सुरता की ढाणी विद्यालय में कन्या पूजन, छात्रों ने लिया बालिका सम्मान का संकल्प
मुकेश सोलंकी
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुरता की ढाणी में गुरुवार को कन्या पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय के कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्रों ने अपनी सहपाठी और छोटी बालिकाओं को सम्मानपूर्वक माता स्वरूप मानकर उनके चरण स्पर्श किए। इस दौरान उन्होंने हर परिस्थिति में बालिकाओं और महिलाओं की रक्षा करने तथा उनका सम्मान करने का संकल्प लिया।
विद्यालय की कार्यवाहक प्रधानाचार्य हेमलता चूंडावत ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नारी के प्रति आदर और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था। उन्होंने कहा कि बालिकाओं का सम्मान केवल किसी आयोजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे व्यवहार और सोच में भी अपनाना जरूरी है। विद्यालय में हुए इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को इसी संदेश से जोड़ने का प्रयास किया गया।
‘जहां नारी का सम्मान, वहां देवताओं का वास’
प्रधानाचार्य चूंडावत ने भारतीय संस्कृति में कन्या पूजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह सनातन परंपरा का अभिन्न अंग है। उन्होंने शास्त्रों के वाक्य “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:” का उल्लेख किया। इसका भावार्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास माना जाता है।
उन्होंने “मातृवत् परदारेषु” की भावना को भी समझाया। इसका अर्थ है कि पराई स्त्री को माता के समान माना जाए। उनके अनुसार, कन्या पूजन इसी आदर्श को व्यवहार में अपनाने का एक माध्यम है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को सम्मानजनक व्यवहार और अच्छे संस्कारों का महत्व समझाने में सहायक होते हैं।
विद्यार्थियों में सम्मानजनक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास
कार्यक्रम में छात्रों ने बालिकाओं के प्रति सम्मान जताते हुए उनके संरक्षण और गरिमा का ध्यान रखने का संकल्प लिया। विद्यालय की ओर से बताया गया कि कम उम्र से ही बच्चों में समानता और आदर की भावना विकसित करना जरूरी है। परिवार, विद्यालय और समाज के सामूहिक प्रयास से ही बच्चों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
वक्ताओं ने कहा कि नारी शक्ति के संरक्षण और सम्मान के लिए केवल विचार व्यक्त करना पर्याप्त नहीं है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने व्यवहार में भी इसका पालन करना चाहिए। विद्यार्थियों को सहपाठी छात्राओं और समाज की महिलाओं के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण रखने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का संदेश था कि बालिकाओं की सुरक्षा और सम्मान सामूहिक जिम्मेदारी है।
विद्यालय स्टाफ रहा उपस्थित
कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यापक भबूताराम माली, पूरण सिंह खिंची, अंकित दुआ और अनुराधा रावत सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। विद्यालय परिवार ने आयोजन को विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की समझ विकसित करने का अवसर बताया।
विद्यालय की कार्यवाहक प्रधानाचार्य ने कहा कि ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहन देने से समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा मजबूत हो सकती है। विद्यार्थियों ने भी बालिकाओं और महिलाओं के प्रति सम्मान बनाए रखने तथा उनकी गरिमा का ध्यान रखने का संकल्प दोहराया। कन्या पूजन कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय ने नारी सम्मान और बालिका संरक्षण का संदेश दिया।
