जन्माष्टमी की यादों में बसी बचपन की खूबसूरत परंपराएं, सन नियो के सितारों ने साझा किए खास पल
हरिथि जोशी, अंकिता बहुगुणा और नेहा सोलंकी ने बताए त्योहार से जुड़े अपने यादगार अनुभव
यूपी, सितंबर 2026। जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के साथ परिवार, आस्था और बचपन की खूबसूरत यादों से जुड़ा त्योहार है। पूजा-अर्चना, व्रत, घर की सजावट, मंदिरों की आकर्षक झांकियों और माखन-मिश्री जैसे पारंपरिक प्रसाद के कारण यह पर्व हर उम्र के लोगों के लिए विशेष बन जाता है। सन नियो के कलाकारों हरिथि जोशी, अंकिता बहुगुणा और नेहा सोलंकी ने जन्माष्टमी से जुड़ी अपनी यादें और पारिवारिक परंपराएं साझा की हैं।
परिवार के साथ त्योहार मनाना पसंद करती हैं हरिथि जोशी
धारावाहिक ‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ में तारा की भूमिका निभा रहीं हरिथि जोशी जन्माष्टमी का त्योहार अपने परिवार के साथ मनाना पसंद करती हैं। वह इस अवसर पर घर की सजावट करने, भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने और परिवार के साथ खुशियां बांटने में विश्वास रखती हैं।
हरिथि ने बताया कि बचपन में वह राधा-कृष्ण की वेशभूषा धारण करती थीं। भगवान श्रीकृष्ण के भजन सुनना उन्हें आज भी बेहद पसंद है। उनके लिए जन्माष्टमी घर में बाल गोपाल की प्रतिमा सजाने और परिवार के साथ भक्तिमय वातावरण में समय बिताने का विशेष अवसर है।
अंकिता को याद है दादी के हाथ की बर्फी और पंजीरी
‘थोड़ी सी उम्मीद, थोड़ा सा आसमान’ में अनुप्रिया का किरदार निभा रहीं अंकिता बहुगुणा के लिए जन्माष्टमी बचपन की अनेक प्यारी यादें लेकर आती है। उन्होंने बताया कि बचपन में वह इस दिन व्रत रखती थीं और मंदिर जाकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करती थीं।
आधी रात को भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाए जाने के बाद वह फलाहार कर अपना व्रत खोलती थीं। अंकिता को अपनी दादी के हाथ से बनी नारियल की बर्फी और पंजीरी का स्वाद आज भी याद है। मंदिरों में सजने वाली सुंदर झांकियां भी उनके लिए जन्माष्टमी का खास आकर्षण रही हैं। इन झांकियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी विभिन्न लीलाओं को प्रदर्शित किया जाता था।
नेहा सोलंकी को माखन-मिश्री का बेसब्री से रहता था इंतजार
जल्द प्रसारित होने वाले धारावाहिक ‘राजनंदिनी’ में मुख्य भूमिका निभा रहीं नेहा सोलंकी के लिए जन्माष्टमी परिवार और बचपन की यादों से जुड़ा पर्व है। वह भगवान श्रीकृष्ण के लिए छोटा झूला सजाने और घर को आकर्षक ढंग से सजाने की परंपरा को बेहद पसंद करती हैं।
त्योहार के अवसर पर मिठाइयां बनाना और आधी रात को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का इंतजार करना उनके लिए विशेष अनुभव रहा है। नेहा ने बताया कि उनकी मां जन्माष्टमी पर ताजा माखन-मिश्री तैयार करती हैं, जिसका वह और उनके भाई बेसब्री से इंतजार करते थे। कृष्ण जन्म के बाद परिवार के साथ माखन-मिश्री खाना उनकी सबसे प्यारी यादों में शामिल है।
परिवार और परंपराओं से जुड़ने का पर्व
सन नियो के इन कलाकारों के लिए जन्माष्टमी केवल पूजा और व्रत का त्योहार नहीं, बल्कि परिवार के साथ बिताए खूबसूरत पलों और बचपन की यादों को दोबारा जीने का अवसर भी है। घर की सजावट, मंदिरों की झांकियां, कृष्ण भजन, पारंपरिक पकवान और आधी रात को मनाया जाने वाला जन्मोत्सव इस पर्व को हर वर्ष विशेष बना देता है।
‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ सोमवार से शनिवार शाम 7 बजे और ‘थोड़ी सी उम्मीद, थोड़ा सा आसमान’ शाम 7:30 बजे सन नियो पर प्रसारित होता है। वहीं, नया धारावाहिक ‘राजनंदिनी’ जल्द ही सन नियो पर प्रसारित किया जाएगा।
