<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>16th Punyatithi &#8211; Swaraj Vani</title>
	<atom:link href="https://swarajvani.com/tag/16th-punyatithi/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<description>From politics and jobs to culture and community stories, we deliver timely, unbiased updates that matter.</description>
	<lastBuildDate>Tue, 01 Sep 2026 11:47:32 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.3</generator>

<image>
	<url>https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/07/cropped-स्वराज-वाणी-1-32x32.png</url>
	<title>16th Punyatithi &#8211; Swaraj Vani</title>
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>“सरलता और विनय के साक्षात स्वरूप थे आचार्य श्री हेमेन्द्रसूरीश्वरजी” — साध्वी अविचलदृष्टा श्री</title>
		<link>https://swarajvani.com/death-anniversary-of-acharya-hemendrasurishwarji/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 11:47:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jhabua]]></category>
		<category><![CDATA[16th Punyatithi]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Hemendrasurishwarji]]></category>
		<category><![CDATA[Guru Gunanubad Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[Hemendrasurishwarji Maharaj]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=352259</guid>

					<description><![CDATA[आचार्य भगवंत श्री हेमेन्द्रसूरीश्वरजी की 16वीं पुण्यतिथि पर भावपूर्ण गुणानुवाद सभा आयोजित माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं आरती के साथ गुरु चरणों में अर्पित की श्रद्धांजलि झाबुआ। स्थानीय जैन तीर्थ श्री ऋषभदेव ... <a title="“सरलता और विनय के साक्षात स्वरूप थे आचार्य श्री हेमेन्द्रसूरीश्वरजी” — साध्वी अविचलदृष्टा श्री" class="read-more" href="https://swarajvani.com/death-anniversary-of-acharya-hemendrasurishwarji/" aria-label="Read more about “सरलता और विनय के साक्षात स्वरूप थे आचार्य श्री हेमेन्द्रसूरीश्वरजी” — साध्वी अविचलदृष्टा श्री">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>आचार्य भगवंत श्री हेमेन्द्रसूरीश्वरजी की 16वीं पुण्यतिथि पर भावपूर्ण गुणानुवाद सभा आयोजित</strong></h1>
<h2>माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं आरती के साथ गुरु चरणों में अर्पित की श्रद्धांजलि</h2>
<p><strong>झाबुआ।</strong> स्थानीय जैन तीर्थ श्री ऋषभदेव बावन जिनालय की पावन धरा पर मंगलवार को परम पूज्य शासन प्रभावक, वचनसिद्ध एवं सरलमना आचार्य प्रवर श्रीमद् विजय हेमेन्द्रसूरीश्वरजी महाराज साहेब की 16वीं पुण्यतिथि भावपूर्ण वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर तप, जप, गुरु वंदन एवं गुरु गुणानुवाद सभा का आयोजन किया गया।</p>
<p>अत्र विराजित परम पूज्य साध्वी श्री अविचलदृष्टा श्री जी महाराज साहेब आदि ठाणा-7 की पावन निश्रा में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्री संघ के श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता की। श्रद्धालुओं ने आचार्य भगवंत के जीवन, तप-साधना और जिनशासन के प्रति उनके अविस्मरणीय योगदान का स्मरण करते हुए भावांजलि अर्पित की।</p>
<h2><strong>गुरु मंदिर में श्रद्धापूर्वक हुआ आयोजन</strong></h2>
<p>पुण्यतिथि के अवसर पर प्रातः 8 बजे बावन जिनालय स्थित गुरु मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पूज्य आचार्य श्री के चित्र पर <strong>अनिल कुमार एवं सुनील कुमार राठौर परिवार</strong> द्वारा माल्यार्पण किया गया। <strong>मनोहरलाल एवं प्रतीक कुमार मोदी परिवार</strong> ने दीप प्रज्ज्वलित किया, जबकि <strong>अशोक कुमार एवं समरथमलजी राठौर परिवार</strong> ने आरती का लाभ लिया।</p>
<p>इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु भगवंत के सम्मुख गुरु वंदन किया। श्रद्धालुओं ने उनके उपकारों, तप-साधना और जिनशासन के लिए किए गए महान कार्यों को भावपूर्वक स्मरण किया। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण गुरु भक्ति और श्रद्धा से ओत-प्रोत रहा।</p>
<p>श्री संघ के रिंकू रूनवाल ने बताया कि आचार्य भगवंत श्री हेमेन्द्रसूरीश्वरजी महाराज साहेब की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लेकर गुरु चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।</p>
<h2><strong>गुणानुवाद सभा में हुआ आचार्य श्री के गुणों का स्मरण</strong></h2>
<p>श्री संघ द्वारा आयोजित गुरु गुणानुवाद सभा में साध्वी श्री अविचलदृष्टा श्री जी महाराज साहेब ने आचार्य श्री के जीवन एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आचार्य श्री अत्यंत सरल, सहज और विनयशील व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपने जीवन में अनेक महान तप और आराधनाएं कीं तथा विनय एवं साधना के आदर्श स्थापित किए।</p>
<p>साध्वी श्री ने कहा कि आचार्य श्री सरलता एवं विनय के साक्षात स्वरूप तथा गुणों के भंडार थे। उनका जीवन साधना, संयम, तप, विनय और सरलता का प्रेरणादायी संगम था। उन्होंने संयम जीवन की उत्कृष्ट साधना के साथ जिनशासन के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए और धर्म प्रभावना को निरंतर आगे बढ़ाया।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-medium wp-image-352261 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-01-at-4.43.07-AM-300x225.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026 09 01 at 4.43.07 AM" width="300" height="225" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-01-at-4.43.07-AM-300x225.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-01-at-4.43.07-AM-1024x768.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-01-at-4.43.07-AM-768x576.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-01-at-4.43.07-AM.jpeg 1280w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>उन्होंने कहा कि आचार्य श्री के जीवन से आत्मकल्याण के साथ-साथ जिनशासन की प्रभावना और गुरु भक्ति की प्रेरणा प्राप्त होती है। उनके तप एवं संयममय जीवन से समाज को सदैव धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती रहेगी।</p>
<h2><strong>अद्भुत स्मरण शक्ति के धनी थे आचार्य श्री</strong></h2>
<p>गुणानुवाद सभा में श्री संघ के वरिष्ठ सदस्य <strong>धर्मचंद मेहता</strong> एवं श्री संघ अध्यक्ष <strong>संजय मेहता</strong> ने भी आचार्य भगवंत के जीवन एवं गुणों का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि आचार्य श्री की स्मरण शक्ति अद्भुत थी। वे प्रत्येक व्यक्ति को उसके नाम और गांव से पहचानते थे।</p>
<p>उन्होंने आचार्य श्री को ज्ञान का भंडार और वचनसिद्ध आचार्य भगवंत बताते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। आचार्य श्री ने अपने जीवन को धर्म, तप, त्याग और जिनशासन की सेवा के लिए समर्पित किया।</p>
<h2><strong>तीर्थों के उद्धार और धर्म प्रभावना में रहा महत्वपूर्ण योगदान</strong></h2>
<p>वक्ताओं ने कहा कि आचार्य श्री हेमेन्द्रसूरीश्वरजी महाराज साहेब ने अनेक तीर्थों के उद्धार एवं जीर्णोद्धार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे भारतवर्ष में पैदल विहार कर भगवान महावीर की अमर वाणी को जन-जन तक पहुंचाने का महान कार्य किया।</p>
<p>उनका संपूर्ण जीवन त्याग, तपस्या, संयम, ज्ञान और धर्म प्रभावना के लिए समर्पित रहा। उन्होंने अपने आचरण और साधना के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म के वास्तविक स्वरूप को समझने तथा उसे जीवन में उतारने की प्रेरणा दी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
