‘हां, नौकरी मांगने आई थी…’ सुमित्रा महाजन की टिप्पणी चर्चा में, CM से मुलाकात में उठाए इंदौर के मुद्दे
रेसिडेंसी कोठी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलीं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष; अधूरे विकास कार्य, अहिल्या स्मारक और जलापूर्ति पर भी हुई बात
इंदौर। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और इंदौर की पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने रेसिडेंसी कोठी पहुंचीं। मुलाकात के बाद मीडिया ने उनसे भेंट का उद्देश्य पूछा, तो ताई ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “हां, नौकरी मांगने आई थी।” उनकी इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, किसी पद या नौकरी की मांग को लेकर कोई पुष्टि सामने नहीं आई है।
सुमित्रा महाजन इंदौर से लगातार आठ बार लोकसभा सांसद चुनी गईं और लोकसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। ऐसे में मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात और उसके बाद की गई टिप्पणी पर लोगों का ध्यान गया। ताई ने मीडिया के सवाल का जवाब मजाकिया अंदाज में दिया, लेकिन मुलाकात में शहर से जुड़े विकास और नागरिक सुविधाओं के मुद्दे भी उठाए।
अधूरे विकास कार्यों पर ध्यान दिलाया
मुलाकात में इंदौर के अधूरे पड़े विकास कार्यों को पूरा कराने का मुद्दा सामने आया। सुमित्रा महाजन ने कला और संस्कृति से जुड़ी परियोजना के रुके निर्माण को फिर शुरू कराने तथा उसे पूरा करने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि शहर में सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए बेहतर मंच उपलब्ध होना चाहिए। निर्माण कार्य पूरा होने से कलाकारों और सांस्कृतिक आयोजनों को सुविधा मिल सकती है।
उन्होंने अहिल्या स्मारक के शेष कार्यों को भी जल्द पूरा कराने पर जोर दिया। इन परियोजनाओं को लेकर उनकी पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब शहर के कुछ विकास कार्यों की गति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब संबंधित विभाग इन कामों को आगे बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाते हैं, इस पर नजर रहेगी।
जलापूर्ति और पाइपलाइन लीकेज की चिंता
मुलाकात और मीडिया से चर्चा के दौरान इंदौर की जलापूर्ति का मुद्दा भी उठा। सुमित्रा महाजन ने नर्मदा पाइपलाइन में लीकेज और क्षतिग्रस्त पाइपों के कारण पानी की आपूर्ति प्रभावित होने की चिंता जताई। उन्होंने पाइपलाइन का डिजिटल नक्शा तैयार करने का सुझाव दिया, ताकि शहर में बिछी लाइनों की स्थिति और उनका मार्ग रिकॉर्ड में उपलब्ध रहे।
डिजिटल मैपिंग से पाइपलाइन में खराबी आने पर संबंधित हिस्से की पहचान और मरम्मत की योजना बनाने में मदद मिल सकती है। ताई के अनुसार, पाइपलाइन की लोकेशन का व्यवस्थित रिकॉर्ड रहने से लीकेज की जगह खोजने में आसानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पानी की समस्या के समाधान में जनप्रतिनिधियों को लोगों को जागरूक करना चाहिए, ताकि उपलब्ध संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग हो।
‘नौकरी’ वाला जवाब बना चर्चा का विषय
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद दिए गए ताई के जवाब ने राजनीतिक चर्चा को जरूर हवा दी, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी पद की मांग की पुष्टि नहीं हुई है। उनकी टिप्पणी को मजाकिया प्रतिक्रिया के तौर पर लिया गया। मुलाकात में शहर के लंबित कामों और पानी की व्यवस्था जैसे विषयों पर चर्चा का विवरण सामने आया है।
फिलहाल मुलाकात के बाद उठाए गए मुद्दों पर सरकार या संबंधित विभागों की ओर से आगे की कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है। कला-संस्कृति भवन और अहिल्या स्मारक के काम कब आगे बढ़ेंगे तथा पाइपलाइन मैपिंग के सुझाव पर क्या कदम होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
