सुनपुरा स्कूल मार्ग निर्माण की मांग लेकर पहुंचे 7 स्कूली बच्चों की गुहार पर दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सड़क निर्माण के आदेश दिए। पढ़ें पूरी खबर।
सुनपुरा स्कूल मार्ग निर्माण: 7 स्कूली बच्चों की गुहार पर पिघला प्रशासन, कलेक्टर ने दिए तत्काल सड़क निर्माण के आदेश
रिपोर्ट: सोनू अठया | दमोह (मध्य प्रदेश)
सुनपुरा स्कूल मार्ग निर्माण: 7 स्कूली बच्चों की गुहार पर पिघला प्रशासन
सुनपुरा स्कूल मार्ग निर्माण की मांग आखिरकार पूरी होने जा रही है। दमोह जिले की मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में सुनपुरा गांव के सात स्कूली बच्चों ने स्कूल पहुंचने में हो रही परेशानी सीधे कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के सामने रखी। बच्चों की मासूम अपील सुनते ही कलेक्टर ने बिना किसी देरी के संबंधित अधिकारियों को तत्काल सड़क निर्माण शुरू कराने के निर्देश जारी कर दिए।
यह फैसला न केवल बच्चों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि पूरे गांव के लिए भी एक बड़ी सौगात माना जा रहा है।
बच्चों ने जनसुनवाई में रखी अपनी परेशानी
जनसुनवाई में पहुंचे कक्षा 4 सहित विभिन्न कक्षाओं के सात स्कूली बच्चों ने बताया कि बारिश के मौसम में स्कूल तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह कीचड़ से भर जाता है।
स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि ऑटो भी स्कूल तक नहीं पहुंच पाता था। बच्चों को पैदल फिसलन भरे रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता था, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता था।
ग्रामीणों ने भी बताया कि वर्षों से इस सड़क की मांग की जा रही थी, लेकिन समाधान नहीं हो पाया था।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने तुरंत लिया बड़ा निर्णय
बच्चों की बात सुनकर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने उन्हें अपने पास बुलाया और पूरी समस्या गंभीरता से सुनी।उन्होंने तत्काल जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण फुलपगारे को निर्देश दिए कि बुधवार से ही सुनपुरा स्कूल मार्ग निर्माण का कार्य शुरू कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर सड़क उपलब्ध हो सके।कलेक्टर ने बच्चों से कहा—
“आप मन लगाकर पढ़ाई करें, सड़क का काम जल्द शुरू होगा।”
बच्चों को दिए बिस्किट, बढ़ाया उत्साह
समस्या सुनने के बाद कलेक्टर ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बिस्किट के पैकेट भी भेंट किए।आश्वासन मिलने के बाद बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी।
बच्चों ने जताई खुशी
कक्षा 4 के छात्र हर्ष तिवारी ने कहा कि अब बारिश के मौसम में स्कूल जाने में परेशानी नहीं होगी।वहीं छात्रा नैंसी तिवारी ने बताया कि कलेक्टर ने स्वयं सड़क बनवाने का भरोसा दिया है। इससे अब सभी बच्चों को राहत मिलेगी।
दिव्यांग बुजुर्ग की भी सुनी समस्या
जनसुनवाई के दौरान एक बुजुर्ग दिव्यांग श्री गुप्ता अपनी ट्राइसाइकिल से उठने में असमर्थ थे।कलेक्टर स्वयं उनके पास पहुंचे और उनकी समस्या सुनकर संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए।इस दौरान मौजूद लोगों ने प्रशासन के इस संवेदनशील रवैये की सराहना की।
दोपहर बाद भी जारी रही जनसुनवाई
दोपहर दो बजे के बाद भी जनसुनवाई में पहुंचे लगभग 30 आवेदकों की समस्याओं को कलेक्टर ने स्वयं सुना।उन्होंने सभी संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई करने और समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सुनपुरा स्कूल मार्ग निर्माण से गांव को होंगे ये बड़े लाभ
- स्कूली बच्चों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा।
- बारिश में कीचड़ से राहत मिलेगी।
- ऑटो और अन्य वाहन आसानी से स्कूल तक पहुंच सकेंगे।
- ग्रामीणों का आवागमन आसान होगा।
- दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी।
- शिक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
- गांव के विकास को नई गति मिलेगी।
प्रशासन की संवेदनशील पहल
जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। सुनपुरा गांव के बच्चों की समस्या पर तत्काल निर्णय लेकर जिला प्रशासन ने यह संदेश दिया कि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह हर जनसुनवाई में समस्याओं का समाधान होता रहा तो लोगों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत होगा।
निष्कर्ष
सुनपुरा स्कूल मार्ग निर्माण को लेकर लिया गया यह निर्णय प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण है। सात स्कूली बच्चों की छोटी-सी पहल ने पूरे गांव के लिए विकास का रास्ता खोल दिया। अब ग्रामीणों और विद्यार्थियों को उम्मीद है कि सड़क निर्माण कार्य समय पर पूरा होगा और भविष्य में उन्हें इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।


