<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>विकास निधि &#8211; Swaraj Vani</title>
	<atom:link href="https://swarajvani.com/tag/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%bf/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<description>From politics and jobs to culture and community stories, we deliver timely, unbiased updates that matter.</description>
	<lastBuildDate>Tue, 13 Jan 2026 08:02:41 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.3</generator>

<image>
	<url>https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/07/cropped-स्वराज-वाणी-1-32x32.png</url>
	<title>विकास निधि &#8211; Swaraj Vani</title>
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>MP राज्यसभा सांसदों का फोकस Malwa-Nimar पर, बुंदेलखंड की सुध केरल के जॉर्ज कुरियन ने ली</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-rajya-sabha-mp-focus-on-malwa-nimar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Jan 2026 08:02:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[MADHAY PRADESH NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Bal Yogi Umesh Nath]]></category>
		<category><![CDATA[Bundelkhand]]></category>
		<category><![CDATA[George Kurian]]></category>
		<category><![CDATA[Kavita Patidar]]></category>
		<category><![CDATA[Malwa Nimar]]></category>
		<category><![CDATA[MP MPs]]></category>
		<category><![CDATA[rajya sabha]]></category>
		<category><![CDATA[विकास निधि]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=301915</guid>

					<description><![CDATA[MP के राज्यसभा सांसदों का परफॉर्मेंस: Malwa-Nimar पर ध्यान, बुंदेलखंड की सुध केरल के जॉर्ज कुरियन ने ली MP में कुल 11 राज्यसभा सांसद हैं। राज्यसभा सांसदों को लोकसभा सांसदों ... <a title="MP राज्यसभा सांसदों का फोकस Malwa-Nimar पर, बुंदेलखंड की सुध केरल के जॉर्ज कुरियन ने ली" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-rajya-sabha-mp-focus-on-malwa-nimar/" aria-label="Read more about MP राज्यसभा सांसदों का फोकस Malwa-Nimar पर, बुंदेलखंड की सुध केरल के जॉर्ज कुरियन ने ली">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP <span style="font-family: inherit; font-size: 29px; font-style: inherit;">के राज्यसभा सांसदों का परफॉर्मेंस: Malwa-Nimar पर ध्यान, बुंदेलखंड की सुध केरल के जॉर्ज कुरियन ने ली</span></strong></h1>
<p>MP में कुल 11 राज्यसभा सांसद हैं। राज्यसभा सांसदों को लोकसभा सांसदों की तरह हर साल पांच करोड़ रुपये विकास निधि के रूप में मिलते हैं। यह निधि सांसदों को अपने क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए दी जाती है। हाल ही में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि अधिकांश सांसदों ने अपनी निधि खर्च करते समय मालवा और निमाड़ क्षेत्र पर अधिक ध्यान दिया, जबकि बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र लगातार उपेक्षित रहे।</p>
<h2><strong>Malwa-Nimar पर फोकस</strong></h2>
<p>MP के अधिकांश सांसदों ने अपनी विकास निधि मालवा-निमाड़ क्षेत्र के विकसित जिलों में खर्च की। इंदौर, उज्जैन, धार, खरगोन, बड़वानी और मंदसौर जिलों को प्राथमिकता दी गई।</p>
<p><strong>कविता पाटीदार</strong> ने 197 प्रस्तावों में से 114 को पूरा कराया। उनका मुख्य फोकस खरगोन, देवास, आगर मालवा, धार और उज्जैन जिलों पर था। इंदौर जिले में उन्होंने सबसे अधिक प्रस्ताव लागू कराए।</p>
<p><strong>सुमेर सिंह सोलंकी</strong> ने 257 प्रस्तावों में से 42 कार्य पूरे किए। उन्होंने लगभग 80 प्रतिशत राशि बड़वानी जिले के विकास में खर्च की। इसके अलावा धार, खंडवा, मंदसौर और खरगोन जिलों को भी निधि दी गई।</p>
<p><strong>बालयोगी उमेशनाथ</strong> ने 98 प्रतिशत प्रस्ताव उज्जैन जिले के लिए दिए। कुल 55 प्रस्तावों में से 40 से अधिक कार्य उज्जैन में केंद्रित रहे, हालांकि इनमें से कोई भी कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हुआ।</p>
<p><strong>सुमित्रा वाल्मिकी</strong> ने 139 प्रस्ताव दिए, लेकिन केवल 8 कार्य पूरे हुए। उनका फोकस भोपाल और जबलपुर पर रहा।</p>
<p><strong>दिग्विजय सिंह</strong> ने 301 प्रस्ताव दिए, जिनमें से 13 कार्य पूरे हुए। उन्होंने खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर और इंदौर में निधि दी। साथ ही राजगढ़, गुना और भोपाल को भी प्राथमिकता दी गई।</p>
<p><strong>अशोक सिंह</strong> ने 54 प्रस्ताव दिए, लेकिन इनमें से एक भी कार्य पूरा नहीं हुआ। उन्होंने खरगोन और अन्य जिलों में निधि आवंटित की।</p>
<p><strong>बंशीलाल गुर्जर</strong> ने 40 प्रस्ताव दिए, जिनमें से 39 मंदसौर जिले के लिए और एक उज्जैन जिले के लिए था। उनके एक कार्य को ही अब तक पूर्ण किया गया है।</p>
<h3><strong>बुंदेलखंड का ध्यान: जॉर्ज कुरियन का योगदान</strong></h3>
<p>केरल के राज्यसभा सांसद <strong>जॉर्ज कुरियन</strong> ने बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने अपने 41 प्रस्तावों में छतरपुर, पन्ना, सागर और टीकमगढ़ जिलों के लिए निधि दी। इसके अलावा धार, श्योपुर, भिंड और अपने जन्म जिला कोट्टायम (केरल) के लिए भी प्रस्ताव पेश किए।</p>
<p>उनके 41 प्रस्तावों में से एक कार्य पूर्ण हुआ है। जॉर्ज कुरियन की यह प्राथमिकता दिखाती है कि बुंदेलखंड के जिलों को भी विकास निधि के लाभ में शामिल किया जा सकता है, जबकि अधिकांश मध्य प्रदेश के राज्यसभा सांसद इस क्षेत्र को प्राथमिकता नहीं देते।</p>
<h4><strong>सबसे अधिक प्रस्ताव देने वाले सांसद</strong></h4>
<p><strong>विवेक तन्खा (कांग्रेस)</strong> ने 30 से अधिक जिलों के लिए कुल 435 प्रस्ताव दिए। वे प्रदेश में सबसे अधिक प्रस्ताव देने वाले सांसद हैं। इसके बावजूद, बुंदेलखंड के जिलों को उनकी प्राथमिकताओं में शामिल नहीं किया गया।</p>
<h5><strong>कुल विकास निधि और खर्च का आंकड़ा</strong></h5>
<p>MP के 11 राज्यसभा सांसदों को कुल 137.49 करोड़ रुपये की निधि आवंटित की गई। दो साल में 66.06 करोड़ रुपये खर्च हुए। कुल 1,653 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 212 कार्य पूरे हुए।</p>
<p>जॉर्ज कुरियन ने 41 प्रस्ताव पेश किए और इनमें से एक कार्य पूरा हुआ। अन्य सांसदों ने अपने-अपने क्षेत्रों के अनुसार निधि का उपयोग किया।</p>
<h6><strong>सांसदों की प्राथमिकताएं और रणनीति</strong></h6>
<ul>
<li>अधिकांश सांसदों ने विकसित क्षेत्रों इंदौर, उज्जैन और धार पर फोकस किया।</li>
<li>बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र लगातार अनदेखा रहे।</li>
<li>सांसदों ने अपने क्षेत्रों के आधार पर विकास कार्यों की योजना बनाई।</li>
<li>जॉर्ज कुरियन ने अन्य राज्यों के सांसदों की तुलना में बुंदेलखंड पर सबसे अधिक ध्यान दिया।</li>
</ul>
<pre><strong>निष्कर्ष</strong></pre>
<p>MP के राज्यसभा सांसदों का विकास निधि खर्च का आंकड़ा यह दर्शाता है कि मालवा-निमाड़ जैसे विकसित जिलों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के जिलों को अपेक्षाकृत कम महत्व मिलता है। केरल के जॉर्ज कुरियन इस संदर्भ में एक अपवाद हैं, जिन्होंने बुंदेलखंड के जिलों के विकास पर फोकस किया।</p>
<p>राज्यसभा सांसदों की निधि योजना और प्राथमिकताओं का यह विश्लेषण यह स्पष्ट करता है कि सांसदों की राजनीतिक, व्यक्तिगत और क्षेत्रीय प्राथमिकताएं विकास निधि के उपयोग को प्रभावित करती हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
