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	<title>Ayushman Bharat Yojana &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Ayushman Bharat Yojana &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>MP Ayushman Card: किसका बनेगा कार्ड और कैसे मिलेगा ₹5 लाख तक के इलाज का लाभ? — दैनिक स्वराज वाणी</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-ayushman-card-who-is-eligible-and-how-to-get-treatment-cover-of-up-tolakh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 12 Oct 2026 07:16:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[MADHAY PRADESH NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Ayushman Bharat Yojana]]></category>
		<category><![CDATA[Ayushman Card Eligibility]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Government Scheme]]></category>
		<category><![CDATA[PM JAY]]></category>
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					<description><![CDATA[MP Ayushman Card: किसका बनेगा कार्ड और कैसे मिलेगा ₹5 लाख तक के इलाज का लाभ? — दैनिक स्वराज वाणी मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के ... <a title="MP Ayushman Card: किसका बनेगा कार्ड और कैसे मिलेगा ₹5 लाख तक के इलाज का लाभ? — दैनिक स्वराज वाणी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-ayushman-card-who-is-eligible-and-how-to-get-treatment-cover-of-up-tolakh/" aria-label="Read more about MP Ayushman Card: किसका बनेगा कार्ड और कैसे मिलेगा ₹5 लाख तक के इलाज का लाभ? — दैनिक स्वराज वाणी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP Ayushman Card: किसका बनेगा कार्ड और कैसे मिलेगा ₹5 लाख तक के इलाज का लाभ? — दैनिक स्वराज वाणी</strong></h1>
<p>मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। योजना में सामान्य पात्र परिवार के लिए सालाना स्वास्थ्य कवर की सीमा ₹5 लाख तक है। यह राशि परिवार के लिए होती है, हर सदस्य के लिए अलग-अलग ₹5 लाख नहीं। इलाज योजना में शामिल पैकेज और तय नियमों के अनुसार ही कवर होता है। इसलिए आयुष्मान कार्ड होने का अर्थ यह नहीं है कि हर बीमारी या हर तरह का इलाज बिना शर्त मुफ्त होगा।</p>
<h2><strong>आयुष्मान कार्ड किन लोगों का बन सकता है?</strong></h2>
<p>70 वर्ष से कम आयु के लोगों के लिए पात्रता योजना के लाभार्थी डेटाबेस और लागू राज्य नियमों के आधार पर तय होती है। कार्ड बनवाने से पहले परिवार का नाम पात्र सूची में है या नहीं, यह जांचना जरूरी है। केवल मध्य प्रदेश का निवासी होना अपने-आप कार्ड के लिए पात्रता नहीं देता।</p>
<p>70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिक, आय की परवाह किए बिना, आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई के तहत स्वास्थ्य कवर के पात्र हैं। उनके लिए अलग “आयुष्मान वय वंदना कार्ड” जारी किया जाता है। यदि वरिष्ठ नागरिक पहले से पीएम-जेएवाई के तहत कवर परिवार में हैं, तो 70 वर्ष से अधिक आयु वाले सदस्यों को अपने लिए अतिरिक्त ₹5 लाख तक का कवर मिलता है, जिसे परिवार के 70 वर्ष से कम उम्र के सदस्यों के साथ साझा नहीं करना होता।</p>
<h2><strong>₹5 लाख के कवर में क्या शामिल है?</strong></h2>
<p>पात्र परिवार योजना के तहत हर साल सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित माध्यमिक और तृतीयक उपचार के लिए ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर इस्तेमाल कर सकता है। योजना का लाभ कैशलेस और पेपरलेस तरीके से दिया जाता है। इलाज का खर्च योजना में स्वीकृत पैकेज, अस्पताल और पात्रता की पुष्टि के अनुसार कवर होता है।</p>
<p>राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की लाभार्थी जानकारी के अनुसार, योजना में भर्ती से पहले के तीन दिनों और अस्पताल से छुट्टी के बाद के 15 दिनों तक के कुछ संबंधित खर्च, जैसे जांच और दवाइयां, भी शामिल हो सकते हैं। पहले से मौजूद बीमारियों का उपचार भी योजना के नियमों और लागू पैकेज के अनुसार कवर किया जा सकता है। इलाज शुरू करने से पहले अस्पताल के आयुष्मान मित्र या योजना डेस्क से यह पुष्टि कर लें कि संबंधित बीमारी और प्रक्रिया कवर में शामिल है या नहीं। <strong>पात्रता कैसे जांचें?</strong></p>
<p>पात्रता जानने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के लाभार्थी पोर्टल <strong>beneficiary.nha.gov.in</strong> पर जानकारी देखी जा सकती है। नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पताल में जाकर भी परिवार की पात्रता की जांच कराई जा सकती है। राष्ट्रीय हेल्पलाइन <strong>14555</strong> पर फोन करके भी योजना संबंधी जानकारी ली जा सकती है।</p>
<p>नाम सूची में न मिलने पर नजदीकी CSC या अस्पताल के आयुष्मान मित्र से पूछें कि पात्रता सत्यापन या परिवार के सदस्य का विवरण जोड़ने की कोई प्रक्रिया लागू है या नहीं। पात्रता की पुष्टि के बिना कार्ड बन जाने या पोर्टल पर जानकारी दिखने की उम्मीद न करें; अंतिम स्थिति आधिकारिक रिकॉर्ड और सत्यापन पर निर्भर करती है।</p>
<h2><strong>कार्ड बनवाने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है?</strong></h2>
<p>कार्ड बनवाने और पहचान सत्यापन के लिए आधार कार्ड तथा उससे जुड़ा मोबाइल नंबर मांगा जा सकता है। परिवार की पहचान और संबंध की पुष्टि के लिए राशन कार्ड या अन्य मान्य सरकारी दस्तावेज भी उपयोगी हो सकते हैं। वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड की प्रक्रिया में आधार आधारित ई-केवाईसी की जरूरत बताई गई है। दस्तावेजों की सूची और सत्यापन का तरीका पात्रता की श्रेणी और आवेदन प्रक्रिया के अनुसार अलग हो सकता है, इसलिए आवेदन से पहले CSC या अस्पताल के आयुष्मान मित्र से पूछें।</p>
<h2><strong>कार्ड मिलने के बाद अस्पताल में इलाज कैसे लें?</strong></h2>
<p>इलाज से पहले यह जांचें कि अस्पताल आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध है और संबंधित उपचार वहां उपलब्ध पैकेज के अंतर्गत आता है। अस्पताल में आयुष्मान कार्ड या पहचान संबंधी दस्तावेज दिखाकर लाभार्थी का सत्यापन कराएं। अस्पताल का आयुष्मान मित्र पात्रता, पैकेज और भर्ती की प्रक्रिया समझाने में मदद कर सकता है। योजना पूरे देश में सूचीबद्ध अस्पतालों में पोर्टेबल है, लेकिन लाभ के लिए पात्रता और उपचार पैकेज की शर्तें लागू रहेंगी।</p>
<p>आयुष्मान कार्ड, पात्रता या इलाज में परेशानी होने पर हेल्पलाइन <strong>14555</strong> पर संपर्क किया जा सकता है। कार्ड बनवाने से पहले आधिकारिक पोर्टल, CSC या सूचीबद्ध अस्पताल से जानकारी लेकर अपनी पात्रता और उपचार की शर्तें जरूर जांचें।</p>
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		<title>Ayushman Bharat Scheme: भोपाल के 3 निजी अस्पतालों पर कार्रवाई, योजना से निलंबित; पुराने क्लेम्स का होगा ऑडिट</title>
		<link>https://swarajvani.com/ayushman-bharat-scheme-3-private-hospitals-in-bhopal-suspended-over-alleged-irregularities-claims-to-be-audited/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Aug 2026 10:11:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Ayushman Bharat Fraud]]></category>
		<category><![CDATA[Ayushman Bharat Scheme]]></category>
		<category><![CDATA[Ayushman Bharat Yojana]]></category>
		<category><![CDATA[Bhopal Hospital News]]></category>
		<category><![CDATA[Bhopal News]]></category>
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					<description><![CDATA[Ayushman Bharat Scheme: भोपाल के 3 निजी अस्पतालों पर कार्रवाई, योजना से निलंबित; पुराने क्लेम्स का होगा ऑडिट औचक निरीक्षण में अनियमितताओं के आरोप; मरीजों को अनावश्यक रूप से भर्ती ... <a title="Ayushman Bharat Scheme: भोपाल के 3 निजी अस्पतालों पर कार्रवाई, योजना से निलंबित; पुराने क्लेम्स का होगा ऑडिट" class="read-more" href="https://swarajvani.com/ayushman-bharat-scheme-3-private-hospitals-in-bhopal-suspended-over-alleged-irregularities-claims-to-be-audited/" aria-label="Read more about Ayushman Bharat Scheme: भोपाल के 3 निजी अस्पतालों पर कार्रवाई, योजना से निलंबित; पुराने क्लेम्स का होगा ऑडिट">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Ayushman Bharat Scheme: भोपाल के 3 निजी अस्पतालों पर कार्रवाई, योजना से निलंबित; पुराने क्लेम्स का होगा ऑडिट</strong></h1>
<p><strong>औचक निरीक्षण में अनियमितताओं के आरोप; मरीजों को अनावश्यक रूप से भर्ती कर क्लेम बढ़ाने की आशंका, तीनों अस्पतालों को 10 दिन में जवाब देने का निर्देश</strong></p>
<p><strong>भोपाल।</strong> मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयुष्मान भारत योजना के तहत कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तीन निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की है। आयुष्मान योजना से जुड़े अधिकारियों के औचक निरीक्षण के दौरान अस्पतालों के कामकाज और क्लेम प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियों के आरोप सामने आए। इसके बाद तीनों अस्पतालों को योजना से निलंबित करने के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।</p>
<p>कार्रवाई की जद में यशवी मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, सूर्यांश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल और मारुति मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल बताए गए हैं। तीनों अस्पतालों को नोटिस का जवाब देने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। इसके साथ ही इन अस्पतालों द्वारा पूर्व में आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रस्तुत किए गए क्लेम्स का ऑडिट कराने की तैयारी की गई है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार ऑडिट के जरिए यह जांच की जाएगी कि पूर्व में किए गए दावों में किसी तरह की अनियमितता तो नहीं हुई और मरीजों के उपचार के नाम पर प्रस्तुत किए गए क्लेम नियमों के अनुरूप थे या नहीं।</p>
<h2><strong>इन तीन निजी अस्पतालों पर हुई कार्रवाई</strong></h2>
<p>भोपाल में जिन तीन अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सामने आई है, उनमें <strong>यशवी मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, सूर्यांश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल और मारुति मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल</strong> शामिल हैं।</p>
<p>बताया जा रहा है कि आयुष्मान भारत योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविंद शाह द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान इन अस्पतालों में योजना के क्रियान्वयन से संबंधित कई अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।</p>
<p>हालांकि अस्पतालों पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच, ऑडिट और अस्पताल प्रबंधन की ओर से दिए जाने वाले जवाब के बाद ही होगी।</p>
<h2><strong>बिना जरूरत मरीजों को भर्ती करने का आरोप</strong></h2>
<p>मामले में सबसे गंभीर आरोप मरीजों को कथित रूप से अनावश्यक तरीके से भर्ती करने से जुड़ा है। अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण के दौरान ऐसे संकेत मिले कि योजना के तहत क्लेम की राशि बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में मरीजों को भर्ती किया जा रहा था।</p>
<p>आरोप है कि कुछ मरीजों को ऐसी स्थिति में भी भर्ती दिखाया गया, जहां अस्पताल में भर्ती करने की वास्तविक चिकित्सा आवश्यकता की जांच जरूरी है। इसके साथ ही इलाज और उससे संबंधित खर्च को लेकर प्रस्तुत दस्तावेजों की भी पड़ताल की जाएगी।</p>
<p>अगर जांच में यह साबित होता है कि बिना चिकित्सकीय आवश्यकता के मरीजों को भर्ती दिखाकर सरकारी योजना के तहत भुगतान का दावा किया गया, तो संबंधित अस्पतालों के खिलाफ आगे की कार्रवाई हो सकती है।</p>
<h2><strong>पुराने क्लेम्स का होगा विस्तृत ऑडिट</strong></h2>
<p>स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई केवल वर्तमान मामलों तक सीमित नहीं रहने वाली है। तीनों अस्पतालों द्वारा आयुष्मान भारत योजना के तहत पहले जमा किए गए क्लेम्स का भी ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>इस ऑडिट में पुराने उपचार रिकॉर्ड, मरीजों की भर्ती से जुड़ी जानकारी, इलाज की अवधि, बीमारी का विवरण, उपचार में हुए खर्च और योजना के तहत प्राप्त भुगतान की जांच की जा सकती है।</p>
<p>इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित अनियमितताएं केवल कुछ मामलों तक सीमित थीं या पूर्व में प्रस्तुत किए गए क्लेम्स में भी नियमों का उल्लंघन हुआ है।</p>
<p>ऑडिट में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने आने पर आगे की कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।</p>
<h2><strong>अस्पतालों को 10 दिन में देना होगा जवाब</strong></h2>
<p>कार्रवाई के तहत तीनों निजी अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अस्पताल प्रबंधन को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और आरोपों पर जवाब प्रस्तुत करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है।</p>
<p>इस दौरान अस्पतालों को अपने पक्ष में संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। विभाग अस्पतालों के जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद आगे का निर्णय ले सकता है।</p>
<p>इसलिए मौजूदा कार्रवाई को जांच प्रक्रिया का हिस्सा माना जाना चाहिए। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष विभागीय जांच और ऑडिट पूरा होने के बाद ही सामने आएगा।</p>
<h2><strong>आयुष्मान योजना से निलंबन की कार्रवाई</strong></h2>
<p>सामने आई जानकारी के मुताबिक तीनों अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना से निलंबित किया गया है। इसका सीधा संबंध योजना के तहत अस्पतालों की सूचीबद्ध सेवाओं और क्लेम प्रक्रिया से है।</p>
<p>आयुष्मान भारत जैसी सरकारी स्वास्थ्य योजना में सूचीबद्ध निजी अस्पतालों को निर्धारित नियमों और उपचार पैकेज के आधार पर पात्र लाभार्थियों का इलाज करना होता है। अस्पताल इलाज से संबंधित निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद योजना के तहत भुगतान के लिए दावा प्रस्तुत करते हैं।</p>
<p>इसी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अस्पतालों के रिकॉर्ड, मरीजों के उपचार और क्लेम्स की निगरानी की जाती है।</p>
<h2><strong>क्या है आयुष्मान भारत योजना?</strong></h2>
<p>आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में कैशलेस स्वास्थ्य उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थी सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में निर्धारित नियमों के अनुसार उपचार प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p>इस योजना का लाभ जरूरतमंद मरीजों तक सही तरीके से पहुंचे, इसके लिए अस्पतालों द्वारा किए जाने वाले क्लेम की निगरानी महत्वपूर्ण होती है। यदि बिना आवश्यकता मरीज को भर्ती करने, गलत उपचार विवरण देने या खर्च बढ़ाकर दिखाने जैसी अनियमितताएं होती हैं तो इसका सीधा असर सरकारी स्वास्थ्य बजट पर पड़ सकता है।</p>
<h2><strong>दोषी पाए जाने पर हो सकती है सख्त कार्रवाई</strong></h2>
<p>प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आयुष्मान भारत योजना में अनियमितताओं को गंभीरता से लिया जाएगा। अगर जांच और ऑडिट में अस्पतालों के खिलाफ लगे आरोप सही पाए जाते हैं तो मौजूदा निलंबन के अलावा अन्य विभागीय या कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।</p>
<p>साथ ही पुराने क्लेम्स की जांच से यह भी स्पष्ट होगा कि योजना के तहत पूर्व में किए गए भुगतान में कोई अनियमितता हुई थी या नहीं।</p>
<p>फिलहाल तीनों अस्पतालों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। उनके जवाब, मरीजों के रिकॉर्ड और पुराने क्लेम्स की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी।</p>
<h2><strong>जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी स्थिति</strong></h2>
<p>भोपाल में सामने आया यह मामला आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों की निगरानी को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। ऐसे में योजना के बजट और सुविधाओं का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना जरूरी है।</p>
<p>फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने तीन अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुराने क्लेम्स की जांच का रास्ता खोल दिया है। अब सभी की नजर विभागीय जांच और अस्पताल प्रबंधन की ओर से दिए जाने वाले जवाब पर रहेगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
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