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	<title>Affordable Medicines &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>PM मोदी बोले: भारत ने दुनिया को सस्ती दवाएं और प्रतिभाशाली पेशेवर दिए, कभी रॉयल्टी नहीं मांगी</title>
		<link>https://swarajvani.com/pm-modi-at-bloomberg-forum-india-shared-affordable-medicines-and-talent-without-asking-for/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Oct 2026 06:41:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[New Delhi]]></category>
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					<description><![CDATA[PM मोदी बोले: भारत ने दुनिया को सस्ती दवाएं और प्रतिभाशाली पेशेवर दिए, कभी रॉयल्टी नहीं मांगी नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग ... <a title="PM मोदी बोले: भारत ने दुनिया को सस्ती दवाएं और प्रतिभाशाली पेशेवर दिए, कभी रॉयल्टी नहीं मांगी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/pm-modi-at-bloomberg-forum-india-shared-affordable-medicines-and-talent-without-asking-for/" aria-label="Read more about PM मोदी बोले: भारत ने दुनिया को सस्ती दवाएं और प्रतिभाशाली पेशेवर दिए, कभी रॉयल्टी नहीं मांगी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>PM मोदी बोले: भारत ने दुनिया को सस्ती दवाएं और प्रतिभाशाली पेशेवर दिए, कभी रॉयल्टी नहीं मांगी</strong></h1>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में भारत की वैश्विक भूमिका और विकास की दिशा पर बात की। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया को सस्ती दवाओं से लेकर प्रतिभाशाली पेशेवरों तक दिए हैं, लेकिन इसके बदले कभी क्रेडिट या रॉयल्टी की मांग नहीं की। प्रधानमंत्री ने भारत को केवल निवेश के लिए एक गंतव्य के रूप में देखने के बजाय वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देने वाले भागीदार के तौर पर प्रस्तुत किया।</p>
<p>यह फोरम 13 से 15 अक्टूबर तक नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है। इसके इस संस्करण की थीम “ए वर्ल्ड इन प्ले: डिफाइनिंग द न्यू लेवर्स ऑफ पावर” रखी गई है। इसमें दुनिया के 500 से अधिक सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के नेताओं के शामिल होने की जानकारी आयोजकों ने दी है। चर्चा के केंद्र में वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीक, भू-राजनीति, ऊर्जा, निवेश और भविष्य के विकास से जुड़े मुद्दे हैं।</p>
<h2><strong>सस्ती दवाओं और प्रतिभाशाली पेशेवरों का उल्लेख</strong></h2>
<p>प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने दुनिया को सस्ती दवाएं और योग्य पेशेवर दिए हैं। उनके अनुसार भारत ने इस योगदान के बदले कभी रॉयल्टी या श्रेय की मांग नहीं की। उनका संदेश वैश्विक सहयोग और साझा प्रगति पर केंद्रित रहा। भारत की दवा और कौशल क्षमता को उन्होंने देश की ऐसी ताकत के रूप में रखा, जो दूसरे देशों के लिए भी उपयोगी हो सकती है।</p>
<p>मोदी ने कहा कि आज दुनिया भारत की ओर उम्मीद से देख रही है। उनके संबोधन में भारत की आर्थिक प्रगति के साथ-साथ लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिकों की भागीदारी और अवसरों के विस्तार की बात भी शामिल रही। उन्होंने भारत की पहचान को केवल आर्थिक विकास तक सीमित न बताते हुए वैश्विक सहयोग में उसकी भूमिका पर जोर दिया।</p>
<h2><strong>“पावर टू एम्पावर” पर जोर</strong></h2>
<p>प्रधानमंत्री ने सत्ता और तकनीक के इस्तेमाल को लेकर “पावर टू एम्पावर” यानी शक्ति का उपयोग लोगों को सशक्त बनाने के विचार पर जोर दिया। उनके अनुसार सवाल केवल यह नहीं होना चाहिए कि शक्ति किसके पास है, बल्कि यह भी होना चाहिए कि उसका उपयोग किस तरह किया जा रहा है। तकनीक, डेटा, ज्ञान और नवाचार आज नई शक्ति के स्रोत हैं; इनका लाभ समाज के व्यापक हिस्से तक पहुंचना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी प्रगति का फायदा केवल कुछ लोगों तक सीमित न रहे। तकनीक और ज्ञान का इस्तेमाल अधिक लोगों के लिए अवसर बनाने, उनकी क्षमता बढ़ाने और विकास में भागीदारी देने के लिए होना चाहिए। फोरम में उनके विचारों का यह हिस्सा समावेशी विकास और नागरिकों को निर्णय प्रक्रिया में अधिक सक्षम बनाने से जुड़ा रहा।</p>
<h2><strong>भारत को भरोसेमंद वैश्विक भागीदार बताया</strong></h2>
<p>प्रधानमंत्री ने भारत को वैश्विक भविष्य गढ़ने में भरोसेमंद भागीदार के रूप में प्रस्तुत किया। उनके अनुसार भारत केवल निवेश आकर्षित करने वाला देश नहीं, बल्कि नई अर्थव्यवस्था को परिभाषित करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में योगदान देने वाला देश भी है। उन्होंने विकास के साथ सहयोग और अवसरों के विस्तार को भारत की दिशा का हिस्सा बताया।</p>
<p>फोरम में सरकार, उद्योग, वित्त, तकनीक और निवेश क्षेत्र के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम का उद्देश्य बदलती वैश्विक परिस्थितियों में सामने आ रही चुनौतियों पर चर्चा करना और भविष्य की समृद्धि के लिए सहयोग के रास्ते तलाशना है। ऐसे मंच पर भारत की भूमिका को लेकर प्रधानमंत्री का संदेश निवेश, तकनीकी बदलाव और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के व्यापक संदर्भ में आया।</p>
<h2><strong>वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीकी बदलाव पर चर्चा</strong></h2>
<p>ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के कार्यक्रम में भू-राजनीतिक बदलाव, तकनीकी नवाचार, ऊर्जा परिवर्तन और सप्लाई चेन जैसे विषय शामिल हैं। अलग-अलग देशों और उद्योगों के प्रतिनिधि इन बदलावों से बन रहे अवसरों और चुनौतियों पर विचार कर रहे हैं। भारत में फोरम का आयोजन ऐसे समय हो रहा है, जब तकनीक और व्यापार में बदलाव वैश्विक विकास की दिशा को प्रभावित कर रहे हैं।</p>
<p>मोदी के संबोधन में भारत की उपलब्धियों के साथ यह विचार भी सामने आया कि भविष्य की प्रगति लोगों को साथ लेकर चलने से बनेगी। सस्ती दवाओं और पेशेवर प्रतिभा के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने वैश्विक सहयोग की बात रखी, जबकि “पावर टू एम्पावर” का संदेश इस बात पर केंद्रित रहा कि आर्थिक और तकनीकी शक्ति का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। फोरम के आगामी सत्रों में वैश्विक नेताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच इन विषयों पर चर्चा जारी रहेगी।</p>
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		<title>TrumpRx क्या है? ट्रंप का नया प्लेटफॉर्म जो अमेरिका में दवाओं की कीमतें घटाने का दावा करता है</title>
		<link>https://swarajvani.com/trump-launches-trumprx-platform/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 12:19:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[international news]]></category>
		<category><![CDATA[Affordable Medicines]]></category>
		<category><![CDATA[Donald Trump]]></category>
		<category><![CDATA[Drug Prices]]></category>
		<category><![CDATA[Prescription Drugs]]></category>
		<category><![CDATA[TrumpRx]]></category>
		<category><![CDATA[US Healthcare]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका का ट्रंप प्रशासन जल्द ही ‘TrumpRx’ नाम की एक नई सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने जा रहा है, जिसने देश की दवा कंपनियों, मेडिकल स्टोर्स और राजनीतिक गलियारों में हलचल ... <a title="TrumpRx क्या है? ट्रंप का नया प्लेटफॉर्म जो अमेरिका में दवाओं की कीमतें घटाने का दावा करता है" class="read-more" href="https://swarajvani.com/trump-launches-trumprx-platform/" aria-label="Read more about TrumpRx क्या है? ट्रंप का नया प्लेटफॉर्म जो अमेरिका में दवाओं की कीमतें घटाने का दावा करता है">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका का ट्रंप प्रशासन जल्द ही <strong>‘TrumpRx’</strong> नाम की एक नई सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने जा रहा है, जिसने देश की दवा कंपनियों, मेडिकल स्टोर्स और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. इस प्लेटफॉर्म के जरिए मरीज <strong>दवा कंपनियों से सीधे कम कीमत पर दवाएं खरीद</strong> सकेंगे. प्रशासन का दावा है कि इस पहल से अमेरिकियों पर बढ़ते स्वास्थ्य खर्च का बोझ कम होगा, जबकि विपक्षी डेमोक्रेट इसे मरीजों की सुरक्षा और इलाज की गुणवत्ता के लिए खतरा बता रहे हैं.</p>
<h2><strong>TrumpRx क्या है?</strong></h2>
<p>TrumpRx एक <strong>सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म</strong> होगा, जिसे अमेरिकी सरकार सीधे संचालित करेगी. इसका उद्देश्य मरीजों को फार्मा कंपनियों से जोड़ना है ताकि वे <strong>बीच के दलालों, फार्मेसी चेन और मेडिकल स्टोर्स को बायपास कर</strong> सस्ती दरों पर दवाएं खरीद सकें.</p>
<p>अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि अमेरिका दुनिया में दवाओं का सबसे बड़ा खरीदार है, लेकिन इसके बावजूद यहां के नागरिकों को दवाओं के लिए सबसे ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है. TrumpRx के जरिए सरकार इस व्यवस्था को बदलना चाहती है.</p>
<h3><strong>क्यों लॉन्च किया जा रहा है TrumpRx?</strong></h3>
<p>अमेरिका में दवाओं की कीमतें लंबे समय से एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा रही हैं. इंसुलिन, कैंसर की दवाएं, दिल और ब्लड प्रेशर की दवाएं आम लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं.</p>
<p><strong>2025 में जारी एक कार्यकारी आदेश</strong> के तहत ट्रंप प्रशासन ने यह फैसला लिया कि सरकार खुद एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाएगी, जिससे दवाओं की कीमतों पर सीधा नियंत्रण किया जा सके. TrumpRx उसी नीति का नतीजा है.</p>
<h4><strong>दवा कंपनियों से सीधे समझौते</strong></h4>
<p>बीते कुछ महीनों में ट्रंप प्रशासन ने <strong>एक दर्जन से अधिक दवा निर्माताओं</strong> के साथ समझौते किए हैं. इन समझौतों के तहत कंपनियां अपनी दवाएं TrumpRx के जरिए सीधे बेचेंगी.</p>
<p>रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन कंपनियों में <strong>Pfizer जैसी बड़ी फार्मा कंपनियां</strong> भी शामिल हैं. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्लेटफॉर्म पर कौन-कौन सी दवाएं उपलब्ध होंगी और किन बीमारियों को प्राथमिकता दी जाएगी.</p>
<p>सरकार का कहना है कि इस सिस्टम से:</p>
<ul>
<li>दवाओं की कीमतें कम होंगी</li>
<li>प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी</li>
<li>मरीजों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे</li>
</ul>
<h5><strong>डेमोक्रेट सांसदों ने क्यों उठाए सवाल?</strong></h5>
<p>TrumpRx को लेकर सबसे ज्यादा विरोध <strong>डेमोक्रेट सांसदों</strong> की ओर से देखने को मिल रहा है. गुरुवार को सीनेटर <strong>डिक डर्बिन, एलिजाबेथ वॉरेन और पीटर वेल्च</strong> ने स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग (HHS) के इंस्पेक्टर जनरल को एक पत्र लिखकर इस योजना पर गंभीर चिंताएं जताईं.</p>
<p>पत्र में कहा गया कि TrumpRx मरीजों को जिन <strong>डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (DTC) प्लेटफॉर्म्स</strong> की ओर भेजेगा, वे पहले भी विवादों में रह चुके हैं.</p>
<p>सांसदों के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म्स को लेकर:</p>
<ul>
<li>गलत या अनावश्यक दवाएं लिखे जाने</li>
<li>डॉक्टरों और कंपनियों के बीच हितों के टकराव</li>
<li>अपर्याप्त इलाज और मरीजों की सुरक्षा से समझौता</li>
</ul>
<p>जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं.</p>
<h6><strong>इलाज की गुणवत्ता पर खतरा?</strong></h6>
<p>डेमोक्रेट सांसदों का कहना है कि अगर मरीज बिना पारंपरिक मेडिकल जांच के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए दवाएं खरीदेंगे, तो इससे <strong>गलत दवाएं लेने का जोखिम</strong> बढ़ सकता है.</p>
<p>उनका तर्क है कि इलाज सिर्फ सस्ती दवा तक सीमित नहीं होता, बल्कि सही जांच, सही सलाह और फॉलो-अप भी उतना ही जरूरी है. TrumpRx इन पहलुओं को कैसे संभालेगा, इस पर सरकार ने अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है.</p>
<pre><strong>ट्रंप प्रशासन का बचाव</strong></pre>
<p>वहीं ट्रंप प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है. सरकार का कहना है कि TrumpRx का मकसद सिर्फ <strong>कीमतें कम करना</strong> नहीं, बल्कि सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी बनाना भी है.</p>
<p>प्रशासन के अनुसार:</p>
<ul>
<li>अमेरिका के नागरिक दुनिया में सबसे ज्यादा दवाएं खरीदते हैं</li>
<li>फिर भी उन्हें सबसे ऊंची कीमत चुकानी पड़ती है</li>
<li>यह स्थिति “अनुचित और अस्वीकार्य” है</li>
</ul>
<p>इसी वजह से सरकार ने बाजार में सीधा दखल देने का फैसला किया है.</p>
<pre><strong>महंगी दवाओं से परेशान अमेरिकी</strong></pre>
<p>दवाओं की बढ़ती कीमतें अमेरिका में आम लोगों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी हैं. <strong>2025 में टेनेसी राज्य में कराए गए एक सर्वे</strong> के अनुसार, करीब <strong>51 प्रतिशत लोग स्वास्थ्य खर्च को लेकर बेहद चिंतित</strong> हैं.</p>
<p>सर्वे में शामिल कई लोगों ने बताया कि वे:</p>
<ul>
<li>दवाओं की खुराक कम कर देते हैं</li>
<li>इलाज टाल देते हैं</li>
<li>या फिर कर्ज लेकर दवाएं खरीदते हैं</li>
</ul>
<p>ऐसे में TrumpRx जैसी योजना से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.</p>
<pre><strong>मेडिकल स्टोर्स और फार्मेसियों की चिंता</strong></pre>
<p>TrumpRx से सबसे ज्यादा असर <strong>लोकल मेडिकल स्टोर्स और बड़ी फार्मेसी चेन</strong> पर पड़ सकता है. अगर मरीज सीधे दवा कंपनियों से खरीदारी करने लगेंगे, तो इन स्टोर्स की बिक्री और मुनाफे पर सीधा असर पड़ेगा.</p>
<p>इसी वजह से कई फार्मेसी संगठन इस योजना को लेकर असहज नजर आ रहे हैं, हालांकि उन्होंने अभी खुलकर विरोध नहीं किया है.</p>
<pre><strong>अब भी कई सवाल बाकी</strong></pre>
<p>हालांकि TrumpRx को लेकर उत्साह और विवाद दोनों हैं, लेकिन कई सवाल अभी अनुत्तरित हैं:</p>
<ul>
<li>कौन-कौन सी दवाएं प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी?</li>
<li>कीमतें कितनी कम होंगी?</li>
<li>मरीजों की सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी कैसे सुनिश्चित की जाएगी?</li>
<li>इलाज की गुणवत्ता पर निगरानी कौन रखेगा?</li>
</ul>
<p>इन सवालों के जवाब TrumpRx के लॉन्च के बाद ही साफ हो पाएंगे.</p>
<pre><strong>निष्कर्ष</strong></pre>
<p>TrumpRx को एक तरफ जहां <strong>दवाओं की कीमतें कम करने की ऐतिहासिक पहल</strong> बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर <strong>राजनीतिक, नैतिक और स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर सवाल</strong> भी खड़े हो रहे हैं.</p>
<p>यह प्लेटफॉर्म आम अमेरिकियों के लिए राहत बनेगा या स्वास्थ्य व्यवस्था में नई समस्याएं पैदा करेगा, इसका फैसला आने वाले महीनों में होगा. फिलहाल इतना तय है कि TrumpRx ने अमेरिका की दवा इंडस्ट्री और राजनीति — दोनों को बेचैन कर दिया है.</p>
<p>&nbsp;</p>
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