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‘कुरान के साथ गीता भी पढ़ें, उज्जवल होगा भविष्य’ – ADG ने मदरसे के छात्रों को दी प्रेरक सलाह

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Published On: 28 January 2026
“Study the Quran and the Gita for a Bright Future” – ADG Inspires Students at Madrasa
— “Study the Quran and the Gita for a Bright Future” – ADG Inspires Students at Madrasa

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MP न्यूज़: ‘कुरान के साथ गीता भी पढ़ें, उज्जवल होगा भविष्य’ ADG

Bhopal । राजधानी Bhopal से सटे सीहोर जिले के ग्राम दोराहा स्थित मदरसा इस्लामिया मदीनतुल उलूम में गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक अनूठी और प्रेरक पहल देखने को मिली। इस अवसर पर प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) ADG राजाबाबू सिंह ने ऑनलाइन माध्यम से मदरसे के विद्यार्थियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में एडीजी ने बच्चों को कुरान के साथ-साथ श्रीमद्भगवद् गीता के अध्ययन की सलाह दी और यह समझाया कि दोनों ग्रंथ जीवन में नैतिक मूल्यों, कर्तव्य और समाज के प्रति जिम्मेदारी का महत्व सिखाते हैं।

ADG राजाबाबू सिंह ने कहा कि जैसे कुरान जीवन को सही दिशा दिखाती है, वैसे ही गीता कर्म, कर्तव्य और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देती है। उन्होंने गीता के कर्मयोग अध्याय का उल्लेख करते हुए बताया कि यदि बच्चों को विभिन्न धर्मग्रंथों की सकारात्मक शिक्षाओं से परिचित कराया जाए, तो उनमें बेहतर सोच, नैतिकता और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित होती है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी धर्मग्रंथ मानवता, सहिष्णुता और नैतिक मूल्यों का संदेश देते हैं। “यदि हम बच्चों को सभी धर्मों और उनके ग्रंथों की सकारात्मक शिक्षाओं से परिचित कराते हैं, तो यह उन्हें व्यापक दृष्टिकोण और सोच देता है। यह उन्हें जीवन में सही निर्णय लेने, समाज में सहिष्णुता बनाए रखने और अपने कर्तव्यों का पालन करने में मदद करता है।”

बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का महत्व बताया

ADG राजाबाबू सिंह ने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने बच्चों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आग्रह किया और बताया कि पर्यावरण की सुरक्षा सिर्फ कर्तव्य नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर सोचने वाला व्यक्ति समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

कार्यक्रम में बच्चों ने गीता के कर्मयोग अध्याय पर चर्चा की और इसके संदेशों को समझने का प्रयास किया। एडीजी ने बताया कि जीवन में प्रत्येक कार्य के पीछे जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों का पालन होना चाहिए। उन्होंने बच्चों को यह सिखाया कि कर्म और कर्तव्य का सही पालन करना ही समाज और देश के लिए योगदान देने का मूल आधार है।

राष्ट्रीय एकता और विविधता में एकता का संदेश

ADG राजाबाबू सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। बच्चों को यह समझाया गया कि विभिन्न मार्गों और दृष्टिकोणों का अध्ययन उन्हें व्यापक दृष्टिकोण देता है।

उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता बनाए रखना हर नागरिक की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी धर्मों, जातियों और समुदायों के प्रति सहिष्णुता बनाए रखना और मानवता के मूल्यों को अपनाना ही एक जिम्मेदार नागरिक की पहचान है।

मदरसे के मौलवी और कार्यक्रम का आयोजन

इस कार्यक्रम का आयोजन मदरसे के प्रमुख मौलवी अजीमुल्ला ने किया, जिसमें वरिष्ठ आलिम अमीन उल्ला भी मौजूद थे। एडीजी राजाबाबू सिंह ने बताया कि मदरसे के मौलाना उनके पुराने मित्र हैं और राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर बच्चों को संबोधित करने का आमंत्रण मिला था।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण की चेतना, वैज्ञानिक सोच और विभिन्न धार्मिक ग्रंथों की सकारात्मक सीख बच्चों को बेहतर इंसान और सशक्त नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभाती है।

शिक्षा और नैतिकता का संतुलन

ADG ने अपने संदेश में बताया कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए। बच्चों में नैतिक मूल्य, कर्तव्यपरायणता और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने बच्चों से कहा कि जीवन में सत्य, ईमानदारी और सहिष्णुता अपनाना चाहिए।

राजाबाबू सिंह ने कहा, “जैसे गीता हमें कर्मयोग का महत्व सिखाती है, वैसे ही कुरान जीवन में नैतिकता और मानवता का पाठ देती है। यदि दोनों का अध्ययन किया जाए, तो यह बच्चों के व्यक्तित्व और सोच को समृद्ध बनाता है।”

बच्चों के लिए प्रेरक संदेश

एडीजी ने बच्चों को यह भी बताया कि हर बच्चा देश और समाज के लिए महत्वपूर्ण है। उन्हें अपने कर्तव्यों को समझते हुए शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को जीवन में विज्ञान, तर्कशक्ति और नैतिक मूल्यों का संतुलन बनाए रखना चाहिए।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और उनके सवालों का एडीजी ने संतोषजनक जवाब दिया। बच्चों ने बताया कि उन्हें दोनों ग्रंथों के संदेशों से जीवन में मार्गदर्शन मिलेगा और वे अपने कर्तव्यों और समाज के प्रति जिम्मेदारी को समझेंगे।

निष्कर्ष

गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम बच्चों के लिए प्रेरक और शिक्षाप्रद रहा। ADG राजाबाबू सिंह ने बच्चों को न केवल धार्मिक और नैतिक शिक्षा दी, बल्कि राष्ट्रीय एकता, पर्यावरण संरक्षण और सहिष्णुता का संदेश भी दिया।

इस पहल से स्पष्ट हुआ कि विभिन्न धर्मग्रंथों का अध्ययन और उनके सकारात्मक संदेशों को समझना बच्चों के व्यक्तित्व और सोच को विकसित करने में अहम भूमिका निभाता है।

मदरसे के बच्चों ने यह अनुभव किया कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के मूल्यों, कर्तव्यों और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में मार्गदर्शक भी है।

एडीजी राजाबाबू सिंह का संदेश यह है कि समाज के प्रत्येक सदस्य को शिक्षा, नैतिकता और कर्तव्य के प्रति सजग होना चाहिए, ताकि वह एक बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बन सके।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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