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	<title>परिवहन विभाग &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>परिवहन विभाग &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>बैरसिया में बस संचालकों की मनमानी का आरोप, लोकल यात्रियों को नहीं मिल रही जग</title>
		<link>https://swarajvani.com/berasia-bus-operators-local-passengers-problem-bhopal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 Oct 2026 04:19:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bhopal news]]></category>
		<category><![CDATA[: बैरसिया समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सप्रेस बस विवाद]]></category>
		<category><![CDATA[दैनिक स्वराज वाण]]></category>
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		<category><![CDATA[बैरसिया बस सेवा]]></category>
		<category><![CDATA[भोपाल न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[यात्री समस्या]]></category>
		<category><![CDATA[लोकल यात्री परेशान]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल के बैरसिया में एक्सप्रेस बस के नाम पर लोकल यात्रियों को नहीं बैठाने के आरोप। परेशान यात्रियों ने परिवहन विभाग से कार्रवाई और नियमित बस सुविधा की मांग की। ... <a title="बैरसिया में बस संचालकों की मनमानी का आरोप, लोकल यात्रियों को नहीं मिल रही जग" class="read-more" href="https://swarajvani.com/berasia-bus-operators-local-passengers-problem-bhopal/" aria-label="Read more about बैरसिया में बस संचालकों की मनमानी का आरोप, लोकल यात्रियों को नहीं मिल रही जग">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल के बैरसिया में एक्सप्रेस बस के नाम पर लोकल यात्रियों को नहीं बैठाने के आरोप। परेशान यात्रियों ने परिवहन विभाग से कार्रवाई और नियमित बस सुविधा की मांग की।</p>
<p>बैरसिया में बस संचालकों की मनमानी से यात्री परेशान, एक्सप्रेस के नाम पर लोकल सवारियों को बैठाने से इनकार का आरोप</p>
<p>दैनिक स्वराज वाणी | संवाददाता श्याम सोंधिया, बैरसिया (भोपाल)।</p>
<p>बैरसिया क्षेत्र में बस संचालकों की कथित मनमानी से स्थानीय यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों का आरोप है कि कई बस संचालक एक्सप्रेस बस के नाम पर लोकल सवारियों को बैठाने से इनकार कर देते हैं, जिससे आसपास के गांवों और छोटे कस्बों में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है।</p>
<p>स्थानीय यात्रियों का कहना है कि बसों में जगह होने के बावजूद कई बार उन्हें बैठने नहीं दिया जाता। एक्सप्रेस सेवा का हवाला देकर स्थानीय यात्रियों को मना कर दिया जाता है। इससे रोजाना यात्रा करने वाले मजदूरों, विद्यार्थियों, महिलाओं और अन्य यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ सकता है।</p>
<p>यात्रियों ने सवाल उठाया है कि जब बसें बैरसिया मार्ग से संचालित हो रही हैं, तो स्थानीय यात्रियों के लिए पर्याप्त परिवहन व्यवस्था क्यों नहीं है?</p>
<p>क्षेत्र के यात्रियों ने परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही स्थानीय यात्रियों के लिए नियमित एवं सुविधाजनक बस सेवा सुनिश्चित करने की अपील की है।</p>
<p>हालांकि, इस संबंध में बस संचालकों और परिवहन विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है।</p>
<p><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/3934e2c2-a303-4ece-880d-fecb6230051c.jpeg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-364993" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/3934e2c2-a303-4ece-880d-fecb6230051c.jpeg" alt="3934e2c2 a303 4ece 880d fecb6230051c" width="1204" height="1600" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/3934e2c2-a303-4ece-880d-fecb6230051c.jpeg 1204w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/3934e2c2-a303-4ece-880d-fecb6230051c-226x300.jpeg 226w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/3934e2c2-a303-4ece-880d-fecb6230051c-771x1024.jpeg 771w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/3934e2c2-a303-4ece-880d-fecb6230051c-768x1021.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/3934e2c2-a303-4ece-880d-fecb6230051c-1156x1536.jpeg 1156w" sizes="(max-width: 1204px) 100vw, 1204px" /></a></p>
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		<title>उज्जैन में बड़ा फैसला: तत्कालीन RTO इंस्पेक्टर सेवाराम खांडेकर को 4 साल की जेल, ₹60 लाख जुर्माना</title>
		<link>https://swarajvani.com/ujjain-rto-inspector-sevaram-khandekar-case/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 16:44:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[Disproportionate Assets Case]]></category>
		<category><![CDATA[Lokayukta Court Ujjain]]></category>
		<category><![CDATA[MP News]]></category>
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		<category><![CDATA[आय से अधिक संपत्ति]]></category>
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		<category><![CDATA[परिवहन विभाग]]></category>
		<category><![CDATA[प्रियंका गुजराती]]></category>
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		<category><![CDATA[भ्रष्टाचार मामला]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[लोकायुक्त उज्जैन]]></category>
		<category><![CDATA[सेवाराम खांडेकर]]></category>
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					<description><![CDATA[उज्जैन  RTO इंस्पेक्टर सेवाराम खांडेकर आय से अधिक संपत्ति मामले में विशेष लोकायुक्त अदालत ने 4 साल की सजा और 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जांच में वैध आय ... <a title="उज्जैन में बड़ा फैसला: तत्कालीन RTO इंस्पेक्टर सेवाराम खांडेकर को 4 साल की जेल, ₹60 लाख जुर्माना" class="read-more" href="https://swarajvani.com/ujjain-rto-inspector-sevaram-khandekar-case/" aria-label="Read more about उज्जैन में बड़ा फैसला: तत्कालीन RTO इंस्पेक्टर सेवाराम खांडेकर को 4 साल की जेल, ₹60 लाख जुर्माना">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>उज्जैन  RTO इंस्पेक्टर सेवाराम खांडेकर आय से अधिक संपत्ति मामले में विशेष लोकायुक्त अदालत ने 4 साल की सजा और 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जांच में वैध आय से करीब 572 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने की बात सामने आई थी।</p>
<h1>उज्जैन RTO इंस्पेक्टर सेवाराम खांडेकर केस में बड़ा फैसला: 4 साल की सजा, 60 लाख का जुर्माना</h1>
<p class="isSelectedEnd"><strong>रिपोर्टर : प्रियंका गुजराती | दैनिक स्वराज वाणी</strong></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>उज्जैन। RTO इंस्पेक्टर सेवाराम खांडेकर आय से अधिक संपत्ति मामले</strong> में विशेष लोकायुक्त अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब 15 साल पुराने इस मामले में उज्जैन के तत्कालीन परिवहन निरीक्षक सेवाराम खांडेकर को दोषी करार देते हुए अदालत ने <strong>4 वर्ष के सश्रम कारावास और 60 लाख रुपये के अर्थदंड</strong> की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में दोषी को <strong>एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास</strong> भुगतना होगा। न्यायालय के फैसले के बाद सेवाराम खांडेकर को भैरवगढ़ जेल भेज दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह मामला वर्ष 2011 में लोकायुक्त की छापामार कार्रवाई के बाद सामने आया था। लोकायुक्त की जांच में तत्कालीन परिवहन निरीक्षक की आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर मिलने की बात सामने आई थी। लंबी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब विशेष अदालत ने मामले में फैसला सुनाया है।</p>
<h2>2011 में लोकायुक्त ने सेवाराम खांडेकर के घर मारा था छापा</h2>
<p class="isSelectedEnd">विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त उज्जैन के अनुसार, <strong>11 नवंबर 2011</strong> को तत्कालीन परिवहन निरीक्षक सेवाराम खांडेकर के अलकनंदा नगर स्थित मकान पर लोकायुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्रवाई के दौरान घर से बड़ी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण सहित विभिन्न प्रकार की संपत्ति और विलासिता की सामग्री बरामद की गई थी। इसके बाद लोकायुक्त ने आरोपी की आय, संपत्ति और खर्च से जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जांच शुरू की।</p>
<h2>वैध आय से 572 प्रतिशत अधिक मिली संपत्ति</h2>
<p class="isSelectedEnd"><strong>RTO इंस्पेक्टर सेवाराम खांडेकर आय से अधिक संपत्ति मामले</strong> की जांच उप पुलिस अधीक्षक <strong>एस.एस. उदावत</strong> द्वारा की गई। विवेचना के दौरान सामने आया कि आरोपी की कुल वैध आय <strong>27 लाख 37 हजार 628 रुपये</strong> थी, जबकि जांच में उसके पास कुल <strong>1 करोड़ 84 लाख 15 हजार 129 रुपये</strong> की संपत्ति और व्यय पाया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">जांच के अनुसार यह राशि उसकी ज्ञात वैध आय से करीब <strong>572 प्रतिशत अधिक</strong> थी। लोकायुक्त पुलिस ने जांच के दौरान आय के स्रोतों, संपत्ति और खर्च से संबंधित साक्ष्य जुटाए और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की।</p>
<h2>30 अगस्त 2014 को विशेष न्यायालय में पेश हुआ था चालान</h2>
<p class="isSelectedEnd">लोकायुक्त पुलिस ने जांच पूरी करने और पर्याप्त साक्ष्य एकत्रित करने के बाद <strong>30 अगस्त 2014</strong> को विशेष न्यायालय में चालान पेश किया था। इसके बाद मामले की सुनवाई विशेष अदालत में लगातार चली।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक <strong>मनोज पाठक</strong> एवं <strong>संजय मीणा (डीडीपी)</strong> ने पैरवी की। अभियोजन की ओर से अदालत के समक्ष जांच से संबंधित दस्तावेज, संपत्ति और आय का विवरण तथा अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।</p>
<h2>अदालत ने सुनाई 4 साल की सजा और 60 लाख का जुर्माना</h2>
<p class="isSelectedEnd">विशेष लोकायुक्त अदालत ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर तत्कालीन परिवहन निरीक्षक सेवाराम खांडेकर को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">अदालत ने सेवाराम खांडेकर को <strong>4 वर्ष के सश्रम कारावास</strong> की सजा सुनाने के साथ <strong>60 लाख रुपये का अर्थदंड</strong> लगाया। अदालत के आदेश के अनुसार यदि अर्थदंड की राशि जमा नहीं की जाती है तो दोषी को <strong>एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास</strong> भुगतना होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">फैसला सुनाए जाने के बाद सेवाराम खांडेकर को <strong>भैरवगढ़ जेल</strong> भेज दिया गया।</p>
<h2>करीब 15 साल बाद आया फैसला</h2>
<p class="isSelectedEnd">वर्ष 2011 में लोकायुक्त की छापामार कार्रवाई से शुरू हुआ यह मामला करीब 15 साल तक जांच और न्यायिक प्रक्रिया से गुजरता रहा। 2014 में चालान पेश होने के बाद अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें तथा साक्ष्य सामने रखे गए।</p>
<p>अब विशेष लोकायुक्त अदालत के फैसले के साथ इस बहुचर्चित आय से अधिक संपत्ति मामले में तत्कालीन परिवहन निरीक्षक सेवाराम खांडेकर को चार साल के सश्रम कारावास और 60 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।</p>
<p>&nbsp;</p>
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