सुसनेर पुलिस ने सड़क हादसे की आड़ में विक्रम सिंह की हत्या कराने की कथित साजिश का खुलासा किया। CCTV और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए।
Susner Crime News: सड़क हादसे की आड़ में हत्या की साजिश का पर्दाफाश, ₹5 लाख में एक्सीडेंट कराने की थी योजना
पुरानी रंजिश में विक्रम सिंह को रास्ते से हटाने की रची गई थी साजिश; CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से सुसनेर पुलिस ने पांच आरोपियों को किया गिरफ्तार
सुसनेर। सड़क हादसे की आड़ में एक व्यक्ति की हत्या कराने की कथित सुनियोजित साजिश का सुसनेर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, पुरानी रंजिश के चलते विक्रम सिंह को रास्ते से हटाने के लिए करीब पांच लाख रुपये में ट्रक से एक्सीडेंट कराने की योजना बनाई गई थी। मामले की जांच करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
ट्रक से टक्कर मारकर हादसा दिखाने की थी योजना
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ और अब तक की जांच में सामने आया कि विक्रम सिंह से पुरानी रंजिश के चलते उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची गई थी। इसके लिए कथित तौर पर पांच लाख रुपये में ट्रक से टक्कर मारकर घटना को सामान्य सड़क दुर्घटना का रूप देने की योजना बनाई गई।
आरोपियों को उम्मीद थी कि वारदात को सड़क हादसा मान लिया जाएगा, लेकिन पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों ने कथित साजिश की परतें खोल दीं।
CCTV फुटेज से पुलिस को मिला अहम सुराग
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। संदिग्ध गतिविधियों, आरोपियों के बीच संपर्क और अन्य तकनीकी तथ्यों की जांच के आधार पर पुलिस साजिश में शामिल लोगों तक पहुंची।
पुलिस के अनुसार, CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और लगातार की गई पतारसी मामले के खुलासे में महत्वपूर्ण साबित हुई। एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की गई।
पांचों आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में
पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय ने पांचों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविन्द्र बोयट के मार्गदर्शन और एसडीओपी सुसनेर देवनारायण यादव के पर्यवेक्षण में की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल मालवीय ने पुलिस टीम का नेतृत्व किया।
पुलिस का कहना है कि अपराध को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश के बावजूद तकनीकी जांच और साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
