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	<title>Community &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Community &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>समाज – केवल नाम नहीं, हमारी पहचान है; एकता, सेवा, संस्कार, करुणा और प्रेम से ही बनता है मजबूत एवं आदर्श समाज।</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Aug 2026 07:45:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Community]]></category>
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					<description><![CDATA[समाज – केवल नाम नहीं, हमारी पहचान है दिनांक : 06 अगस्त 2026 समाज केवल व्यक्तियों का समूह नहीं होता, बल्कि वह संस्कारों, विश्वास, परंपराओं, मूल्यों और आत्मीय रिश्तों का ... <a title="समाज – केवल नाम नहीं, हमारी पहचान है; एकता, सेवा, संस्कार, करुणा और प्रेम से ही बनता है मजबूत एवं आदर्श समाज।" class="read-more" href="https://swarajvani.com/a-strong-society-is-built-on-unity-service-values/" aria-label="Read more about समाज – केवल नाम नहीं, हमारी पहचान है; एकता, सेवा, संस्कार, करुणा और प्रेम से ही बनता है मजबूत एवं आदर्श समाज।">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>समाज – केवल नाम नहीं, हमारी पहचान है</strong></h1>
<p><strong>दिनांक : 06 अगस्त 2026</strong></p>
<p>समाज केवल व्यक्तियों का समूह नहीं होता, बल्कि वह संस्कारों, विश्वास, परंपराओं, मूल्यों और आत्मीय रिश्तों का जीवंत परिवार होता है। किसी भी समाज की वास्तविक पहचान उसकी आर्थिक समृद्धि से नहीं, बल्कि उसके सदस्यों के बीच प्रेम, सहयोग, सेवा और एकता की भावना से होती है। यही कारण है कि कहा जाता है—<strong>&#8220;समाज एक परिवार है।&#8221;</strong> यह केवल एक सुंदर वाक्य नहीं, बल्कि जीवन जीने की ऐसी प्रेरणा है, जिसे यदि हम अपने व्यवहार में उतार लें, तो समाज की दिशा और दशा दोनों बदल सकती हैं।</p>
<p>परिवार वह होता है जहाँ एक सदस्य की सफलता पूरे परिवार की खुशी बन जाती है और किसी एक के दुःख में सभी की आँखें नम हो जाती हैं। ठीक इसी प्रकार समाज भी तब सशक्त बनता है, जब उसमें रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति दूसरे की खुशी और पीड़ा को अपनी समझे। यदि समाज का हर सदस्य यह भावना रखे कि &#8220;मैं अकेला नहीं हूँ, पूरा समाज मेरे साथ है,&#8221; तो किसी भी प्रकार की चुनौती बड़ी नहीं रह जाती।</p>
<p>आज के समय में समाज को सबसे अधिक आवश्यकता ऊँची इमारतों या भव्य आयोजनों की नहीं, बल्कि ऊँचे विचारों और उदार सोच की है। मंदिरों का वैभव तभी सार्थक है, जब हमारे मन भी करुणा, सेवा, विनम्रता और सद्भाव से प्रकाशित हों। धर्म का वास्तविक स्वरूप केवल पूजा, आराधना और अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है। धर्म का सार तब प्रकट होता है जब कोई भूखा भोजन पाता है, कोई रोगी उपचार पाता है, किसी विद्यार्थी को शिक्षा का अवसर मिलता है और निराश व्यक्ति के जीवन में आशा का दीप जलता है।</p>
<p>जैन धर्म की मूल शिक्षाएँ अहिंसा, अपरिग्रह, अनेकांतवाद और करुणा पर आधारित हैं। यदि इन सिद्धांतों को हम अपने दैनिक जीवन में अपनाएँ, तो समाज स्वतः ही अधिक संवेदनशील और सशक्त बन जाएगा। समाज का विकास केवल आर्थिक उन्नति से नहीं होता, बल्कि नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं से होता है।</p>
<p>हमारे युवा समाज की सबसे बड़ी पूँजी हैं। उनके भीतर ऊर्जा, प्रतिभा और नए विचारों का अथाह भंडार है। आवश्यकता केवल इस बात की है कि उन्हें सही संस्कार, उचित मार्गदर्शन और अपनी क्षमता को विकसित करने के पर्याप्त अवसर मिलें। जब युवा अपने समाज और संस्कृति से जुड़ते हैं, तब वे केवल अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का गौरव बनते हैं।</p>
<p>युवाओं को निरंतर आलोचना नहीं, बल्कि प्रोत्साहन और विश्वास की आवश्यकता होती है। यदि हम उनकी छोटी-छोटी उपलब्धियों की भी सराहना करें, उन्हें जिम्मेदारियाँ दें और निर्णय प्रक्रिया में सहभागी बनाएँ, तो वे समाज के नेतृत्व के लिए तैयार होंगे। भविष्य उन्हीं समाजों का होता है जो अपनी नई पीढ़ी को सशक्त बनाते हैं।</p>
<p>समाज की मजबूती केवल इस बात में नहीं कि लोग एक मंच पर साथ दिखाई दें, बल्कि इसमें है कि आवश्यकता पड़ने पर वे एक-दूसरे के लिए खड़े हों। मतभेद हर परिवार और हर समाज में स्वाभाविक हैं, लेकिन मनभेद कभी नहीं होने चाहिए। विचारों की विविधता समाज को समृद्ध बनाती है, जबकि अहंकार और कटुता उसे कमजोर कर देती है।</p>
<p>जहाँ संवाद होता है, वहाँ समाधान भी निकलते हैं। जहाँ सेवा होती है, वहाँ सम्मान अपने आप मिलता है। और जहाँ प्रेम होता है, वहाँ संगठन मजबूत होता है। इसलिए हमें व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर सामूहिक हित को प्राथमिकता देनी होगी। समाज तभी आगे बढ़ेगा जब हम &#8220;मैं&#8221; की जगह &#8220;हम&#8221; की भावना को अपनाएँगे।</p>
<p>आज आवश्यकता इस बात की है कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने सामर्थ्य के अनुसार योगदान दे। कोई शिक्षा के क्षेत्र में सेवा कर सकता है, कोई स्वास्थ्य के क्षेत्र में, कोई पर्यावरण संरक्षण में, तो कोई आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सहायता कर सकता है। सेवा का कोई भी कार्य छोटा नहीं होता; प्रत्येक प्रयास समाज को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p>आइए, हम ऐसा समाज बनाने का संकल्प लें जहाँ हर चेहरा अपना लगे, हर हाथ सेवा के लिए आगे बढ़े, हर हृदय में जिनवाणी के संस्कार बसें और हर कदम समाज की उन्नति, एकता और सद्भाव की ओर बढ़े। ऐसा समाज ही आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा और हमारी सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाए रखेगा।</p>
<p>अंततः, यही सत्य है कि समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी एकता, सेवा, संस्कार और प्रेम में निहित होती है। यदि हम इन मूल्यों को अपने जीवन का आधार बना लें, तो हमारा समाज केवल संगठित ही नहीं, बल्कि आदर्श समाज के रूप में भी स्थापित होगा।</p>
<p><strong>&#8220;समाज एक परिवार है, और परिवार की वास्तविक ताकत उसकी एकता, सेवा, विश्वास और प्रेम में होती है।&#8221;</strong></p>
<p><strong>— पूनम रमेश गांधी</strong><br />
<strong>राजस्थान</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Anandam Senior Citizen Center में कैरम प्रतियोगिता का उत्साहपूर्ण समापन, वरिष्ठ नागरिकों ने दिखाया शानदार खेल कौशल</title>
		<link>https://swarajvani.com/anandam-senior-citizen-center-hosts-vibrant-carrom/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 28 Apr 2026 09:19:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Indore News]]></category>
		<category><![CDATA[Anandam Senior Citizen Center]]></category>
		<category><![CDATA[Carrom Competition]]></category>
		<category><![CDATA[Community]]></category>
		<category><![CDATA[Senior Citizens]]></category>
		<category><![CDATA[Sports Event]]></category>
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					<description><![CDATA[Anandam Senior Citizen Center में कैरम प्रतियोगिता का उत्साहपूर्ण समापन इंदौर में वरिष्ठ नागरिकों की खेल भावना का शानदार प्रदर्शन इंदौर, 27 अप्रैल, 2026: उम्र के साथ भले ही कदम ... <a title="Anandam Senior Citizen Center में कैरम प्रतियोगिता का उत्साहपूर्ण समापन, वरिष्ठ नागरिकों ने दिखाया शानदार खेल कौशल" class="read-more" href="https://swarajvani.com/anandam-senior-citizen-center-hosts-vibrant-carrom/" aria-label="Read more about Anandam Senior Citizen Center में कैरम प्रतियोगिता का उत्साहपूर्ण समापन, वरिष्ठ नागरिकों ने दिखाया शानदार खेल कौशल">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 data-section-id="sxnnn9" data-start="0" data-end="70"><strong>Anandam Senior Citizen Center में कैरम प्रतियोगिता का उत्साहपूर्ण समापन</strong></h1>
<h3 data-section-id="xjv8nr" data-start="72" data-end="133">इंदौर में वरिष्ठ नागरिकों की खेल भावना का शानदार प्रदर्शन</h3>
<p data-start="135" data-end="511">इंदौर, 27 अप्रैल, 2026: उम्र के साथ भले ही कदम थोड़े धीमे हो जाएँ, लेकिन यदि दिल में उत्साह और उंगलियों में हुनर हो, तो हर खेल एक उत्सव बन जाता है। ऐसा ही जोश और ऊर्जा देखने को मिली Anandam Senior Citizen Center, इंदौर में, जहाँ कैरम प्रतियोगिता का आयोजन न सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता रहा, बल्कि यह वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में उत्साह, उमंग और सामाजिक जुड़ाव का प्रतीक बनकर सामने आया।</p>
<p data-start="513" data-end="637">इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उम्र केवल एक संख्या है, असली पहचान व्यक्ति के जुनून, ऊर्जा और प्रतिभा से बनती है।</p>
<h2 data-section-id="f9v3x4" data-start="644" data-end="690"><strong>बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा</strong></h2>
<p data-start="692" data-end="972">हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आयोजित इस कैरम प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में कुल <strong data-start="814" data-end="846">30 पुरुष और 14 महिला सदस्यों</strong> ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने अपने अनुभव और कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे माहौल को जीवंत बना दिया।</p>
<p data-start="974" data-end="1147">खेल के दौरान खिलाड़ियों में जोश, प्रतिस्पर्धा और आपसी सौहार्द का अनोखा संगम देखने को मिला। हर मैच में दर्शकों का उत्साह भी देखने लायक था, जो खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा रहा था।</p>
<h2 data-section-id="1dhcjk7" data-start="1154" data-end="1187"><strong>पुरुष वर्ग में रोमांचक मुकाबले</strong></h2>
<p data-start="1189" data-end="1367">पुरुष एकल वर्ग में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। इस वर्ग में <strong data-start="1248" data-end="1268">श्री दीपक मोहिते</strong> ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि <strong data-start="1333" data-end="1353">श्री राकेश वैद्य</strong> उपविजेता रहे।</p>
<p data-start="1369" data-end="1587">पुरुष युगल वर्ग में भी रोमांच अपने चरम पर था। इस वर्ग में <strong data-start="1427" data-end="1466">श्री अनिल वर्मा और श्री आर.के. पाठक</strong> की जोड़ी ने बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए जीत हासिल की। वहीं, <strong data-start="1525" data-end="1564">श्री राकेश मलिक और श्री हेमंत आठवले</strong> की जोड़ी उपविजेता रही।</p>
<p data-start="1589" data-end="1662">इन मुकाबलों में खिलाड़ियों की रणनीति, धैर्य और सटीक निशाने देखने लायक थे।</p>
<h2 data-section-id="1ajaub7" data-start="1669" data-end="1710"><strong>महिला वर्ग में भी दिखा शानदार प्रदर्शन</strong></h2>
<p data-start="1712" data-end="1912">महिला वर्ग में भी प्रतियोगिता बेहद रोमांचक रही। महिला एकल वर्ग में <strong data-start="1779" data-end="1804">श्रीमती ऊषा फर्नांडिस</strong> ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब हासिल किया। वहीं <strong data-start="1875" data-end="1897">श्रीमती लता चौपड़ा</strong> उपविजेता रहीं।</p>
<p data-start="1914" data-end="2099">महिला युगल वर्ग में <strong data-start="1934" data-end="1979">श्रीमती लता चौपड़ा और श्रीमती नीलिमा भट्ट</strong> की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। जबकि <strong data-start="2035" data-end="2084">श्रीमती ऊषा फर्नांडिस और श्रीमती मीनू चौरसिया</strong> उपविजेता रहीं।</p>
<p data-start="2101" data-end="2203">महिला खिलाड़ियों के बीच भी खेल के दौरान उत्साह, एकजुटता और प्रतिस्पर्धा का सुंदर संतुलन देखने को मिला।</p>
<h2 data-section-id="16pv2wy" data-start="2210" data-end="2245"><strong>कार्यक्रम का सफल संचालन और सहयोग</strong></h2>
<p data-start="2247" data-end="2412">इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन <strong data-start="2337" data-end="2362">श्री लाजपत राय चौपड़ा</strong> और <strong data-start="2366" data-end="2390">श्री चंद्रशेखर शर्मा</strong> ने कुशलतापूर्वक किया।</p>
<p data-start="2414" data-end="2537">इस अवसर पर कार्यकारिणी सदस्य <strong data-start="2443" data-end="2465">श्री एम.के. मिश्रा</strong> और <strong data-start="2469" data-end="2488">श्री विजय शर्मा</strong> की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।</p>
<p data-start="2539" data-end="2647">पूरे आयोजन में अनुशासन, व्यवस्था और सहभागिता का उच्च स्तर देखने को मिला, जिसने इसे एक यादगार आयोजन बना दिया।</p>
<h2 data-section-id="5urja6" data-start="2654" data-end="2684"><strong>संगीत और मनोरंजन से सजी शाम</strong></h2>
<p data-start="2686" data-end="2896">प्रतियोगिता के दौरान केवल खेल ही नहीं, बल्कि मनोरंजन का भी विशेष ध्यान रखा गया। कार्यक्रम के बीच <strong data-start="2783" data-end="2820">श्री अनिल भट्ट और श्री अनिल वर्मा</strong> द्वारा प्रस्तुत किए गए सुंदर गीतों ने पूरे माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया।</p>
<p data-start="2898" data-end="3008">संगीत की मधुर धुनों ने सभी उपस्थित सदस्यों को भाव-विभोर कर दिया और कार्यक्रम को एक सांस्कृतिक रंग प्रदान किया।</p>
<h2 data-section-id="ochng4" data-start="3015" data-end="3046"><strong>आयोजकों के प्रेरणादायक विचार</strong></h2>
<p data-start="3048" data-end="3269">इस अवसर पर आनंदम सीनियर सिटीजन सेंटर के अध्यक्ष <strong data-start="3096" data-end="3117">श्री नरेंद्र सिंह</strong> ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ प्रेषित कीं और कहा कि यह आयोजन वरिष्ठ नागरिकों के उत्साह, सक्रियता और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का प्रतीक है।</p>
<p data-start="3271" data-end="3487">सचिव <strong data-start="3276" data-end="3300">श्री एस.बी. खंडेलवाल</strong> ने कहा कि ऐसे आयोजन सदस्यों के बीच आपसी जुड़ाव और अपनापन बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताएं केवल जीत-हार तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि यह रिश्तों को मजबूत करने का भी माध्यम होती हैं।</p>
<h2 data-section-id="ol13ig" data-start="3494" data-end="3532"><strong>वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव और प्रेरणा</strong></h2>
<p data-start="3534" data-end="3776">कार्यक्रम में उपस्थित <strong data-start="3556" data-end="3581">श्री लाजपत राय चौपड़ा</strong> ने कहा कि यहां हर खिलाड़ी ने सिर्फ खेल नहीं खेला, बल्कि अपने जीवन के अनुभव और उत्साह को भी मैदान में उतारा है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का यह जोश युवा पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।</p>
<p data-start="3778" data-end="3965">वहीं <strong data-start="3783" data-end="3807">श्री चंद्रशेखर शर्मा</strong> ने कहा कि आनंदम सीनियर सिटीजन सेंटर एक ऐसा मंच तैयार कर रहा है, जहाँ उम्र नहीं बल्कि जज़्बा मायने रखता है। यह समाज के लिए एक सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल है।</p>
<h2 data-section-id="1kzr4v6" data-start="3972" data-end="4001"><strong>प्रतियोगिता का मुख्य संदेश</strong></h2>
<p data-start="4003" data-end="4217">यह कैरम प्रतियोगिता केवल एक खेल आयोजन नहीं थी, बल्कि यह एक संदेश भी दे गई कि जीवन के हर पड़ाव पर उत्साह और ऊर्जा बनाए रखना जरूरी है। वरिष्ठ नागरिकों ने यह साबित किया कि यदि मन में लगन हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती।</p>
<p data-start="4219" data-end="4290">हर चाल में अनुभव की गहराई थी और हर जीत में आत्मविश्वास की चमक दिखाई दी।</p>
<h3 data-section-id="1j8d2pj" data-start="4297" data-end="4308"><strong>निष्कर्ष</strong></h3>
<p data-start="4310" data-end="4508">आनंदम सीनियर सिटीजन सेंटर द्वारा आयोजित यह कैरम प्रतियोगिता एक बार फिर यह साबित कर गई कि खेल केवल युवाओं का क्षेत्र नहीं है, बल्कि हर उम्र के लोग इसमें अपनी प्रतिभा और जुनून का प्रदर्शन कर सकते हैं।</p>
<p data-start="4510" data-end="4646">यह आयोजन न केवल खेल भावना को बढ़ावा देता है, बल्कि सामाजिक जुड़ाव, आत्मविश्वास और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को भी मजबूत करता है।</p>
<p data-start="4648" data-end="4784" data-is-last-node="" data-is-only-node="">ऐसे आयोजन यह संदेश देते हैं कि सच्चा जुनून कभी उम्र का मोहताज नहीं होता, और जीवन का हर चरण नई ऊर्जा और नए उत्साह के साथ जिया जा सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Jain सोशल ग्रुप नागदा द्वारा 5 दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ</title>
		<link>https://swarajvani.com/5-day-festival-launched-by-jain-social-group/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Mar 2026 06:15:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[JAINS]]></category>
		<category><![CDATA[Community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Social Group Nagda]]></category>
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					<description><![CDATA[Jain सोशल ग्रुप नागदा द्वारा पांच दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ नागदा में Jain समाज की धार्मिक आस्था और एकता का भव्य स्वरूप उस समय देखने को मिला, जब जैन सोशल ... <a title="Jain सोशल ग्रुप नागदा द्वारा 5 दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ" class="read-more" href="https://swarajvani.com/5-day-festival-launched-by-jain-social-group/" aria-label="Read more about Jain सोशल ग्रुप नागदा द्वारा 5 दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 data-section-id="1axngg4" data-start="0" data-end="62"><strong>Jain सोशल ग्रुप नागदा द्वारा पांच दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ</strong></h1>
<p data-start="64" data-end="492">नागदा में Jain समाज की धार्मिक आस्था और एकता का भव्य स्वरूप उस समय देखने को मिला, जब जैन सोशल ग्रुप नागदा द्वारा भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में पांच दिवसीय विशेष आयोजन का शुभारंभ किया गया। यह आयोजन सकल जैन श्रीसंघ के सान्निध्य में प्रारंभ हुआ, जिसने पूरे कार्यक्रम को आध्यात्मिक गरिमा और सामूहिक ऊर्जा प्रदान की। इस पहल का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि समाज को धर्म, साधना और संस्कारों से जोड़ना भी है।</p>
<h2 data-section-id="1xv6asu" data-start="494" data-end="531"><strong>नवकार महामंत्र जप आराधना का आयोजन</strong></h2>
<p data-start="533" data-end="909">पांच दिवसीय महोत्सव की शुरुआत स्थानीय महावीर भवन में सामूहिक वृहद नवकार महामंत्र जप आराधना से की गई। इस कार्यक्रम में लगभग दो सौ से अधिक धर्मावलंबियों ने सहभागिता की। नवकार महामंत्र, जैन धर्म का मूल और अत्यंत पवित्र मंत्र है, जिसका सामूहिक जाप वातावरण को शुद्ध और ऊर्जा से परिपूर्ण बनाता है। इस आराधना के माध्यम से श्रद्धालुओं ने आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का अनुभव किया।</p>
<h3 data-section-id="1puaks2" data-start="911" data-end="949"><strong>प्रभावना का सौभाग्य – रांका परिवार</strong></h3>
<p data-start="951" data-end="1272">इस पावन अवसर पर बिरलाग्राम निवासी भूमित रांका परिवार को प्रभावना का लाभ प्राप्त हुआ। प्रभावना जैन परंपरा में एक महत्वपूर्ण धार्मिक सेवा है, जिसमें समाज के प्रति समर्पण और धर्म के प्रति श्रद्धा का भाव प्रकट होता है। रांका परिवार द्वारा यह पुण्य कार्य पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक रहा और उनके इस योगदान की सभी ने सराहना की।</p>
<h3 data-section-id="nuapdp" data-start="1274" data-end="1309"><strong>आध्यात्मिक मार्गदर्शन और प्रवचन</strong></h3>
<p data-start="1311" data-end="1618">महामंत्र जप आराधना के दौरान महामांगलिक ग्रुप अध्यक्ष धर्मेन्द्र बंम द्वारा मंगलमयी वाणी का श्रवण कराया गया। उनके प्रवचन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भगवान महावीर के सिद्धांतों—अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और संयम—को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। इस आध्यात्मिक मार्गदर्शन ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बना दिया।</p>
<h3 data-section-id="1dln2sw" data-start="1620" data-end="1651"><strong>सफल संचालन और आभार प्रदर्शन</strong></h3>
<p data-start="1653" data-end="1980">कार्यक्रम का संचालन प्रशांत नाहर द्वारा अत्यंत सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से किया गया। उन्होंने पूरे आयोजन को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया, जिससे सभी गतिविधियाँ समयानुसार संपन्न हो सकीं। कार्यक्रम के अंत में अमित बंम द्वारा आभार व्यक्त किया गया, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, आयोजकों और उपस्थित श्रद्धालुओं का धन्यवाद ज्ञापित किया।</p>
<h3 data-section-id="9tiqrl" data-start="1982" data-end="2021"><strong>समाज के गणमान्य सदस्यों की उपस्थिति</strong></h3>
<p data-start="2023" data-end="2483">इस आयोजन में समाज के अनेक प्रमुख और सक्रिय सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें श्रेणिक बंम, संजय मुरडिया, राजा कर्नावट, रवि संघवी, मनोज वागरेचा, पंकज पावेचा, सचिन सकलेचा, रमेश तांतेड, उमेश दलाल, राकेश ओरा, दीपक गांग, जितेश भण्डारी, निर्मल भटेवरा, आत्माराम राठौर, शर्मिला बंम, विभा बंम, सारिका कर्नावट, प्रतिभा वागरेचा, प्रतिभा ओरा और खुशबू रांका सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे। इन सभी की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।</p>
<h3 data-section-id="9vxnx7" data-start="2485" data-end="2524"><strong>धार्मिक और सामाजिक समन्वय का उदाहरण</strong></h3>
<p data-start="2526" data-end="2840">यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में एकता और समन्वय का भी प्रतीक बना। जैन सोशल ग्रुप नागदा का यह प्रयास समाज के सभी वर्गों को जोड़ने और उन्हें धार्मिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं।</p>
<h3 data-section-id="1payk5g" data-start="2842" data-end="2884"><strong>भगवान महावीर के संदेशों की प्रासंगिकता</strong></h3>
<p data-start="2886" data-end="3182">भगवान महावीर के उपदेश आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने अहिंसा, सत्य और आत्मसंयम का जो मार्ग दिखाया, वह आधुनिक जीवन में भी उतना ही उपयोगी है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज को उनके आदर्शों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है, जिससे व्यक्ति अपने जीवन में नैतिकता और अनुशासन को अपना सके।</p>
<h3 data-section-id="14mfjlp" data-start="3184" data-end="3219"><strong>सभी आयु वर्ग की सक्रिय भागीदारी</strong></h3>
<p data-start="3221" data-end="3463">इस आयोजन की एक विशेषता यह रही कि इसमें समाज के सभी आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया। यह सहभागिता समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति गहरी आस्था को दर्शाती है।</p>
<h3 data-section-id="11rq477" data-start="3465" data-end="3497"><strong>आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा</strong></h3>
<p data-start="3499" data-end="3797">पांच दिवसीय इस महोत्सव के अंतर्गत आगामी दिनों में विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज को आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाना और सामाजिक जागरूकता को बढ़ाना है। यह महोत्सव नागदा शहर के लिए एक विशेष अवसर है और समाज में नई ऊर्जा का संचार करेगा।</p>
<h3 data-section-id="10qxtp0" data-start="3799" data-end="3811"><strong>निष्कर्ष</strong></h3>
<p data-start="3813" data-end="4102">जैन सोशल ग्रुप नागदा और सकल जैन श्रीसंघ द्वारा आयोजित यह भव्य आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में एकता, सहयोग और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ाने का भी माध्यम है। ऐसे आयोजन समाज की वास्तविक शक्ति को उजागर करते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं।</p>
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