और विद्यालय के शिक्षकों ने इस सांस्कृतिक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बहुत मेहनत की। उन्होंने बच्चों को तैयार किया, उनका मार्गदर्शन किया और कार्यक्रम के आयोजन में पूरी तरह से सहयोग किया। शिक्षकों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि यह न केवल उनके मानसिक विकास में मदद करता है, बल्कि शारीरिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी बच्चों की क्षमता को बढ़ाता है।</p>
<h3><strong>कार्यक्रम का उद्देश्य</strong></h3>
<p>Maruti School का यह सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास पर आधारित था। इसका उद्देश्य:</p>
<ul>
<li><strong>सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बच्चों को जागरूक करना</strong>,</li>
<li><strong>टीम वर्क और अनुशासन की भावना को प्रोत्साहित करना</strong>,</li>
<li><strong>रचनात्मकता और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देना</strong>,</li>
<li><strong>बच्चों को आत्मविश्वास से भरपूर बनाना</strong>।</li>
</ul>
<p>इस कार्यक्रम ने विद्यालय के छात्रों को खुद को साबित करने का एक अद्वितीय अवसर दिया। इससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई और उन्होंने अपने कौशल को नए तरीके से दर्शाया।</p>
<h3><strong>समापन और प्रतिक्रिया</strong></h3>
<p>कार्यक्रम का समापन उत्साह और खुशी के साथ हुआ। सभी उपस्थित लोग, विशेष रूप से अभिभावक और दर्शक, बच्चों की प्रस्तुतियों से प्रभावित हुए। यह कार्यक्रम न केवल एक कला और सांस्कृतिक प्रदर्शनी था, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व का परीक्षण भी था।</p>
<p>इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की रचनात्मकता और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
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